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मध्य प्रदेश : मकान बेचना है… सागर के शनिचरी-शुक्रवारी से हिंदू कर रहे पलायन: किसी के घर के बाहर फेंक देते थे माँस के टुकड़े

 

                   सागर के शनिचरी-शक्रवारी से हिंदू परिवारों का पलायन (फोटो साभार : Grok)
दैनिक भास्कर की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के सागर शहर के शनिचरी और शुक्रवारी इलाकों से हिंदू परिवार बड़ी संख्या में पलायन कर रहे हैं। पिछले 10 सालों में यहाँ की हिंदू आबादी में 4.88 प्रतिशत की कमी आई है, जो गहरी चिंता का विषय है।

रिपोर्ट बताती है कि पिछले 5 सालों में 41 हिंदू परिवारों ने अपने मकान बेचकर ये इलाके छोड़ दिए हैं, और चौंकाने वाली बात ये है कि ये सभी मकान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खरीदे हैं। कुल मिलाकर, पिछले एक दशक में 63 हिंदू परिवारों के 228 लोग यहाँ से जा चुके हैं, और अभी भी कई घरों पर ‘बिकाऊ’ के बैनर लगे हुए दिख रहे हैं।

मुस्लिम समाज के लिए अक्सर कहा जाता है कि बेचारे गरीब हैं, अगर मुस्लिम गरीब होने पर मकान खरीद रहे हैं सरकार को इस बात की जाँच करनी चाहिए कि आखिर मकान खरीदने के लिए कहाँ से पैसा आया। मुस्लिम क्षेत्रों में फ्लैट बनने से पहले ही उनके खरीदार खड़े हो जाते हैं। जबकि हिन्दू क्षेत्रों में स्थिति एकदम विपरीत है। दिल्ली विकासपुरी में लगभग 20 वर्षों से डीडीए की कमर्शियल खाली पड़ी है, नीचे के हिस्से में खुली हुई शराब की दुकाने या मोटर मैकेनिक की दुकाने।    

पलायन के पीछे की दर्दनाक कहानियाँ

दैनिक भास्कर की टीम ने कुछ ऐसे परिवारों से बात की जिन्होंने अपने पुश्तैनी मकान छोड़कर जाने को मजबूर हुए हैं:

उमाशंकर शर्मा ने बताया कि उनके 150 साल पुराने पुश्तैनी मकान को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घेर लिया और परेशान करने लगे। घर पर केवल महिलाएँ थीं। मजबूरी में उन्हें अपना 18 लाख रुपये का मकान मात्र 5.30 लाख रुपये में बेचना पड़ा।

राजपाल सिंह ने बताया कि उनके घर के बाहर मीट के टुकड़े और अंडे के छिलके फेंके जाते थे, जिससे वहाँ रहना मुश्किल हो गया था। उनका 625 वर्गफीट का मकान दो साल तक नहीं बिका, आखिर में उन्हें कम कीमत में बेचना पड़ा।

एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसकी बेटी को मुस्लिम युवक ने प्रेम-प्रसंग में फँसाया, जिससे मजबूरन उसे अपनी बेटी की शादी उस युवक से करानी पड़ी। बाद में बेटी को प्रताड़ित किया गया और मकान बेचने पर मजबूर किया गया।

संतोष कुमार साहू ने बताया कि उनके आसपास सिर्फ 1-2 हिंदू परिवार बचे थे। मुस्लिम लोगों के मकान अधिक होने से उनके बच्चों की शादियाँ नहीं हो रही थीं। वहाँ के माहौल के चलते रिश्ते नहीं आ रहे थे। उन्हें अपने 30 लाख रुपये के मकान को 22 लाख रुपये में बेचना पड़ा।

शनिचरी चौगना इलाके की एक हिंदू महिला ने बताया कि पति के न होने पर उन्हें अपनी दो बेटियों की सुरक्षा का डर रहता था। मुस्लिम समुदाय के लोगों से विवाद के बाद उन्होंने अपने 22 लाख रुपये के मकान को 14 लाख रुपये में बेचा।

विश्व हिंदू परिषद की अपील और प्रशासन की भूमिका

विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय दुबे का कहना है कि क्षेत्र में माहौल खराब होने के कारण हिंदू परिवार अपने मकान बेचकर जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस पलायन को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है और कहा है कि उनका संगठन भी परेशान परिवारों की मदद के लिए तैयार है।

यह रिपोर्ट सागर के शनिचरी-शुक्रवारी क्षेत्र में एक गंभीर सामाजिक समस्या की ओर इशारा करती है, जहाँ जनसांख्यिकीय बदलाव और सामाजिक ताना-बाना खतरे में दिख रहा है। यह मुद्दा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।

बिहार : पहलगाम की तरह दरभंगा में जेहादियों ने दरभंगा में लोगों ने राह चलते हिंदुओं पर धर्म पूछ लाठी-तलवार से किए हमले; पाकिस्तान परस्तों को तुरंत गिरफ्तार कर सारी सरकारी सुविधाओं से ब्लैकलिस्ट किया जाए

                                                बिहार के दरभंगा में हिंदुओं पर धर्म पूछकर हमला
पहलगाम आतंकी हमले में 22 अप्रैल को हिंदुओं को धर्म पूछकर मौत के घाट उतारा गया और अब बिहार के दरभंगा में धर्म पूछकर हिंदुओं पर हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने बताया है कि सड़क किनारे खड़े होकर कुछ मजहबी लोगों ने उनसे पहले उनका धर्म पूछा और फिर बाद में उनपर लाठी-डंडा और तलवार से हमला किया।

इस घटना में कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है और पुलिस द्वारा 4 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पूरी घटना जाले थाना क्षेत्र की है। पीड़ितों की पहचान राजकिशोर यादव, रामसागर यादव, अमित कुमार, सुमित कुमार, रंजीत यादव, ऋतिक यादव, मिथिलेश यादव, लक्ष्मण यादव, सोनू कुमार, दिनेश मांझी के तौर पर हुई है।

पीड़ितों ने बताया कि वो लोग 6 मई को शाम 7 बजे बहेड़ा पोखर के पास मुस्लिम समुदाय के युवक लाठी, भाला, तलवार, रॉड और पिस्टल लेकर खड़े थे। जैसे ही वो लोग उस रास्ते से गुजरे वहाँ उनसे पहले उनका धर्म पूछा गया और फिर जानलेवा हमला कर दिया गया।

घायलों में एक अमित कुमार भी हैं। अमित ने बताया कि उन लोगों ने पहले धर्म पूछा और जैसे ही हमने खुद को हिंदू बताया, उन लोगों ने हमला कर दिया। वो लोग बस हिंदुओं को मार रहे थे।

घटना में कुल 11 लोग घायल हुए हैं। इनमें एक इन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाले में भर्ती कराया गया है। कुछ लोगों की हालत गंभीर है। वहीं कुछ को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।

घटना के संबंध में लक्ष्मण कुमार यादव, मनोज कुमार यादव, सोनू यादव, दिनेश यादव, संजय यादव ने थाने में शिकायत दी है।

एफआईआर में 21 आरोपितों का नाम दिया गया है। इनमें कुरबान कुरैशी इरफान कुरैशी, सलमान इब्रान कुरैशी, पप्पू कुरैशी, मेराज, रेयाज, आसिफ, इम्तियाज, सरफरराज, एजाज, शहनवाज, दर्जी रिजवान के नाम हैं।

इस पूरे मामले में बता दें कि ये भी कहा जा रहा है कि ये विवाद स्कूटी में टक्कर लगने के बाद शुरू हुआ। टक्कर ऋतिक और दर्जी नूर आलम की बेटे की स्कूटी के बीच हुई थी। ऋतिक ने जब नुकसान का मुआवजा माँगा तो नूर का बेटा आनाकानी करने लगा। ऋतिक ने स्कूटी अपने पास रख ली और कहा स्कूटी अगले दिन मिलेगी।

इसके बाद दोनों को समझाया गया और मामला शांत कराकर उन्हें वापस भेज दिया गया। लेकिन, अगले दिन मुस्लिम भीड़ इकट्ठा हुई और फिर हिंदुओं को निशाना बनाने लगी।

पुलिस कार्रवाई की बात करें तो यही पता चला है कि इस केस में 4 लोग गिरफ्तार हुए हैं और आगे की कार्रवाई के लिए जाँच जारी है। पूरे मामले में पुलिस ने शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना परिसर में शांति समिति की बैठक कराई। थानाध्यक्ष ने बताया कि अन्य आरोपितों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।