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हिंडनबर्ग का बॉस राहुल गांधी, इतना पागल हो गया है राहुल कि किसी तरह अराजकता फ़ैल जाए; बांग्लादेश तख्तापलट के बाद मात्र 6 दिन में “फर्जी रिपोर्ट” बन गई

सुभाष चन्द्र

ऐसा लगता है अमेरिकी कुकुर और भारतीय कुकुर के समलैंगिक संबंध हो गए जो किसी तरह भी भारत की अर्थव्यवस्था को चौपट करने का षड़यंत्र करते रहते है। 

हिंडनबर्ग ने 11 अगस्त की अपनी रिपोर्ट में सेबी की Chairperson माधवी पुरी बुच पर उन बातों को लेकर आरोप लगा कर बाजार गिराने की कोशिश की जो पहले Public Domain में है बांग्लादेश तख्तापलट के बाद मात्र 6 दिन में ऐसी फर्जी रिपोर्ट बनाने में कोई देर नहीं लग सकती और यह रिपोर्ट राहुल गांधी के निर्देश पर बनाई गई

लेखक 
चर्चित YouTuber 
पूरा तामझाम तैयार था कांग्रेस का और ECOSystem, खटाखट प्रदर्शन हो गए जैसे बहुत बड़ा घोटाला हो गया, X पर बारात बैठ गई मोदी और सेबी को बदनाम करने के लिए अगले ही दिन राहुल गांधी ने रिपोर्ट पर बयान देते हुए “राष्ट्रद्रोह” कर दिया उसने कहा कि बाह विपक्ष का नेता होने के नाते निवेशकों से कहना चाहता हूं कि भारत के शेयर बाजार में अपनी गाढ़ी कमाई न लगाएं क्योंकि Empire निष्पक्ष नहीं है

26 जून को सेबी ने हिंडनबर्ग को 21 में जवाब देने के लिए नोटिस दिया था for violating Indian market regulations and profiting by taking short positions उसका जवाब देने की बजाय उसने नए आरोप लगा दिए पिछली 25th जनवरी की रिपोर्ट की वजह से भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का 150 billion dollar का नुकसान हुआ था और अब राहुल वही दोहराना चाहता था लेकिन फेल हो गया

सेबी ने हिंडनबर्ग पर कुछ सख्त कदम उठाने की बात कही है कि उसकी और उसकी सभी entities की शेयर ट्रेडिंग को बंद किया जाएगा और उसे blacklist किया जाएगा उसके खिलाफ criminal case दायर करके अमेरिका से उसके प्रत्यर्पण की मांग करनी चाहिए

इसके अलावा राहुल गांधी पर भी भारतीय न्याय संहिता के section 152 में राष्टद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए जो कहता है -The language of Section 152 of the BNS suggests that any act that, “excites or attempts to excite, secession or armed rebellion or subversive activities” is a criminal act- लोग को जानबूझकर झूठ बोलकर भारतीय शेयर बाजार के खिलाफ भड़का कर देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर बलवा मचाने के लिए उकसाया है

सेबी और उसकी Chairperson माधवी पुरी बुच को Empire बता कर उन्हें पक्षपाती बताया है और एक तरह से कहा कि इस बाजार पर विश्वास न करो राहुल गांधी को हमारे बाजार पर इतना भी विश्वास नहीं है तो फिर अपनी घोषित सम्पत्ति का 42% शेयर बाजार में क्यों निवेश किया हुआ है इसका निवेश 4.3 करोड़ shares में है; 3.8 करोड़ Mutual Funds में है और 15 लाख Gold Bonds में है - फिर जनता को क्यों बरगला रहा है

राहुल गांधी और उसकी कांग्रेस हमेशा किसी का सहारा तलाश करती है

-कभी आतंकियों का सहारा, लेकिन उन्हें मोदी ने ठोक दिया;

-कभी पाकिस्तान का सहारा लेकिन वो खुद भिखारी हो गया मोदी की मेहरबानी से ;

-कभी लंदन का सहारा, वो खुद जल रहा है “शांतिप्रिय” लोगों की वजह से’

-कभी अमेरिका का सहारा लेकिन मोदी उसकी भी नहीं सुनता;

-कभी चीन का सहारा, मोदी ने उसे भी ठोक के रखा हुआ है; 

-चुनाव अकेले लड़ नहीं सकते, राज्यों के दलों का सहारा होता है फिर 99 पर Out; और 

-अब हिंडनबर्ग का सहारा जो अबकी बार एक दिन में बेनकाब हो गया `

इतनी जल्दी है प्रधानमंत्री बनने की कि देश को ही आग लगा देना चाहता है

राजदीप सरदेसाई का बजट पर U-turn : पहले मोदी सरकार की योजना की तारीफ़ की, आका से सन्देश मिलते ही कांग्रेस को देने लगे श्रेय: पत्नी हैं TMC सांसद


विपक्ष भी अंदरखाने मान 
रहा मोदी सरकार का लोहा। विपक्ष बजट का विरोध केवल अपनी हैसियत दिखाने के लिए कर रहा है, जिसका प्रमाण राजदीप सरदेसाई द्वारा बजट पर पहले प्रशंसा करते ही आकाओं से आदेश मिलते ही U-turn लेने से साफ हो गया। जैसाकि चर्चा है कि 'अगर राहुल गाँधी ने खटखट हर महीने 8500 रूपए खातों में जाने का शोशा नहीं छोड़ा होता, कांग्रेस हर हाल में 50 से नीचे ही रहती।' और बीजेपी तीसरी बार अपने ही दम पर सरकार बना लेती। जहाँ तक मुसलमानों की बात है इस कौम ने तो अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट निर्णय आने के बाद से बीजेपी को हराने का मन बना लिया था और इससे बीजेपी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ और संघ का राष्ट्रीय मुस्लिम मंच भी अछूता नहीं रहा।  

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिकॉर्ड सातवीं बार संसद में बजट पेश किया। इस बजट में सभी का ख्याल रखा गया। युवाओं, महिलाओं, किसानों, नौकरी पेशा सभी के लिए बजट सकारात्मक रहा। इस बीच, कांग्रेस इकोसिस्टम ने मोदी सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की और सरकार पर कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र के नकल का आरोप लगाया, खासकर युवाओं के लिए 1 करोड़ इंटर्नशिप की घोषणा पर। हालाँकि इन सबके बीच लोकतंत्र के कथित ‘चौथे’ खंबे, खासकर कांग्रेस इकोसिस्टम से जुड़े ‘पत्रकारों’ का विचलन भी सामने आ गया। ऐसे ही एक कथित पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने पहले तो मोदी सरकार के बजट की तारीफ की, लेकिन कुछ ही देर में ‘आकाओं’ का संदेश मिलते ही मोदी सरकार पर कांग्रेस आरोपों को दोहराने लगे।

हालाँकि राजदीप सरदेसाई की चालाकी तुरंत ही पकड़ ली गई। समीर नाम के एक्स यूजर ने इस कांग्रेस इकोसिस्टम की तरफ लोगों का ध्यान खींचा। समीर ने लिखा, “आप क्रोनोलॉजी को समझें: राजदीप ने युवाओं के लिए रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा की, लेकिन जयराम रमेश ने ट्वीट किया कि यह कांग्रेस से लिया गया है, तुरंत ही राजदीप ने ट्वीट को एडिट करके कांग्रेस को श्रेय दे दिया। एकदम जयराम की लिखी लाइनों की तरह…!!!”

अब इस पूरे खेल को समझिए। सबसे पहले राजदीप सरदेसाई ने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए लिखा, “युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन और कौशल विकास योजनाओं को वित्त मंत्री के भाषण में प्राथमिकता दी गई। अच्छा! 
10 साल लग गए लेकिन उम्मीद है कि मोदी सरकार युवाओं के लिए रोजगार की चुनौती को नकारने की मुद्रा से बाहर आ गई है!”

राजदीप सरदेसाई के ट्वीट के काफी देर बाद जयराम रमेश का ट्वीट आया, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार पर कांग्रेस की नकल के आरोप लगाए।

जयराम रमेश ने 11.42 बजे लिखा, “वित्त मंत्री ने कांग्रेस के न्याय पत्र 2024 से सीख ली है। उनका इंटर्नशिप कार्यक्रम स्पष्ट रूप से कांग्रेस के प्रस्तावित अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम पर आधारित है, जिसे हमने पहली नौकरी पक्की कहा था‌। लेकिन उन्होंने अपनी ट्रेडमार्क शैली में इसे हेडलाइन बनाने के लिए डिज़ाइन किया है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में सभी डिप्लोमा धारकों और स्नातकों के लिए प्रोग्रामेटिक गारंटी थी, जबकि सरकार की योजना में मनमाने ढंग से लक्ष्य (1 करोड़ इंटर्नशिप) रख दिया गया है।”

शायद ‘आका’ का मैसेज पहुँचते ही राजदीप की आँखें खुल गईं। क्योंकि जयराम रमेश के ट्वीट के बाद राजदीप सरदेसाई ने तुरंत अपने ट्वीट को एडिट कर दिया। जयराम रमेश ने 11.42 ट्वीट किया और इसके एक मिनट के अंदर ही यानी 11.43 बजे राजदीप सरदेसाई ने अपना ट्वीट एडिट करते हुए मोदी सरकार की घोषणा का श्रेय कॉन्ग्रेस को दे दिया। एकदम उसी बोली में, जैसा जयराम रमेश ने लिखा है।

राजदीप सरदेसाई ने एडिटेड ट्वीट में लिखा, “युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन और कौशल योजनाओं को वित्त मंत्री के भाषण में प्राथमिकता दी गई। अप्रेंटिसशिप के अधिकार पर कांग्रेस के न्याय पत्र की तरह 1 करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप योजना। इसमें 10 साल लग गए, लेकिन उम्मीद है कि मोदी सरकार नौकरी की चुनौती पर इनकार करने की मुद्रा से बाहर आ गई है।”

                                                       राजदीप सरदेसाई का एडिटेड ट्वीट

राजदीप सरदेसाई जैसे बहुत सारे कथित ‘पत्रकार’ खास ‘इकोसिस्टम’ का हिस्सा हैं। जो अपने आकाओं के एक इशारे पर मुद्दों में हेर-फेर करने की आदत से परेशान रहे हैं। खुद राजदीप सरदेसाई की पूर्व ‘पत्रकार’ पत्नी सागरिका घोष मौजूदा समय में इंडी गठबंधन की सबसे अहम पार्टी टीएमसी की राज्यसभा सांसद हैं। ऐसे में साफ दिखता है कि एक ओर पत्नी अपनी घोषित राजनीतिक पार्टी के लिए खुलकर काम करती हैं, तो पति राजदीप अघोषित आकाओं के लिए दिन-रात एक किए रखते हैं।