आज देश में राजनीति नहीं बल्कि राजनीति के नाम पर सियासत हो रही है। वो भी निचले स्तर की। और जनता भी इन जेहादी प्रवित्ति वालों को नेता मान इनकी तिजोरियां भर अपना नुकसान कर रही है। मेरी आयु वालों को-आम नागरिक से लेकर जजों तक-देश में इमरजेंसी का दौर याद करना चाहिए। ऐसा अपराध करने वालो और उनके हिमायतियों शुक्र मनाओ संजय गाँधी नहीं है। वरना कभी का तुम दोनों का ढोल बना दिया होता। याद है, जब संजय गाँधी की एक आवाज़ पर हर दुकानदार को सबकुछ उजागर करने के साथ-साथ हर पदार्थ की कीमत उस पदार्थ के डिब्बे/कनस्तर पर लगानी जरुरी थी। ऐसा नहीं करने दुकानदार पर कार्यवाही की जाती थी। नाम छुपाकर कर व्यापार करने वाला अपनी दुर्भावना अपने आप जाहिर कर रहा है। ऐसे जेहादियों का समर्थन सबसे बड़े जेहादी है। ऐसे लोगों से देश चलाने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए और ना ही नाम छुपाकर कोई भी व्यापार करने वालों की हिमायत लेने वालों को एक भी वोट देना चाहिए। आने वाली तुम्हारी पीढ़ियां कोसेंगी तुम्हे। जीते जी ही मरने के बाद का जीवन भी सुधार लो। सनातन को अपमानित भी करेंगे और सनातन के नाम से धंधा भी करेंगे। करना है करो अपनी पहचान क्यों छुपा रहे हो?
उत्तर प्रदेश में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे के बाईपास पर मुस्लिम संचालक द्वारा हिंदू नाम से भोजनालय चलाने का मामला गर्माता जा रहा है। ताजा खबर यह है कि ‘पंडित जी शुद्ध वैष्णो भोजनालय’ के संचालक सनव्वर सहित पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
यह मामला उस समय चर्चा में आया, जब बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के महंत स्वामी यशवीर महाराज बीती 28 जून को कांवड़ यात्रा मार्ग पर संचालित ढाबों और होटलों पर चेकिंग करने निकले थे। यशवीर महाराज एक-एक होटल और ढाबे में जा रहे थे और संचालकों के साथ ही कर्मचारियों के पहचान-पत्र देख रहे थे।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मुस्लिम लोग ‘पंडित जी वैष्णो’ नाम से ढाबा चला रहे थे। पुलिस ने हिंदू संगठन के विरोध के बाद मालिक सनव्वर, उसके बेटे आदिल, जुबैर और दो अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दरअसल, मामला रविवार (29 जून 2025) का है। जब हिंदू संगठन की टीम काँवड़ के रूट पर स्थित होटलों और ढाबों की जाँच कर रही थी। इस दौरान सामने आया कि हिंदू नाम की पहचान से दिल्ली-देहरादून NH-58 स्थित पंडित जी वैष्णो ढाबा सनव्वर नाम का एक मुस्लिम व्यक्ति चला रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यहाँ हिंदू संगठन ने ढाबे के मालिक से आधार कार्ड माँगा, लेकिन उन्होंने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ऑनलाइन पेमेंट वाले स्कैनर में ‘जाबिर’ नाम लिखा था, जबकि बाहर ‘दीक्षा शर्मा’ नाम का बोर्ड लगा था। का मालिक का असली नाम पता लगा।
ढाबे के मालिक और अन्य कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मुस्लिम होने की पुष्टि करने के लिए उनकी पैंट भी उतरवाई गई। जबकि हिंदू संगठन से सुमित बजरंगी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
QR Code से हुई पहचान
पहचान उजागर करने पर हुई थी मैनेजर की पिटाई
- यशवीर महाराज अपने समर्थकों के साथ ‘पंडित जी शुद्ध वैष्णो भोजनालय’ पहुंचे, तो पता चला कि इसका संचालन एक मुस्लिम द्वारा किया जा रहा है। यहां हंगामे के बीच मैनेजर की पिटाई कर दी है।
- होटल संचालक और उसके साथियों ने अपने ही कर्मचारी मैनेजर को इस आरोप के साथ पीटा कि उसने यशवीर महाराज के सामने यह खुलासा कर दिया कि यहां का संचालक मुस्लिम है।
- खुद होटल मैनेजर ने यह आरोप लगाया। मैनेजर धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि यशवीर महाराज ने उससे होटल मालिक का नाम पूछा तो उसने सच-सच बता दिया। इस पर उसकी पिटाई कर दी गई।
- इसके बाद 30 जून को होटल मैनेजर और यशवीर महाराज ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना बताई। उन्होंने बताया कि 29 जून की रात लगभग 9 बजे होटल संचालक सनव्वर, जुबेर पुत्र सनव्वर, आदिल खान और एक अज्ञात व्यक्ति ने मैनेजर को पीटा और बाद में नौकरी से भी निकाल दिया गया।