Showing posts with label #Ukraine-Russia war. Show all posts
Showing posts with label #Ukraine-Russia war. Show all posts

G7-SUMMIT: अमेरिकी राष्ट्रपति खुद चलकर मोदी की सीट तक आए और गर्मजोशी से गले लगाया


भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आन्दोलनजीवियों के माध्यम से 
विरोधी लाख विरोध करें, लेकिन विश्व में मोदी का जलवा देखते ही बनता है। वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कद और महत्ता निरंतर बढ़ रही है। भारत दुनिया के सात विकसित और अमीर देशों के समूह G7 का सदस्य नहीं है। लेकिन जापान के हिरोशिमा में जारी G7 की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘विशेष मेहमान’ के तौर पर आमंत्रित किया गया है। हिरोशिमा में G7 की बैठक शुरू होने से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान वो वर्ल्ड लीडर्स के बीच बैठे मोदी से मिलने उनकी सीट तक चलकर आए और उन्हें पीएम मोदी को गले लगाया।इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। हालांकि 15 महीने से जारी जंग के दौरान मोदी और जेलेंस्की फोन पर बात कर चुके हैं।

बाइडेन चलकर मोदी की सीट तक आए, मोदी को गले लगाया

हिरोशिमा में G7 की बैठक शुरू होने से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान वो वर्ल्ड लीडर्स के बीच बैठे मोदी से मिलने उनकी सीट तक चलकर आए और उन्हें पीएम मोदी को गले लगाया। हिरोशिमा में G7 की बैठक के दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति छटवीं बार मिले। इससे पहले पांच विभिन्न अवसरों पर दोनों वैश्विक नेताओं की मुलाकत हो चुकी है।

  • PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन की पहली मुलाकात सितंबर 2021 में अमेरिका में हुई थी। तब दोनों नेताओं ने व्हाइट हाउस में करीब 90 मिनट तक बातचीत की थी।
  • इसके बाद मोदी और बाइडेन अक्टूबर में इटली में G-20 समिट के दौरान मिले थे।
  • विश्व के दोनों बड़े नेताओं की अगली मुलाकात मई 2022 में QUAD समिट के दौरान हुई थी।
  • जर्मनी में चौथी बार फिर दोनों जून 2022 में G-7 समिट के दौरान मिले थे।
  • मोदी-बाइडेन की पिछली मुलाकात नवंबर 2022 में इंडोनेशिया के बाली में G-20 समिट के दौरान हुई थी।

मोदी और ब्रिटेन के पहले भारतवंशी पीएम सुनक गर्मजोशी से मिले

जापान के हिरोशिमा शहर में G7 समिट चल रहा है। यह दुनिया के सात देशों अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, फ्रांस, इटली, जापान और ब्रिटेन का ताकतवर ग्रुप है। इसे ग्रुप ऑफ सेवन भी कहा जाता है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक को गले लगाया। हिरोशिमा में प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन के भारतीय मूल के पीएम ऋषि सुनक से भी मुलाकात हुई। दोनों वैश्विक नेता बेहद गर्मजोशी से मिले और बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों के डेलिगेशन भी मौजूद थे। सुनक ब्रिटेन के पहले भारतवंशी और गैर श्वेत प्रधानमंत्री हैं। वे भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति के दामाद भी हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पीएम मोदी और जेलेंस्की की पहली बार मुलाकात

यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से भी मुलाकात की। ये मुलाकात जापान के हिरोशिमा में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ पीएम मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत विदेश मंत्रालय के सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहे। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दोनों देशों के नेताओं की यह पहली बार मुलाकात है। हालांकि दोनों नेता फोन पर बातचीत कर चुके हैं। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने जेलेंस्की से कहा- यूक्रेन जंग इकोनॉमी और पॉलिटिक्स का नहीं, इंसानियत का मुद्दा है। भारत इस जंग को खत्म करने के लिए हर कदम उठाने तैयार है। यहां से प्रधानमंत्री मोदी पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर जाएंगे।

जापान के पीएम, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति और जर्मन चांसलर से भी मिले
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिरोशिमा में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने G7 की मीटिंग से पहले जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज से भी मुलाकात की। इस द्विपक्षीय मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने जर्मन चांसलर के साथ अपनी फोटो शेयर करते हुए उन्हें अपना दोस्त बताया। मोदी ने लिखा- दोस्त से मिलकर अच्छा लगा। इससे पहले PM मोदी ने दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री यून सुक यिओल से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। इसके अलावा वे समिट को होस्ट कर रहे जापान के प्रधानमंत्री से भी मिले। मोदी ने कहा कि जापानी PM फुमियो किशिदा के साथ बेहतरीन बातचीत हुई। हमने भारत-जापान के रिश्तों को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।

‘गंगा’ की एक और फ्लाइट से घर वापसी कर बोले छात्र- सरकार ने हमारी बहुत मदद की, विपरीत इसके अराजक तत्व वीडियो में देखिए क्या बोल रहे हैं

       यूक्रेन में फँसे भारतीयों को 'ऑपरेशन गंगा' के तहत निकालने का क्रम जारी (फोटो साभार: @DrSJaishankar)
यूक्रेन पर रूसी हमले के बीच भारतीयों की स्वदेश वापसी का क्रम भी जारी है। ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत यूक्रेन से फँसे भारतीय नागरिकों को लेकर सोमवार (28 फरवरी 2022) की सुबह एक और फ्लाइट नई दिल्ली पहुँची। एयर इंडिया की इस फ्लाइट में 249 भारतीय नागरिक सवार थे। रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से यह दिल्ली के लिए पाँचवीं ऐसी उड़ान थी। नई दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद छात्रों ने बताया कि आपदा के इस वक्त में उन्हें सरकार से काफी मदद मिली।

दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुँचे छात्रों ने कहा, “सरकार ने हमारी बहुत मदद की है। भारतीय दूतावास से हरसंभव सहायता प्रदान की गई। सबसे बड़ी समस्या बॉर्डर पार करना है। हमें उम्मीद है कि सभी भारतीयों को वापस लाया जाएगा। कई और भारतीय अभी भी यूक्रेन में फँसे हुए हैं।”

इससे पहले विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार (27 फरवरी, 2022) को बताया था कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारत अपने करीब 2,000 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल चुका है। वहाँ फँसे अन्य नागरिकों को पड़ोसी देशों की सीमाओं पर स्थित विभिन्न ट्रांजिट प्वाइंट के माध्यम से बाहर निकालने का प्रयास जारी है। इनमें से 1,000 लोगों को हंगरी और रोमानिया के रास्ते चार्टर्ड विमानों से घर लाया जा चुका है। पत्रकारों से बातचीत में श्रृंगला ने बताया कि उन्होंने यूक्रेन और रूस के राजदूतों से अलग-अलग बैठकें की हैं और यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिकों का लोकेशन साझा किया है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बताया जा रहा है कि यूक्रेन में अभी भी करीब 16 हजार भारतीय फँसे हैं।

इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में पीएम ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें यूक्रेन से निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बताया जा रहा है कि सरकार ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत 2 मार्च तक 7 और चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था कर रही है।

भारत सरकार को वीडियो(जिसे एक मित्र द्वारा भेजा गया है, हालाँकि मैं इसकी पुष्टि नहीं करता, परन्तु जाँच जरुरी है) में इस महिला की पहचान कर इसकी हरकतों पर निगाह रखने की जरुरत है, जो हथेली पर सरसों न जमने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध बोल रही है, जबकि मोदी सरकार हर भारतीय को सुरक्षित निकालने में संघर्षरत है और जब सरकार ऐसे अराजक तत्वों पर कोई कार्यवाही करेगी victim Card खेल इसके बचाव में छद्दम बाहर आ जाएंगे:-

https://fb.watch/bsuVFb3DL8/

<iframe src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?height=476&href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Fboltahindustan%2Fvideos%2F636816410755957%2F&show_text=false&width=476&t=0" width="476" height="476" style="border:none;overflow:hidden" scrolling="no" frameborder="0" allowfullscreen="true" allow="autoplay; clipboard-write; encrypted-media; picture-in-picture; web-share" allowFullScreen="true"></iframe>