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बजरंगबली के 11 नामों का अर्थ


हम सब हनुमान जी को कई नामों से पुकारते हैं उनके अनेकों नामों में से आज 11 नाम अर्थ के साथ जानते है ..

1. मारुति: मारुत शब्द का अर्थ है वायु . मारूत (वायु देव) के पुत्र होने के कारण हनुमान जी को मारुति कहते हैं।
2. अंजनी पुत्र: हनुमान जी की माता का नाम अंजना था। इसीलिए उन्हें अंजनी पुत्र या आंजनेय भी कहा जाता है।
3. केसरीनंदन: हनुमानजी के पिता का नाम केसरी था इसीलिए उन्हें केसरीनंदन भी कहा जाता है।
4. हनुमान: जब बालपन में मारुति ने सूर्य को अपने मुंह में भर लिया था तो इंद्र ने क्रोधित होकर बाल हनुमान पर अपने वज्र से वार किया। वह वज्र जाकर मारुति की हनु यानी कि ठोड़ी पर लगा। इससे उनकी ठोड़ी टूट गई इसीलिए उन्हें हनुमान कहा जाने लगा।
5. पवन पुत्र: उन्हें वायु देवता का पुत्र भी माना जाता है, इसीलिए इनका नाम पवन पुत्र हुआ।
6. शंकरसुवन: भगवान शंकर के ग्यारहवें अवतार होने के कारण हनुमान जी शंकर सुवन कहलाए।
7. बजरंगबली: वज्र को धारण करने वाले और वज्र के समान कठोर अर्थात बलवान शरीर होने के कारण उन्हें बजरंगबली कहा जाने लगा। अर्थात वज्र के समान अंग वाले बलशाली।
8. 
कपिश्रेष्ठ: हनुमानजी का जन्म कपि नामक वानर जाति में हुआ था। रामायणादि ग्रंथों में हनुमानजी और उनके सजातीय बांधव सुग्रीव अंगदादि के नाम के साथ 'वानर, कपि, शाखामृग, प्लवंगम' आदि विशेषण प्रयुक्त किए गए।
9. वानर यूथपति: हनुमानजी को वानर यूथपति भी कहा जाता था। वानर सेना में हर झूंड का एक सेनापति होता था जिसे यूथपति कहा जाता था। अंगद, दधिमुख, मैन्द- द्विविद, नल, नील और केसरी आदि कई यूथपति थे।
10. रामदूत: प्रभु श्रीराम का हर काम करने वाले दूत।
11. पंचमुखी हनुमान: पातल लोक में अहिरावण का वध करने जब वे गए तो वहां पांच दीपक उन्हें पांच जगह पर पांच दिशाओं में मिले जिसे अहिरावण ने मां भवानी के लिए जलाए थे इन पांचों दीपक को एक साथ बुझाने पर अहिरावन का वध हो जाएगा इसी कारण हनुमान जी ने पंचमुखी रूप धरा उत्तर दिशा में वराह मुख, दक्षिण दिशा में नरसिंह मुख, पश्चिम में गरुड़ मुख,आकाश की तरफ हयग्रीव मुख एवं पूर्व दिशा में हनुमान मुख इस रूप को धरकर उन्होंने वे पांचों दीप बुझाए तथा अहिरावण का वध कर राम,लक्ष्मण को उस से मुक्त किया

भगवान हनुमान बने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के शुभंकर, मेजबान थाईलैंड कहा- सेवा, गति, शक्ति, साहस और बुद्धि की उनमें असाधारण क्षमता

                                            एशियन चैंपियनशिप 2023 शुभंकर (साभार: सोशल मीडिया)
अजीब विडंबना है, हिन्दू देवी-देवताओं का उन्हीं की जन्मस्थली पर अपमान किया जा रहा है, लेकिन विदेशी उन्हें अपना सिरमौर बना रहे हैं। G 20 के लोगो पर कमल होने पर भारत में भाजपा विरोधियों ने कितना शोर मचाया, लेकिन भगवान बजरंग बली बुधवार (12 जुलाई 2023) को शुरू हुई एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप (Asian Athletics Championships 2023) का शुभंकर (Mascot) बनाया गया है। यह चैंपियनशिप थाईलैंड में 12 जुलाई से 16 जुलाई 2023 तक खेली जा रही है और इसमें कई देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

भगवान हनुमान वाली इस मैस्कॉट का चयन एशियन चैंपियनशिप की 50वीं वर्षगाँठ पर मेजबान देश थाईलैंड द्वारा किया गया है। मैस्कॉट का चयन मेजबान देश की ऑर्गेनाइजिंग कमेटी करती है। एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 की वेबसाइट पर मेजबान देश ने भगवान राम और हनुमान के बारे में भी लिखा है।

उस पर लिखा है- ‘हनुमान (भगवान) राम की सेवा में गति, शक्ति, साहस और बुद्धि सहित असाधारण क्षमताओं का प्रदर्शन करते है। हनुमान की सबसे बड़ी क्षमता उनकी अविश्वसनीय रूप से दृढ़ निष्ठा और भक्ति है। 25वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 का लोगो खेलों में भाग लेने वाले एथलीटों, कौशल, एथलीटों की टीम वर्क, एथलेटिकिज्म, समर्पण और खेल कौशल के प्रदर्शन को दर्शाता है।’

शॉटपुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर और लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के नेतृत्व में भारत चैंपियनशिप में प्रभावशाली प्रदर्शन करेगा। पाँच दिन चलने वाली एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम शनिवार रात दिल्ली और बेंगलुरु से बैंकॉक के लिए रवाना हुई। इस चैंपियनशिप में एशिया के तमाम एथलीट भाग ले रहे हैं।

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा थाईलैंड में आयोजित होने वाली इस चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेंगे। नीरज चोपड़ा ने थाईलैंड जाने वाले भारतीय खिलाड़ियों के दल को अपनी शुभकामनाएँ दी हैं।

बैंकॉक में मौजूद एथलीट 45 अलग-अलग ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करेंगे। थाईलैंड के अलावा आठ देशों की टीमें इवेंट के हर गेम में हिस्सा लेंगीं। इसमें हॉन्गकॉन्ग, चीन, भारत, इंडोनेशिया, जापान, साउथ कोरिया, मलेशिया, फिलिपींस और सिंगापुर शामिल हैं।