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हिन्दुओं-सनातन को गाली देने वाले वजाहत खान को सुप्रीम कोर्ट ने लताड़ा, कहा- बोलने की आजादी दूसरे के अपमान के लिए नहीं: सारी FIR एक साथ करने से भी किया इनकार

            हिंदूओं को गालियाँ देने वाले वजाहत खान को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार (साभार: ऑपइंडिया अंग्रेजी)
सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओं को गाली देने वाले वजाहत खान को जमकर फटकारा है। कोर्ट ने कहा है कि आजादी का दुरुपयोग नहीं करें। कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर हो रहे अभिव्यक्ति की आजादी के गलत इस्तेमाल से मुकदमेबाजी बढ़ रही है। इससे न्यायिक सिस्टम धीमा पड़ जाता है और कई तरह की अड़चनें पैदा होती है।

अगर सुप्रीम कोर्ट इसी तरह सख्ती से इन जेहादियों और इनकी पैरवी करने वकीलों के साथ पेश आएगी, सनातन को अपमानित करने को नसीहत नहीं मिलेगी। क्योकि हिन्दू भी अपना संयम तोड़ने की सीमा के पास पहुँचने को आतुर है। नेताओं, उनकी पार्टियों  और जेहादियों ने सनातन को अपमानित कर अपने वोटबैंक को खुश करने की कसम खाई हुई है तो दूसरी तरफ हिन्दू भी इन लोगों के विरुद्ध लामबंद होना शुरू हो चुका है। जिस दिन हिन्दू इन लोगों के खिलाफ सड़क पर आ गया कोई सनातन विरोधी घर से बाहर निकलने की हिम्मत कर पाएगा, इस बात का इतिहास साक्षी है।   

वजाहत की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने लगायी फटकार

न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ वजाहत खान की अर्जी पर सुनवाई कर रही थी जिसमें भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चार राज्यों में दायर आपराधिक मामलों को एक साथ जोड़ने का आग्रह किया गया था। लेकिन कोर्ट ने इस पर कोई फैसला नहीं किया है।

अभिव्यक्ति की आजादी के साथ कर्तव्यों का करें पालन

कोर्ट ने वजाहत खान की सोशल मीडिया पर किए गये टिप्पणियों की आलोचना की और कहा कि सभी नागरिकों के लिए जरूरी है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल करते समय संयम बरतें।
लोग अपने अधिकारों का इस्तेमाल तो कर रहे हैं लेकिन भाईचारा और सम्मान सुनिश्चत करने के लिए अपने कर्तव्यों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने कहा, “अभिव्यक्ति की आजादी एक बहुत ही अहम मौलिक अधिकार है। लेकिन अगर इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग होता है, तो इससे मुकदमेबाजी होती है और अदालतें जाम हो जाती हैं।”

 कोर्ट में वजाहत खान के वकील ने खान के माफी माँग लेने की बात कही। उन्होंने कहा, “मेरे आचरण के लिए कोई बहाना नहीं है। मुझे वही गलती दोहराने का कोई अधिकार नहीं है जिसका आरोप मैंने दूसरों पर लगाया था। ये ट्वीट पुराने थे और कुछ बातों की प्रतिक्रिया में थे। मैंने पहले ही माफ़ी मांग ली है।”

वजाहत की शिकायत पर पनौली हुई थी गिरफ्तार

वजाहत खान की शिकायत पर ही ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट करने पर सोशल मीडिया इफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी के बाद बंगाल पुलिस ने वजाहत के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।
जहाँ एक ओर शर्मिष्ठा को दो हफ्ते तक जेल में रखने के बाद भी उसकी बेल को नामंजूर कर दिया गया था। वहीं वजाहत ने उसकी गिरफ्तारी का जश्न मुस्लिम समुदाय के साथ मनाया था।
वजाहत के सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म के देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट दिखा थे। इसके बाद लोगों ने उसकी गिरफ्तारी की माँग की थी। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में वजाहत ने लिखा था “कामाख्या देवी मंदिर में ब्राह्मण को अन्य हिंदुओं से कटी हुई योनि की पूजा करवानी पड़ती है। इसमें अंतर करना बहुत मुश्किल है कि यह अंधभक्ति है या कोई मानसिक बीमारी।”

हिन्दुओं को दी थी वजाहत ने गाली

हिंदूओं को गाली देते हुए वजाहत ने एक पोस्ट में लिखा था “तुझ जैसी रं* पेट की औलाद रसूल के बारे में मेरी बात करे ये जेब नहीं देता…तू इसकी बात कर, तेरा कृष्णा कैसा रंगीला था देख…सच्चाई देख वहम में मत जी…झं$% सा&% तूने जो भी कहा वो सब तो झूठ और बहुत है लेकिन ये तेरे ही किताब का है सच पढ़, सु& के पि%$”
इंस्टाग्राम पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उसने लिखा “अबे भो, ब… अपनी बहन से जाकर सीख तेरा धर्म ला, तेरा धर्म जो तेरी बहन कोठे में बैठ कर सिखाती है… या फिर वही धर्म तेरे घर पे आकर सिखाती है, चु कर ब*… अपनी बीवी को तुझ जैसा संघी काम चो है दूसरे के लिए चो* देता है और अपनी बहन चो* है… ब… सुन रं पेट का जाना… मेरे अबाओ अजदाद कन्वर्ट हुए भी ते ना तो हमें उनपर फक्र है…के गंदा धर्म शैतानों का पूजा करने वाला, लिंग का पूजा करने वाला धर्म चो* कर… पाक साफ धर्म अपना और हक धर्म अपना…फखर है उनपे…जा तू लिंगम पूजा कर…लौ*
उसने ट्वीट किया था “एक हिंदू अपनी साली को अंग-अंग पर रंग लगाते हुए और अपने दोस्तों को भी उसके साथ ऐसा करने का निमंत्रण देते हुए…हिंदू.. यहीं है इनकी असलियत… बलात्कारी संस्कृति।”
अवलोकन करें:- 
एक अन्य पोस्ट में उसने लिखा था, “नहीं वो उसकी बात कर रहा है जिसकी 16108  रखैलों के साथ रंग रसिया मनाता था…या चुपके-चुपके लड़कियों को नहाते हुए देखता था..”
ऐसे ही उसने एक पोस्ट में लिखा था, “मेरे पास तुम्हारे लिए कुछ है… पहले अपने धर्म के बारे में पढ़ो। मूत्र पीने वाले बदमाश”

क्या सुप्रीम कोर्ट जेहादियों की संरक्षक है? मोदी सरकार इन जेहादियों और इनको संरक्षण देने वालों कब कार्यवाही करेगी? ये दोनों आतंकियों से ज्यादा खतरनाक हैं। कामाख्या देवी और भगवान कृष्ण को गालियाँ रं$, चु$, ब$… देने वाले वजाहत खान की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक क्यों ?

हिंदूओं को गालियाँ देने वाले वजाहत खान की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक (फोटो साभार: ऑपइंडिया अंग्रेजी)
पहलगाम में आतंकियों द्वारा धर्म पूछकर हिन्दू महिलाओं का सिन्दूर उजाड़ने पर आतंकियों पर कार्यवाही करने वाली मोदी सरकार अपने देश में हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित भाषा बोलने वाले जेहादियों पर क्यों नहीं करती कार्यवाही। साथ में इन्हे संरक्षण देने वालों पर भी कार्यवाही जरुरी है, क्योकि दोनों ही आतंकवादियों से कहीं ज्यादा खतरनाक है। आतंकवादियों पर क्या कार्यवाही इसलिए हुई कि वो पाकिस्तानी थे और देश में जो उनके स्लीपर सेल पल रहे हैं उन पर चुप्पी क्यों?    

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (23 जून 2025) को वजाहत खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। वजाहत के खिलाफ पश्चिम बंगाल सहित कई अन्य राज्यों में FIR दर्ज थी। उसे हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

यह अंतरिम आदेश जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 14 जुलाई 2025 तक वजाहत के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

सुनवाई के दौरान जस्टिस केवी विश्वनाथन ने कहा, “नफरत भरे भाषण हमें कहीं नहीं ले जाते।” उन्होंने आगे कहा कि आग की वजह से लगे घाव भर सकते हैं, लेकिन शब्दों से लगे घाव कभी नहीं भरते। वजाहत खान के वकील दामा शेषाद्रि नायडू ने दलील दी थी कि आरोपित ने जैसा बोया है, वैसा ही काट रहा है और सजा से उसने सबक भी सीखा है।

वजाहत खान की शिकायत पर ही ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट करने पर सोशल मीडिया इफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी के बाद बंगाल पुलिस ने वजाहत के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।

जहाँ एक ओर शर्मिष्ठा को दो हफ्ते तक जेल में रखने के बाद भी उसकी बेल को नामंजूर कर दिया गया था। वहीं वजाहत ने उसकी गिरफ्तारी का जश्न मुस्लिम समुदाय के साथ मनाया था।

वजाहत के सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म के देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट दिखा थे। इसके बाद लोगों ने उसकी गिरफ्तारी की माँग की थी। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में वजाहत ने लिखा था “कामाख्या देवी मंदिर में ब्राह्मण को अन्य हिंदुओं से कटी हुई योनि की पूजा करवानी पड़ती है। इसमें अंतर करना बहुत मुश्किल है कि यह अंधभक्ति है या कोई मानसिक बीमारी।”

उसने ट्वीट किया था “एक हिंदू अपनी साली को अंग-अंग पर रंग लगाते हुए और अपने दोस्तों को भी उसके साथ ऐसा करने का निमंत्रण देते हुए…हिंदू.. यहीं है इनकी असलियत… बलात्कारी संस्कृति।”

एक अन्य पोस्ट में उसने लिखा था, “नहीं वो उसकी बात कर रहा है जिसकी 16108  रखैलों के साथ रंग रसिया मनाता था…या चुपके-चुपके लड़कियों को नहाते हुए देखता था..”

ऐसे ही उसने एक पोस्ट में लिखा था, “मेरे पास तुम्हारे लिए कुछ है… पहले अपने धर्म के बारे में पढ़ो। मूत्र पीने वाले बदमाश”

हिंदूओं को गाली देते हुए वजाहत ने एक पोस्ट में लिखा था “तुझ जैसी रं* पेट की औलाद रसूल के बारे में मेरी बात करे ये जेब नहीं देता…तू इसकी बात कर, तेरा कृष्णा कैसा रंगीला था देख…सच्चाई देख वहम में मत जी…झं$% सा&% तूने जो भी कहा वो सब तो झूठ और बहुत है लेकिन ये तेरे ही किताब का है सच पढ़, सु*& के पि*%$”

इंस्टाग्राम पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उसने लिखा “अबे भो**, ब**… अपनी बहन से जाकर सीख तेरा धर्म ला**, तेरा धर्म जो तेरी बहन कोठे में बैठ कर सिखाती है… या फिर वही धर्म तेरे घर पे आकर सिखाती है, चु** कर ब**… अपनी बीवी को तुझ जैसा संघी काम चो* है दूसरे के लिए चो* देता है और अपनी बहन चो* है… ब*… सुन रं* पेट का जाना… मेरे अबाओ अजदाद कन्वर्ट हुए भी ते ना तो हमें उनपर फक्र है…के गंदा धर्म शैतानों का पूजा करने वाला, लिंग का पूजा करने वाला धर्म चो* कर… पाक साफ धर्म अपना और हक धर्म अपना…फखर है उनपे…जा तू लिंगम पूजा कर…लौ*

वजाहत खान कोलकाता में रशीदी फाउंडेशन चलाता है। सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और दो धर्मों के बीच दुश्मनी पैदा करने के आरोप में वजाहत के खिलाफ काफी साक्ष्यों और दस्तावेजों के होने के बावजूद पश्चिम बंगाल पुलिस ने उसे शुरउआत में गिरफ्तार नहीं किया था।

बाद में सोशल मीडिया पर लोगों के उसके खिलाफ आक्रोश को देखने और अन्य राज्यों में वजाहत के खिलाफ दर्ज हुई FIR के बाद जब दबाव बढ़ने लगा तो 9 जून 2025 को पुलिस ने  उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे 23 जून तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ उसकी गंदी टिप्पणियों को देखने के बावजूद किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करके और पश्चिम बंगाल के बाहर के राज्यों में दर्ज FIR के तहत उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से साफ समझा जा सकता है कि कोर्ट ने वजाहत के मामले में अनावश्यक नरमी दिखाई है।

जैसे ही माँ कामाख्या पर गंदी टिप्पणी करने वाले जेहादी वजाहत खान को असम ने माँगा, वैसे ही बंगाल पुलिस ने भी उस पर किया FIR: शर्मिष्ठा पर इसी ने किया था केस, अब घर छोड़कर हुआ गायब

                                       असम में FIR के बाद वजाहत खान (बाएँ) गायब हो गया
इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली पर FIR करवाने वाला जेहादी वजाहत खान गायब हो गया है। इस्लामी कट्टरपंथी वजाहत खान ने इस्लाम के कथित अपमान पर शर्मिष्ठा पर FIR करवाई थी। इसके बाद सामने आया था वजाहत खुद ही माँ कामाख्या, भगवान कृष्ण समेत तमाम हिन्दू देवी-देवताओं पर अपमानजक टिप्पणियाँ करता था। इसके बाद उसके खिलाफ असम समेत कई जगह मामले में दर्ज हुए थे। इसके बाद वह कोलकाता से गायब हो गया है।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, वजाहत खान के घरवालों ने बताया है कि वह गायब है। वजाहत खान तब से ही गायब है जबसे उसके खिलाफ शिकायतें होना चालू हुई है। वजाहत खान के खिलाफ कोलकाता में भी एक शिकायत 2 जून, 2025 को दर्ज करवाई गई है। यह शिकायत एक हिन्दू संगठन ने दर्ज करवाई है।

इस शिकायत में बताया गया है कि वजाहत खान ने हिन्दुओं को लेकर ‘रेप कल्चर’ और गौमूत्र से जुड़ा मजाक उड़ाया। रिपोर्ट में उसके खिलाफ और भी कई आरोप लगाए गए हैं। कोलकाता में यह FIR गार्डन रीच थाने में हुई है। पुलिस ने अभी इस पर क्या एक्शन लिया है, यह स्पष्ट नहीं है।

वहीं वजाहत खान के खिलाफ असम में भी एक FIR करवाई गई है। यह FIR उसके माँ कामाख्या पर की गई टिप्पणियों को लेकर करवाई गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस मामले में गिरफ्तारी की बात कही है।

उन्होंने मीडिया को बताया, “वजाहत खान के खिलाफ माँ कामाख्या पर अपमानजनक टिप्पणियाँ करने के मामले में एक केस दर्ज किया गया है। अब असम पुलिस पश्चिम बंगाल जाएगी और आगे की कार्रवाई करेगी। हम पश्चिम बंगाल पुलिस से इस मामले में सहयोग माँगेगे ताकि आरोपित को असम में कार्रवाई के लिए लाया जा सके।”

वजाहत खान पर कार्रवाई होने को देखते हुए उसके घरवाले बता रहे हैं कि उनका बेटा एकदम ‘सेक्युलर’ है। उन्होंने दावा किया है कि वजाहत खान के अकाउंट से हिन्दू देवी-देवताओं के विरुद्ध जो टिप्पणियाँ की गईं थी, वह अकाउंट हैक होने चलते हुईं।

अवलोकन करें:-

‘तेरा कृष्णा कैसा रंगीला था देख’, जिस वजाहत कादरी ने करवाई शर्मिष्ठा पर FIR, वो लगातार करता है हिन
‘तेरा कृष्णा कैसा रंगीला था देख’, जिस वजाहत कादरी ने करवाई शर्मिष्ठा पर FIR, वो लगातार करता है हिन
 

वजाहत खान सने अपनी पोस्ट में हिंदू देवी-देवताओं और सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। उसके कुछ पोस्ट इस प्रकार हैं-

“एक हिंदू अपनी साली को अंग अंग पर रंग लगाते हुए और अपने दोस्तों को भी उसके साथ ऐसा करने का निमंत्रण देते हुए… सी हिंदुओं… यहीं है इनकी असलियत… बलात्कारी संस्कृति”

“नहीं वो उसकी बात कर रहा है जिसकी 16108 रखेलो के साथ रंग रसिया मनाता था…या चुपके-चुपके लड़कियों को नहाते हुए देखता था…”

“मेरे पास आपके लिए कुछ है… पहले अपने धर्म के बारे में पढ़ो। मूत्र पीने वाले मैल हैं।”

“तुझ जैसी &^$^&* पेट की औलाद रसूल के बारे में बारे में बात करे ये जेब नहीं देता…तू इसकी बात कर, तेरा कृष्णा कैसा रंगीला था देख…सच्चाई देख, वहम में मत जी… $%टू साले, तूने जो भी कहा वो सब तो झूठ और बहुत है लेकिन ये तेरे ही किताब का है सच पढ़, सुवर के पिल्ले”

गौरतलब है कि वजाहत खान की शिकायत के आधार पर ही शर्मिष्ठा पनोली को गिरफ्तार किया गया था। वह रशीदी फाउंडेशन नाम के एक संगठन से जुड़ा हुआ है। लेकिन कार्रवाई की बात सामने आते ही वह गायब हो गया है। वहीं शर्मिष्ठा अभी पुलिस की हिरासत में है।