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ट्रंप के ईरान पर U-Turn से 20 मिनट में 840 करोड़ रूपए की कमाई, किसने बनाया अमेरिकी राष्ट्रपति के दाँव से मोटा पैसा?


वैश्विक बाजारों में सोमवार(23 जनवरी 2026) को एक बेहद चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमलों को 5 दिनों के लिए रोकने के ऐलान किया तो उससे ठीक पहले भारी और असामान्य ट्रेडिंग देखी गई। विश्लेषकों का अनुमान है कि इस पूरे घटनाक्रम में महज 20 मिनट के भीतर करीब 840 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया गया।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूयॉर्क समय के अनुसार सुबह 6:50 बजे (भारत में शाम 4:20 बजे), CME पर S&P 500 E-mini फ्यूचर्स में अचानक ट्रेडिंग वॉल्यूम कई गुना बढ़ गया। इसी दौरान तेल बाजार में भी बड़ी हलचल दिखी। यह समय सामान्य नहीं माना जाता क्योंकि प्री-मार्केट में आमतौर पर कम ट्रेडिंग और कम लिक्विडिटी होती है।

करीब 15 मिनट बाद यानी सुबह 7:05 बजे डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई है और फिलहाल ऊर्जा ढाँचे पर हमले टाल दिए गए हैं लेकिन तब तक बड़े ट्रेड पहले ही किए जा चुके थे।

ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म अनयूजुअल व्हेल्स (Unusual Whales) के अनुसार, इन ट्रेड्स में दो बड़े दाँव लगाए गए। पहला करीब 1.5 बिलियन डॉलर (लगभग 12,600 करोड़ रुपए) के S&P 500 फ्यूचर्स खरीदे गए जिससे बाजार में तेजी का फायदा उठाया जा सके। दूसरा करीब 192 मिलियन डॉलर (लगभग 1,615 करोड़ रुपए) के तेल फ्यूचर्स बेचे गए ताकि कीमत गिरने पर लाभ कमाया जा सके।

सिर्फ एक मिनट में लगभग 6,200 ब्रेंट और WTI फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स का लेन-देन हुआ जो सामान्य से 4-6 गुना ज्यादा था। ट्रंप के ऐलान के बाद S&P 500 फ्यूचर्स में 2.5% से ज्यादा तेजी आई जबकि ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर से गिरकर 92 डॉलर और WTI करीब 6% टूट गया। हेज फंड मैनेजर मेट विलियम ने इसे 25 साल में सबसे असामान्य पैटर्न बताया। उनका कहना है कि बिना किसी बड़े डेटा या संकेत के इतने बड़े ट्रेड संदेह पैदा करते हैं।

अब सवाल उठ रहा है कि ट्रंप के ऐलान से पहले इतनी सटीक जानकारी किसके पास थी। हालाँकि, अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (US SEC) ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

राजदीप सरदेसाई का बजट पर U-turn : पहले मोदी सरकार की योजना की तारीफ़ की, आका से सन्देश मिलते ही कांग्रेस को देने लगे श्रेय: पत्नी हैं TMC सांसद


विपक्ष भी अंदरखाने मान 
रहा मोदी सरकार का लोहा। विपक्ष बजट का विरोध केवल अपनी हैसियत दिखाने के लिए कर रहा है, जिसका प्रमाण राजदीप सरदेसाई द्वारा बजट पर पहले प्रशंसा करते ही आकाओं से आदेश मिलते ही U-turn लेने से साफ हो गया। जैसाकि चर्चा है कि 'अगर राहुल गाँधी ने खटखट हर महीने 8500 रूपए खातों में जाने का शोशा नहीं छोड़ा होता, कांग्रेस हर हाल में 50 से नीचे ही रहती।' और बीजेपी तीसरी बार अपने ही दम पर सरकार बना लेती। जहाँ तक मुसलमानों की बात है इस कौम ने तो अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट निर्णय आने के बाद से बीजेपी को हराने का मन बना लिया था और इससे बीजेपी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ और संघ का राष्ट्रीय मुस्लिम मंच भी अछूता नहीं रहा।  

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिकॉर्ड सातवीं बार संसद में बजट पेश किया। इस बजट में सभी का ख्याल रखा गया। युवाओं, महिलाओं, किसानों, नौकरी पेशा सभी के लिए बजट सकारात्मक रहा। इस बीच, कांग्रेस इकोसिस्टम ने मोदी सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की और सरकार पर कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र के नकल का आरोप लगाया, खासकर युवाओं के लिए 1 करोड़ इंटर्नशिप की घोषणा पर। हालाँकि इन सबके बीच लोकतंत्र के कथित ‘चौथे’ खंबे, खासकर कांग्रेस इकोसिस्टम से जुड़े ‘पत्रकारों’ का विचलन भी सामने आ गया। ऐसे ही एक कथित पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने पहले तो मोदी सरकार के बजट की तारीफ की, लेकिन कुछ ही देर में ‘आकाओं’ का संदेश मिलते ही मोदी सरकार पर कांग्रेस आरोपों को दोहराने लगे।

हालाँकि राजदीप सरदेसाई की चालाकी तुरंत ही पकड़ ली गई। समीर नाम के एक्स यूजर ने इस कांग्रेस इकोसिस्टम की तरफ लोगों का ध्यान खींचा। समीर ने लिखा, “आप क्रोनोलॉजी को समझें: राजदीप ने युवाओं के लिए रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा की, लेकिन जयराम रमेश ने ट्वीट किया कि यह कांग्रेस से लिया गया है, तुरंत ही राजदीप ने ट्वीट को एडिट करके कांग्रेस को श्रेय दे दिया। एकदम जयराम की लिखी लाइनों की तरह…!!!”

अब इस पूरे खेल को समझिए। सबसे पहले राजदीप सरदेसाई ने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए लिखा, “युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन और कौशल विकास योजनाओं को वित्त मंत्री के भाषण में प्राथमिकता दी गई। अच्छा! 
10 साल लग गए लेकिन उम्मीद है कि मोदी सरकार युवाओं के लिए रोजगार की चुनौती को नकारने की मुद्रा से बाहर आ गई है!”

राजदीप सरदेसाई के ट्वीट के काफी देर बाद जयराम रमेश का ट्वीट आया, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार पर कांग्रेस की नकल के आरोप लगाए।

जयराम रमेश ने 11.42 बजे लिखा, “वित्त मंत्री ने कांग्रेस के न्याय पत्र 2024 से सीख ली है। उनका इंटर्नशिप कार्यक्रम स्पष्ट रूप से कांग्रेस के प्रस्तावित अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम पर आधारित है, जिसे हमने पहली नौकरी पक्की कहा था‌। लेकिन उन्होंने अपनी ट्रेडमार्क शैली में इसे हेडलाइन बनाने के लिए डिज़ाइन किया है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में सभी डिप्लोमा धारकों और स्नातकों के लिए प्रोग्रामेटिक गारंटी थी, जबकि सरकार की योजना में मनमाने ढंग से लक्ष्य (1 करोड़ इंटर्नशिप) रख दिया गया है।”

शायद ‘आका’ का मैसेज पहुँचते ही राजदीप की आँखें खुल गईं। क्योंकि जयराम रमेश के ट्वीट के बाद राजदीप सरदेसाई ने तुरंत अपने ट्वीट को एडिट कर दिया। जयराम रमेश ने 11.42 ट्वीट किया और इसके एक मिनट के अंदर ही यानी 11.43 बजे राजदीप सरदेसाई ने अपना ट्वीट एडिट करते हुए मोदी सरकार की घोषणा का श्रेय कॉन्ग्रेस को दे दिया। एकदम उसी बोली में, जैसा जयराम रमेश ने लिखा है।

राजदीप सरदेसाई ने एडिटेड ट्वीट में लिखा, “युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन और कौशल योजनाओं को वित्त मंत्री के भाषण में प्राथमिकता दी गई। अप्रेंटिसशिप के अधिकार पर कांग्रेस के न्याय पत्र की तरह 1 करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप योजना। इसमें 10 साल लग गए, लेकिन उम्मीद है कि मोदी सरकार नौकरी की चुनौती पर इनकार करने की मुद्रा से बाहर आ गई है।”

                                                       राजदीप सरदेसाई का एडिटेड ट्वीट

राजदीप सरदेसाई जैसे बहुत सारे कथित ‘पत्रकार’ खास ‘इकोसिस्टम’ का हिस्सा हैं। जो अपने आकाओं के एक इशारे पर मुद्दों में हेर-फेर करने की आदत से परेशान रहे हैं। खुद राजदीप सरदेसाई की पूर्व ‘पत्रकार’ पत्नी सागरिका घोष मौजूदा समय में इंडी गठबंधन की सबसे अहम पार्टी टीएमसी की राज्यसभा सांसद हैं। ऐसे में साफ दिखता है कि एक ओर पत्नी अपनी घोषित राजनीतिक पार्टी के लिए खुलकर काम करती हैं, तो पति राजदीप अघोषित आकाओं के लिए दिन-रात एक किए रखते हैं।