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‘पापा विधायक हैं हमारे… कैसे काट दोगे चालान’: पुलिस ने पकड़ी बाइक तो AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के बेटे ने दिखाई धौंस, खेला वही victim card; वीडियो वायरल


आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के बेटे अनस और दिल्ली पुलिस के बीच कहासुनी की वीडियो सामने आई है। इस वी़डियो में पुलिसकर्मियों ने अनस को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के लिए रोका तो अनस गलती मानने की बजाय अपने अब्बू को फोन मिलाने लगा।

बुलेट के मॉडिफाई साइलेंसर से निकाल रहे थे तेज आवाज

पुलिस के अनुसार, दो लड़के मोटरसाइकिल पर नजर आए, जो गलत साइड से आ रहे थे और बुलेट के मॉडिफाइड साइलेंसर से तेज आवाज कर रहे थे। इतना ही नहीं वे बाइक को टेढ़े-मेढ़े तरीके से चला रहे थे।

सुन सकते हैं कि अनस अपने अब्बू को बताता है कि पुलिसवालों ने उसकी बाइक रोक ली है क्योंकि उसके ऊपर आम आदमी पार्टी का झंडा लगा है। वहीं पुलिसकर्मी कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि उन्होंने झंडा देखकर गाड़ी नहीं रोकी है और उन्हें ‘विधायक का बेटा हूँ’ वाली धमकी न दी जाए।

आरोप है कि अनस रॉन्ग साइड बाइक चला रहा था। पुलिसवालों ने उसे रोककर जब लाइसेंस और आरसी माँगा तो वह दोनों ही चीजें नहीं दिखा पाया। उलटा पुलिस को चुप कराने लगा। उसने कहा कि उसे इन सबकी जरूरत नहीं है, वो इलाके के विधायक का बेटा है। इसके बाद उसने एसएचओ की बात अमानतुल्लाह खान से भी करवाई और फिर बाइक छोड़कर चला आया।

पुलिस पर यह आरोप लगाते हुए दुर्व्यवहार किया

इस दौरान पुलिस ने दोनों युवकों को पकड़ लिया और एक लड़के ने बताया कि वह आप (AAP) विधायक अमानतुल्ला खान का बेटा है। उन्होंने पुलिस पर यह आरोप लगाते हुए दुर्व्यवहार किया कि वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह आप विधायक का बेटा है।

आप विधायक के बेटे पर लगा 20 हजार का जुर्माना

पुलिस के अनुसार, खुद को AAP विधायक अमानतुल्ला खान का बेटा बताने वाले शख्स पर पुलिस के साथ दुर्व्यवहार, खतरनाक ड्राइविंग, बिना हेलमेट के गाड़ी  चलाने, मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने के आरोप में 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

भाजपा प्रत्याशी ने साधा निशाना

आप विधायक अमानतुल्लाह खान के बेटे द्वारा दिल्ली पुलिस के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने के बाद, मालवीय नगर से भाजपा प्रत्याशी सतीश उपाध्याय ने आप पर दिल्ली की कानून-व्यवस्था को 'नष्ट' करने का आरोप लगाया। आप पर निशाना साधते हुए उपाध्याय ने कहा कि आप विधायक विदेशों में बैठे गिरोहों के साथ तालमेल बिठाकर जबरन वसूली में लिप्त हैं। 

उपाध्याय ने एएनआई से कहा, "जो पार्टी जबरन वसूली करती है, गैंगस्टरों से संबंध रखती है, अगर वे ऐसा सवाल (कानून व्यवस्था के बारे में) पूछते हैं। कल ही अमानतुल्लाह खान के बेटे ने एसएचओ के साथ बदसलूकी की और कहा कि वह विधायक का बेटा है। आप विधायक विदेशों में बैठे गिरोहों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं और जबरन वसूली कर रहे हैं और दिल्ली की कानून व्यवस्था को खराब कर रहे हैं। कुल 62 विधायक हैं और उनमें से कितने के खिलाफ आपराधिक मामले हैं? उनके सीएम, उपमुख्यमंत्री, सांसद, विधायक सभी जमानत पर बाहर हैं। 

अगर किसी ने देश की कानून व्यवस्था को बिगाड़ा है, तो वह आप है..." यह तब हुआ जब दिल्ली पुलिस ने दो व्यक्तियों के खिलाफ संशोधित साइलेंसर मोटरसाइकिल का उपयोग करने और ड्यूटी पर अधिकारियों के साथ बदसलूकी करने का मामला दर्ज किया, जिनमें से एक ने खुद को आप विधायक अमानतुल्लाह खान का बेटा बताया। मोटर वाहन अधिनियम की कई धाराओं का उल्लंघन करने के लिए उन पर लगभग 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। 

अब पुलिस ने बिन बेलमेट, लाइसेंस आरसी के गाड़ी चलाने के साथ जिगजैग ड्राइव करने का मामला भी दर्ज कर लिया है। वहीं बाइक को भी जब्त कर लिया गया है। इससे पहले बता दें कि अनस पर पेट्रोल पंप के कर्मचारी के साथ मारपीट करने का आरोप भी लगा था। उस समय अनस की मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।

मुसलमान ही मुसलमान का हक़ डकार रहा : AAP विधायक अमानतुल्लाह खान की हेराफेरी ED ने बताई: दिल्ली दंगा ‘पीड़ितों’ के नाम पर फंड, वक्फ बोर्ड के नाम पर ‘बैंक अकाउंट’, दूसरी बीवी की जानकारी छिपाई…

मुस्लिमों के रहनुमा बन रहे मुस्लिम नेताओं और इनके इशारे पर नाचने वाले मौलाना, मौलवी और इमाम किस तरह अपनी तिजोरियां भरने के चक्कर में हिन्दू-मुसलमान कर देश का माहौल ख़राब करते है उसे आम मुसलमान नहीं समझ रहा। और दोष हिन्दुओं के सिर मढ़ दिया जाता है। जब तक आम मुसलमान इन लोगों के चुंगल से बाहर नहीं शक से दायरे में रहेगा। गुजरात में दंगा पीड़ितों के नाम पर चंदा इकट्ठा करने वाली तीस्ता स्तेवाल ने उन्ही पैसे से महंगे पर्स आदि पर खर्च कर दंगा पीड़ितों की निगाह में अच्छी बनी रही, ठीक उसी तरह दिल्ली दंगों के नाम पर चंदा जमा करने वाला आम आदमी विधायक अमानतुल्लाह खान ऐश कर रहा है, फिर भी मुसलमान इसे अपना हमदर्द समझ रहा है।     
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (30 अक्टूबर 2024) को ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक एवं दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री अमानतुल्लाह खान और उनकी पत्नी मरियम के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। यह मामला दिल्ली वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष रहते हुए हेरफेर करने संबंधित है। अमानतुल्ला खान ने दिल्ली दंगा ‘पीड़ितों’ के लिए धन जुटाने के लिए एक ‘अनधिकृत’ बैंक खाता खोला था।

इसमें आए धन में से कुछ राशि निकालकर अमानतुल्लाह खान दी गई थी। इसके अलावा, 50 वर्षीय AAP विधायक अमानतुल्लाह खान पर दिल्ली वक्फ बोर्ड (डीडब्ल्यूबी) में ग्रुप सी और ग्रुप डी के कर्मचारियों की अवैध नियुक्ति, डीडब्ल्यूबी की संपत्तियों के किरायेदारी के आवंटन में पद का दुरुपयोग, आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने सहित कई आरोप हैं।

ED ने मंगलवार (29 अक्टूबर 2024) को दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA Act) की एक विशेष अदालत के समक्ष अमानतुल्लाह खान और उनकी दूसरी पत्नी मरियम सिद्दीकी के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत दायर की। मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला 2016-21 के बीच दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अमानतुल्लाह के कार्यकाल के दौरान की अनियमितताओं से संबंधित है।

एजेंसी ने कहा, “दिल्ली दंगा पीड़ितों के नाम पर धन जुटाने के लिए खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड राहत समिति के नाम से एक अनधिकृत बैंक खाता खोला और जनता से प्राप्त कुछ धन को खान के निर्देशों के तहत नकद में निकाल लिया गया और उसे सौंप दिया गया।” उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड से मंजूरी लिए बिना ही ‘दिल्ली वक्फ बोर्ड राहत समिति’ का गठन किया।

प्रवर्तन निदेशालय ने यह भी कहा कि एजेंसी ने अमानतुल्लाह पर अपने चुनावी हलफनामे में आश्रितों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी थी। एजेंसी के अनुसार, “मरियम सिद्दीकी की शादी अमानतुल्लाह खान से हुई थी और वह अमानतुल्लाह खान की पूरी तरह से आश्रित हैं। यह बताना चाहिए था कि उनके पास आय का कोई ज्ञात स्रोत नहीं है और उन्होंने कोई आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है।”

जाँच में यह भी पाया गया है कि अमानतुल्लाह खान ने साल 2020 में अपनी दूसरी बीवी मरियम सिद्दीकी के नाम पर 19 लाख रुपए की अचल संपत्ति खरीदी थी। उन्होंने इस संपत्ति का भुगतान आंशिक रूप से नकद और आंशिक रूप से अपने करीबी सहयोगी जीशान हैदर से ली गई राशि से किया गया था। जिस संपत्ति को उन्होंने खरीदा वह यह संपत्ति जावेद इमाम सिद्दीकी की थी।

एजेंसी का दावा है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में विधायक के रूप में गलत तरीके से कमाए गए अमानतुल्लाह के पैसों का सारा प्रबंधन हैदर और दाऊद नासिर कर रहे थे। इसका इस्तेमाल उन्होंने कौसर इमाम सिद्दीकी के माध्यम से ओखला क्षेत्र में 275-276, टीटीआई तिकोना पार्क में एक संपत्ति खरीदने के लिए नकद भुगतान करने के लिए किया।

ED ने दावा किया है कि कौसर इमाम सिद्दीकी द्वारा हस्तलिखित सफेद डायरी को जब्त करने के बाद उससे पता चला है कि तिकोना पार्क में इस संपत्ति की खरीद के लिए अमानतुल्लाह के करीबी सहयोगियों द्वारा 27 करोड़ रुपए का नकद भुगतान किया गया था। ईडी ने कहा कि विक्रेता जावेद इमाम सिद्दीकी और उनकी बीवी के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकदी जमा मिली है।

इस मामले में अमानतुल्लाह खान, हैदर, दाउद नासिर, कौसर इमाम सिद्दीकी और जावेद इमाम सिद्दीकी को ईडी ने गिरफ्तार किया था। ये सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। इस मामले में अमानतुल्लाह खान को छोड़कर सभी आरोपितों के खिलाफ पहली चार्जशीट ED ने इस साल जनवरी में ही दाखिल कर दी थी।

अमानतुल्लाह खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामले है दर्ज हैं। एक वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं के संबंध में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) का मामला और दूसरी दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई द्वारा दर्ज कथित आय से अधिक संपत्ति का मामला है। इनमें मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच ED कर रही है।

दिल्ली का हिंदू विरोधी दंगा फरवरी 2020 में हुआ था। हालाँकि, इसकी तैयारी महीनों पहले से की जा रही थी। इसमें हिंदुओं को निशाना बनाया था। हालाँकि, दिल्ली की सरकार ने मुस्लिमों के लिए कई तरह राहत कार्य उपलब्ध कराए थे। दिल्ली वक्फ बोर्ड ने मुस्लिमों के लिए 800 महिलाओं और 700 पुरुषों वाला बिस्तर एक शिविर स्थापित किया था।

दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अमानतुल्लाह खान ने जिन मुस्लिमों के घर एवं दुकान बर्बाद हुए थे, उन्हें बनवाने एवं उनकी मरम्मत के लिए 50 लाख रुपए आवंटित किए थे। मार्च 2020 में अमानतुल्लाह खान ने कहा था कि जिन मुस्लिमों के घरों-दुकानों को नुकसान पहुँचा है, उनकी मरम्मत कराने में दिल्ली वक्फ बोर्ड मदद करेगा। इसके लिए कंस्ट्रक्शन समिति का भी गठन किया था।

इसी दौरान वक्फ बोर्ड ने कथित तौर पर क्षतिग्रस्त हुई 19 मस्जिदों की मरम्मत का काम भी शुरू किया था। अमानतुल्लाह खान ने कहा था, “मरम्मत का काम अशोक नगर की जामा मस्जिद से शुरू हुआ है। इसके लिए वक्फ बोर्ड ने 5 लाख रुपये की अग्रिम राशि जारी कर दी है।” बोर्ड ने  मुस्तफाबाद में भी मुस्लिमों के लिए एक राहत शिविर भी स्थापित किया था।

दिल्ली : ED ने वक्फ बोर्ड घोटाले में AAP विधायक के 3 करीबियों को गिरफ्तार किया, अमानतुल्लाह खान के ठिकानों से मिला था हथियार-कैश

     दिल्ली वक्फ बोर्ड भर्ती मामले में 3 गिरफ्तार, तीनों AAP विधायक अमानतुल्ला के करीबी (साभार-बिजनेस स्टैण्डर्ड)
ये कैसी विडंबना है कि जो अरविन्द केजरीवाल भ्रष्टाचार दूर करने आया, उसी की पार्टी इतने कम समय में गले से ऊपर घोटालों में लिप्त हो गयी। कितने ही विधायक 
घोटालों, घरेलु हिंसा और राशन कार्ड आदि आरोपों में लिप्त होने का मतलब है कि केजरीवाल पार्टी आरोपियों से भरी पड़ी है। वैसे गिरफ़्तारी की तलवार अरविन्द केजरीवाल पर भी लटक रही है। यानि जो चुनावों में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को जेल भेजने की बात करता था, उसी का मार्ग अब जेल की ओर जा रहा है। कहते हैं कि जितने भी घोटाले हैं, लगभग सभी के तार केजरीवाल से जुड़े बताए जा रहे हैं, क्योकि पार्टी में केजरीवाल की सलाह के बिना पार्टी में पत्ता भी नहीं हिलता।     

दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्ती में अनियमितता को लेकर राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान समेत 10 अन्‍य आरोपितों पर फैसला सुना दिया है। मामले में जाँच एजेंसी ईडी ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। तीनों के नाम जिशान हैदर, जावेद इमाम, दाऊद नसीर हैं। अदालत ने तीनो को 14 दिनों की हिरासत में भेज दिया है, जहाँ जाँच एजेंसी इनसे पूछताछ करेगी। ये सभी आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के करीबी बताए जा रहे हैं।

अमानतुल्ला खान दिल्ली वक्फ बोर्ड में चेयरमैन हैं। वहीं वफ्फ बोर्ड मामला से जुड़े भ्रष्ट्राचार मामले में जाँच एजेंसी ED अमानतुल्लाह खान के खिलाफ भी केस दर्ज कर चुकी है। इससे पहले  ED ने 10 अक्टूबर, 2023 को दिल्ली के पाँच ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस मामले में ED ने अमानतुल्ला खान के घर पर भी छापा मारा था। ED ने ये कार्रवाई दिल्ली एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की तरफ से दाखिल दो FIR के तहत की थी। ये FIR दिल्ली वक्फ बोर्ड में नौकरियों में अनियमितताओं से जुड़ी है। 

AAP नेता अमानतुल्लाह खान पर 32 लोगों की अवैध नियुक्ति का आरोप

आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन के रूप में 32 लोगों को अवैध रूप से भर्ती किया था। इसके साथ ही आप विधायक ने अवैध रूप से दिल्ली वक्फ बोर्ड की कई संपत्तियों को किराए पर दिया है। साथ ही अमानतुल्लाह खान पर ये भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड के धन का दुरुपयोग किया है। इस मामले में दिल्ली वक्फ बोर्ड के तत्कालीन सीईओ ने इस तरह की अवैध भर्ती के खिलाफ बयान जारी किया था।

अमानतुल्लाह के करीबियों के ठिकानों पर मिला था कैश 

वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सबसे पहले सितंबर, 2022 में अमानतुल्लाह से पूछताछ की थी। इसी के आधार पर ACB ने चार जगहों पर छापे मारे। करीब 24 लाख रुपए कैश बरामद किया था।
इसके अलावा इस छापेमारी में दो अवैध और बिना लाइसेंस की पिस्टल मिली थीं। कारतूस और गोला-बारूद भी बरामद किया था। बाद में अमानतुल्लाह को इस मामले में गिरफ्तार भी किया गया था। यह गिरफ्तारी आप विधायक के खिलाफ सुबूतों और आपत्तिजनक सामग्री के आधार पर की गई थी।
इसमें कहा गया था कि सीबीआई की एक प्राथमिकी और दिल्ली पुलिस की तीन शिकायतें आप विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का आधार बनीं। खान ने उक्त आपराधिक गतिविधियों से अपराध की बड़ी रकम नकदी में अर्जित की थी और इस नकद राशि को अपने सहयोगियों के नाम पर दिल्ली में विभिन्न अचल संपत्तियों की खरीद में निवेश किया था। हालाँकि, बाद में उन्हें उन्हें 28 दिसंबर 2022 को जमानत पर रिहा कर दिया गया।