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जैसे ही माँ कामाख्या पर गंदी टिप्पणी करने वाले जेहादी वजाहत खान को असम ने माँगा, वैसे ही बंगाल पुलिस ने भी उस पर किया FIR: शर्मिष्ठा पर इसी ने किया था केस, अब घर छोड़कर हुआ गायब

                                       असम में FIR के बाद वजाहत खान (बाएँ) गायब हो गया
इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली पर FIR करवाने वाला जेहादी वजाहत खान गायब हो गया है। इस्लामी कट्टरपंथी वजाहत खान ने इस्लाम के कथित अपमान पर शर्मिष्ठा पर FIR करवाई थी। इसके बाद सामने आया था वजाहत खुद ही माँ कामाख्या, भगवान कृष्ण समेत तमाम हिन्दू देवी-देवताओं पर अपमानजक टिप्पणियाँ करता था। इसके बाद उसके खिलाफ असम समेत कई जगह मामले में दर्ज हुए थे। इसके बाद वह कोलकाता से गायब हो गया है।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, वजाहत खान के घरवालों ने बताया है कि वह गायब है। वजाहत खान तब से ही गायब है जबसे उसके खिलाफ शिकायतें होना चालू हुई है। वजाहत खान के खिलाफ कोलकाता में भी एक शिकायत 2 जून, 2025 को दर्ज करवाई गई है। यह शिकायत एक हिन्दू संगठन ने दर्ज करवाई है।

इस शिकायत में बताया गया है कि वजाहत खान ने हिन्दुओं को लेकर ‘रेप कल्चर’ और गौमूत्र से जुड़ा मजाक उड़ाया। रिपोर्ट में उसके खिलाफ और भी कई आरोप लगाए गए हैं। कोलकाता में यह FIR गार्डन रीच थाने में हुई है। पुलिस ने अभी इस पर क्या एक्शन लिया है, यह स्पष्ट नहीं है।

वहीं वजाहत खान के खिलाफ असम में भी एक FIR करवाई गई है। यह FIR उसके माँ कामाख्या पर की गई टिप्पणियों को लेकर करवाई गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस मामले में गिरफ्तारी की बात कही है।

उन्होंने मीडिया को बताया, “वजाहत खान के खिलाफ माँ कामाख्या पर अपमानजनक टिप्पणियाँ करने के मामले में एक केस दर्ज किया गया है। अब असम पुलिस पश्चिम बंगाल जाएगी और आगे की कार्रवाई करेगी। हम पश्चिम बंगाल पुलिस से इस मामले में सहयोग माँगेगे ताकि आरोपित को असम में कार्रवाई के लिए लाया जा सके।”

वजाहत खान पर कार्रवाई होने को देखते हुए उसके घरवाले बता रहे हैं कि उनका बेटा एकदम ‘सेक्युलर’ है। उन्होंने दावा किया है कि वजाहत खान के अकाउंट से हिन्दू देवी-देवताओं के विरुद्ध जो टिप्पणियाँ की गईं थी, वह अकाउंट हैक होने चलते हुईं।

अवलोकन करें:-

‘तेरा कृष्णा कैसा रंगीला था देख’, जिस वजाहत कादरी ने करवाई शर्मिष्ठा पर FIR, वो लगातार करता है हिन
‘तेरा कृष्णा कैसा रंगीला था देख’, जिस वजाहत कादरी ने करवाई शर्मिष्ठा पर FIR, वो लगातार करता है हिन
 

वजाहत खान सने अपनी पोस्ट में हिंदू देवी-देवताओं और सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। उसके कुछ पोस्ट इस प्रकार हैं-

“एक हिंदू अपनी साली को अंग अंग पर रंग लगाते हुए और अपने दोस्तों को भी उसके साथ ऐसा करने का निमंत्रण देते हुए… सी हिंदुओं… यहीं है इनकी असलियत… बलात्कारी संस्कृति”

“नहीं वो उसकी बात कर रहा है जिसकी 16108 रखेलो के साथ रंग रसिया मनाता था…या चुपके-चुपके लड़कियों को नहाते हुए देखता था…”

“मेरे पास आपके लिए कुछ है… पहले अपने धर्म के बारे में पढ़ो। मूत्र पीने वाले मैल हैं।”

“तुझ जैसी &^$^&* पेट की औलाद रसूल के बारे में बारे में बात करे ये जेब नहीं देता…तू इसकी बात कर, तेरा कृष्णा कैसा रंगीला था देख…सच्चाई देख, वहम में मत जी… $%टू साले, तूने जो भी कहा वो सब तो झूठ और बहुत है लेकिन ये तेरे ही किताब का है सच पढ़, सुवर के पिल्ले”

गौरतलब है कि वजाहत खान की शिकायत के आधार पर ही शर्मिष्ठा पनोली को गिरफ्तार किया गया था। वह रशीदी फाउंडेशन नाम के एक संगठन से जुड़ा हुआ है। लेकिन कार्रवाई की बात सामने आते ही वह गायब हो गया है। वहीं शर्मिष्ठा अभी पुलिस की हिरासत में है।

‘वह मुझे PM नहीं बनाएँगी’: प्रणब मुखर्जी ने बेटी को पहले ही बता दिया था सोनिया गाँधी के मन की बात, राहुल अपरिपक्व

               शर्मिष्ठा की किताब में कांग्रेस से जुड़े कई प्रकरण का जिक्र (फोटो साभार: द ट्रिब्यून/एनडीटीवी)
भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता पर एक किताब लिखी है। इसमें कांग्रेस और सोनिया गाँधी से जुड़े कई प्रकरण का जिक्र है। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने यह किताब अपने पिता की डायरी, उनसे हुए संवाद और अपने शोध के आधार पर लिखी है।

किताब का नाम- इन प्रणब, माई फादर:ए डॉटर रिमेम्बर्स (In Pranab, My Father: A Daughter Remebers) है। इसका विमोचन 11 दिसम्बर 2023 को दिल्ली में होगा। इसमें शर्मिष्ठा ने 2004 के लोकसभा चुनावों के बाद प्रधानमंत्री पद को लेकर पिता के साथ हुई अपनी बातचीत के बारे में भी बताया है। इसी दौरान प्रणब मुखर्जी ने उन्हें बता दिया था कि वे प्रधानमंत्री नहीं होंगे।

शर्मिष्ठा ने किताब में सोनिया गाँधी और प्रणब के बीच के रिश्ते, राहुल गाँधी को लेकर उनके विचार और देश के राजनीतिक माहौल पर उनके विचारों को लेकर लिखा है। गौरतलब है कि प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के वरिष्ठतम नेताओं में से एक थे। वह रक्षा, वित्त और विदेश जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय सँभाल चुके थे। वह 2012 से लेकर 2017 तक देश के राष्ट्रपति भी रहे थे। प्रणब मुखर्जी का निधन अगस्त 2020 में हो गया था।

2004 के आम चुनावों में एनडीए की हार के बाद कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी से प्रधानमंत्री बनने की अपील कर रहे थे। लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते सोनिया को खुद की इस दौड़ से बाहर होने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद कांग्रेस के तब के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी और मनमोहन सिंह में से किसी के प्रधानमंत्री बनने की खबरें तैरने लगी थी।

आजतक के अनुसार, शर्मिष्ठा ने इस विषय में किताब में लिखा है, “इस पद के लिए शीर्ष दावेदारों के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह और प्रणब मुखर्जी के नामों पर चर्चा हो रही थी। मुझे कुछ दिनों तक बाबा से मिलने का मौका नहीं मिला, क्योंकि वह बहुत व्यस्त थे। लेकिन मैंने उनसे फोन पर बात की। मैंने उनसे उत्साहित होकर पूछा कि क्या वह पीएम बनने जा रहे हैं। उनका दो टूक जवाब था- नहीं, वह मुझे पीएम नहीं बनाएँगी। वह मनमोहन सिंह होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन उन्हें जल्द इसकी घोषणा करनी चाहिए। यह अनिश्चितता देश के लिए अच्छी नहीं है।”

प्रधानमंत्री बनने को लेकर प्रणब मुखर्जी से उनकी बेटी ने प्रश्न पूछा था कि क्या वह देश का प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं? इसके जवाब में प्रणब मुखर्जी ने कहा था, “बेशक, मैं प्रधानमंत्री बनना चाहूँगा। किसी भी योग्य राजनेता की यह महत्वाकांक्षा होती है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि मैं इसे चाहता हूँ इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे यह मिल जाएगा।”

सोनिया गाँधी के विषय में प्रणब मुखर्जी का मानना था कि वह एक मेहनती और प्रतिभाशाली नेता हैं और भारत की जटिलताओं को समझने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। लेकिन राहुल गाँधी को लेकर उनका मानना था कि वह राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हैं। उन्होंने राहुल को मनमोहन कैबिनेट में शामिल होकर अनुभव लेने की सलाह भी दी थी, पर कांग्रेस नेता ने इस पर भी अमल नहीं किया था।