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बंगाल में ‘TMC छात्र परिषद’ के गुंडे मुस्ताफिजुर का खौफ : लड़कियों को आइटम सॉन्ग पर नचाता, हॉस्टल पर कर रखा था कब्जा: जूनियर डॉक्टरों ने वसूली के लगाए आरोप

                 मेदिनीपुर अस्पताल में प्रदर्शन करते डॉक्टर (चित्र साभार: YouTube/ ABP Ananda)
पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने गुरुवार (29 अगस्त, 2024) को एक धरना दिया। यह डॉक्टर तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के नेता मुस्ताफिजुर रहमान मलिक द्वारा उन्हें लगातार परेशान किए जाने के खिलाफ धरना दे रहे थे।

आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के करीबी मुस्ताफिजुर पर रैगिंग में शामिल होने का आरोप है। उसने कथित तौर पर जूनियर महिला डॉक्टरों को आइटम गानों पर डांस करने तक के लिए मजबूर किया है। धरना दे रहे मोहम्मद सीबी नाम के एक डॉक्टर के अनुसार, मुस्ताफिजुर ने करीब 3 साल पहले मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज से डिग्री ली थी।

वह पढ़ाई पूरी होने के बाद भी यहीं जमा हुआ है और हॉस्टल में ही रहता है। मोहम्मद ने बताया “वह हमें परेशान करते रहता है और जूनियर डॉक्टरों को हॉस्टल से बाहर निकालने की धमकी देता है। जब हम मुस्ताफिजुर से कहते हैं कि हम उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाएँगे तो वह बताता है कि इससे कुछ नहीं होगा। भले ही शिकायत स्वास्थ्य विभाग से ही क्यों ना हो।”

मोहम्मद ने बताया कहा कि मुस्ताफिजुर ने जूनियर डॉक्टरों को उनके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ना मिलने की धमकी दी है। मोहम्मद ने आगे कहा, “TMCP नेता हर चीज को नियंत्रित करके रखता है है, परीक्षा में कौन कैसे बैठेगा से लकर से लेकर छात्रों को फेल-पास करने तक।”

उन्होंने यह भी बताया कि मुस्ताफिजुर ने प्रत्येक जूनियर डॉक्टर से ₹2000 भी वसूले और उन्हें जबरन TMCP में शामिल किया। प्रदर्शनकारी डॉक्टर ने बताया कि मुस्ताफिजुर एक सिंडिकेट चलाता है और मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में सबकुछ नियंत्रित करता है।

श्रेया मंडल नाम की एक मेडिकल छात्रा ने रिपब्लिक टीवी को बताया, “जब हमने इस कॉलेज में एडमिशन लिया, उस दिन ही शिक्षक क्लास छोड़कर चले गए थे और छात्र क्लास में थे, फिर यह यूनिट आई और हमारे दरवाज़े बंद कर दिए, और इस मुस्ताफिजुर के गुंडे यहाँ घुस आए और हमारी रैगिंग की।”

श्रेया मंडल ने बताया, “हमें परेशान किया जाता है। जब हम नए थे, तो हमें ऑडिटोरियम में ले जाया जाता था। पूरे ऑडिटोरियम के सामने, वे कहते हैं कि आइटम सॉन्ग बजाओ और डांस करो। उसी दिन से, हम डरे हुए हैं। कई जूनियर्स को धमकाया जाता है कि अगर तुम इसका विरोध करोगे, तो तुम निशाना बन जाओगे!”

अब मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज के पीड़ित जूनियर डॉक्टरों ने मुस्ताफिजुर रहमान मलिक को हॉस्टल से तत्काल बाहर निकालने की माँ को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने मुस्ताफिजुर के कॉलेज में घुसने पर रोक लगा दी है।

कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा, ”हम यहाँ सुरक्षा सम्बन्धित सभी कमियों को दूर कर रहे हैं। हैं। हम और CCTV ला रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में सूचित कर दिया है। पुलिस से लेकर कांस्टेबल तक सुरक्षा अधिकारी और सुरक्षा के उपायों पर भी काम किया जा रहा है।”

तेलंगाना : 3 दिनों से चल रही थी जूनियरों की रैगिंग, शिकायत के बाद 81 छात्राएँ सस्पेंड

                                              काकतीय विश्वविद्यालय (फोटो साभार : Sakshi)
तेलंगाना के काकतीय विश्वविद्यालय में रैगिंग के आरोप में 81 छात्राओं को हॉस्टल से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना शुक्रवार (22 दिसंबर 2023) को सामने आई। घटना की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और सभी आरोपित छात्राओं को हॉस्टल से निलंबित कर दिया। बताया जा रहा है कि इन छात्राओं पर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई के अलावा पुलिसिया कार्रवाई नहीं की गई है।

ये मामला तेलंगाना के हनुमाकोंडा का है, जहाँ काकतीय विश्वविद्यालय के पद्माक्षी गर्ल्स हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था। ये रैगिंग तीन दिनों तक चलती रही थी। इसकी सूचना जब विश्वविद्यालय प्रशासन को मिली, तो सबके होश उड़ गए। इस मामले की जाँच की गई, तो इकोनॉनिक्स, कॉनर्स और जूलॉजी डिपार्टमेंट की 81 लड़कियों के नाम सामने आए।

विश्वविद्यालय के सूत्रों ने बताया कि ये रैगिंग तीन दिनों से चल रही थी, लेकिन जूनियर छात्राओं ने किसी भी एचओडी या स्टल स्टाफ को इसकी जानकारी नहीं दी। जब वे इसे और सहन नहीं कर सके, तो जूनियरों ने रजिस्ट्रार प्रोफेसर टी श्रीनिवास राव के पास शिकायत दर्ज कराई, जिन्होंने बदले में पद्माक्षी छात्रावास में एंटी-रैगिंग समिति के सदस्यों और सुरक्षा अधिकारियों को सतर्क कर दिया।

कॉमर्स कॉलेज के प्रिंसिपल एस नरसिम्हाचारी और रजिस्ट्रार ने बाद में पाया कि आरोप सही थे। शनिवार (23 दिसंबर 2023) को सभी जूनियर और सीनियर छात्राओं को एंटी रैगिंग कमेटी और सीनियर प्रोफेसरों के सामने काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया। इसके बाद कार्रवाई की गई।

एंटी रैगिंग पैनल नहीं करेगा पुलिस केस दर्ज

जूनियर छात्रों से पूछताछ के बाद अधिकारियों ने पाया कि तीन विभागों के 81 सीनियर छात्र रैगिंग में शामिल थे। उन्हें समझाया गया और एक सप्ताह के लिए छात्रावास से निलंबित कर दिया गया। प्रोफेसर राव ने पत्रकारों को बताया कि समिति ने आरोपित छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज नहीं करने का फैसला किया है।

बिहार में भी रैगिंग

कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की रैगिंग का मामला नया नहीं है। मुजफ्फरपुर के एस के मेडिकल जीएनएम कॉलेज में भी छात्रा के साथ रैगिंग हुई। इस रैगिंग के कारण वो छात्रा इतनी तनाव में आ गई कि वो किसी से शिकायत भी नहीं कर पा रही। उसके परिजनों ने बताया कि कॉलेज में उससे पूछा जाता था कि उसका बॉयफ्रेंड है या नहीं और अगर है तो कितने हैं। प्रिंसिपल ने पीड़िता की बहन से इस संबंध में शिकायत पाने के बाद कि वो इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे।

मध्य प्रदेश : तकिए से करो सेक्स, सहपाठी लड़कियों से दुर्व्यवहार: महात्मा गाँधी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग

                        इंदौर (बाएँ) और रतलाम (दाएँ) के मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग (चित्र साभार- ANI)
मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित महात्मा गाँधी मेडिकल कॉलेज (MGM) में रैगिंग की घटना सामने आई है। फर्स्ट ईयर के छात्रों ने थर्ड ईयर के सीनियर्स पर रैगिंग और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इन छात्रों को कथित तौर पर तकिए के साथ सेक्स करने के लिए कहा गया। सहपाठी लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार को मजबूर किया गया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक MGM के पीड़ित छात्रों ने इसकी शिकायत UGC की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन में की। UGC ने इसकी सूचना कॉलेज के डीन को दी। MGM मेडिकल कॉलेज के डीन संजय दीक्षित के मुताबिक, “एक लड़के ने UGC की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर कुछ दिनों पहले शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए फ़ौरन ही एंटी रैगिंग टीम की मीटिंग करवाई गई। मीटिंग के बाद कमेटी ने घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई। FIR संयोगिता गंज थाने में दर्ज हुई है।

SHO तहजीब काज़ी ने के मुताबिक 8-10 छात्रों के खिलाफ IPC की धारा 294, 323 और 506 के तहत FIR दर्ज की गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने 700 छात्रों से पूछताछ की तैयारी की है। इनके बयानों को गोपनीय रखा जाएगा।

नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार एमजीएम मेडिकल कॉलेज के जूनियर्स को उनके सीनियर गीता भवन क्षेत्र के फ्लैटों पर बुलाते थे। वहीं उनकी रैगिंग की जाती थी। जूनियर छात्रों को समूह में बुलाया जाता था। घंटों खड़ा रखकर एक-दूसरे को थप्पड़ मारने के लिए मजबूर किया जाता। इस दौरान सीनियर धड़ल्ले से अपशब्दों का इस्तेमाल भी करते थे।

रतलाम में भी रैगिंग

इंदौर के अलावा रतलाम मेडिकल कॉलेज से भी रैगिंग की खबर आई है। यहाँ जूनियर छात्रों को थप्पड़ मारे गए। बताया जा रहा है कि रैगिंग की शिकायत मिलने पर जब वार्डन डॉ. अनुराग जैन हॉस्टल पहुँचे तब उनके ऊपर भी शराब की बोतलें फेंकी गई। घटना की शिकायत कॉलेज की अनुशासन समिति से की है। रैंगिंग करने वाले छात्रों की पहचान कर ली गई है।
मध्य प्रदेश के राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने 30 जुलाई 2022 (शनिवार) को इन घटनाओं का संज्ञान लेते हुए जाँच और कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा, “नियमानुसार रैंगिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद हमें शिकायत मिली है। आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हम इस घटना की गहनता से जाँच कर रहे हैं। ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”