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ये मुहर्रम का जुलुस था या जेहादियों का जमावड़ा? क्या Peace Committees हिन्दुओं को ही कटघरे में खड़ा करने के लिए हैं? जब जेहादी इतने हिंसक थे तो प्रशासन ने पुलिस को firing के आर्डर क्यों नहीं दिए?

मुहर्रम के जुलुस में जेहादियों ने मजहब के नाम पर साम्प्रदायिकता का नंगा नाच खेला, क्या यह पूर्व नियोजित था? क्योकि इतने बड़े स्तर पर साम्प्रदायिक दंगा अचानक नहीं हो सकता। ये इतने पत्थर और लाठियां कहाँ से आयीं? जेहादियों के साथ साथ मुहर्रम के आयोजकों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। कुछ भी हो मुहर्रम के इस दंगे ने एक बात आइने की तरह साफ कर दी है कि हिन्दू त्योहारों पर दंगा दंगाइयों के आकाओं द्वारा करवाया जाता है। अब राज्य और केन्द्र सरकारों को पाकिस्तान से ज्यादा देश में पल इन गद्दारों से सतर्क रहने की जरुरत है जो लकड़ी में दीमक का काम कर रहे हैं। पाकिस्तान से तो निपटा जा सकता है लेकिन पहले इनसे और इनके आकाओं से भी निपटना जरुरी है। इन जेहादियों ने आर्मी चीफ (स्व) विपिन रावत को सच साबित कर दिया कि "हमें दुश्मन से एक मोर्चे पर नहीं बल्कि ढाई मोर्चे पर लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए।"    
बिहार के कटिहार में 6 जुलाई 2025 की दोपहर मुहर्रम के जुलूस के दौरान कट्टरपंथियों ने नया टोला स्थित महावीर मंदिर पर पथराव करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड नंबर 34 और 35 से ताजिया जुलूस निकल रहा था। तभी अचानक मंदिर और वहाँ रह रहे लोगों पर कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि मुहर्रम जुलूस शांति से निकाला जा रहा था, पर नया टोला में पहुँचते ही यह उग्र हो गया।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कट्टरपंथी महावीर मंदिर पर पत्थर फेंक रहे हैं। वे सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों और घरों पर भी पत्थर बरसा रहे हैं।


कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। हिंसा सिर्फ नया टोला तक सीमित नहीं रही, यह पानी टंकी चौक, दौलत राम चौक और आजाद चौक जैसे अन्य इलाकों तक भी फैल गई।

कट्टरपंथियों के उपद्रव की अलग-अलग वीडियो

ये मुहर्रम जुलूस के नाम पर कट्टरपंथियों के जरिए हिंसा हो रही है। 3 अलग-अलग वीडियो है। एक वीडियो में स्थानीय लोगों ने अपने घर की बालकनी से पत्थरबाजी करते हुए रिकॉर्ड किया है, जिसमें ईंट के बड़े-बड़े टुकड़े लोगों पर और पुलिसकर्मियों पर फैंके जा रहे हैं।


दूसरी वीडियों में महावीर मंदिर के पास खड़े स्थानीय लोगों को कट्टरपंथी लाठी-डंडों से मारने के लिए दौड़े चले आ रहे हैं।

तीसरी वीडियो में देखा जा सकता है कि महावीर मंदिर के सामने कट्टरपंथी तोड़फोड़ कर रहे हैं। हाथों में लाठी-डंडे लिए हुए है। स्थानीय लोग अपने घरों से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

इस घटना पर पुलिस ने प्रतिक्रिया दी है। डीएम मनीष कुमार मीणा और एसपी वैभव कुमार शर्मा मौके पर पहुँचे। उन्होंने नगर वासियों से घरों में रहने और सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की अपील की।

बिहार गृह सचिवालय ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि गलत और भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कटिहार शहर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

पुलिस और प्रशासन ने हिंसा में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वर्तमान माहौल तनावपूर्ण है पर पुलिस की भारी तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में है।

पुलिसकर्मी समेत लोग घायल

कट्टरपंथियों के पथराव का शिकार वहाँ की पुलिसकर्मी और आम जनता हुई। इसमें कई पुलिसकर्मियों समेत 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और एमएलसी अशोक अग्रवाल भी मौके पर पहुँचे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की ढीली व्यवस्था के कारण बवाल बढ़ा। डीएसपी और नगर विधायक इलाके में कैंप कर रहे हैं।

देशभर में मुहर्रम पर अन्य हिंसक घटनाएँ

देश के कई हिस्सों में 6 जुलाई 2025 को मुहर्रम के ताजिया जुलूसों के दौरान हिंसा और सांप्रदायिक तनाव की खबरें सामने आई हैं।
  • मध्य प्रदेश- उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान खजूर वाली मस्जिद के पास हंगामा हुआ। उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और प्रतिबंधित मार्ग पर घोड़ा ले जाने की जिद की। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो हमला किया गया। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जुलूस के आयोजक इरफान खान उर्फ लल्ला समते 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
  • राजस्थान- राजसमंद के कुंभलगढ़ किले में मुहर्रम जुलूस की अनुमति को लेकर पाँच दिनों से विवाद चल रहा है। हिंदू संगठनों और व्यापारियों ने 5 जुलाई 2025 को बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।
  • उत्तर प्रदेश- रायबरेली में 4 जुलाई 2025 को कुढ़ा गाँव में बिना अनुमति निकाले गए मुहर्रम जुलूस के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी हुई। विरोध करने पर मुस्लिम लोग उग्र हो गए और लाठी-डंडों व हथियारों से हमला किया। 4 बाइक, एक ऑटो और एक ट्रैक्टर तोड़ दिए गए। 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
  • कुंडा- मुहर्रम से पहले शांति व्यवस्था के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को नजरबंद किया गया।
  • महाराजगंज- मुहर्रम जुलूस के दौरान बीजेपी नेता शिवभूषण चौबे से मारपीट की गई। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित निकाला और तीन लोगों को हिरासत में लिया।
  • देवरिया– मुहर्रम जुलूस में एक कट्टरपंथी को फिलिस्तीन की टीशर्ट पहनने पर हिरासत में लिया गया। श्रीनगर में भी ऐसे ही झंडे दिखे थे।
  • आजमगढ़– भुजी गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान मुस्लिम युवक आपस में भिड़ गए, जिसमें 7 लोग घायल हुए। 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • कुशीनगर- गुलहरिया रेगुलेटर पर मुहर्रम जुलूस के दौरान एक प्राचीन शिव मंदिर के सामने इस्लामिक झंडा फहराया गया और भड़काऊ नारे लगाए गए, जिससे तनाव फैल गया। रामकोला में डीजे की आवाज को लेकर विवाद में एक बच्चा घायल हुआ।
  • बरेली– साहूकारा बाजार में ताजिया रखने को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव हुआ। हिंदू व्यापारियों ने विरोध में बाजार बंद कर दिया।
  • बिहार- गोपालगंज माँझा थाना क्षेत्र में ताजिया मिलान के दौरान हिंसक झड़प और पत्थरबाजी हुई, जिसमें 6 से अधिक लोग घायल हुए।
  • भागलपुर में दो पक्षों में भिड़ंत हुई। इसमें 8 लोग घायल हुए। एक वीडियो में एक युवक फायरिंग करते देखा गया था।
  • वैशाली में दो अखाड़ों के बीच झड़प हुई। इसमें आजाद अखाड़ा और पगला अखाड़ा शामिल था।

पिछली घटनाएँ और उठते सवाल

कटिहार की इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। खासकर सांसद तारिक अनवर के कार्यकाल में ऐसी घटनाओं का होना चिंताजनक है। साल 2017 में भी मुहर्रम के समय ही दुर्गा पूजा के दौरान हिंसा हुई थी।
अब 8 साल बाद फिर से मुहर्रम पर यह घटना हुई है। 2017 की घटना के बाद हिंदू संगठनों ने त्योहारों पर कोई अनहोनी न हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ली थी। 2022 और 2025 में बजरंग दल ने हिंदू शोभायात्राओं के दौरान मस्जिद पर रंग गुलाल पड़ने से रोकने के लिए ह्यूमन चेन भी बनाई थी।

प्रशासन की सतर्कता और पीस कमेटी पर सवाल

इन सभी घटनाओं के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। बिहार और यूपी में सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। बिना अनुमति जुलूस निकालने पर रोक है। भड़काऊ हरकतों पर सख्ती बरती जा रही है।
कई जिलों में ड्रोन और CCTV से निगरानी हो रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीएम और एसपी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक तनाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
हैरानी की बात यह है कि इन सभी जगहों पर पीस कमेटियों (शांति समितियों) की बैठकें हुई थीं। लेकिन इसके बावजूद हिंसा का दौर नहीं थमा।
ऑपइंडिया ने अपने लेख में बताया था कि इन पीस कमेटियों की बैठकों का इस्तेमाल अक्सर हिंदुओं को कटघरे में खड़ा करने के लिए होता है। जबकि घटना को अंजाम हमेशा इस्लामी पक्ष देता है।

महाराष्ट्र में ईरान समर्थक बैनर

महाराष्ट्र के पुणे में लोनी खलबोर गाँव में मुहर्रम पर ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और रुहोल्ला खुमैनी के ईरान के झंडे वाले बैनर लगाए गए।
बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस और नगर निगम ने बैनर हटाए। पुलिस ने बताया कि बैनर लगाने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी।      साथ में हर्षवर्धन
                                                                                                                                   (साभार)

‘राहुल चोर है, मुँह छिपा के चल दिए, सामने कहाँ आए… हम लोग ‘गोस्सा’ हो गए उनसे’: रोती महिला कार्यकर्ता ने पूछा, काहे चले गए, कैसे जुटेगा भारत?

न्याय यात्रा पर राहुल गाँधी (फोटो साभार : X_INCIndia)
कहते हैं इतिहास लिखा नहीं दोहराया जाता है, ज्ञात हो जब एक चुनाव के दौरान दूरदर्शन रिपोर्टर एक गली में खेल रहे बच्चों से राजीव गाँधी के बारे में पूछने पर बच्चों द्वारा "राजीव गाँधी चोर है" को लाइव दिखाने पर रिपोर्टर और अन्य स्टाफ को तुरंत नौकरी को निकाल दिया गया था, लेकिन राजीव गाँधी के बेटे राहुल को चोर कहने पर किसी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा, क्योकि कांग्रेस सत्ता में नहीं। 

राहुल गाँधी की न्याय यात्रा कांग्रेस पार्टी और खुद उनके लिए पनौती बनती जा रही है। यात्रा के दौरान राहुल गाँधी के काफिले की गाड़ी का शीशा तो टूट ही, उनके सहयोगी भी साथ छोड़ रहे हैं। अब कार्यकर्ता भी काफी गुस्से में हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता ही राहुल गाँधी को चोर बोल रहे हैं। यही नहीं, मंच से कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफे भी दे रहे हैं। जिस न्याय यात्रा पर राहुल गाँधी को इतना भरोसा था कि उन्हें राजनीतिक फायदा मिलेगा, वो न्याय यात्रा उनके लिए पनौती बनती जा रही है।

राहुल गाँधी की न्याय यात्रा बिहार के कटिहार में पहुँची उनसे मिलने की आस लगाकर बैठे कार्यकर्ताओं को मायूसी ही हाथ लगी। ये मायूसी गुस्से में बदल गई। वही कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गाँधी को चोर कह दे रहे हैं। पार्टी के पदाधिकारी तक कांग्रेस से नाराज हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में उनकी मायूसी और उनका गुस्सा साफ झलकता है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में एक महिला कहती है, “राहुल चोर है। चोर नहीं तो और क्या? मुँह छिपाकर चले गए। सामने कहाँ आए। सामने आते तब न जानते कि सामने आते।”

एक अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा, “हम सारे कार्यकर्ता रात भर जग करके, रात-दिन एक करके राहुल जी के दीदार के लिए बेचैन थे। एक महिला रो रही थी। उसकी भी आवाज उन तक नहीं पहुँची। तारिक अनवर यहाँ से सांसद का चुनाव लड़ते हैं, शकील साहब हैं। तौकीर जी हैं। तमाम लोगों के रहते हुए भी जब कार्यकर्ता का ही मान-सम्मान नहीं है तो कैसे जुटेगा भारत। पहले कार्यकर्ताओं को सम्मान दें। हम लोग बहुत मायूस हैं। जो पॉकेट से पार्टी को चलाने का काम करते हैं, वैसे लोगों को मैं कहना चाहता हूँ कि जनता और कार्यकर्ता से अगर नेता को दूर कीजिएगा तो उसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।”

एक अन्य महिला ने कहा, “राहुल गाँधी कहते हैं कि महिला के लिए ये करेंगे… वो करेंगे… क्या करेंगे? हम लोग रात से मेहनत कर रहे थे। झाड़ू मार रहे थे। सोच रहे थे कि सर आएँगे तो मुलाकात करेंगे। यहाँ से काफिला गुजरा तो हम लोगों से बात तक नहीं किया। हम लोग गुस्सा हो गए हैं।”

राहुल गाँधी की न्याय यात्रा असम से गुजरी तो पार्टी के कई नेता एक साथ पार्टी से निकल लिए। यात्रा पश्चिम बंगाल पहुँचती, तभी ममता बनर्जी ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। वो पश्चिम बंगाल को पार करके बिहार पहुँचने पहले ही इंडी गठबंधन बनाने वाले नीतीश कुमार ने साथ छोड़ दिया। जिस महागठबंधन की तर्ज पर इंडी गठबंधन को बनाया गया था, वो भी धराशायी हो गया। पंजाब में आम आदमी पार्टी पहले ही ऐलान कर चुकी है कि कांग्रेस को यहाँ कुछ नहीं मिलेगा और रही-सही कसर अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा पूरा कर दे रहा है।

राहुल गाँधी के काफिले की गाड़ी का शीशा टूटा

खबर है कि बिहार के कटिहार में राहुल गाँधी के काफिले में चल रही एक गाड़ी का शीशा टूट गया, जिससे अफरा-तफरी की नौबत आ गई। पश्चिम बंगाल से होकर बिहार में यात्रा कर रहे राहुल गाँधी बुधवार(जनवरी 31) को फिर से पश्चिम बंगाल चले गए, लेकिन उससे पहले कटिहार में यह घटना हो गई। जिस समय ये घटना हुई, उस समय उनका काफिला डीएस कॉलेज के पास से गुजर रहा था।
कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर लिखा, “ग़लत खबर का स्पष्टीकरण ज़रूरी है। राहुल जी से मिलने अपार जनसमूह आया हुआ था। एक महिला उनसे मिलने के लिए जब एकदम से आगे आ गई, तब कार को अचानक रोकना पड़ा। सुरक्षा घेरे में इस्तेमाल किए जाने वाले रस्से से कार की विंडशील्ड टूट गई। राहुल जी न्याय की लड़ाई मुस्तैदी से लड़ रहे हैं और यह देश ना सिर्फ उनके साथ खड़ा है, बल्कि उनको सुरक्षित भी रखे रहेगा।  
दरअसल, कटिहार में रोड शो के दौरान शहीद चौक पर स्थित महात्मा गाँधी के प्रतिमा पर बिना माल्यार्पण किए ही राहुल गाँधी आगे बढ़ गए। वहाँ राहुल गाँधी बस से उतरकर अपनी काले रंग की एक्सयूवी के ऊपर सवार होकर आगे बढ़े। डीएस कॉलेज चौक के समीप युवा कार्यकर्ता मंच सजाकर राहुल गाँधी का इंतजार कर रहे थे।
मंच से युवा कार्यकर्ता इजहार अली, निक्कू सिंह सहित सैकड़ों महिला और पुरुष कार्यकर्ता राहुल गाँधी को माइक से आवाज लगाकर बुलाते रह गए। हालाँकि, राहुल गाँधी वहाँ नहीं रूके और ना ही मंच पर आए। इस बात से कांग्रेस के कार्यकर्ता काफी नाराज हो गए। राहुल गाँधी के लिए जिस मंच को सजाया गया था, उसी मंच से दर्जनों कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया।
वैसे, राहुल गाँधी कितनी मुस्तैदी से न्याय यात्रा पूरी कर रहे हैं, वो दिख भी रहा है। असम में पूर्व महिला विधायक के ब्लॉउज पर कांग्रेस कार्यकर्ता मजे ले रहे हैं तो उत्पीड़न के दोषी लोग यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर निडर होकर जमे बैठे हैं। भले ही इसके लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं-नेताओं को पार्टी छोड़नी पड़ रही है।