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अग्निवीर पर लगी आग को सपा नेता ने फेक न्यूज से भड़काया, फैक्ट्री ब्लास्ट के पीड़ितों को आत्मदाह करने वाला बताया

                                         सपा नेता ने की छात्रों को उकसाने की कोशिश, ऐसे पकड़ाया झूठ
फेक न्यूज़ चलाकर देश को आग में झोंकने पर सरकार कब कार्यवाही करेगी? मोहम्मद जुबेर की नूपुर शर्मा के विरुद्ध फेक न्यूज़ ने देश के बारूद के ढेर पर धकेल दिया, देश उस समस्या से निपट ही नहीं पाया कि मोदी विरोधियों ने लाशों पर बैठ मालपुए खाने के लिए मोदी सरकार द्वारा लागू अग्निवीर के विरुद्ध फेक ट्वीट कर बबाल मचवा दिया। और इस दुष्कर्म को समाजवादी पार्टी की नेत्री रचना सिंह ने किया है। बबाल भी ऐसा कि उपद्रवी सरकारी संपत्ति को ही आग लगा रहे हैं। क्या ऐसे उपद्रवी सेना में जाने योग्य हैं? अग्निवीर योजना में जिस बात का विरोध इन मोदी विरोधियों को करना चाहिए उसका विरोध नहीं करेंगे, क्योकि उससे सत्ता एवं विपक्ष दोनों के विरुद्ध है, वह है पेंशन का नहीं होना। जब एक निर्वाचित नेता सदन(किसी भी सदन का) में  शपथ लेते ही पेंशन का हक़दार बन जाता है, फिर 4 साल सरकारी नौकरी के बाद पेंशन क्यों नहीं?

समाजवादी पार्टी अग्निपथ योजना को लेकर जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण उत्पन्न अशांति और अराजकता की आग में घी डालने का काम कर रही है। इसी कड़ी में झूठ फैलाते हुए गुरुवार (16 जून, 2022) की रात, समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता रचना सिंह ने एक फैक्ट्री विस्फोट में घायल हुए पीड़ितों की तस्वीर को अग्निपथ योजना के विरोध प्रदर्शन में आत्मदाह करने वाले छात्रों (अग्निवीर) के नाम पर जारी कर दिया।

उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, “मैं सेना में भर्ती होने के इच्छुक और तैयारी कर रहे उन छात्रों से अनुरोध कर रही हूँ कि वे आत्महत्या न करें। (मोदी) सरकार को अपना फैसला वापस लेना होगा और यह युवाओं की जीत होगी। उम्मीद मत खोना।”

उसने खून से लथपथ, जले हुए युवकों की तस्वीरें पोस्ट की थीं और यह जताने की कोशिश थी कि सेना के भर्ती अभियान से निराश होने के बाद इन छात्रों ने खुदकुशी का प्रयास किया है। बता दें कि इस विवादित ट्वीट को 249 बार शेयर किया गया और 787 यूजर्स ने इसे लाइक किया जिसके बाद झूठ पकड़े जाने पर सपा नेता ने इसे डिलीट कर दिया।

सत्य क्या है?

करीब से पड़ताल करने पर ऑपइंडिया ने पाया कि दूसरी तस्वीर पर टाइम स्टैंप ‘2022/6/4 14:44’ लिखा है यानी यह तस्वीर इस साल 4 जून को दोपहर 2:44 बजे ली गई थी।

एक लोकप्रिय ट्विटर यूजर (@Befitting Facts) के अनुसार, उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक रासायनिक कारखाने में विस्फोट के दौरान घायल हुए कर्मचारियों की ये तस्वीरें हैं। न कि आत्महत्या की।

7 जून, 2022 को @TheUpNews नाम के एक ट्विटर पोस्ट को देखें, “हापुड़ में एक रासायनिक कारखाने में विस्फोट के बाद एक वीडियो सामने आया है.. घटना से परेशान करने वाली तस्वीरें देखें।”

वीडियो में वही युवक दिखाई दे रहे हैं जिन्हें पहले घायल और झुलसे दिखाया गया था। ऐसे में समाजवादी पार्टी की नेता रचना सिंह द्वारा किया गया दावा न सिर्फ झूठ है बल्कि माहौल ख़राब करने की एक राजनीतिक चाल जैसी नजर आ रही है।

ऐसे समय में, जब छात्रों ने विरोध की आड़ में हिंसा और तोड़फोड़ की है, समाजवादी पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे अवसर को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उसकी ऐसी हरकत एक बार फिर पकड़ी गई हैं।