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पाकिस्तान में फिर अज्ञात हमलावरों ने ईद की नमाज के बाद निपटाया आतंकी बिलाल सलाफी: मुरिदके में लश्कर के गढ़ ‘मरकज तैयबा’ में घुसकर वार

                                                     आतंकी बिलाल आरिफ सलाफी
पाकिस्तान के मुरिदके से लश्कर-ए-तैयबा के लिए डराने वाली खबर सामने आई है। इस खबर ने ना केवल आतंकी संगठन बल्कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की भी नींद उड़ा दी है। दरअसल, ईद के दिन आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ठिकाने ‘मरकज तैयबा’ के अंदर घुसकर अज्ञात हमलावरों ने खूंखार कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी की हत्या कर दी।

बताया जा रहा है कि यह घटना ईद की नमाज के तुरंत बाद हुई। जैसे ही नमाज खत्म हुई, हमलावर ने मौके पर मौजूद बिलाल आरिफ सलाफी को निशाना बनाया। पहले उस पर गोलियाँ चलाई गईं और फिर यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह बच न सके, उस पर चाकू से कई वार किए गए। हमलावर तब तक नहीं रुका जब तक उसने बिलाल की मौत की पूरी पुष्टि नहीं कर ली।

सोशल मीडिया पर इस घटना के बाद के कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिनमें बिलाल जमीन पर पड़ा दिख रहा है और लोग उसकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।

मरकज तैयबा को लश्कर-ए-तैयबा का हाई-सिक्योरिटी हेडक्वार्टर माना जाता है जहाँ बाहरी व्यक्ति का प्रवेश लगभग असंभव बताया जाता है। शुरुआती आशंका यह जताई जा रही है कि हमलावर पहले से ही नमाज के दौरान अंदर मौजूद था और उसने सही मौके का इंतजार किया। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गया और अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर उसकी तलाश कर रही हैं।

कौन था बिलाल आरिफ सलाफी?

लश्कर-ए-तैयबा में बिलाल आरिफ सलाफी को एक अहम सदस्य माना जाता था। वह मुरिदके के सेंटर में नए लोगों को जोड़ने और उन्हें विचारधारा सिखाने का काम करता था। उसकी जिम्मेदारी युवाओं को पहचानकर उन्हें संगठन से जोड़ना और ट्रेनिंग की देखरेख करना थी। इसी वजह से वह संगठन के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता था और मरकज तैयबा में उसकी मौजूदगी उसकी अहमियत दिखाने कि लिए काफी थी।