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इतना तो गिरगिट भी नहीं बदलता रंग, जितने विनेश फोगाट ने बदल लिए; सगी बहन ही कर रही बेनकाब

ओलंपिक खेलों के बाद भारत आकर कॉन्ग्रेस ज्वाइन करने वाली विनेश फोगाट हरियाणा चुनावों के मध्य काफी चर्चा में हैं। अब तक लोग जहाँ उन्हें नारीशक्ति के रूप में कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर देख रहे थे। वहीं अब ये सवाल होने लगे हैं कि विनेश फोगाट राजनीति करने के लिए कितने सच और कितने झूठ बोल रही हैं।

एक के बाद एक विनेश फोगाट की वीडियो वायरल हो रही है जिसमें कॉन्ग्रेस की तारीफ करने के चक्कर में वो अलग-अलग दावे कर रही हैं और मोदी सरकार को लेकर विशुद्ध झूठ बोल रही हैं।

पहले तो उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए ये कहा कि वो ओलंपिक में जाने का श्रेय अगर प्रियंका गाँधी को दें तो गलत नहीं होगा… उन्होंने ये क्या सोचकर कहा और कैसे प्रियंका गाँधी को श्रेय दिया जा सकता है ये तो नहीं पता, लेकिन लोग ये जानते हैं कि ओलंपिक तक विनेश को पहुँचाने के लिए मोदी सरकार ने कोई कसर नही छोड़ी थी।

ओलंपिक के बाद खुद खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने संसद में बताया था कि सरकार ने विनेश पर 70 लाख 45 हजार रुपए खर्च किए। उन्होंने कहा था कि विनेश को ट्रेनिंग के लिए विदेश भी भेजा गया था। क्या बिन इस समर्थन के विनेश का ओलंपिक जाना संभव था?

उस समय, इस पर सरकार ने कोई सफाई नहीं दी, उन्होंने बस अपने खिलाड़ी के लिए क्या किया इसकी एक जानकारी दी जो कोई भी सरकार देती…। इस पर भी एहसानफरामोश होकर विनेश ये बोलती दिखीं कि सरकार ने उन्हें ट्रेनिंग देकर या पैसे खर्च करके कोई एहसान नहीं किया ये सरकार का फर्ज था।

विनेश आज कॉन्ग्रेस ज्वाइन करके जिस प्रकार की राजनीति कर रही हैं अगर मोदी सरकार को ऐसी पॉलिटिक्स करनी होती तो फिर वो क्यों एक ऐसी खिलाड़ी को बढ़ावा देते जो चुनावों से ठीक पहले उनके खिलाफ माहौल बनाने का काम कर रही थीं…। मोदी सरकार ने राजनीति को किनारे रखकर विनेश के भीतर के खिलाड़ी को प्राथमिकता दी और उन्हें आगे बढ़ाया।

अगर बावजूद इस सच्चाई के, विनेश अब भी यही कहती हैं कि ओलंपिक के वक्त भी प्रियंका ही उनकी मददगार थीं तो क्या ये सवाल उठना नहीं बनता कि प्रियंका ने उनकी मदद किन मायनों में और कहाँ की? कैसे प्रियंका गाँधी की वजह से वो ओलंपिक में गईं?

इस झूठ की तरह विनेश का एक और झूठ सोशल मीडिया पर वायरल है। हाल में विनेश ने राजदीप सरदेसाई को इंटरव्यू देते हुए कहा कि भाजपा के किसी नेता ने उन्हें ओलंपिक के दौरान कॉल नहीं किया। वीडियो में उन्होंने ऐसे दिखाया जैसे मोदी सरकार उन्हें ओलंपिक के दौरान सपोर्ट नहीं कर रही थी। उनके साथ अन्य खिलाड़ियों से अलग बर्ताव कर रही थी…।

इस दावे की हकीकत को किसी पुराने उदाहरण के साथ गलत साबित करने की जरूरत नहीं है। विनेश ने द लल्लनटॉप को दिए बयान से ही खुद के इस झूठ का खंडन कर दिया। वीडियो में देख सकते हैं कि उन्होंने खुद कहा था कि ओलंपिक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन किया था लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया।

विनेश के मन में अगर राजनीति पहले से नहीं थी तो वो ऐसी स्थिति में एक ऐसे व्यक्ति का अनादर नहीं करतीं जो देश के प्रधानमंत्री हैं और उससे भी बड़ी बात उन्हें हौंसला देने के लिए उनसे बात करना चाहते थे…? उन्होंने पहले बात करने को नकारा और उसके बाद कॉन्ग्रेस ने इस हरकत को प्रमोट किया ।

विनेश के जब झूठ पकड़े गए.. फजीहत ज्यादा हुई तो क्या किया जाता… कॉन्ग्रेस ने उनकी एक वीडियो बनाई। वीडियो में उन्होंने बताया कि ओलंपिक खेल के बाद प्रधानमंत्री मोदी से बात करने के लिए उनके कमरे में कैमरे लगाए गए थे और उन्हें खुद अपने फोन से वीडियो नहीं बनाने दी जा रही थी, इसलिए उन्होंने बात करने से मना कर दिया।

विनेश जहाँ अपने हर बयान के साथ पक्ष बदल रही थीं वहीं उनकी पार्टी कॉन्ग्रेस इससे भी ज्यादा घिनौनी हरकत करने में लगी थी। उन्होंने अपनी वीडियो के थंबनेल से मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए उसमें ऐसे दिखाया जैसे मोदी सरकार ने रात भर विनेश फोगाट के बेडरूम से लेकर हर जगह पर कैमरे फिट करवा दिए थे और वो विनेश की रिकॉर्डिंग करना चाहते थे।

जब सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठाने लगे तो बड़ी चालाकी से उस थंबनेल को बदल दिया गया। हालाँकि स्क्रीनशॉट वायरल होने के चलते ये घटिया हरकत छिप नहीं पाई। देख सकते हैं कि विनेश की कही गई बातों को जनता तक पहुँचाने का तरीका कितना ज्यादा भ्रमित करने वाला है।

अजीब बात ये है कि कॉन्ग्रेस की इस हरकत पर विनेश फोगाट ने विरोध तक नहीं किया। राजनीति में आकर वह ये तक भूल गईं कि जिस मोदी सरकार पर वह इतने बड़े-बड़े लांछन लगा रही है। उस मोदी सरकार ने सिर्फ उन्हें ओलंपिक तक पहुँचाने में मेहनत नहीं की बल्कि खेल क्षेत्र में उनके योगदान को देते हुए उन्हें 2016 में अर्जुन पुरस्कार और 2020 में ध्यानचंद खेल रत्न दिया।

इसके अलावा ओलंपिक में भी ट्रेनिंग, पर्सनल स्टाफ और वित्तीय सहायता से लेकर हर प्रकार की सहायता तब मिली जब भाजपा केंद्र और उनके गृह राज्य हरियाणा में सत्ता में थी। बावजूद इन सब सच्चाइयों के विनेश झूठ बोलने में जुटी हैं। उनकी बहन बबीता फोगाट खुद मानती हैं कि विनेश बदल गई हैं।

उन्होंने बताया कि जब विनेश के पिता का देहांत हुआ था तब उनके पिता यानी महावीर फोगाट ने उनकी दोबारा कुश्ती में वापसी कराई थी। मगर जब वो ओलंपिक से लौटीं तो उन्होंने अपने गुरु को धन्यवाद देना तो दूर, दीपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ रोड शो किया था जैसे हुड्डा ही उनके कोच हों।

अपने ओलंपिक में डिस्क्वालिफाई होने को भी विनेश फोगाट ने हरियाणा चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बना दिया है। भाजपा सरकार ने उनके सम्मान में उन्हें रजत विजेता की तरह हर सुविधा देने का ऐलान किया था लेकिन विनेश चुनावों के लिए जगह-जगह घूमकर ये दिखा रही हैं जैसे ओलंपिक में भी हारी वह मोदी सरकार के कारण ही थीं । जबकि, सच्चाई तो ये है कि मोदी सरकार ने उन्हें हराने क प्रयास नहीं बल्कि उन्हें विजेता साबित करवाने के लिए जी-जान लगाई थी। सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे को भेज विनेश के लिए अपील की गई थी, लेकिन वजन ज्यादा निकलने की वजह विनेश डिस्क्वालिफाई हुईं और अब वो उसी बात को भूल गई हैं। उनकी आँख पर सिर्फ राजनीति की पट्टी चढ़ गई हैं जो उन्हें आवाज उठाने का अर्थ सिर्फ मोदी सरकार का विरोध बता रही है।

विनेश फोगाट पर कांग्रेस की राजनीति को उनके ताऊ ने किया फुस्स, कहा- भूपेंद्र हुड्डा ने CM रहते बबीता-गीता के साथ किया भेदभाव, आज राज्यसभा की कर रहे बात

                                 भूपेंद्र फोगाट के बयान पर बोले महावीर फोगाट
ओलंपिक में वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य करार दी गईं विनेश फोगाट के मुद्दे पर विपक्ष जमकर राजनीति कर रहा है। इसी क्रम में हरियाणा के पूर्व सीएम हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अगर उनकी सरकार होती तो वो विनेश को राज्यसभा में सीट देते। अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा के इसी बयान पर विनेश फोगाट के ताऊ और गीता फोगाट व बबीता फोगाट के पिता महावीर फोगाट ने करारा जवाब दिया है।

उन्होंने समाचार एजेंसियों से बात करते हुए कहा, “2005 और 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गीता ने गोल्ड मेडल लिया था और बबीता ने सिल्वर मेडल लिया था। पहली महिला पहलवान थी जिन्होंने हिंदुस्तान की तरफ से ये मेडल लिया। इसके बाद 2012 में गीता ने बतौर पहली महिला ओलंपिक क्वालीफाई किया था। जब भूपेंद्र हुड्डा की सरकार और गीता और बबीता को DSP का पद मिलना था लेकिन हुड्डा साहब ने भेदभाव करके गीता को इंस्पेक्टर और बबीता को सब इंस्पेक्टर लगाया।”

बता दें कि विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक 50 किग्रा कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाए जाने के कारण बुधवार (8 अगस्त 2024) को ओलंपिक से अयोग्य घोषित किया गया था। इसके बाद पूरा देश उनके साथ खड़ा हुआ। इस बीच हरियाणा सरकार ने ऐलान किया कि वो विनेश को वो सारे सम्मान देगी जो मेडल आने पर खिलाड़ी को दिए जाते हैं।

एशियन गेम्स से बाहर हुई विनेश फोगाट, उस महिला पहलवान को मौका जिनका ट्रायल जीतने के बाद भी ‘डायरेक्ट एंट्री’ से कट गया था पत्ता

विनेश फोगाट एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेंगी। घुटने में चोट के चलते उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है। विनेश फोगाट ने मंगलवार (15 अगस्त, 2023) को सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी। उनकी जगह अंतिम पंघाल अब एशियन गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

वैसे एशियन गेम्स के लिए हुए ट्रायल में जीत अंतिम पंघाल को ही मिली थी। लेकिन विनेश को डायरेक्ट एंट्री मिलने के कारण उनका पत्ता कट गया था। विनेश के साथ बजरंग पुनिया को भी डायरेक्टर एंट्री मिली थी। इसको पंघाल सहित अन्य पहलवानों ने कोर्ट में भी चुनौती दी थी, लेकिन उनके हाथ निराशा ही लगी थी।

अब विनेश की नाम वापसी के साथ ही अंतिम पंघाल के एशियाई गेम्स में भाग लेने का रास्ता साफ हो गया है। विनेश को 13 अगस्त को चोट लगी थी। 17 अगस्त को उनकी सर्जरी होगी। विनेश फोगाट ने ट्वीट कर कहा है, “मैं एक अत्यंत दुखद समाचार शेयर करना चाहती हूँ। कुछ दिन पहले यानी 13 अगस्त 2023 को प्रशिक्षण के दौरान मेरे बाएँ घुटने में चोट लगी थी। स्कैन और जाँच के बाद डॉक्टर ने कहा है कि ठीक होने के लिए मुझे सर्जरी करानी पड़ेगी। 17 अगस्त को मुंबई में मेरी सर्जरी होगी।”

विनेश ने आगे लिखा है, “साल 2018 में जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में मैंने स्वर्ण पदक जीता था। मेरा सपना था कि मैं एशियन गेम्स में फिर से गोल्ड मेडल जीतूँ। लेकिन चोट के चलते अब मैं एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाऊँगी। मैंने सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है। ताकि एशियन गेम्स के लिए रिजर्व खिलाड़ी को भेजा जा सके। मैं सभी फैंस से अनुरोध करती हूँ कि सभी मुझे सपोर्ट करते रहें ताकि मैं जल्द ही मैट पर वापसी कर सकूँ और पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए तैयारी कर सकूँ। आपका सपोर्ट मुझे बहुत ताकत देता है।”

एशियन गेम्स 23 सितंबर से 8 अक्टूबर 2023 के बीच होने हैं। वहीं विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के ट्रायल 25-26 अगस्त को पटियाला में होने हैं। लेकिन विनेश का ऑपरेशन 17 अगस्त को होगा। ऐसे में वह विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के ट्रायल में भी भाग नहीं ले पाएँगी। ज्ञात हो कि यह चैंपियनशिप 2024 में होने वाले पेरिस ओलंपिक के लिए पहले क्वालीफाइंग राउंड की तरह होगा।


‘बृजभूषण को हटाना है, कुश्ती फेडरेशन पर कब्जा करना है...ससुर को कोच बता विनेश ने दिलवाए 30 लाख’ रूपए : योगेश्वर दत्त

विनेश फोगाट और योगेश्वर दत्त 
आन्दोलनजीवियों के समर्थन से जैसे-जैसे जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना लम्बा चलता जा रहा है, नितरोज इनके घोटाले भी सामने आने लगे हैं कि किस तरह अपने सम्मानों का इन्होने दुरुपयोग किया है, और अब जब सरकार इन घोटालों की जाँच करवाएगी आन्दोलनजीवी उन घोटालों को अनुचित बता पहलवानों के धरने को कुचलने का सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग बता चिल्लाते नज़र आएंगे। 

भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरने पर बैठने वाले पहलवानों को चैंपियनशिप के ट्रायल में छूट मिलने के बाद विवाद हो गया है। इस छूट को नए पहलवानों के साथ अन्याय बताया जा रहा है। इस फैसले पर सवाल उठाने वाले ओलंपियन योगेश्वर दत्त धरना देने वाले पहलवानों के निशाने पर आ गए हैं।

जो कोई इन पहलवानों के हाँ में हाँ नहीं मिला रहा है, उनको ये निशाने पर ले रहे हैं। चाहे वह सरकार हो, खेल मंत्री हों, दिल्ली पुलिस हो, भारतीय ओलंपिक संघ और उसकी अध्यक्ष पीटी उषा हों या योगेश्वर दत्त। ट्रायल में छूट के फैसले का विरोध करने पर विनेश फोगाट ने योगेश्वर दत्त को अपमानित करने की कोशिश की है। इसके बाद दत्त लाइव आए और कई खुलासे किए।

फर्जीवाड़ा कर पति के मामा को दिलवाई सरकारी ग्रांट

शुक्रवार (23 जून 2023) की रात को योगेश्वर दत्त अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव आए और विनेश फोगाट के भ्रष्टाचार का खुलासा किया। योगेश्वर दत्त ने कहा कि विनेश फोगाट ने अपने पति के मामा को कोच बताकर हरियाणा सरकार से 25-30 लाख रुपए ग्रांट दिलाई।
विनेश फोगाट को लेकर योगेश्वर दत्त ने कहा, “आपका गुरु आपका ताऊ महावीर फोगाट है। आपको अभी हरियाणा सरकार से 25-30 लाख रुपए ग्रांट मिली थी, वह आपने कोच ओमप्रकाश दहिया को दिलवाई, जबकि वह आपका कोच नहीं है। आपने उसे कोच बनाकर उसे इतनी बड़ी ग्रांट दिलवा दी।”
योगेश्वर दत्त ने आगे कहा, “आपने उसे पैसे क्यों दिलवाए यह भी मैं बता देता हूँ। पूरे देशवासियों को पता होना चाहिए। जिस सोमबीर राठी से आपकी शादी हुई है, उनके मामा हैं ओमप्रकाश दहिया। इसलिए आपने अपने ताऊ को यहाँ पर छोड़ दिया और अपनी रिश्तेदारी निभाई। इन 25 लाख के लिए आपने क्या भूमिका सेट की, मुझे इसका नहीं पता।

रेलवे की नौकरी में फर्जीवाड़ा

योगेश्वर दत्त यहीं नहीं रूके। उन्होंने रेलवे में नौकरी में फर्जीवाड़ा का भी खुलासा किया। दत्त ने कहा, “आप सरकार से जाकर मिले और आपने अपनी ट्रांसफर मनमर्जी से रेलवे में करवाई। रेलवे में जो हमारे कुश्ती के सीनियर अर्जुन अवॉर्डी खिलाड़ी रहे हैं, उनका आपने ट्रांसफर करवाया और उनकी जगह पर आप खुद बैठ गए।”
ओलंपियन ने आगे कहा, “ऐसा कौन सा आंदोलन आपने किया कि आपके मन मुताबिक सारी बातें हो रही हैं? जिस लड़ाई को लेकर आप आए थे, वह लड़ाई कहाँ है आपकी? मेरी सभी खाप प्रतिनिधियों और किसान संगठनों से आग्रह है कि वह इस धरने की सच्चाई को जानिए। इस धरने के बाद से जो इन पहलवानों को बेनिफिट मिल रहा है, इसका क्या कारण है।”

धरना लीड करने पर हरियाणा कुश्ती संघ के अध्यक्ष का लालच

योगेश्वर दत्त ने आगे कहा, “मुझे जंतर मंतर पर धरने का नेतृत्व करने के लिए कहा गया था। इसके लिए मुझे हरियाणा कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद का लालच भी दिया गया था। यह सारा खेल फेडरेशन पर कब्जे को लेकर किया गया है।”
योगेश्वर दत्त ने कहा कि जब पहलवानों के आरोपों के बाद जाँच कमिटी बनी थी, तब उसमें उन्हें सदस्य चुना गया था। उस समय 4 पहलवान और 3 कोच देर रात 9 बजे उनके घर पर आए और धरने को लीड करने के लिए कहा। दत्त ने कहा कि उन लोगों ने हरियाणा कुश्ती संघ का अध्यक्ष बनवाने का लालच देते हुए कहा कि बृजभूषण सिंह को हटाना है और फेडरेशन पर कब्जा करना है।
योगेश्वर दत्त आगे बताते हैं, “मैंने कहा था कि लड़कियों पर शोषण के मामले के बीच मुझे कोई पद नहीं चाहिए। इस बातचीत का मकसद सिर्फ यही था कि बृजभूषण सिंह को हटाना है।” उन्होंने कहा कि अभी जो कष्ट निवारण कमेटी बनी थी, उसी में से एक कोच उनके घर आया था। दत्त ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे उन पहलवानों और कोचों के नामों का खुलासा करेंगे।

धरने के लिए पहलवानों पर डलवाया गया दबाव

योगेश्वर दत्त ने कहा, “पहले धरने में आपने रवि दहिया, दीपक पूनिया समेत तमाम पहलवानों को किस तरह से बुलाया था, वह भी हमें पता है। उन पहलवानों पर कहाँ-कहाँ से आपने कितना दबाव डलवाया, यह सब भी हम जानते हैं। इस बार भी आपने खूब कोशिश की, लेकिन आप के आंदोलन में कोई नहीं आया। सभी को सच्चाई मालूम हो गई है। यह सच्चाई मुझे पहले दिन से ही पता थी।”
धरना देने वाले पहलवानों को लेकर दत्त ने आगे कहा, “आज हरियाणा का कोई भी पहलवान आपके साथ नहीं है। पहले भी कोई नहीं था। खाप पंचायतों और किसान संगठनों को जो आपने बताया, वह आपके बहकावे में आ गए। वे आपसे बिना कुछ पूछे आपके साथ लगे रहे। आज वे अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।”

पहलवानों के माँ-बाप पर बनाया गया दबाव

विनेश फोगाट ने आरोपों का जवाब देते हुए योगेश्वर दत्त ने कहा, “उन्होंने लगाए कि मैंने कई शिकायतकर्ता खिलाड़ियों और उनके माँ-बाप को फोन किया और उनसे शिकायत वापस लेने के लिए कहा। मैं विनेश से यही कहूँगा कि जिन लड़कियों के पास मैं गया, उन्हें सामने आना चाहिए। जिन पहलवानों के माँ-बाप को मैंने फोन किया, उन्हें भी सामने आना चाहिए।”
योगेश्वर दत्त ने कहा कि उनसे खुद मिलने के लिए कई खिलाड़ी और उनके माँ-बाप आए थे। उन्होंने कहा, “वे लो मुझसे बोले कि योगेश्वर जी, हमें इस मामले में फँसाया जा रहा है। हमें नहीं पता था कि यह ऐसे करेंगे। हमारी बेटियों को बहला-फुसलाकर यहाँ लेकर आए थे। तीसरी पहलवान ने भी यही बात कही थी कि हमें फेडरेशन में जाकर अपनी बातें मनवानी है, यह कहकर वहाँ ले जाया गया था और हमें जंतर मंतर पर ले जाकर बैठा दिया।”
योगेश्वर दत्त ने आगे बताया, “इसी पहलवान के पिता ने मुझे फोन करके बताया कि विनेश फोगाट ने उस पहलवान की मम्मी के पास फोन किया था और भला-बुरा कहते हुए कहा कि तुमने शिकायत से नाम वापस क्यों लिया? तुम पीछे क्यों हट गई?” योगेश्वर दत्त ने फिर जोर देकर कहा कि ये सारा खेल फेडरेशन पर कब्जे को लेकर था।

विनेश फोगाट कई बार ले चुकी हैं छूट

योगेश्वर दत्त ने कहा कि विनेश फोगाट पहले भी कई बार छूट ले चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 2017 में इंडोनेशिया गेम्स के लिए उनका ट्रायल नहीं लिया गया था। इसके अलावा, विनेश फोगाट ने फेडरेशन से कहा कि 48 की जगह 53 किलोग्राम वर्ग में उनका चयन किया जाए और फेडरेशन ने वह भी किया। योगेश्वर दत्त ने कहा कि इन सब सहूलियत मिलने के बाद भी वह इंडोनेशिया गेम्स खेलने नहीं गईं।
दत्त ने कहा, “जिस खिलाड़ी का 53 वेट था, उसका वेट 48 करना पड़ा और वह वेट चेंज की वजह से हार गई। इस वजह से दोनों वेट कैटेगरी में भारत को कुछ नहीं मिला। इसके बावजूद भी आप पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बस आपको शोकॉज नोटिस देकर छोड़ दिया गया। शोकॉज नोटिस भी दिया या नहीं, यह भी मुझे पक्का नहीं पता।”
दत्त के अनुसार, साल 2018 के एशियन गेम्स के ट्रायल भी विनेश फोगाट ने नहीं दिए थे। फेडरेशन पर दबाव डालकर वह बिना ट्रायल के ही एशियन गेम्स के लिए गई थीं।” उन्होंने आगे कहा, “जहाँ तक मेरा मानना है कि फेडरेशन ने आपका दबाव इसलिए माना, क्योंकि आप अच्छी खिलाड़ी थीं। इसका मैं कोई और मतलब नहीं निकाल सकता।”
योगेश्वर दत्त ने आगे कहा, “2019 ओलिंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में आप हंगरी गई थीं। बिना कोच के आप गई थीं। यह सभी चीजें हमें ओवरसाइट कमेटी से पता लगी हैं। वहाँ पर किसी भारतीय कोच के साथ आप नहीं रहीं, उनसे अलग रहीं।”
उन्होंने आगे कहा, “2022 के विश्व चैंपियनशिप प्रतियोगिता में भी आपने ट्रायल न करवाने की जिद की थी। कहा था कि मुझे बिना ट्रायल के भेजो, लेकिन आप की ट्रायल ली गई। आपकी ट्रायल इसलिए हुई, क्योंकि आपके वेट में अंतिम नाम की लड़की थी, जो आपके बराबर की थी। उसके साथ आप की ट्रायल हुई।”
योगेश्वर दत्त ने यह खुलासा तब किया है, जब उन्होंने इन पहलवानों को मिली ट्रायल से छूट पर सवाल उठाया था। इसके बाद विनेश फोगाट ने इन्हें बृजभूषण सिंह की थाली का झूठा खाने वाला, महिला पहलवानों के नाम मीडिया में लीक करने वाला, कुश्ती का गद्दार सहित कई आरोप लगाए थे। इसके बाद योगेश्वर दत्त ने इन सब बातों का खुलासा किया है।