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पाकिस्तान : लाहौर में 70 साल के युवा लियाकत का 19 साल की हसीन शुमाइला से निकाह

                                                                                             साभार: Syed Basit Ali / YouTube
पाकिस्तान के लाहौर में एक बेमेल निकाह फिलहाल मीडिया और सोशल मीडिया की सर्खियाँ बना हुआ है। यहाँ पर लियाकत नाम के शौहर की उम्र 70 साल और उनकी बीबी शुमाइला की उम्र महज 19 साल है। दोनों का दावा है कि उनकी मुलाकात मार्निंग वॉक के दौरान हुई थी जहाँ, उन्होंने एक दूसरे को दिल दे दिया था। लियाकत का दावा है कि शमाइला उनके गाने पर फ़िदा हो गईं थी। सैयद बासित अली नाम के चैनल पर मियाँ-बीवी का इंटरव्यू भी 14 जून 2022 को प्रकाशित हुआ है।

लगभग 6 माह पूर्व हुए इस इंटरव्यू में लियाकत और शुमाइला ने बेहद रोमांटिक अंदाज़ में पोज भी दिए हैं और बेबाकी से सवालों के जवाब भी। शुमाइला ने खुद को रिश्ते से बेहद खुश बताया। लियाकत ने बताया कि मार्किंग वॉक में वो शुमाइला को देख कर गाना गाने लगे थे जिसे शुमाइला ने मुड़ कर देखा और उसी दौरान आँखें 4 हो कर दोनों में प्यार हो गया। शुमाइला ने भी लियाकत के इस दावे में हामी भरी।

दोनों ने बताया कि पहले वो अलग-अलग ट्रैक पर वॉक करते थे जो बाद में नजदीक आते-आते एक हो गए थे। वहीँ लियाकत की उम्र के सवाल पर शुमाइला ने कहा कि इश्क में उम्र नहीं देखी जाती और मोहब्बत बस हो ही जाती है। उनका कहना था कि इसमें न उम्र देखी जाती है और न ही जाती। शुमाइला के मुताबिक, लियाकत ने आँख-मटक्का शुरू किया था जिसमें उन्होंने सहयोग किया। घर वालों की नाराजगी पर शुमाइला ने ‘मियाँ-बीवी राजी तो क्या करेगा काजी’ जैसा जवाब दिया।

जिस समय सैयद बासित अली यह इंटरवियु ले रहे थे तब तक लियाकत और शुमाइला के निकाह को 4 माह पूरे हो चुके थे। लियाकत का मानना है कि फर्क शरीर नहीं बल्कि दिल की जवानी से पड़ता है। दोनों के मुताबिक अब उनके परिवार वालों ने भी उन्हें कबूल कर लिया है और घर भी आना जाना शुरू कर दिया है। उम्र के बेमेल निकाह की पैरवी करते हुए लियाकत ने मिसाल दी कि बड़ी मछली छोटी मछली को खाती है। दोनों ने अपने निकाह को पूरी तरह जायज बताते हुए बाकी लोगों से अपनी जिंदगी पर बातें न करने की नसीहत दी।

70 साल के लियाकत ने बाकी लोगों से भी मॉर्निंग वॉक पर जाने की अपील की। खुद को पूरी तरह से फिट बताते हुए लियाकत ने कहा कि उनके शरीर में मोहब्बत के दर्द को छोड़ कर बाकी कोई दर्द नहीं है। इस तंदुरुस्ती को उन्होंने अल्लाह का करम बताते हुए खुद को बेहद रोमांटिक बताया। दोनों ने बताया कि वो खाना और चाय नाश्ता मिल कर बनाते हैं। इसी इंटरवियु में लियाकत ने अपनी बीवी को पाकिस्तानी गाना ‘जानू सुन जरा’ गा कर भी सुनाया।

अपने शौहर के गाने के जवाब में शुमाइला ने उन्हें भारतीय गाना ‘मोहब्बत बरसा देना तुम सावन आया है’ गा कर सुनाया। गाने से पहले शुमाइला ने बाकायदा नजाकत के साथ ओढ़नी ओढ़ ली थी।

‘मुसलमान भाइयों, मारो तो जान से मारो, लाशें उनके घरों में जाएँगी फिर एहसास होगा जिंदगी क्या होती है?’ : जावेद मियांदाद

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आर.बी.एल निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
अनुच्छेद 370 को लेकर पाकिस्तान से आए दिन कोई न कोई जाना-माना चेहरा अपनी बौखलाहट निकालकर सुर्खियाँ बटोर रहा है। अब ये काम पाक क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के समधी जावेद मियांदाद ने किया है। उन्होंने अपनी तिलमिलाहट निकालने के लिए भारत को परमाणु बम की धमकी दी है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जिस देश का प्रधानमंत्री आए दिन ये साबित करने पर लगा हो कि वो शांति से मामलों का हल चाहते हैं, उसी देश के जावेद मियांदाद कश्मीर मामले पर खुलेआम कहते हैं कि अगर आपके पास लाइसेंसी हथियार है तो आपको हमला करना चाहिए। क्योंकि ये नियम हर जगह है कि बचाव में ऐसा किया जा सकता है।
वायरल वीडियो में मियांदाद अपने मुसलमान भाईयों से गुहार लगाते हुए कह रहे हैं कि हर जगह यह नियम है कि अगर सेल्फ डिफेंस, अपनी प्रोटेक्शन के लिए कुछ चीज रख सकते हो तो रखो। वह बोलते हैं, “तुम मुसलमान भाइयों, मारो तो जान से मारो, जब उनकी लाशें उनके घरों में जाएँगी फिर उनको एहसास होगा कि इंसान की जिंदगी क्या होती है?”

मियांदाद शायद यह भूल रहे हैं, कि जो सन्देश वह भारतीय मुसलमानों को दे रहे हैं, कहीं यही बात, पाक के अधिकार वाले कश्मीर, सिन्ध, बलूचिस्तान और पंजाब आदि पाकिस्तान के ही प्रान्तों में ही अगर लागू हो गयी, पाकिस्तान फौज और परमाणु सब के सब धरे रह जाएंगे। 
दूसरे, मियांदाद के इस बयान से पाकिस्तान का दोगलापन जरूर जाहिर हो गया है, जो हर पाकिस्तान समर्थक को समझने के जरुरत है, कि इस तरह के भड़काऊ बयानों से भारतीय मुसलमानों को ही नहीं साथ ही साथ पाकिस्तान समर्थकों को भी दंगे की आग में झोंकने की कोशिश की जा रही है, यानि दूसरे अर्थों में इसका यह भी मतलब लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान को मुसलमानों की जी-जान से कोई मतलब नहीं, बल्कि अपनी भ्रमित चालों से मुसलमानों को मुसीबत में डालने का प्रयास किया जा रहा है। अब भारतीय मुसलमानो और भारत में पल रहे पाकिस्तान समर्थकों को पाकिस्तान की असलियत और मुस्लिम विरोधी मंसूबों की असलियत समझनी चाहिए। इतना ही नहीं, ये वही पाकिस्तान है, जो 1947 में पाकिस्तान गए भारतीय मुसलमानों को आज तक "शरणार्थी" कहा जाता है।    
इसके अलावा भारत को संदेश देने की बात पर मियांदाद कहते हैं, “मोदी साहब को तो पता ही है, मैंने पहले भी कहा था ये डरपोक लोग हैं। अभी तक इन्होंने किया क्या? ये तो न्यूक्लियर पॉवर ऐसे ही है। लेकिन हम न्यूक्लियर पॉवर ऐसे नहीं हैं। हमने परमाणु बम चलाने के लिए रखे हैं, हमें मौक़ा चाहिए और हम साफ़ कर देंगें।”
जावेद क्रिकेट क्षेत्र से जुड़े पहले ऐसे शख्स नहीं हैं जिन्होंने विवादित बयान दिया हो, इससे पहले शाहिद अफरीदी, शोएब अख्तर, सरफराज अहमद भी इसपर अपना गुस्सा निकाल चुके हैं।