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टिकैत ने हिजाब को बताया गैर-ज़रूरी मुद्दा, बोलीं टॉपर अरूसा – अच्छा मुस्लिम बनने के लिए हिजाब ज़रूरी नहीं

‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB)’ ने मुस्लिम महिलाओं को आगे आकर हिजाब के बारे में फैलाई जा रही तथाकथित ‘अफवाहों’ का खंडन करने के लिए कहा है। वहीं राकेश टिकैत ने हिजाब पर छिड़े विवाद को गैर-जरूरी करार दिया। जबकि जम्मू कश्मीर में 12वीं कक्षा में टॉप करने वाली अरूसा परवेज ने कहा है कि ‘अच्छा मुस्लिम’ साबित करने के लिए हिजाब पहनना ज़रूरी नहीं है। कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में बुर्के में एंट्री को लेकर मुस्लिम छात्राएँ और उनके परिवार जिद पर अड़े हुए हैं।

AIMPLB का मानना है कि हिजाब के सम्बन्ध में कई ‘गलतफहमियाँ’ फैलाई जा रही हैं, और इसके खंडन के लिए मुस्लिम महिलाओं को आगे आना होगा। साथ ही लोगों पर हिजाब/पर्दे को लेकर झूठ फैलाने का भी आरोप लगाया। बोर्ड का कहना है कि मुस्लिम महिलाएँ आगे आकर कहें कि उन पर अत्याचार नहीं हो रहा है, बल्कि उनका सम्मान होता है। बोर्ड ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं की सफलता सभी मुस्लिमों की सफलता होगी। बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना उमरैण महफूज रहमानी ने ये बातें कही।

उन्होंने हिजाब को एक मुस्लिम और एक सम्मानित महिला की पहचान करार दिया। उनका कहना है कि समाज के ‘शैतानी पक्ष’ से हिजाब महिलाओं को बचाता है। उनका कहना है कि सदियों से जिस भी सभ्यता ने ‘नंगापन’ अपनाया, उसे अल्लाह के गुस्से का सामना करना पड़ा और वो नष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाएँ उस स्थिति में घर से बाहर निकल सकती हैं, जिससे उनके सम्मान और प्रतिष्ठा को ठेस न पहुँचे। उन्होंने महिलाओं से एक-दूसरे को हिजाब को लेकर ज्ञानवर्धन करने की सलाह दी।

उधर राकेश टिकैत ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा, “हिजाब पर नहीं, देश में बैंकों के हिसाब (घोटालों) पर आंदोलन करो मेरे प्यारे देशवासियों। यही हालात रहे तो देश बिकते देर नहीं लगेगी और हम ऐसा होने नहीं देंगे।” बता दें कि इससे पहले राकेश टिकैत ऐसे मुद्दों को अक्सर हिन्दू-मुस्लिम मामला बता कर टालते रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एप ‘Koo’ के जरिए ये बात कही। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार (14 फरवरी, 2022) को मतदान भी हो रहे हैं। साथ ही गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में भी आज ही मतदान है।

उधर जम्मू कश्मीर में 12वीं कक्षा की टॉपर अरूसा परवेज ने कहा कि वो इस्लामी सिद्धांतों का पालन करती हैं और उन्हें खुद को अच्छा मुस्लिम साबित करने के लिए हिजाब की ज़रूरत नहीं है। साइंस स्ट्रीम में 500 में से 499 मार्क्स लाने वाली अरूसा परवेज को हिजाब न पहनने को लेकर इस्लामी कट्टरपंथियों ने ट्रोल किया था। अरूसा परवेज ने आश्चर्य जताया कि समाज जब उन पर गर्व कर रहा है, एक हिस्सा उन्हें ट्रोल क्यों कर रहा। अरूसा ने कहा कि बुर्का न पहनने को लेकर टिप्पणियों से उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन उनके माता-पिता सदमे में हैं।

‘मोदी को अंगार लगा सुलगा डालो’: बुर्का के समर्थन में NCP, हिजाबी महिला ने की पीएम की हत्या वाली बात, FIR दर्ज

  NCP के बुर्का समर्थित विरोध प्रदर्शन में बुर्का पहली महिला ने उगला जहर (फोटो साभार: TV9 Marathi/Twitter)
भले ही इस विरोध प्रदर्शन को ‘हिजाब’ के नाम पर किया जा रहा हो, लेकिन मुस्लिम छात्राओं को बुर्का में शैक्षणिक संस्थानों में घुसते हुए और प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। इससे साफ़ है कि ये सिर्फ गले और सिर को ढँकने वाले हिजाब नहीं, बल्कि पूरे शरीर में पहने जाने वाले बुर्का को लेकर है। हिजाब सिर ढँकने के लिए होता है, जबकि बुर्का सर से लेकर पाँव। कई इस्लामी मुल्कों में शरिया के हिसाब से बुर्का अनिवार्य है। कर्नाटक में चल रहे प्रदर्शन को मीडिया/एक्टिविस्ट्स भले इसे हिजाब से जोड़ें, ये बुर्का के लिए हो रहा है।

दूसरे, CAA प्रोटेस्ट से लेकर अब इन हिजाब की आड़ में हो रहे उपद्रव से मोदी विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण दे रहे हैं कि मोदी विरोधियों को न CAA से कुछ लेना है, न ही कृषि कानूनों से और अब नए उपद्रव हिजाब से लेना देना है, बल्कि किसी न किसी बहाने से देश में अराजकता फैलाकर मोदी को बदनाम करना है।  

सोशल मीडिया पर अभी एक वीडियो वायरल है। यह वीडियो बुर्का/हिजाब के समर्थन में पुणे में शरद पवार की राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) द्वारा आयोजित एक ‘विरोध’ प्रदर्शन का है। इसमें एक महिला को कहते हुए सुना जा सकता है, “कर्नाटक में चार दिन से स्कूल, कॉलेज सब बंद हो गए हैं। बहुत बड़ी परेशानी है। यह अचानक कुछ भी निकालता है मोदी कायदा-कानून। ये मोदी को सब अंगार लगा कर सुलगा डालो।”

अब इस मामले में केस दर्ज कराया गया है। यह केस महाराष्ट्र के RSS के सह संयोजक पीयूष जगदीश कश्यप ने करवाई है। उन्होंने पीएम के खिलाफ अपमानजनक और धमकी भरी टिप्पणी करने के लिए महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सायबर पुलिस स्टेशन में दर्ज अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि महिला ने पीएम मोदी के खिलाफ धमकी भरा और अपमानजक शब्द का इस्तेमाल किया।

 

जगदीश ने अपनी शिकायत में उस वीडियो का यूट्यूब लिंक और सीडी भी उपलब्ध कराई है। हालाँकि अब वह वीडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है। RSS कार्यकर्ता ने कहा कि इस तरह की भाषा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उस पोस्ट के खिलाफ भी नफरत पैदा करती है। उन्होंने कहा कि वीडियो देख कर साफ तौर पर उसका इरादा पता चलता है कि वह जनता के बीच पीएम मोदी की अच्छी छवि को धूमिल करना चाहती है। उनका कहना है कि इससे जनता के बीच गलत संदेश जाएगा और वह भी इसी तरह की व्यवहार कर सकते हैं।

10 फरवरी 2022 को राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी ने कर्नाटक में बुर्का (जिसे लोग हिजाब भी कह रहे हैं, जबकि दोनों में अंतर है) पहनने वाली मुस्लिम लड़कियों के समर्थन में महाराष्ट्र के पुणे जिले में प्रदर्शन किया। एनसीपी की पुणे इकाई के अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने भगवा दुपट्टा डाले उन लड़कों पर निशाना साधा, जिन्होंने बुर्के का विरोध किया था।

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उन्होंने कहा, “कर्नाटक के उडुपी में एक मुस्लिम लड़की का कुछ दिन पहले कई दक्षिणपंथी युवकों ने पीछा किया था। इस घटना से भारतीयों के सिर शर्म से झुक गए हैं।” मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जगताप ने शिक्षण संस्थानों में धर्म और राजनीति लाने के लिए भाजपा सरकार की भी आलोचना की। हालाँकि बीजेपी सरकार की आलोचना करते हुए वह यह भूल गए कि कर्नाटक में बुर्का विवाद की शुरुआत सबसे पहले आठ मुस्लिम लड़कियों ने की थी, जिन्होंने कॉलेज की यूनिफॉर्म के नियमों का पालन करने से इनकार कर दिया था।