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किसान आंदोलन में शामिल थी संसद में घुसपैठ करने वाली नीलम, कांग्रेस के लिए माँगा था समर्थन: रिहाई के लिए मैदान में उतरा ‘संयुक्त किसान मोर्चा’; उपद्रवियों और इनके समर्थकों को ब्लैकलिस्ट कब किया जायेगा?

                           पुलिस की गिरफ्त में नीलम (फोटो साभार : X_vijaygajera)
संसद और संसद के बाहर कुल 6 लोगों ने हंगामा मचाने की योजना बनाई थी, जिसमें 4 गिरफ्तार कर लिए गए हैं, एक फरार है, जबकि एक व्यक्ति की पहचान की कोशिश की जा रही है। इसमें एक महिला नीलम भी है, जिसकी उम्र 42 साल है। उसके बारे में जानकारी मिल रही है कि वो काफी पढ़ी लिखी है, लेकिन अब पूरी तरह से आंदोलनजीवी बन चुकी है। वो तैयारी के नाम पर घर से बाहर हॉस्टल में रहती है और किसान आंदोलन जैसे तमाम मंचों पर सक्रिय रहती है। नीलम की गिरफ्तारी के बाद संयुक्त किसान मोर्चा उसके समर्थन में उतर गया है और नीलम की रिहाई की माँग की है।

चर्चा यह है कि smoke cracker को जूते में छुपाकर लेकर जाना असंभव है, संभव है जिस सांसद के पास से ये संसद में गए है, उसी संसद की कार में छुपाकर रखा गया हो और गैलरी में प्रवेश के समय ले लिया गया हो। सांसदों द्वारा उस सांसद को भी हिरासत में लेने की मांग गलत नहीं हो सकती। अगर वह सांसद बीजेपी का है, दूध का धुला नहीं है। प्रश्न बहुत है, जिनका गंभीर जाँच ही उत्तर दे सकती है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद भवन के बाहर हंगामा करने वाली 42 साल की महिला नीलम कौर हरियाणा की रहने वाली है। नीलम के परिवार में उसके भाई ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, “उनको इस बात की जानकारी नहीं थी कि नीलम दिल्ली में है। उसके हमें बताया था कि वो पढ़ाई के लिए हिसार में है। वो सोमवार को यहाँ आई थी और कल ही लौटी है। उसने बीए, एमए, बी.एड, एम.एड, एम.फिल की पढ़ाई की है, तो सीटीईटी और नेट भी पास आउट है। नीलम बेरोजगार है और किसानों के विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल रही थी। वो 6 माह से हिसार से बाहर है।”

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नीलम किसान आंदोलन से लेकर दूसरे धरने और प्रदर्शनों में भी काफी एक्टिव रही हैं। चर्चा है कि नीलम प्रगतिशील आजाद युवा संगठन की संस्थापक है, लेकिन परिवार वालों का कहना है कि वह किसी संगठन से नहीं जुड़ी थी। वहीं, नीलम ने भी गिरफ्तारी के समय किसी संगठन से जुड़ाव को खारिज किया है। भारत सरकार हम जैसे युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

नीलम की माँ का कहना है कि वो बेरोजगारी को लेकर चिंतित थी, उन्होंने उससे बात की थी लेकिन उसने उन्हें दिल्ली के बारे में कभी कुछ नहीं बताया था। बकौल नीलम की माँ, वह उनसे कहती थी वह इतनी उच्च योग्य है लेकिन उसके पास कोई नौकरी नहीं है, इसलिए मर जाना बेहतर है।

इस बीच, अंकुर सिंह नाम के एक्स यूजर ने नीलम का एक वीडियो शेयर किया है, जो किसान आंदोलन के समय का लगता है। इस वीडियो में नीलम कांग्रेस और इनेलो के लिए समर्थन माँग रही है और बीजेपी का विरोध कर रही है।

इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और किसान नेता आजाद पालवा इस बीच नीलम के घर पहुँचे। उन्होंने नीलम की रिहाई की माँग करते हुए कहा कि वे इस संबंध में किसान ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की मीटिंग भी बुला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर नीलम को जल्द रिहा नहीं किया गया तो बड़ा कदम उठाया जाएगा।

बुधवार (13 दिसंबर 2023) को संसद पर साल 2001 में हुए हमले की 22वीं बरसी पर सुरक्षा चूक का मामला सामने आया। लोकसभा में कार्यवाही के दौरान दो प्रदर्शनकारी गैलरी से सदन में कूद गए, जिन्हें सांसदों ने ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। लोकसभा में ये घुसपैठ ठीक 1 बजकर 1 मिनट पर हुई। उस समय सदन में पश्चिम बंगाल के मालदा उत्तर सीट से भाजपा के लोकसभा सांसद खगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे।

अवलोकन करें:-

लोकसभा में घुसे युवक को 11 सांसदों ने मिल कर कूटा, बाहर साथियों ने लगाए ‘जय भीम’ के नारे

इस बीच लोकसभा में मौजूद सांसदों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने वाले दोनों युवकों को पकड़ लिया। वहीं, संसद के बाहर से नीलम और एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने स्मोक फैलाने वाले कनस्तर को फोड़कर अफरातफरी मचाने की कोशिश की थी और नारेबाजी की थी। इस मामले में क्राइम ब्रांच से लेकर अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ जाँच में जुट गई हैं, तो चारों गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ भी की जा रही है।

धुआँ उड़ाते लोकसभा में कूद गए 2 लोग, सांसदों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा: संसद पर हमले की 22वीं बरसी पर हुई घटना

संसद में सुरक्षा चूक, लोकसभा में घुसे 2 प्रदर्शनकारी (फोटो साभार: Youtube_SansadTV)
संसद पर साल 2001 में हुए हमले की 22वीं बरसी पर सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। लोकसभा में कार्यवाही के दौरान दो प्रदर्शनकारी गैलरी से सदन में कूद गए, जिन्हें सांसदों ने ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। ये सुरक्षा चूक का बड़ा मामला है, जिसमें सांसद से जारी पास के आधार पर लोकसभा के दर्शक दीर्घा तक पहुँचे दो लोगों ने लोकसभा की कार्यवाही के दौरान ही सदन में छलांग लगा दिया। उन्होंने सुरक्षा घेरे को धता बताकर नारेबाजी की।

हालाँकि, उन्हें सांसदों ने ही पकड़ लिया। इन दो लोगों के अलावा संसद के बाहर भी स्मोक केन से धुआँ निकाल कर प्रदर्शन कर रहे दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।

अब सांसद ही मांग कर रहे हैं कि जिस सांसद की मार्फ़त ये उपद्रवी संसद पहुंचे हैं,उस सांसद को भी तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ करनी चाहिए। यह भी सम्भावनायें व्यक्त की जा रही हैं, धुंए का सामान सांसद की कार में ले जाया गया हो? इस सांसद को सदस्यता ही समाप्त नहीं हो. बल्कि इसके बैंक खातों को भी तुरंत सील किया जाये। 

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा में ये घुसपैठ ठीक 1 बजकर 1 मिनट पर हुई। उस समय सदन में पश्चिम बंगाल के मालदा उत्तर सीट से भाजपा के लोकसभा सांसद खरगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने लोकसभा में छलांग लगा दी। अगले ही क्षण पीठाधीन राजेंद्र अग्रवाल ने सदन को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर लिया। इस बीच लोकसभा में मौजूद सांसदों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने वाले दोनों युवकों को पकड़ लिया।

बताया जा रहा है कि लोकसभा में सुरक्षा घेरे को तोड़ने वाले युवकों ने जूते में स्मोक कनस्तर छिपा रखे थे, उन्होंने सदन के भीतर नारेबाजी भी की।

2 अन्य प्रदर्शनकारी संसद के बाहर से गिरफ्तार

इस बीच दिल्ली पुलिस ने ट्रांसपोर्ट भवन के सामने दो प्रदर्शनकारियों, एक पुरुष और एक महिला को हिरासत में लिया है, जो रंग-बिरंगा धुआँ छोड़ने वाली सामग्री के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। घटना संसद के बाहर हुई। उन्हें दिल्ली पुलिस के जवानों ने तुरंत हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में एक महिला भी है, जो नारेबाजी करती दिख रही है।
हिरासत में लिए गए आरोपितों को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट स्पेशल सेल पार्लियामेंट के अंदर हंगामा करने वाले लोगों से पूछताछ करने पहुँच गई है।
शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने इस बारे में बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। जब वे नीचे कूदे तो पीछे की बेंचें खाली थीं, वे पकड़े गए। सदन में दो मंत्री भी मौजूद थे
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने बताया कि अचानक करीब 20 साल के दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद पड़े और उनके हाथ में कनस्तर थे। इन कनस्तरों से पीला धुआँ निकल रहा था। उनमें से एक अध्यक्ष की कुर्सी की ओर भागने की कोशिश कर रहा था। वो लोग नारेबाजी भी कर रहे थे। कार्ति चिदंबरम ने इसे सुरक्षा चूक का गंभीर उल्लंघन बताया है।
अवलोकन करें:-
बताया जा रहा है कि ये लोग मैसूर के सांसद द्वारा जारी पास के आधार पर लोकसभा की गैलरी तक पहुँचे थे। उन्होंने जूते में रंग-बिरंगा धुआँ फेंकने वाले कनस्तर छिपाए थे। उनके पास किसी तरह का विस्फोटक या घातक हथियार नहीं मिला। सूत्रों के मुताबिक, एक युवक का नाम सागर है और उनका मकसद लोकसभा में हंगामा मचाकर लोकप्रियता हासिल करना था।

‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान, संसद पर हमला कर के लूँगा हत्या की साजिश का बदला’: गुरवतपन्त सिंह पन्नू

                   पन्नू ने अफजल की तरह संसद पर हमले की धमकी दी है (चित्र साभार: Business today)
प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सरगना गुरवतपन्त सिंह पन्नू की भारतीय संसद उड़ाने की धमकी को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे लोग मीडिया कवरेज पाने के लिए ऐसी बाते करते रहते हैं और हम यहाँ बात करके उन्हें प्रासंगिकता नहीं देना चाहते।

हाल ही में पन्नू ने एक वीडियो जारी करके संसद पर हमले की बरसी 13 दिसम्बर को संसद उड़ाने की धमकी दी थी। इसी को लेकर अब भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक मीडिया संवाद में जवाब दिया है। गौरतलब है कि 13 दिसम्बर, 2001 को पाँच इस्लामी आतंकियों ने संसद पर हमला कर दिया था। इसमें सुरक्षा बलों के 6 जवान बलिदान हो गए थे।

इस वीडियो में पन्नू ने कहा था कि वह 13 दिसम्बर या उससे पहले संसद भवन पर हमला करके उसके हत्या की योजना बनाने का बदला लेगा। उसने दावा किया था कि दिल्ली खालिस्तान बनेगा। वह पहले भी ऐसी धमकियों वाले वीडियो जारी करता रहा है।

अब विदेश मंत्रालय ने इस पर कहा है, “हम इन धमकियों को गंभीरता से लेते हैं लेकिन हम ऐसे लोगों के बारे में यहाँ बात करके उन्हें ज्यादा विश्वसनीयता नहीं देना चाहते जो ऐसी धमकियाँ देकर काफी मीडिया कवरेज पाते हैं।”

उन्होंने आगे इस मामले में कहा, “हम इन खतरों को गंभीरता से लेते हैं और हमने इस मामले से अमेरिका और कनाडा को अवगत करवाया है। कट्टरपंथी और आतंकी मीडिया कवरेज पाने के लिए ऐसी धमकियाँ देते रहते हैं।” विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वह यहाँ हमारी एजेंसियों द्वारा वांछित है और हम अन्य देशों से उसे कानून तक लाने के लिए सहायता माँग चुके हैं।

पन्नू की धमकी अमेरिका के उस दावे के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के एक अफसर ने एक भारतीय निखिल गुप्ता को पन्नू को मरवाने के लिए कहा था। इस मामले में विदेश मंत्रालय पहले ही एक जाँच कमिटी गठित कर चुका है।

अमेरिका में भी इस मामले को कोर्ट में ले जाया गया है और निखिल गुप्ता को अमेरिका ने गिरफ्तार भी किया है। अमेरिका के जस्टिस विभाग ने आरोप लगाया था कि 1 लाख डॉलर (लगभग ₹83 लाख) में पन्नू को मारने के लिए एक व्यक्ति को सुपारी दी गई थी जो कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का एजेंट था।

संसद पर हमला करने की धमकी देने वाले वीडियो में पन्नू इसी हत्या की साजिश की बात कर रहा था। पन्नू पूर्व में भी ऐसे ही वीडियो जारी करता रहा है। इससे पहले उसने एअर इंडिया के विमानों को उड़ाने की धमकी भी दी थी।