Showing posts with label thailand. Show all posts
Showing posts with label thailand. Show all posts

भगवान हनुमान बने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के शुभंकर, मेजबान थाईलैंड कहा- सेवा, गति, शक्ति, साहस और बुद्धि की उनमें असाधारण क्षमता

                                            एशियन चैंपियनशिप 2023 शुभंकर (साभार: सोशल मीडिया)
अजीब विडंबना है, हिन्दू देवी-देवताओं का उन्हीं की जन्मस्थली पर अपमान किया जा रहा है, लेकिन विदेशी उन्हें अपना सिरमौर बना रहे हैं। G 20 के लोगो पर कमल होने पर भारत में भाजपा विरोधियों ने कितना शोर मचाया, लेकिन भगवान बजरंग बली बुधवार (12 जुलाई 2023) को शुरू हुई एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप (Asian Athletics Championships 2023) का शुभंकर (Mascot) बनाया गया है। यह चैंपियनशिप थाईलैंड में 12 जुलाई से 16 जुलाई 2023 तक खेली जा रही है और इसमें कई देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

भगवान हनुमान वाली इस मैस्कॉट का चयन एशियन चैंपियनशिप की 50वीं वर्षगाँठ पर मेजबान देश थाईलैंड द्वारा किया गया है। मैस्कॉट का चयन मेजबान देश की ऑर्गेनाइजिंग कमेटी करती है। एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 की वेबसाइट पर मेजबान देश ने भगवान राम और हनुमान के बारे में भी लिखा है।

उस पर लिखा है- ‘हनुमान (भगवान) राम की सेवा में गति, शक्ति, साहस और बुद्धि सहित असाधारण क्षमताओं का प्रदर्शन करते है। हनुमान की सबसे बड़ी क्षमता उनकी अविश्वसनीय रूप से दृढ़ निष्ठा और भक्ति है। 25वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 का लोगो खेलों में भाग लेने वाले एथलीटों, कौशल, एथलीटों की टीम वर्क, एथलेटिकिज्म, समर्पण और खेल कौशल के प्रदर्शन को दर्शाता है।’

शॉटपुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर और लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के नेतृत्व में भारत चैंपियनशिप में प्रभावशाली प्रदर्शन करेगा। पाँच दिन चलने वाली एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम शनिवार रात दिल्ली और बेंगलुरु से बैंकॉक के लिए रवाना हुई। इस चैंपियनशिप में एशिया के तमाम एथलीट भाग ले रहे हैं।

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा थाईलैंड में आयोजित होने वाली इस चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेंगे। नीरज चोपड़ा ने थाईलैंड जाने वाले भारतीय खिलाड़ियों के दल को अपनी शुभकामनाएँ दी हैं।

बैंकॉक में मौजूद एथलीट 45 अलग-अलग ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करेंगे। थाईलैंड के अलावा आठ देशों की टीमें इवेंट के हर गेम में हिस्सा लेंगीं। इसमें हॉन्गकॉन्ग, चीन, भारत, इंडोनेशिया, जापान, साउथ कोरिया, मलेशिया, फिलिपींस और सिंगापुर शामिल हैं।

खुद के कैमरे से ली गयीं थाईलैंड किंग के गर्लफ्रेंड की 1443 न्यूड तस्वीरें लीक

                                थाईलैंड में सीनीत को राजपरिवार और सेना में पदवी दी गई है
थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न (Maha Vajiralongkorn) की आधिकारिक गर्लफ्रेंड सीनीत वोंगवजिरापकडी (Sineenat Wongvajirapakdi) की 1443 न्यूड तस्वीरें लीक हो गई हैं। इसे थाईलैंड के राजा की मिस्ट्रेस और रानी के बीच के झगड़े के रूप में देखा जा रहा है। इनमें से कई ऐसी तस्वीरें हैं, जिनमें सीनीत वोंगवजिरापकडी (Sineenat Wongvajirapakdi) बिना कपड़ों के कैमरे के सामने पोज देती हुई दिख रही हैं।

कहा जा रहा है कि उन्होंने ये तस्वीरें राजा को भेजने के लिए ली होगी। सीनीत को पिछले वर्ष राजपरिवार से निकाल बाहर किया गया था, लेकिन उनके फिर से रॉयल हरम में शामिल होने के बाद ये तस्वीरें लीक हुई हैं। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने रानी सुथिदा को नीचा दिखाया था, लेकिन अब उन्हें उनका रॉयल और सैन्य पद वापस दे दिया गया है। सीनीत इससे पहले सैन्य अस्पताल में नर्स हुआ करती थीं।

लीक हुईं सीनीत वोंगवजिरापकडी (Sineenat Wongvajirapakdi) की न्यूड तस्वीरें

ये सभी तस्वीरें ब्रिटिश पत्रकार एंड्रयू मैकग्रेगर मार्शल को भेजी गई हैं, जो थाईलैंड के राजपरिवार के आलोचक हैं। उन्होंने थाईलैंड में राजतंत्र के खिलाफ कई लेख लिखे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश मीडिया काफी बड़े स्तर पर थाईलैंड के राजा की आधिकारिक सहचारिणी सीनीत वोंगवजिरापकडी (Sineenat Wongvajirapakdi) उर्फ़ ‘Koi’ की लीक हुई न्यूड तस्वीरों की खबरों को कवर कर रहा है।

उन्होंने साथ ही कहा कि इस मामले में उनका स्टैंड एकदम स्पष्ट है, वो किसी को भी ये तस्वीरें नहीं देंगे। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि ये तस्वीरें सीनीत की पर्सनल फोन से ली गई हैं। उन्होंने बताया कि इन तस्वीरों में वो टॉपलेस हैं और छोटे नाइटड्रेस में दिख रही हैं। ये तस्वीरें जापान में रह रहे थाईलैंड के स्कॉलर पाविन चचलवलपोंगपुन को भी भेजी गई हैं, जो आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

इन तस्वीरों को फेक रिटर्न एड्रेस के साथ भेजी गई थी और लिखा था कि इसे थाईलैंड के लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों द्वारा प्राप्त किया गया है। रानी सुथिदा के साथ-साथ राजकुमारी बज्रकितियभा ने भी सीनीत की राजभवन में वापसी का विरोध किया था। जुलाई 2019 में राजा के 67वें जन्मदिन के दौरान 34 वर्षीय उन्हें ‘रॉयल नोबेल कंसर्ट’ की पदवी दी गई। इससे 3 महीने पहले ही राजा ने 41 वर्षीय सुथिदा से शादी की थी।

लेकिन, अक्टूबर 2019 में ही सीनीत वोंगवजिरापकडी (Sineenat Wongvajirapakdi) को राजा महा वजिरालोंगकोर्न (Maha Vajiralongkorn) ने गिरफ्तार कर के जेल भेजने का आदेश दे दिया। उन्हें राजा और रानी को सम्मान नहीं देने, उनका एहसान न जताने और उनकी अवज्ञा करने का आरोप लगाया गया। हालाँकि, अक्टूबर 2020 में वो वापस आईं और रिकॉर्ड्स से ये बात ही हटा दी गई कि कभी उन पर आरोप लगे थे और उन्हें सज़ा मिली थी।

ये पहली बार नहीं है, जब थाईलैंड के राजा विवादों में फँसे हों। 2017 में उन्होंने फेसबुक पर ही मुकदमा चलाने का प्रयास किया था। फेसबुक पर उनकी एक तस्वीर वायरल हो गई थी, जिसमें राजा जर्मनी के एक शॉपिंग सेंटर में एक छोटा सा टॉप पहन कर घूम रहे थे और उनके पूरे शरीर पर टैटू दिख रहे थे। राजपरिवार में बदलाव के लिए बैंकॉक में आंदोलन चल रहा है और लोकतंत्र समर्थक भी सड़क पर हैं।

कोरोना काल में थाईलैंड के राजा दक्षिणी जर्मनी के शानदार व भव्य होटल में अपनी 20 सहवासनियों के साथ सेल्फ आइसोलेट हो गए थे। थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न, जिन्हें रामा ‘दशम’ के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने हरम के साथ सेल्फ आइसोलेशन में जाने के लिए बवेरिया के शानदार होटेल सोनेनबिचल को पूरा ही बुक कर लिया था। थाई किंग के लिए जर्मनी दूसरे घर की तरह है, जहाँ वह अपना अधिकतर समय बिताते हैं।

हरम की 20 लड़कियों के साथ थाईलैंड के रंगीन मिजाज राजा ‘सेल्फ आइसोलेशन’ में

थाई किंग
थाईलैंड के रसिक मिजाज राजा (इमेज साभार: द टेलीग्राफ)
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
जहाँ एक तरफ ज्यादातर दुनिया सेल्फ आइसोलेशन में पड़े-पड़े बोर हो रही है, तो कहीं किसी के लिए यह जीवन को और रंगीन कर देने का एक सही अवसर लाया है। सेल्फ आइसोलेशन हो तो ऐसा हो, जिसमें आप अपने देश से दूर कहीं किसी शानदार होटेल को बुक कर अपनी सहवासनियों (ऐसी स्त्रियाँ जिनका आपके साथ शारीरिक संबध तो होता है लेकिन वैवाहिक नहीं) को ले सेल्फ आइसोलेशन में चले जाएँ। जहाँ कोई आपको नाहक परेशान करने वाला न हो, फिजूल की धमाचौकड़ी न हो, कोई स्ट्रेस न हो, इससे बेहतर जीवन रस कहाँ होगा किसी रसिक मिजाज के लिए!
आखिर सबकी जिंदगी में सेल्फ आइसोलेशन का मतलब घर में घुसे-घुसे दाल रोटी सब्जी खाना, बर्तन धोना, लैपटॉप में किटपिट-किटपिट करते रहने तक ही सीमित नहीं होता। दुनिया में आज भी राजे महाराजे जिन्दा हैं, ख़ुशहाल हैं और बाकायदा हरम रखने वाले हैं।
कोरोना के कारण हुए लॉक डाउन से सबसे ज्यादा परेशानी रसिकों और शराबियों को है। अक्सर सोशल मीडिया पर शराब सेवन के बिना रहने वालों के ऑनलाइन सप्लाई करने के विचार पढ़ने को मिलते रहते हैं , लेकिन रसियों का नहीं। परन्तु थाईलैंड राजा के समाचार ने तो हलचल ही ला दी। 
न्यूज़ रिपोर्ट्स के अनुसार दक्षिणी जर्मनी के शानदार व भव्य होटेल में अपनी 20 सहवासनियों के साथ सेल्फ आइसोलेट हैं। माना जा रहा है कि थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोरन जिन्हें रामा ‘दशम’ के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने हरम के साथ सेल्फ आइसोलेशन में जाने के लिए बवेरिया के शानदार होटेल सोनेनबिचल को पूरा बुक किया हुआ है।
जर्मन टेबलायड बिल्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 67 साल के थाई राजा ने स्थानीय डिस्ट्रिक्ट कॉउन्सिल की आज्ञा लेने के बाद इस पूरे होटेल को बुक कर लिया है। अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि थाई राजा की चारों पत्नियाँ उनके साथ इस आइसोलेशन में हैं या नहीं।
थाई किंग के लिए जर्मनी दूसरे घर की तरह है, जहाँ वह अपना अधिकतर समय बिताते हैं। थाई किंग फरवरी के बाद से अपने मूल देश में पब्लिक के बीच नहीं देखे गए हैं। हालाँकि थाई किंग का यह “आइसोलेशन” उनकी साधारण प्रजा को बिल्कुल नहीं सुहाया, जिसने राजा की आलोचना करने पर तयशुदा 15 सालों की कैद को भी नजरअंदाज कर ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लगातार अपना गुस्सा जाहिर किया। जिस कारण 24 घंटे के भीतर “व्हाई वी नीड अ किंग” 12 लाख बार ट्ववीट किया गया।
अवलोकन करें:-
About this website
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
"कागज नहीं दिखाएंगे" चिल्लाने वाले मोदी द्वारा खातों में रूपए डालने की खबर सुनते ही बैंक की लाइन में दिल्ली के शाही....
थाई किंग के इस सेल्फ आइसोलेशन की खबर से पहले मलेशिया के राजा और रानी के सेल्फ क्वारन्टाइन में जाने की रिपोर्ट आई थी। रिपोर्ट के अनुसार मलेशिया के राजमहल के 7 सदस्यों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद, राजा और रानी को सेल्फ क्वारन्टाइन में रखा गया है। हालाँकि दोनों के टेस्ट्स निगेटिव आए हैं, पर सावधानी बरतते हुए उन्हें 14 दिनों के लिए आयसोलेट किया गया है।

मोदी सरकार का चीन सहित 4 देशों को बड़ा झटका

anti dumping duty-solar cell component- narendra modiभारत ने चीन सहित 4 देशों को एक साथ ऐसा झटका दिया है कि उन्हें 5 साल तक इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। दरअसल भारत ने चीन, मलेशिया, सऊदी अरब और थाईलैंड से सोलर सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली एक खास शीट के आयात पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी (anti-dumping duty)  लगाई है। यह ड्यूटी प्रति टन 1,559 डॉलर तक लगाई गई है। इसका उद्देश्य घरेलू कंपनियों को सस्ते शिपमेंट की मार से राहत देना है। सरकार का यह फैसला 5 साल तक प्रभावी रहेगा। गौरतलब है कि चारों देशों में से चीन और सऊदी अरब को पाकिस्तान के मित्र देशों में गिना जाता है।
डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू ने जारी किया नोटिफिकेशन
डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू (Department of Revenue) ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि कॉमर्स मिनिस्ट्री (commerce ministry) की जांच इकाई डीजीटीआर (DGTR) की सिफारिशों पर विचार के बाद इन चार देशों से ‘सोलर मॉड्यूल के लिए एथिलीन विनाइल एसिटेट शीट’ के आयात पर ड्यूटी लगाई जा रही है, जो 537 डॉलर से 1,559 डॉलर प्रति टन की रेंज में है।
चीन सहित 4 देश 5 साल तक चुकाएंगे कीमत
इसमें कहा गया, ‘एंटी-डंपिंग ड्यूटी 5 साल (या जब तक उसे खत्म नहीं किया जाता या उससे पहले संशोधन नहीं किया जाता) तक प्रभावी रहेगी।’ बीते साल अप्रैल में एक घरेलू कंपनी की शिकायत पर डायरेक्टोरेट ने इस मामले में जांच शुरू की थी। अपनी जांच में उसने पाया कि डम्पिंग के असर को कम करने के लिए ड्यूटी लगाया जाना जरूरी है। इससे चीन, मलेशिया, सऊदी अरब और थाईलैंड द्वारा की जा रही डम्पिंग का असर कम होगा। 
इस तरह बढ़ता जा रहा है आयात
यह प्रोडक्ट एक पॉलीमर बेस्ड कम्पोनेंट है, जिसे सोलर पीवी (फोटो वोल्टिक) मॉड्यूल्स की मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल किया जाता है। जांच की अवधि (अक्टूबर, 2016 से सितंबर, 2017 के बीच) के दौरान इन देशों से 6,376 टन शीट का आयात किया गया। वहीं वित्त वर्ष 2016-17 में यह आंकड़ा 4,674 टन, 2015-16 में 1,025 टन और 2014-15 में 594 टन रहा था।
भारतीय बाजार में है कई देशों की दिलचस्पी
भारत में वर्ष 2010 में जवाहरलाल नेहरु नेशनल सोलर मिशन के नाम से नेशनल सोलर पॉलिसी की लॉन्चिंग के बाद से सोलर इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले कम्पोनेंट का इम्पोर्ट तेजी से बढ़ा है। इसके अंतर्गत भारत का 2022 तक 20,000 मेगावाट सोलर पावर जेनरेशन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है। भारत में तेजी से उभरते इस सेक्टर में सोलर इक्विपमेंट की सप्लाई करने में कई देशों की दिलचस्पी है।