Showing posts with label #sikh for justice. Show all posts
Showing posts with label #sikh for justice. Show all posts

मुस्लिम बना लें उर्दूस्तान, तमिल बनाएँ द्रविड़स्तान: खालिस्तानी आतंकी पन्नू मणिपुर को अलग-थलग करने की रच रहा था साजिश, भारत सरकार ने SFJ पर 5 साल बैन और बढ़ाया

भारत से मणिपुर को अलग करने के लिए खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का संगठन सिख फॉर जस्टिस मणिपुर के तमिलों, मुस्लिमों और ईसाइयों को भड़काने में जुटा था। ये जानकारी गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश के बाद सामने आई है। गृह मंत्रालय ने पन्नू के खालिस्तानी संगठन पर 5 साल के लिए बैन को बढ़ा दिया है। इससे पहले SFJ कोल आतंकी संगठन घोषित करते हुए बैन साल 2020 में लगा था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, खुफिया नोट में कहा गया है कि सिख फॉर जस्टिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के खिलाफ धमकियों सहित आतंकी कृत्यों की योजना बनाई थी। इसके अलावा इसमें ये भी कहा गया कि ये संगठन अल्पसंख्यक समुदायों को दूसरे समुदायों के खिलाफ भड़काकर सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बाँटकर अपने भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाता है।

आगे नोट में कहा गया कि आतंकी संगठन ईसाइयों को भड़काकर कहता है कि उनको अपना अलग देश बनाना चाहिए। इसी तरह मुस्लिमों को भड़काकर उर्दूस्तान बनाने को कहता है और तमिलों को उकसाकर द्रविड़स्तान बनाने को कहता है।

रिपोर्ट में ये भी जानकारी दी गई है कि कैसे सिख फॉर जस्टिस संगठन भारत में किसानों को भड़काने में शामिल था और कैसे वो दलित समुदायों को भड़काता है। SFJ दलितों को कहता था कि भारत सरकार ने उनका उत्पीड़न किया है इसलिए उन्हें अपना अलगाववादी अभियान शुरू करना चाहिए।

सिख फॉर जस्टिस का उद्देश्य भारत के अल्पसंख्यकों को भड़काने और भारत में हिंसा कराना रहता है। संगठन को पाकिस्तान से समर्थन प्राप्त है और वह आतंकवादियों, गैंगस्टरों तथा कश्मीरी अलगाववादियों के साथ संपर्क में रहता है। यह संगठन विदेशों में रह रहे सिखों को भी अपने उद्देश्यों के लिए प्रेरित करने का प्रयास करता है। इन्हीं सब बिंदुओं को देखते हुए सरकार ने इस संगठन पर एक्शन लेते हुए इस पर पाँच साल तक प्रतिबंध बनाए रखने का निर्णय लिया।

AAP को खालिस्तानियों ने दिए 133 करोड़ रूपए, आतंकी भुल्लर को छोड़ने का केजरीवाल ने किया था वादा: SFJ वाले पन्नू का दावा


खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने आम आदमी पार्टी और CM केजरीवाल पर खालिस्तानियों से सैकड़ों करोड़ चन्दा लेने का लगाया है। आतंकी पन्नू ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने खालिस्तानियों से मुलाक़ात में आतंकी भुल्लर को छोड़ने का वादा भी किया था। पन्नू ने यह आरोप एक वीडियो में जड़े हैं।

सिख फॉर जस्टिस (SFJ) आतंकी संगठन के मुखिया पन्नू ने CM केजरीवाल, आम आदमी पार्टी और पंजाब CM भगवंत मान पर आरोप लगाते हुए एक ढाई मिनट का वीडियो जारी किया है। इसमें पन्नू ने CM केजरीवाल की हालिया गिरफ्तारी के बाद कई आरोप जड़े हैं।

पन्नू ने इस वीडियो में कहा, “अरविन्द केजरीवाल खुद को ईमानदार हिन्दू कहते हैं लेकिन वह बेईमान हिन्दू हैं। जब 2014 में उनके पास सत्ता नहीं थी, तब उन्होंने अमेरिका आकर न्यूयॉर्क में खालिस्तानियों से वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो प्रोफ़ेसर देविंदर पाल सिंह भुल्लर को 5 घंटे के भीतर छोड़ दिया जाएगा।” पन्नू ने केजरीवाल पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। पन्नू ने कहा कि भुल्लर को तो नहीं छोड़ा गया लेकिन खालिस्तानियों की बात करने वालों को पंजाब में भगवंत मान की सरकार रोक रही है।

 Khalistani terrorist Gurpatwant Singh Pannun also released a video claiming that Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal had a meeting with Pro Khalistan Sikhs in Gurdwara Richmond Hills, NY In 2014 where Kejriwal promised to release terrorist Bhullar in liu of financial support. pic.twitter.com/y6GxgP34cy

— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) March 25, 2024
इसके बाद पन्नू ने आरोप लगाया कि भगवंत मान और केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के लिए खालिस्तानियों से मोटी रकम ली है। पन्नू ने कहा, “2014-2022 के बीच खालिस्तानियों ने AAP की सरकार बनाने के लिए 16 मिलियन डॉलर (₹133 करोड़) की मदद दी।”
पन्नू ने आरोप लगाया कि पंजाब में खालिस्तानियों के खिलाफ झूठे पुलिस एनकाउंटर CM अरविन्द केजरीवाल के दिशानिर्देश पर CM भगवंत मान करवा रहे हैं। पन्नू ने केजरीवाल से हिसाब किताब करने की धमकी भी दी है। पन्नू ने खालिस्तानी अमृतपाल को लेकर भी बात की।
जिस देविंदर पाल सिंह भुल्लर की बात पन्नू कर रहा है, उसने दिल्ली में 1993 में एक कार में बम लगा कर धमाका किया था। भुल्लर के आतंकी कृत्य में 9 लोगों की मौत हुई थी जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। भुल्लर ने यह धमाका यूथ कॉन्ग्रेस के दफ्तर के बाहर किया था। इसमें यूथ कॉन्ग्रेस के तब अध्यक्ष रहे एमएस बिट्टा घायल हुए थे। भुल्लर अभी जेल में बंद है। उसे फांसी की सजा दी गई थी लेकिन बाद में इस सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया था।
पन्नू के इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी की तरफ से अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों का अभी कोई जवाब भी नहीं दिया है। गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च, 2024 को दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया था। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में हैं। इस बीच पन्नू ने उनकी पार्टी और उन पर यह गंभीर आरोप जड़े हैं। ऐसे में देखना होगा कि पार्टी इस पर क्या जवाब देती है।

‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान, संसद पर हमला कर के लूँगा हत्या की साजिश का बदला’: गुरवतपन्त सिंह पन्नू

                   पन्नू ने अफजल की तरह संसद पर हमले की धमकी दी है (चित्र साभार: Business today)
प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सरगना गुरवतपन्त सिंह पन्नू की भारतीय संसद उड़ाने की धमकी को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे लोग मीडिया कवरेज पाने के लिए ऐसी बाते करते रहते हैं और हम यहाँ बात करके उन्हें प्रासंगिकता नहीं देना चाहते।

हाल ही में पन्नू ने एक वीडियो जारी करके संसद पर हमले की बरसी 13 दिसम्बर को संसद उड़ाने की धमकी दी थी। इसी को लेकर अब भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक मीडिया संवाद में जवाब दिया है। गौरतलब है कि 13 दिसम्बर, 2001 को पाँच इस्लामी आतंकियों ने संसद पर हमला कर दिया था। इसमें सुरक्षा बलों के 6 जवान बलिदान हो गए थे।

इस वीडियो में पन्नू ने कहा था कि वह 13 दिसम्बर या उससे पहले संसद भवन पर हमला करके उसके हत्या की योजना बनाने का बदला लेगा। उसने दावा किया था कि दिल्ली खालिस्तान बनेगा। वह पहले भी ऐसी धमकियों वाले वीडियो जारी करता रहा है।

अब विदेश मंत्रालय ने इस पर कहा है, “हम इन धमकियों को गंभीरता से लेते हैं लेकिन हम ऐसे लोगों के बारे में यहाँ बात करके उन्हें ज्यादा विश्वसनीयता नहीं देना चाहते जो ऐसी धमकियाँ देकर काफी मीडिया कवरेज पाते हैं।”

उन्होंने आगे इस मामले में कहा, “हम इन खतरों को गंभीरता से लेते हैं और हमने इस मामले से अमेरिका और कनाडा को अवगत करवाया है। कट्टरपंथी और आतंकी मीडिया कवरेज पाने के लिए ऐसी धमकियाँ देते रहते हैं।” विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वह यहाँ हमारी एजेंसियों द्वारा वांछित है और हम अन्य देशों से उसे कानून तक लाने के लिए सहायता माँग चुके हैं।

पन्नू की धमकी अमेरिका के उस दावे के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के एक अफसर ने एक भारतीय निखिल गुप्ता को पन्नू को मरवाने के लिए कहा था। इस मामले में विदेश मंत्रालय पहले ही एक जाँच कमिटी गठित कर चुका है।

अमेरिका में भी इस मामले को कोर्ट में ले जाया गया है और निखिल गुप्ता को अमेरिका ने गिरफ्तार भी किया है। अमेरिका के जस्टिस विभाग ने आरोप लगाया था कि 1 लाख डॉलर (लगभग ₹83 लाख) में पन्नू को मारने के लिए एक व्यक्ति को सुपारी दी गई थी जो कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का एजेंट था।

संसद पर हमला करने की धमकी देने वाले वीडियो में पन्नू इसी हत्या की साजिश की बात कर रहा था। पन्नू पूर्व में भी ऐसे ही वीडियो जारी करता रहा है। इससे पहले उसने एअर इंडिया के विमानों को उड़ाने की धमकी भी दी थी।

‘जुमे की नमाज के बाद प्रगति मैदान के लिए निकलो’: G20 समिट से पहले खालिस्तानी पन्नू ने कश्मीरी मुस्लिमों को भड़काया

दिल्ली में जी-20 के शिखर सम्मेलन में विघ्न पहुँचाने के लिए गुरपतवंत सिंह पन्नू आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा है और कश्मीरियों को भड़का रहा है। पन्नू ने आईएसआई के ‘के-2’ फॉर्मूले की तर्ज पर ऑडियो मैसेज जारी कर पड़ोसी मुल्क को गलती से ही सही, एक्सपोज कर दिया है। उसने कश्मीरी लोगों से दिल्ली में आकर हमला करने की अपील की है, ताकि खालिस्तानी और कश्मीरी मोर्चे को एक किया जा सके।

आईएसआई के ‘के-2’ फॉर्मूले जैसा बोला पन्नू

आईएसआई ‘के-2’ फॉर्मूला को कश्मीर-खालिस्तान फॉर्मूला बताता है और दोनों के गठजोड़ के दम पर भारत को अस्थिर करने की कोशिश करता रहता है। दरअसल, खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस के चीफ आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने जी-20 को लेकर जो ऑडियो मैसेज जारी किया है, उसमें वो कश्मीरी मुस्लिमों को घाटी छोड़कर दिल्ली आने और जी-20 समिट के दौरान दिल्ली को ब्लॉक करने के लिए उकसा रहा है।

जुम्मे की नमाज के साथ प्रगति मैदान कूच करने को बोल रहा आतंकी

इस ऑडियो मैसेज में पन्नू जुम्मे की नमाज के बाद मुस्लिमों को प्रगति मैदान की तरफ मार्च करने को बोल रहा है, साथ ही इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खालिस्तानी झंडा लहराने की भी धमकी दे रहा है। बता दें कि इस ऑडियो मैसेज को खुफिया एजेंसियों ने गंभीरता से लिया है, 26 अगस्त को पन्नू के इशारे पर दिल्ली के 5 मेट्रो स्टेशन पर खालिस्तान के समर्थन में और एंटी इंडिया स्लोगन भी लिखे गए थे। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।
दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान खालिस्तानी आतंकवादियों की हमले की साजिश की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा बलों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। शिखर सम्मेलन 9 से 12 सितंबर तक दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जिसमें दुनिया के प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, खालिस्तानी आतंकवादी शिखर सम्मेलन स्थल, जहाँ प्रतिनिधियों के ठहरने वाले होटल, और दिल्ली के अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना चाहते हैं। आतंकवादियों को ड्रोन का इस्तेमाल हमले को अंजाम देने के लिए करने की भी योजना है।
सुरक्षा बलों ने दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी है और सभी प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त बलों को तैनात किया है। वे संवेदनशील इलाकों में नियमित जाँच और गश्त भी कर रहे हैं। सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाई अलर्ट भी जारी किया है, और सुरक्षा बलों से अधिकतम सतर्कता बरतने के लिए कहा है।

‘AAP ने लिया है खालिस्तानी फण्ड और वोट, अब खालिस्तान बनाने में दो साथ’: SFJ के पन्नू की भगवंत मान को चिट्ठी

        SFJ के पन्नू (बाएं) ने पंजाब विधानसभा चुनाव में आप पार्टी पर खालिस्तान समर्थकों से पैसे व वोट लेने का आरोप 
पंजाब विधानसभा चुनाव परिणाम में स्पष्ट बहुमत पाने वाली आम आदमी पार्टी द्वारा घोषित मुख्यमंत्री उम्मीदार भगवंत मान को प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन SFJ (सिख फॉर जस्टिस) ने पत्र जारी किया है। इस चिट्ठी में पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत में खालिस्तान की फंडिंग का योगदान बताया गया है। साथ ही आप पार्टी को अपनी विचारधारा के लोगों का वोट वहाँ भी मिलना बताया गया है जहाँ पार्टी ने प्रचार भी नहीं किया। पत्र में पंजाब की नई सरकार को खुद से मिल कर चलने की भी नसीहत दी गई है। लेटर पर 10 मार्च (गुरुवार) की तारीख पड़ी हुई है।

इस गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और गुप्तचर एजेंसियों को बहुत ही सतर्कता से विचार कर कार्यवाही करने की जरुरत है। 

                                            एसएफजे के द्वारा जारी किया गया पत्र

                                           SFJ letter to Bhagwant Mann

लेटर गुरपतवंत एस पन्नू के हवाले से जारी किया गया है। इसमें लिखा गया है, “आम आदमी पार्टी को खालिस्तान समर्थकों का वोट और फंडिंग दोनों मिला है। यह फंडिंग अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रलिया, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के सिखों ने दी है। आप पार्टी को मिली इस फंडिंग और समर्थन की वजह वो फर्जी लेटर है जो 10 मार्च से पहले वायरल हुआ था। इस पत्र में SFJ द्वारा आप पार्टी को समर्थन देने की बात कही गई थी। इस पत्र में आप पार्टी को पंजाब को अलग खालिस्तान देश बनाने में आम आदमी पार्टी को उम्मीद के तौर पर बताया गया था। इसी के बाद इन्हें पंजाब के 70% उन ग्रामीण क्षेत्रों से भी वोट मिला है जहाँ इन्होने प्रचार भी नहीं किया।”

पन्नू के पत्र के मुताबिक, “खालिस्तान समर्थकों के ये वोट आप पार्टी द्वारा उसी फर्जी लेटर के धोखे से लिए गए हैं। जब मैंने इस पत्र का खंडन किया तब 18 फरवरी को एक व्यक्ति का फोन आया जो खुद को राघव चड्ढा का प्रवक्ता बता रहा था। उसने सिख फॉर जस्टिस से वायरल फर्जी पत्र को सही बताने और बाद में चुनाव जीतने पर पंजाब विधानसभा में ‘खालिस्तान जनमत संग्रह’ का ऑफर दिया था।

इसी पत्र में आगे भगवंत मान को चेतावनी देते हुए लिखा गया, “खालिस्तान आंदोलन को रोकने की कोशिश में गोलियाँ चलवाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह को साल 1995 में मौत के घाट उतार दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री बादल और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी खालिस्तान आंदोलन को रोकने की कोशिश की तो उनके राजनैतिक कैरियर को ही खत्म कर दिया गया। भगवंत मान अपने पूर्व मुख्यमंत्रियों से कुछ सीखें। खालिस्तान सिखों के लिए एक जरूरी मुद्दा है। आप हमारी इस लड़ाई में पक्षकार मत बनिएगा। साथ ही खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह में सहयोग भी करिए।”

SFJ ने अगले दिन जारी की प्रेसनोट में भी दोहराई यही बात

11 मार्च (शुक्रवार) को SFJ ने एक प्रेसनोट जारी करके अपनी उन्हीं बातों को दोहराया जो उन्होंने भगवंत मान से कही थी। इस पत्र की हेडिंग में है, “खालिस्तान वोट और खालिस्तानी फंड ने AAP को पंजाब जीतने में सहायता की।” साथ ही दूसरी लाइन में है, “पंजाब में सुचारू रूप से चलेगा खालिस्तान जनमत संग्रह।” यह पत्र एसएफजे के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नू के हवाले से जारी हुआ है।
इस पत्र में आगे कहा गया, “आप पार्टी ने विश्वासघात करके फर्जी लेटर वायरल करवाते हुए वोट ले कर पंजाब में जीत दर्ज की है। इस पत्र से आप पार्टी को उनके वोट मिले है जो खालिस्तान की इच्छा रखते हैं। बादल और कैप्टन अमरिंदर खालिस्तान विरोधी थे इसलिए उनको हरा दिया गया है। अब आप पार्टी सत्ता में है। वो पंजाब में खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह करे।”
                                                              SFJ Press Note
अवलोकन करें:-
‘हिम्मत है तो बोलो खालिस्तान के खिलाफ लड़ूँगा, अब विक्टिम कार्ड नहीं चलेगा’: केजरीवाल को कुमार
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
‘हिम्मत है तो बोलो खालिस्तान के खिलाफ लड़ूँगा, अब विक्टिम कार्ड नहीं चलेगा’: केजरीवाल को कुमार
पंजाब चुनाव : केजरीवाल पर FIR के निर्देश, ‘खालिस्तानी कनेक्शन’ सामने आने के बाद खुद को दिखाया था –
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
पंजाब चुनाव : केजरीवाल पर FIR के निर्देश, ‘खालिस्तानी कनेक्शन’ सामने आने के बाद खुद को दिखाया था –
पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP की जीत से अलगाववादी ताकतों के उभरने का खतरा या फिर 2017 की तरह 10 मार्च को
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP की जीत से अलगाववादी ताकतों के उभरने का खतरा या फिर 2017 की तरह 10 मार्च को
क्या केजरीवाल की ‘राजनीति’ में डूब जाएगा सीमावर्ती पंजाब या शेष है कोई उम्मीद?
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
क्या केजरीवाल की ‘राजनीति’ में डूब जाएगा सीमावर्ती पंजाब या शेष है कोई उम्मीद?
आम आदमी पार्टी पर खालिस्तान का समर्थक होने का आरोप केजरीवाल के पूर्व सहयोगी कुमार विश्वास ने भी लगाया था। कुमार विश्वास ने अरविन्द केजरीवाल पर आज़ाद खालिस्तान देश के पहले प्रधानमंत्री बनने तक की सोच रखने का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने केजरीवाल को खालिस्तान के खिलाफ बयान देने की चुनौती भी दी थी। इन आरोपों के जवाब में केजरीवाल ने खुद को स्वीट आतंकी कहा था।

कर्नाटक बुर्का विवाद : ‘एक नया मुस्लिम राष्ट्र ‘उर्दिस्तान’ बनाओ’: खालिस्तानी आतंकी संगठन, पन्नू ने मुस्लिमों को देश तोड़ने के लिए भड़काया

                                                             पन्नू के वीडियो का स्क्रीनशॉट
कर्नाटक के उडुपी जिले में स्थित पीयू कॉलेज में हिजाब पहनने को लेकर मुस्लिम लड़कियों के द्वारा शुरू किए गए विवाद में तालिबान के बाद अब खालिस्तान की एंट्री हो गई है। खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने इस मामले में कूदते हुए मुस्लिमों को एक ‘नया मुस्लिम देश’ और ‘हिजाब’ के मुद्दे पर देश में जनमत संग्रह कराने के लिए भड़काया है।

हिजाब विवाद को हवा देते हुए खालिस्तानी एसएफजे प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने झूठ फैलाया कि भारत सरकार देश में हिजाब को पूरी तरह से बैन करने जा रही है। उसने कहा कि आज हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के बाद अजान और फिर नमाज व कुरान पर पूरी तरह से बैन लगा दिया जाएगा।

अपने वीडियो में पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने की कोशिश करते हुए कहा, “मोदी का भारत को हिंदू राष्ट्र बनना चाहता है। भारत के 20 करोड़ मुस्लिमों को क्या करना चाहिए? हिजाब जनमत संग्रह शुरू करो। जिससे भारत टूटेगा, कमजोर होगा। जिससे भारतीय संघ को तोड़कर एक नया मुस्लिम राष्ट्र ‘उर्दिस्तान’ बनाओ।”

अपने दुष्प्रचार को आगे बढ़ाते हुए पन्नू वीडियो में आगे कहता है, “1992 में उन्होंने बाबरी मस्जिद को तोड़ा, मुस्लिम चुप रहे, गुजरात में मुस्लिमों की निर्मम हत्या हुई फिर भी मुस्लिम चुप रहे। उन्होंने कश्मीर पर कब्जा कर लिया और मुस्लिम चुप रहे। जब कोई आपके धार्मिक प्रतीकों और विश्वासों पर हमला करे तो आपको चुप नहीं रहना चाहिए।”

खालिस्तानी चरमपंथी पन्नू कहता है कि हिजाब मुस्लिमों का मौलिक अधिकार है, उनका जन्म सिद्ध अधिकार है। पन्नू ने कहा कि पंजाब को भारत के कब्जे से मुक्त कराने के लिए सिख खालिस्तान जनमत संग्रह की तरफ जा रहे हैं। हम आपका (इस्लामवादियों) मार्गदर्शन करेंगे, आपको संगठित करेंगे और फंड भी देंगे। आप भारतीय संघ को तोड़कर एक ‘नया मुस्लिम देश’ बनाने के लिए जनमत संग्रह करो। नया उर्दिस्तान बनाओ। इसके साथ ही उसने भारत के मुस्लिमों को पाकिस्तान से सीखने की भी सलाह दी है।

                                                    हिजाब पर जनमत संग्रह वाली वेबसाइट का स्क्रीनशॉट

SFJ प्रमुख ने अपने चरमपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ‘हिजाब जनमत संग्रह’ के नाम से एक वेबसाइट भी बना ली है। उसने कट्टरपंथी इस्लामिस्टों से वेबसाइट पर अपना नाम, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी साझा करने को कहा है। यहीं नहीं पन्नू ने ‘उर्दिस्तान’ का नक्शा भी बना लिया है। उसकी कोरी कल्पना से भरे देश में राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल को शामिल किया गया है। हालाँकि, हिजाब विवाद वाला राज्य कर्नाटक इसमें नहीं है।

इससे पहले तालिबान ने भी कर्नाटक में बुर्का पहनने वाली लड़कियों को भी समर्थन दिया था।

अवलोकन करें:-

कर्नाटक बुर्का विवाद पर स्टेटस लगाने से 300+ मुस्लिमों का उत्पात: क्यों घर से बाहर खींचकर हिंदू व्
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
कर्नाटक बुर्का विवाद पर स्टेटस लगाने से 300+ मुस्लिमों का उत्पात: क्यों घर से बाहर खींचकर हिंदू व्

कर्नाटक हिजाब मामला

कर्नाटक के उडुपी जिले के पीयू कॉलेज में हिजाब का यह मामला सबसे पहले 2 जनवरी 2022 को सामने आया था, जब 6 मुस्लिम छात्राएँ क्लासरूम के भीतर हिजाब पहनने पर अड़ गई थीं। कॉलेज के प्रिंसिपल रूद्र गौड़ा ने कहा था कि छात्राएँ कॉलेज परिसर में हिजाब पहन सकती हैं, लेकिन क्लासरूम में इसकी इजाजत नहीं है। बाद में इसके विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर हिजाब को अपना मौलिक अधिकार बताते हुए कक्षाओं में इसे पहनने की छूट माँगी थी। हालाँकि, हिजाब पहनने पर अड़ी मुस्लिम छात्राओं के विरोध में हिंदू छात्र भी भगवा स्कॉर्फ लेकर कॉलेज जाने लगे।

‘नहीं करने देंगे PM मोदी सुरक्षा चूक की जाँच’: जस्टिस इंदु मल्होत्रा को SFJ की धमकी, वकीलों से कहा – तुम सब खतरे में हो, लिस्ट बन रही है

जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में जाँच में Sikh for Justice यानि खालिस्तान द्वारा धमकी दी जा रही है, ऐसे में समस्त किसान समुदाय का नैतिक कर्तव्य बनता है कि वह राकेश टिकैत सहित आंदोलन को समर्थन दे रही राजनीतिक पार्टियों से पूछे कि "आंदोलन में खालिस्तान क्यों आया? किस आधार पर खालिस्तान को खुला मंच दिया गया?" यदि आंदोलन में खालिस्तान को खुला मंच नहीं दिया होता, प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में चूक का प्रश्न ही नहीं होता। क्या दो प्रधानमंत्रियों को आतंक की भेंट चढ़ने के बाद भी इन लोगों की ऑंखें नहीं खुली? क्या ये जनसेवा और किसान हित की आड़ में नौटंकी करने वाली पार्टियां देश 1984 दोहरा कर देश में अराजकता फैलाना चाहती हैं? दूसरे, सिख समुदाय को भी इन आन्दोलनजीवियों और इनकी समर्थक पार्टियों से देश में पल रहे खालिस्तानियों को कानून के हवाले करवाने की मांग करनी चाहिए कि देश के प्रधानमंत्री को खतरा प्रत्यक्षरूप से देश को खतरा है, सिख समुदाय को खतरा है, वोट लेने से पहले इन तत्वों को कानून के हवाले करवाने के लिए आगे आएं। 
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के बठिंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक की जाँच के लिए जस्टिस (रिटायर्ड) इंदु मल्होत्रा के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया था। अब खालिस्तानी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस (SFJ)’ ने उन्हें भी फोन कॉल कर के धमकी दी है। कट्टरवादी संगठन ने कहा है कि वो जस्टिस इंदु मल्होत्रा को इस मामले की जाँच नहीं करने देगा। प्रदर्शनकारियों के कारण बठिंडा के हुसैनीवाला फ्लाईओवर पर 20 मिनट तक पीएम मोदी का काफिला रुका रहा था, जिसके बाद उन्हें वापस दिल्ली लौटना पड़ा था और फिरोजपुर की रैली रद्द हो गई थी।

कई वकीलों को SFJ ने एक वॉइस नोट भेजा है। इसमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज के नेतृत्व वाली समिति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक मामले की जाँच नहीं करने दी जाएगी। संगठन ने कहा कि प्रधानमंत्री और सिखों में से किसी एक को ही चुनना होगा। साथ ही उसने ये भी बताया कि वो सुप्रीम कोर्ट के वकीलों की एक सूची भी तैयार कर रहा है। ये पहली बार नहीं है जब वकीलों को इस तरह की धमकी खालिस्तानी संगठन द्वारा दी गई हो।

हाल ही में ‘सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन’ ने भी जस्टिस इंदु मल्होत्रा को पत्र लिख कर वकीलों को धमकी दिए जाने वाले मामले की जाँच के लिए निवेदन किया था। इस पात्र में बताया गया था कि कई बार वकीलों को धमकी मिली है। SFJ ने वकीलों को धमकी देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के दिन लाल किला पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराने दिया जाएगा। साथ ही एक वीडियो जारी कर के सिखों को भी भड़काया गया था।

सुप्रीम कोर्ट के एक वकील को तो 5 बार धमकी दी गई। महाराष्ट्र के पूर्व स्टैंडिंग काउंसिल निशांत कतनेश्वरकर ने बताया, “मुझे यूके के नंबर से फोन कॉल्स किए जा रहे हैं। SFJ का गुरपतवंत सिंह पन्नू मुझे धमकी दे रहा है। SFJ कह रहा है कि वो वकीलों की पहचान कर लेगा। शिकायत दायर कर के वकीलों ने खुद को खतरे में डाल लिया है। उसने जस्टिस इंदु मल्होत्रा को जाँच से रोकने के साथ-साथ गणतंत्र दिवस पर लाल किला पर खालिस्तानी झंडा फहराने की धमकी भी दी है।”

इससे पहले भी खालिस्तान समर्थक ग्रुप (Khalistani Supporters) सिख फॉर जस्टिस (SFJ) की ओर से धमकी दी गई थी कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर तिरंगे की जगह खालिस्तानी झंडा फहराया जाएगा। यह ऐलान SFJ प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा किया गया था। फेसबुक पर गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा साझा किए गए एक नए प्रोपेगेंडा वीडियो में, प्रतिबंधित संगठन ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में भारतीय तिरंगे के बजाए खालिस्तानी झंडा फहराने वाले शख्स को ‘इनाम’ के रूप में $1 मिलियन डॉलर (7.39 करोड़ रुपए) देने की घोषणा की थी।

आतंकी संगठन SFJ का ऐलान : 1 फरवरी को संसद पर कब्जा, ‘खालिस्तानी’ झंडा फहराने वाले को 2.5 करोड़ रुपए

                       खालिस्तानी संगठन SFJ ने आगामी 1 फरवरी को संसद पर कब्ज़ा करने की धमकी दी है
गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद अब प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) ने आगामी 1 फरवरी को संसद पर कब्ज़ा और घेराव की धमकी दी है। इतना ही नहीं, खालिस्तानी संगठन SFJ ने लाल किले पर झंडा फहराने वाले व्यक्ति को $350,000 इनाम देने का भी एलान किया है। SFJ ने कनाडा से सात मिनट का एक वीडियो जारी करते हुए लाल किले पर ‘खालिस्तानी’ झंडा फहराने की बात भी स्वीकार की है।

1 फरवरी को संसद में बजट भी पेश किया जाना है। इस दौरान सभी लोगों की निगाहें समाचार चैनल्स पर रहेंगी। ऐसे में इसी दिन को संसद घेराव के लिए चुना गया है।

राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘किसान’ दंगाइयों ने ऐतिहासिक लाल किले पर सिखों के धार्मिक झंडे निशान साहब को फहरा दिया और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का अपमान भी किया। पूरे दिन ये तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया और समाचार चैनल्स पर छाई रहीं।

यही नहीं, दंगाइयों ने राम मंदिर और केदारनाथ मंदिर को निशाना बनाते हुए राम मंदिर की झाँकी के कुछ हिस्सों को तोड़ दिया। दंगाइयों ने अयोध्या श्रीराम मंदिर की झाँकी के लिए बनाए गए राम मंदिर के गुम्बद को निशाना बनाकर उसे तोड़ दिया। ये दोनों झाँकी कल गणतंत्र दिवस की परेड में दिखाई गई थीं।

गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में हुई हिंसा में एक्शन लेते हुए दिल्ली पुलिस ने करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है। इन पर हिंसा करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप लगा है।

मंगलवार को हुए इन ‘किसान दंगों’ में अब तक कुल 22 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने कहा कि वे सत्यापन करने के बाद गिरफ्तारी कर रहे हैं। दंगों में 230 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले और किसान विरोध स्थलों पर कई स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मंगलवार के दिन ट्रैक्टर परेड के लिए निर्धारित मार्ग से दूर, सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सीमाओं पर बैरिकेड्स को तोड़ दिया और पुलिस के साथ भिड़ गए। उन्होंने कई जगहों से दिल्ली में प्रवेश किया और गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर धावा बोल दिया।

किसान संगठनों पर सरकार सख्त: क्यों ट्रेंड कर रहा है #खालिस्तानी_माँगे_कुटाई

                                                                                ट्रेंड कर रहा है #खालिस्तानी_माँगे_कुटाई
केंद्र सरकार और नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे कथित किसान संगठनों के बीच शुक्रवार (22 जनवरी 2021) को 11वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। संगठनों के अड़ियल रवैए को देखते हुए सरकार ने भी अब बातचीत की अगली तारीख नहीं दी है। अपनी ओर से दिए गए प्रस्तावों पर विचार करने को कहा है।

कुछ राजनीतिज्ञ पंडितों का मानना है कि मोदी विरोधियों का शायद यह अंतिम विरोध होगा, इस सोंच में कितनी सच्चाई है, यह भविष्य के गर्भ में छिपा है। क्योकि इस किसान विरोध में किसान कम आढ़ती और मोदी विरोधियों का कब्ज़ा है। दूसरे, कृषि कानून आने पर ये वही राकेश टिकैत ने स्वागत किया था और आज वही टिकैत विरोध कर रहा है, यानि विरोध कृषि कानूनों का नहीं बल्कि मोदी का अधिक है। फिर सबसे पहले दिल्ली में इन कानूनों को लागू करने वाले अरविन्द केजरीवाल भी इस विरोध में कूद पड़े हैं, जो यह सिद्ध करता है कि इन लोगों को कृषि कानून से अधिक मोदी विरोध करना है।

 

किसान नेताओं ने मीटिंग के बाद कहा, “सरकार द्वारा जो प्रस्ताव दिया गया था वो हमने स्वीकार नहीं किया। कृषि क़ानूनों को वापस लेने की बात को सरकार ने स्वीकार नहीं की। अगली बैठक के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है।”

‘किसान’ नेताओं के अड़ियल रवैए से जनसामान्य का जीवन भी प्रभावित होने लगा है। राकेश टिकैत जैसे नेता हर सुरक्षा मानक को नकारते हुए 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली करने पर अड़े हैं। शुक्रवार को इस संबंध में परेड की रिहर्सल भी हुई।

अब कथित किसानों की इसी मनमानी को देखते हुए लोगों के सब्र का बाँध टूटने लगा है और लोग आंदोलन में शामिल उन अराजक तत्वों पर कार्रवाई की मॉंग कर रहे हैं जो किसानों को ये समझने नहीं दे रहे कि उनके हित में क्या है क्या नहीं?

ट्विटर पर खालिस्तानी_माँगे_कुटाई ट्रेंड कर रहा है। इस ट्रेंड पर अब तक 41 हजार ट्वीट हो चुके हैं। भारतीय फिल्म निर्देशक अशोक पंडित ने हैशटैग के अंतर्गत लिखा है, “तथाकथित किसान आंदोलन में सिख फॉर जस्टिस, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, बब्बर खालसा इंटरनेशनल और खालिस्तान टाइगर फोर्स जैसे आतंकी संगठन शामिल हैं। जरूरी है कि इन देश विरोधी ताकतों को कुचला जाए।”

आशीष शुक्ला इस हैशटैग के अंतर्गत किसान नेता राकेश टिकैत द्वारा बार बार ट्रैक्टर रैली करने की बात पर कहते हैं, “अगर 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के ड्रामे के दौरान कोई भी दंगा हुआ तो दिल्ली पुलिस इसी पागल (psycho) व्यक्ति को यूएपीए एक्ट के तहत गिरफ्तार करना।”

समिता शर्मा ने जैजी बी की भड़काऊ वीडियो शेयर करके खालिस्तानियों पर निशाना साधा है। वह कहती हैं कि सरकार को धमकाना, झूठ बोलना, किसानों को अराजकता पैदा करने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए उकसाना और ऐसे देश विरोधी प्रतिबंधित संगठनों की भागीदारी जो भिंडरावाला के नक्शेकदम पर चलती है- एक आंदोलन है जिसे किसान आंदोलन कहा जाता है।

इस हैशटैग में किसान आंदोलन के दौरान हुई किसानों की मृत्यु को लेकर राकेश टिकैत को जिम्मेदार बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यही आदमी किसानों की भावनाओं से और भारत की अखंडता से खेल रहे हैं। लोग आरोप लगा रहे हैं कि इन लोगों को खालिस्तानी संगठनों से फंडिंग मिल रही हैं।

राकेश टिकैत की वीडियो शेयर करके कहा जा रहा है कि इन लोगों को कभी भी किसान नेताओं से लेना-देना नहीं था। इनका मकसद सिर्फ़ अराजकता पैदा करना था, हिंसा फैलाना था और वैश्विक स्तर पर मोदी के ख़िलाफ़ नैरेटिव गढ़ना था। ऐसे फर्जी किसानों/ खालिस्तानियों के साथ वहीं करना चाहिए जो ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद भिंडरावाले के साथ हुआ था।

वीडियो में टिकैत कहते सुनाई दे रहे हैं, “देश को गणतंत्र दिवस मनाने का अधिकार है। किसी के बाप की जागीर है गणतंत्र दिवस। ये गणतंत्र दिवस दुनिया का किसान मनाएगा। दुनिया की सबसे बड़ी परेड होगा। कौन रोकेगा किसान को।” वह दिल्ली को खबरदार करते हुए कहते हैं कि अगर ट्रैक्टर को रोका गया तो उसका इलाज होगा। अगर किसी ने रोका तो उसकी बक्कल उतार दी जाएगी। वह चिल्लाकर पूछते हैं कि कौन रोकेगा ट्रैक्टर को? कोई नहीं रोकेगा।

इस हैशटैग में कुछ लोग अराजक तत्वों का निवारण करने की बात कहकर इस बात पर गौर करवा रहे हैं कि आखिर केवल पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान जैसे राज्यों के किसान ही इसमें शामिल क्यों हो रहे हैं? वहीं कुछ लोग इस हैशटैग को ट्रेंड करवाने वालों की मंशा पर सवाल उठा कर पूछ रहे हैं कि क्या किसान प्रदर्शन पर बैठे सिख वाकई खालिस्तानी हैं।

इस खींचतान और 11वें दौर की बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का बयान आया है। उन्होंने कहा, “भारत सरकार PM मोदी जी के नेतृत्व में किसानों और गरीबों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और रहेगी… विशेष रूप से पंजाब के किसान और कुछ राज्यों के किसान कृषि क़ानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “इस आंदोलन के दौरान लगातार ये कोशिश हुई कि जनता के बीच और किसानों के बीच गलतफहमियाँ फैलें। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग जो हर अच्छे काम का विरोध करने के आदी हो चुके हैं, वे किसानों के कंधे का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर सकें।”