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‘क्या किसी ने ज़ाकिर नाइक से कहा माफी माँगने के लिए?’: नूपुर शर्मा को मिला राज ठाकरे का समर्थन, हलाल मीट के खिलाफ MNS का अभियान

MNS (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) सुप्रीमो राज ठाकरे ने भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा ने जो बात कही वही बात ज़ाकिर नाइक ने भी कही थी, लेकिन उससे कोई माफ़ी की माँग क्यों नहीं कर रहा? राज ठाकरे ने कहा कि जब से नूपुर शर्मा का बयान आया है, काफी राजनीति हो रही है और कोई उनका समर्थन नहीं कर रहा। बता दें कि राज ठाकरे कुछ दिनों से स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे।
केवल नूपुर शर्मा ही नहीं, अब तो सोशल मीडिया पर The Jaipur Dialogue, Face to Face और Sach Wala के अतिरिक्त News Nation चैनल ने तो 'इस्लाम क्या कहता है' नाम से शो शुरू किया हुआ है, जहाँ कुरान, हदीस, और शरीयत पर खुलकर बहस होती है, बाल की खाल निकाली जाती है, जिस पर कुछ में तो कई बार मौलानाओं को पसीने पोंछते या फिर बहस छोड़कर जाते देखा जाता है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान की काज़मी आरज़ू भारतीय मौलाना से पूछती है कि "मर्दों को 72 हूरें मिल गयी, औरत को क्या?"(देखिए वीडियो) लेकिन कोई फतवा नहीं और न ही 'सिर तन से जुदा' का उन्मादी शोर, न ही कोई मुस्लिम देश बोल रहा, क्योकि बहस होती है मुस्लिमों के बीच। हाँ, अगर वही बातें कोई हिन्दू बोल रहा होता, निश्चित रूप से सडकों पर खूब हंगामा हो रहा होता। अभी कल (23 अगस्त 2022)ही हैदराबाद में क्या हुआ, सबने देखा। कोई हिन्दू नाम लिए बिना ही कुछ बोल दे, वह कट्टरपंथियों को बर्दाश्त नहीं।
दूसरे, 'सिर तन से अलग' नारे लगाने वालों पर गृह मंत्री ने क्या कार्यवाही की? यदि यही नारे हिन्दुओं ने लगाए होते तो क्या ऐसे नारे लगाने वाले खुले घूम रहे होते? जब हिन्दू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की जाने पर सरकार से लेकर समस्त हिन्दू स्वयंसेवी संस्थाएं क्यों नहीं तुरंत सड़क पर आकर, उनकी गिरफ़्तारी की मांग करतीं?

 

उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ लंबे समय बाद हुई बैठक में ये बातें कही। उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा पर माफ़ी माँगने के लिए काफी दबाव बनाया गया, लेकिन ज़ाकिर नाइक से किसी ने माफ़ी माँगने के लिए नहीं कहा। बीमारी से ठीक होने के बाद पार्टी कैडर के बीच पहुँचे राज ठाकरे ने लंबी लड़ाई का आह्वान किया है। उनके कूल्हे की सर्जरी हुई थी। लेकिन, अब निकाय चुनावों से पहले वो सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन के उस बयान का जिक्र करते हुए उस पर भी हमला बोला, जिसमें उसने हिन्दुओं को दी थी।

राज ठाकरे ने इस दौरान अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे पर भी हमला बोला और उन्हें याद दिलाया कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने ही ये नियम बनाया था कि गठबंधन में जिस पार्टी के ज्यादा विधायक होंगे, मुख्यमंत्री भी उसी का बनेगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2019 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ही नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने कह दिया था कि देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री होंगे, तब शिवसेना ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी।

राज ठाकरे की पार्टी ने ये भी ऐलान किया है कि वोहलाल मांस के खिलाफ भी अभियान चलाएगी। उसने इसे टेरर फंडिंग से जोड़ते हुए कहा कि हिन्दुओं की आजीविका और राजस्व पर भी इसके कारण गलत असर पड़ा है। मनसे ने कहा कि हलाल मीट आतंकियों को वित्तीय मदद पहुँचाने वाला सबसे बड़ा तंत्र है, ऐसे में न सिर्फ झटका कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि शाकाहारी लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। मनसे के ‘व्यापारी सेना’ ने एक खुले खत के माध्यम से अपील की है कि हमारा पैसा आतंकियों की मदद के लिए नहीं जाना चाहिए।