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PM मोदी का Insta पोस्ट हटाने पर Meta ने दी सफाई, कहा- गलती से हट गया था: अब कर दिया है रीस्टोर, सरकार ने कंपनी के टॉप अधिकारियों को किया तलब

              मोदी का पोस्ट हटाने पर मेटा ने माँगी माफी (फोटो साभार: Insta/Meta/NarendraModi)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंस्टाग्राम पोस्ट (PM Modi Insta Reel) डिलीट हो जाने पर मेटा की सफाई आई है। मेटा ने कहा है कि पीएम मोदी का पोस्ट गलती से डिलीट हो गया था।

सोशल मीडिया कंपनी मेटा (Meta) ने सफाई में बताया कि यह सब एक तकनीकी खराबी (Technical Glitch) के कारण हुआ था। कंपनी ने अपनी गलती मानते हुए माफी माँगी है और पीएम मोदी के उस वीडियो को दोबारा रीस्टोर (Restore) यानी बहाल कर दिया है। इसके बावजूद भारत सरकार इस पूरे मामले को काफी गंभीरता से ले रही है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने मेटा और इंस्टाग्राम के दुनियाभर के बड़े अधिकारियों को पेश होने के लिए समन भेजा है। आईटी मंत्रालय कंपनी के इस स्पष्टीकरण से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और वह उन तकनीकी वजहों की गहराई से जांच कर रहा है, जिनकी वजह से देश के प्रधानमंत्री का पोस्ट ब्लॉक हो गया था। सरकार का मानना है कि इतने बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मामला तूल पकड़ने के बाद मेटा के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की। मेटा ने कहा, “वह कंटेंट गलती से हट गया था और अब उसे पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है। यह किसी कानूनी पाबंदी (Legal Restriction) की वजह से नहीं, बल्कि एक तकनीकी खराबी (Technical Glitch) की वजह से हुआ था। हमें इस असुविधा के लिए खेद है।” शुरुआत में जब लोगों ने वीडियो देखने की कोशिश की, तो स्क्रीन पर कानूनी कारणों से रोक का संदेश दिखाई दे रहा था, जिस पर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति (Objection) जताई थी।

दरअसल, यह मामला 23 जुलाई को पोस्ट किए गए एक बेहद अहम वीडियो से जुड़ा हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जनरेशन-जेड (Gen-Z) यानी युवाओं के नाम अपना पहला संदेश जारी किया था। इस वीडियो में पीएम ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि सरकार देश में परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए बेहद कड़े कदम उठाने जा रही है। वीडियो के अचानक ब्लॉक होने से पहले इसे लाखों लोग देख चुके थे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा था, “सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। पेपर लीक मामलों से निपटने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही दोषियों को कड़ी सजा देने और विशेष अदालतों के गठन के लिए एक सख्त नया कानून कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा, जिसे जल्द ही संसद में लाया जाएगा।”  

प्रधानमंत्री के महत्वपूर्ण संदेश वाले वीडियो पर इस तरह रोक दिखने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। हालाँकि अब वीडियो वापस दिखने लगा है, लेकिन केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी गड़बड़ी दोहराई न जाए। इसी वजह से आईटी मंत्रालय ने मेटा के शीर्ष प्रबंधन को समन भेजकर जवाब-तलब करने की पूरी तैयारी कर ली है।

क्या 6 जून को दिल्ली में दंगे की साज़िश? : ‘एयरपोर्ट से शुरू करेंगे हंगामा, हाथ में लाठी-पेपर स्प्रे लेकर आना’ : कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक सरेआम कर रहे हिंसा भड़काने का प्रयास, बोल रहे- इस बार नेपाल बना देंगे

   दिल्ली का माहौल बिगाड़ने के लिए CJP समर्थक लोगों को उकसा रहा (फोटो साभार : X_@AnkurSingh Video SS
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक 6 जून को प्रदर्शन के नाम पर हिंसा भड़काने की तैयारी में हैं। इसके लिए उन्होंने अभी से कोशिशें शुरू कर दी हैं। सोशल मीडिया पर एक Video वायरल हुई, जिसमें एक CJP समर्थक हर्षित उकसाऊ बातें करता सुनाई पड़ता है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनका मकसद जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का नहीं बल्कि माहौल बिगाड़ने का है।

Video में ये समर्थक साफ तौर पर धमकी देता दिख रहा है कि अगर अभिजीत डीपके को इमिग्रेशन पर रोका गया, तो एयरपोर्ट से ही भारी हंगामा खड़ा किया जाएगा… इस बार ‘आर-पार’ की लड़ाई होगी। Video में खुलेआम कहा गया कि ‘अब बहुत सह लिया, इस बार दिल्ली को नेपाल बना देंगे… अपने साथ लाठियाँ और पेपर स्प्रे लेकर आना।

गौरतलब है कि 6 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के लिए कॉकरोच जनता पार्टी ने कहीं किसी से कोई परमिशन नहीं ली है। उलटा उसके प्रवक्ता इस बात पर गर्व कर रहे हैं कि वो इसी सिस्टम से लड़ने के लिए तो प्रदर्शन कर रहे हैं, तो परमिशन क्यों लेंगे?

कहने को तो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) इसे एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन बता रहा है, लेकिन अंदरूनी हकीकत कुछ और ही है। Video में साफ सुना जा सकता है कि लोगों से सुरक्षा के बहाने लाठियाँ, डंडे और पेपर स्प्रे खरीदकर लाने को कहा जा रहा है ताकि पुलिस का सामना किया जा सके।

दावा किया जा रहा है कि इस बड़ी साजिश में वामपंथी छात्र संगठन AISA और JNU गैंग भी शामिल हो रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि एक बार फिर दिल्ली को हिंसा की आग में झोंकने के लिए पूरी प्लानिंग कर ली गई है। प्रशासन को इस भड़काऊ Video पर तुरंत सख्त एक्शन लेना चाहिए।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के पीछे दंगे वाली पुरानी साजिश

सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने माना है कि 6 जून के प्रदर्शन के लिए कोई परमिशन नहीं ली गई है। अभिजीत फिलहाल अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है। वह दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित उमर खालिद का पुराना समर्थक है। CJP के प्रवक्ता सौरभ दास भी उमर खालिद का खुलकर साथ देते रहे हैं।

साल 2020 में दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगे अचानक नहीं हुए थे। वह उमर खालिद और उसके वामपंथी-इस्लामी ग्रुप की एक सोची-समझी साजिश थी। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय जानबूझकर हिंसा भड़काई गई थी।

अब यह संगठन एक बार फिर दिल्ली में वैसा ही माहौल बनाना चाहता है। Video में ‘नेपाल’ का जिक्र होना इसका बड़ा सबूत है। नेपाल में पिछले साल बेहद हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। ये लोग अब भारत की राजधानी में भी उसी हिंसा और अराजकता को दोहराना चाहते हैं।

रोहिणी कोर्ट के जज का वीडियो वायरल करने पर DJSA ने जताई कड़ी आपत्ति, वकीलों की ओर से जजों को धमकाने को न्यायपालिका पर बताया सीधा हमला

                                          रोहिणी कोर्ट के वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट
दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एसोसिएशन (DJSA) ने रोहिणी कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज राकेश कुमार-V का अदालती कार्यवाही के दौरान बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की घटना की कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन ने रविवार (18 मई 2026) को जारी एक आधिकारिक बयान में इस कृत्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे न्यायिक स्वतंत्रता और संस्थागत गरिमा के लिए एक गंभीर खतरा बताया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस विवादित वीडियो के सामने आने के बाद जज राकेश कुमार-V को न्यायिक कार्य से मुक्त कर दिल्ली न्यायिक अकादमी से संबद्ध कर दिया है।

एसोसिएशन ने अपने पत्र में सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “न्यायिक कार्यवाही की गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग करना और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करना न केवल घोर अनुचित है, बल्कि यह न्यायिक संस्थान की गरिमा, स्वतंत्रता और महिमा पर सीधा हमला है। ऐसे गैर-कानूनी और लापरवाही भरे कृत्य अदालतों को बदनाम करने, न्याय प्रशासन में जनता के विश्वास को कमजोर करने और न्यायिक अधिकारियों को उनके संवैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान डराने, बदनाम करने और सार्वजनिक दबाव में लाने के उद्देश्य से किए जाते हैं।”

इसके साथ ही वकीलों के एक वर्ग द्वारा न्यायिक अधिकारियों को डराने-धमकाने और काम का बहिष्कार करने पर भी एसोसिएशन ने तीखी आपत्ति जताई। पत्र में आगे कहा गया, “बार के कुछ सदस्यों द्वारा न्यायिक अधिकारियों को खुलेआम धमकी देना, डराना और उनके कानूनी कर्तव्यों में बाधा डालने का प्रयास करना कानून के शासन वाले संवैधानिक लोकतंत्र में पूरी तरह से अस्वीकार्य है। अगर ऐसे दबाव और सार्वजनिक बदनामी को बर्दाश्त किया गया, तो कोई भी न्यायिक अधिकारी निडर होकर काम नहीं कर पाएगा। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भी वकीलों द्वारा न्यायिक कार्य से दूर रहना जनता को बंधक बनाने और न्याय व्यवस्था को पंगु बनाने जैसा है।”

डीजेएसए ने जज राकेश कुमार और पूरे न्यायिक बिरादरी के साथ एकजुटता दोहराते हुए कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। एसोसिएशन ने दिल्ली हाई कोर्ट से सोशल मीडिया से इन वायरल वीडियो क्लिपों को तुरंत हटाने का निर्देश देने की मांग की है। यह पूरा विवाद को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशंस द्वारा जज के तबादले और जांच की मांग को लेकर काम बंद करने के आह्वान के बाद और गरमा गया है।

भरी फ्लाइट में TMC सांसद महुआ मोइत्रा की फजीहत, ‘पिशी चोर(आंटी चोर)’, ‘भाइपो चोर (भतीजा चोर), तृणमूल के सब चोर… यात्रियों ने जोर-जोर से की नारेबाजी: Video

                                                           TMC MP महुआ मोइत्रा
बंगाल में हुई ममता बनर्जी की करारी हार और बीजेपी की जीत की गूंज सिर्फ भारत ही नहीं विदेशों में बैठे भारत विरोधियों और भारत में बैठे उनके sleeper cells की नींद हराम करने वाली है। विदेशों में बैठे मुस्लिम कट्टरपंथियों और भारत के विरुद्ध षड़यंत्र रचने वालों को चारों खाने चित कर दिया है। ममता के राज में जिस तरह सनातन को रोंदने की कोशिश हो रही थी वह साबित करती है ममता इन सनातन विरोधियों की कठपुतली बन सबकुछ कर रही थी। इस गंभीर घटनाक्रम पर समूचा मीडिया खामोश है, क्यों?    

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी की नेता महुआ मोइत्रा की एक वीडियो वायरल हो रही है। इस वीडियो में वह फ्लाइट में बैठी हुई हैं और कुछ लोग उनके खिलाफ जोर-जोर से नारे लगा रहे हैं।

वीडियो में लोग उन्हें ‘पिशी चोर (आंटी चोर)’, ‘भाइपो चोर (भतीजा चोर)’ और ‘तृणमूल के सब चोर’ जैसे नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं। इसके साथ ही ‘जय श्रीराम’, ‘जय माँ दुर्गा’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए जा रहे हैं। देख सकते हैं कि जिस समय ये घटना घटी उस वक्त महुआ मोइत्रा फ्लाइट के अंदर खड़ी थीं और चुपचाप बाहर निकलने का इंतजार कर रही थीं।

अवलोकन करें:-

बंगाल में BJP की जीत से विदेशों में बैठे मुस्लिम कट्टरपंथियों और भारत विरोधियों के मंसूबों पर पा
बंगाल में BJP की जीत से विदेशों में बैठे मुस्लिम कट्टरपंथियों और भारत विरोधियों के मंसूबों पर पा
 

घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को टैग करते हुए माँग की कि नारेबाजी करने वाले यात्रियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने एयरलाइन से भी यात्रियों की जानकारी देने को कहा। 

बंगाल : 15 साल से बंद आसनसोल का Durga Mandir के बीजेपी के जीतते ही खुले कपाट: हिंदू भगवा लहराकर बोले- जय श्रीराम; हिन्दुओं योगी की बात याद रखो कि "बंटे तो कटे।"

            बंगाल में BJP की जीत के बाद आसनसोल में दशकों बाद खुला दुर्गा माता मंदिर (साभार : Video SS)
पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। 15 साल बाद ममता बनर्जी की सत्ता चली गई है और BJP ने 206 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। इस बड़ी जीत के साथ ही आसनसोल में बरसों से बंद पड़ा एक Durga Mandir सोमवार (4 मई 2026) को भक्तों के लिए खोल दिया गया है। जो दिखाता है कालनेमि हिन्दू महिला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राज में हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया था। हिन्दुओं को अपने धार्मिक उत्सवों को मनाने के लिए कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते थे। यह तो एक झांकी है पूरी फिल्म तो अब सामने आनी शुरू होनी है। 
बीजेपी को भी महिला आरक्षण मुद्दे पर फोकस करने की बजाए बंगाल में हिन्दुओं के खोए स्वाभिमान को जीवित करना होगा। आरक्षण देना है तो वर्तमान संख्या में दो। ये नई दुकाने खोलकर अर्थव्यवस्था पर बोझा मत डालो। 

बंगाल चुनाव सारे हिन्दू समाज के लिए eye opener है। इसे सिर्फ ममता की हार मत समझो। जिस तरह बंगाल में हिन्दू ने एकजुट होकर वोट दिया है बंगाल की तर्ज पर शेष भारत में भी करनी होगी। अगर हिन्दू ऐसा करता है सारे कट्टरपंथी और सनातन विरोधी बिलों में घुस जाएंगे। हिन्दुओं को जातियों में बाँटने वाले नेताओं और उनकी पार्टियों को सत्ता से दूर रखना होगा। योगी की बात याद रखो कि "बंटे तो कटे।"   

यह भी नहीं भूलना चाहिए कि मुसलमानों में हिन्दुओं से कही अधिक फिरके हैं, एक फिरका दूसरे फिरके की मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ सकता, दूसरे फिरके के कब्रिस्तान में मुर्दा दफ़न नहीं कर सकता। इतना ही नहीं शादी उर्फ़ निकाह तक नहीं कर सकता। लेकिन चाहे किसी भी जाति से हो एक भी मंदिर में जाकर पूजा करता है और एक ही शमशान में अंतिम संस्कार करता है। ये सब जातियों का बवंडर इन्ही हिन्दू विरोधी नेताओं का है। जो अपनी कुर्सी की खातिर हिन्दुओं को विभाजित करने का घिनौना काम करता है और हिन्दू इनके मकड़जाल में फंस जाता है। कालनेमि हिन्दुओं से लेकर मुस्लिम नेताओं से दलित उत्पीड़न की बात सुनी जाती है लेकिन इनमे से किसी माँ का दूध नहीं पिया जो मुसलमानों की जातियों में भेदभाव को दूर करने के लिए मुंह खोल सके। इसे बोलते हैं इस्लामिक एकजुटता।  

चुनावी वादे के साथ खुले ताले

आसनसोल उत्तर से BJP के नए विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने चुनाव से पहले एक बड़ा वादा किया था। उन्होंने कहा था कि जीत मिलते ही वह बंद Mandir को खुलवाएँगे। सोमवार (4 मई 2026) को जैसे ही BJP की जीत पक्की हुई, विधायक जी खुद मंदिर पहुँचे। उन्होंने Mandir के ताले खुलवाए और पूजा-अर्चना की।

श्री श्री Durga Mata चैरिटेबल ट्रस्ट इस मंदिर की देखरेख करता है। स्थानीय विवादों और प्रशासनिक पाबंदियों की वजह से यह Mandir सालों से आम लोगों के लिए बंद था। यहाँ साल में सिर्फ दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के वक्त ही थोड़ी-बहुत चहल-पहल होती थी। अब यह मंदिर पूरे साल भक्तों के लिए खुला रहेगा।

भक्तों और कार्यकर्ताओं का जश्न

जैसे ही Durga Mandir के गेट खुले, वहाँ भारी भीड़ जमा हो गई। BJP कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने मिलकर जयकारे लगाए। लोग इसे सिर्फ एक मंदिर का खुलना नहीं, बल्कि इलाके में आए राजनीतिक बदलाव का प्रतीक मान रहे हैं। पश्चिम बर्धमान जिले की सभी 9 सीटों पर BJP ने कब्जा किया है, जिससे समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है।

इस चुनाव में BJP ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। 294 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर TMC(80 सीट) को काफी पीछे छोड़ दिया है। पूरे बंगाल में औसतन 92 फीसदी वोटिंग हुई थी। हालाँकि, फालता सीट पर गड़बड़ी की शिकायतों के बाद 21 मई को दोबारा वोट डाले जाएँगे और वहाँ का रिजल्ट 24 मई को आएगा।

‘TMC को यदि BJP ने हरा दिया तो मैं नंगा होकर गाँव में घूमूँगा’: बंगाल के मुस्लिम युवक "सुफियान" की हो रही खोज, Video

 'BJP जीती तो नँगा घूमूँगा': 192+ सीटों के साथ खिलते ही 'सूफियान' को ढूँढने निकले नेटीजन्स (साभार : Video SS)

बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। BJP के 192+ सीटों पर आगे निकलने और TMC के 96 पर सिमटने के बाद अब नेटीजन्स सूफियान नामक मुस्लिम युवक को पागलों की तरह खोज रहे हैं।

मजे की बात है कि पहले तो कट्टरपंथी और उपद्रवी पैसे के लालच में उल्टा-पुल्टा बयान दे देते हैं बाद में पता नहीं किस कब्र में छिप जाते हैं?   

दरअसल, चुनाव से पहले सूफियान ने बड़े जोश में दावा किया था कि अगर बीजेपी जीत गई, तो वह पूरे कोलकाता में नंगा होकर घूमेगा। अब जब कमल पूरी तरह खिल चुका है, तो लोग मजेदार मीम्स शेयर कर रहे हैं।

कोई पूछ रहा है कि ‘सूफियान भाई कहाँ हो?’ तो कोई तंज कस रहा है कि ‘भाई, कपड़े उतारने की तैयारी शुरू हुई क्या?’ कुछ लोग मजे लेते हुए उन्हें घर के अंदर ही रहने की सलाह दे रहे हैं ताकि ‘पब्लिक’ की नजरों से बच सकें। इस अटूट विश्वास ने अब सूफियान के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। 

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को राधे-राधे बोलने से दिक्कत: कांग्रेस के नेताओं को सनातन से नफरत क्यों?

                                                     मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू
बीजेपी की हिमाचल प्रदेश इकाई ने X पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एक ग्राउंड में बच्चों के राधे-राधे बोलने पर असहज नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में जब सुक्खू बच्चों से मिले तो कई बच्चों ने उनके पैर छूए और राधे-राधे बोलकर उनकी अभिवादन किया।

इस पर सुक्खू ने कहा, “राधे-राधे या नमस्कार।” जिस पर बच्चों ने पलटकर फिर से ‘राधे-राधे’ कह दिया। सुक्खू ने कहा, “राधे-राधे क्यों बोल रहे हो।” बीजेपी ने अपने X हैंडल पर यह वीडियो शेयर किया है। बीजेपी ने लिखा, “हिमाचल के कांग्रेसी मुख्यमंत्री को बच्चों का ‘राधे-राधे’ भी असहज कर गया! आखिर कांग्रेस और उसके नेताओं को सनातन धर्म से इतनी नफरत क्यों?”

बीजेपी के प्रवक्ता प्रत्यूष कंठ ने भी सुक्खू का यह वीडियो अपने X अकाउंट पर शेयर कर सवाल उठाए हैं। कंठ ने लिखा, “ये है कांग्रेस हिमाचल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इन्हें बच्चों द्वारा राधे बोलना रास नहीं आया और कहने लगे नमस्ते करिए। इसलिए आज कांग्रेस की यह दुर्दशा है, बाकी जनता खुद ही समझदार है।”

सुक्खू का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग लगातार इसे लेकर सुक्खू पर सवाल उठा रहे हैं।

हिन्दुओं को दी थी गाय-बकरी की तरह काटने की धमकी, असम पुलिस ने किया गिरफ्तार तो सनीउर रहमान की बंध गई घिग्गी


सोशल मीडिया पर हिन्दुओं को गाय-बकरी की तरह काटने की धमकी देने वाला सनीउर रहमान उर्फ़ सनी भाई गिरफ्तार हो गया है। असम की कामरूप पुलिस ने उसके खिलाफ यह कार्रवाई की है। यह जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दी है।

यह कार्रवाई शुक्रवार (6 जून, 2025) को हुई। सनीउर रहमान ने बकरीद का जिक्र करते हुए एक वीडियो में कहा था, “तुम हिंदू नहीं जानते कि मियाँ कौन हैं, हमें कोई डर नहीं, हम हर साल बकरीद मनाते हैं।” उसने आगे कहा, “याद रखना हम तुम्हें बकरियों और गायों की तरह काटेंगे।”

उसका यह भड़काऊ बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार करने की माँग की गई थी। असम CM हिमंता बिस्वा ने बताया है कि गोलपाड़ा जिले से सनिदुल इस्लाम नाम का एक युवक भी भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार हुआ है।  

साला, ब&नचो#, हरा&जा$, कुत्ता, माद&चो$… राहुल गाँधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ से पत्रकार के लिए निकली भाषा सुनी आपने? वीडियो वायरल

         भारत जोड़ो यात्रा में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी संग पूर्व RAW प्रमुख AS दुलत (फाइल फोटो, साभार: ANI)
निकालो इसको साले को, हटा…बहन चो% कौन? कौन साला हरामजा#$ बोल रहा था? कौन कुत्त& बोल रहा था? कौन था वो? मालूम है मैं कौन हूँ? कौन कह रहा था? मादरचो% तुम समझते क्या हो अपने आप को, मादरचो% सिंधी…पागल समझ रहे हो? तेरी माँ चो% दूँगा मैं, बहनचो%…

ये शब्द रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के पूर्व चीफ अमरजीत सिंह दुलत के हैं। ‘भारत रफ्तार टीवी’ के पत्रकार जितेश जेठानंदानी ने हाल में उनका पॉडकास्ट किया। इस दौरान उनसे उनके पाकिस्तान जाने को लेकर भी प्रश्न हुआ, जिसे सुन दुलत विफर गए।

 नाराजगी इतनी बढ़ गई कि ऑन कैमरा उन्होंने हाथापाई और गाली-गलौच शुरू कर दिया। वीडियो अब चैनल पर मौजूद है। देख सकते हैं कि पत्रकार ने दुलत से पाकिस्तान के अलावा POK समेत अन्य मुद्दों पर भी सवाल पूछे, जिसे देते हुए वह हिचकते दिखे और पाकिस्तान जाने वाली बात पर भड़क गए।

पॉडकास्ट में पत्रकार ने एएस दुलत से पहला सवाल पूछा, “आप राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा में दिखाई दिए, कैसे आप उस यात्रा में जुड़े थे, क्या कारण थे?” इस पर दुलत जवाब देते हैं, “राहुल गाँधी जी का फोन आया था। मैं यात्रा में गया था। हाँ, मेरा विचार कॉन्ग्रेस से मिलता है। कॉन्ग्रेस राज के अंदर ही मैंने नौकरी की है। हम तो हमेशा कॉन्ग्रेस के साथ थे।”

अगला सवाल पूछा जाता है, “90 के दशक में कट्टपंथियों ने कश्मीरी पंडितों का नरसंहार किया था, उस पर आपका क्या कहना है?” दुलत कहते हैं, “वो यही लोग थे, जो दिल्ली से खफा थे और सिर्फ पंडितों को नहीं मारा है। मुसलमान ज्यादा मारे गए थे तब।” जवाब से लगता है कि उनकी नजर में मारने वाले इस्लामी कट्टरपंथी नहीं थे।

POK के मुद्दे पर सवाल किया जाता है तो दुलत कहते हैं, “कोई मुद्दा नहीं, क्या मुद्दा है?” फिर पत्रकार विस्तारित करते हैं, तब एएस दुलत जवाब देते हैं, “अगर कोई हल है तो वही है, LOC पर समझौता कर लो। जो आपके पास है, वो आपका है। जो हमारे पास है वो हमारा है।”

अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में पर्यटन बढ़ने के सवाल पर दुलत कहते हैं, “हाँ-हाँ… पर्यटन बढ़ा है, मैंने तो कहा था कि कश्मीर के स्थानीय नेताओं की बात सुननी चाहिए थी।” बताया जाए कि उस समय कश्मीर के स्थानीय नेता अनुच्छेद 370 हटने का विरोध कर रहे थे। दुलत अपने जवाब में इसका समर्थन करते हैं और कहते हैं कि पर्यटन बढ़ना परेशानी है।

हाल ही में भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी पत्रकार ने सवाल किए। पूछा गया “10-15 दिन पहले भारत-पाकिस्तान में तनाव थे”…इतने में दुलत कहते हैं, “मैं तो कहता हूँ। लाहौर ले लेना चाहिए था। मुझे तो लाहौर पसंद है।”

इससे अगला सवाल दुलत के पाकिस्तान में संपर्क को लेकर होता है। दुलत जवाब में कहते हैं कि उनके संपर्क तो हैं। कुछ दिन पहले पाकिस्तान जाने के सवाल पर दुलत विफर जाते हैं और मारपीट शुरू कर देते हैं। पत्रकार का यह सवाल एएस दुलत की हाल ही की किताब ‘स्पाय क्रॉनिकल्स रॉ ISI’ के संबंध में पूछा गया था। यह किताब दुलत ने पूर्व पाकिस्तानी जासूस असद दुर्रानी संग मिलकर लिखी है।

जब कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को प्रोपेंगेडा करार दिया

दुलत हमेशा देश में गलत कारणों से जाने जाते रहे हैं। उन्होंने अक्सर कॉन्ग्रेस के बीजेपी विरोधी और पाकिस्तान समर्थक प्रचार का समर्थन किया है। साल 2023 में कॉन्ग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी के हाथों में हाथ डालकर फोटो भी खिंचवाई।
इसके अलावा साल 2019 में निर्मित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’, जिसमें कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को दिखाया गया। दुलत ने फिल्म को प्रोपेगेंडा करार दिया। उन्होंने घाटी से कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन को धो-पोंछने का काम किया था। यह कहते हुए कि कश्मीरी हिंदुओं के पलायन की लोकप्रिय धारणा वास्तविकता से अलग है।
एएस दुलत ने पुलवामा आतंकी हमले को लेकर बीजेपी पर सवाल उठाए थे। साल 2019 में आम चुनावों से पहले दुलत ने पुलवामा आतंकी हमले को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए तोहफा बताया। इसके बाद उनकी खूब आलोचना हुई थी।

‘एक रात में पूरा भारत साफ’: मोहम्मद जावेद, शहनाज परवीन, नसीम बानो…मध्य प्रदेश से भी मिले 3 ‘गद्दार’, पाकिस्तान का कर रहे थे गुणगान- PM मोदी और हिंदुओं को दे रहे थे गाली

                                                                                                                                      साभार 
पूर्व सेना अध्यक्ष विपिन रावत ने गलत नहीं कहा था कि पाकिस्तान के साथ-साथ ढाई मोर्चे पर लड़ना होगा। जो अब रावत जी बात सच हो रही है। पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत भारत में बैठे गद्दार हैं। जब भी कहीं दंगे होने, हिन्दू त्यौहारों और शोभा यात्राओं पर पत्थरबाज़ी करने और पेट्रोल बम फेंक आतंक फ़ैलाने वाले बाहर वाले नहीं ये ही गद्दार होते हैं। फिर इनके समर्थक इनको बेकसूर, गरीब, मजलूम और न जाने किस-किस नाम देकर विक्टिम कार्ड खेलते हैं। शुरू से एक बात कही जा रही है कि ऐसे उपद्रवियों को मिलने वाली हर सरकारी सुविधा छीन लेनी चाहिए। और अब तो मौका भी है और समय की नजाकत भी। सिर्फ जेल ही इनका इलाज नहीं। जिस तरह पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्किये को आर्थिक मार दी गयी है वैसी ही मार इनको और इनके समर्थकों को भी देनी चाहिए।        

भारतीय सेना ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान को सबक सिखाने में लगी हुई है। वहीं, देश के ही कुछ गद्दार पाकिस्तान प्रेमी बने हुए हैं। मध्य प्रदेश में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं। इंदौर, सीहोर और डिंडौरी जिलों में ऐसे लोगों ने सोशल मीडिया पर विवादित वीडियो शेयर किया। इसके बाद आरोपितों पर पुलिस कार्रवाई की गई।

पहला मामला इंदौर से है। जहाँ मेट्रो की कंस्ट्रक्शन कंपनी में कर्मचारी मोहम्मद जावेद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। यहाँ तक की ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए और कहा कि एक रात में सारा...। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। करणी सेना की FIR पर पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

दूसरा केस सीहोर में सरकारी शिक्षिका शहनाज परवीन के अपमानजनक वीडियो जारी करने का है। वीडियो में शहनाज पाकिस्तान फौज की सलामती की दुआ माँग रही है और उनकी सराहना करती है। वीडियो वायरल होते ही SDM के आदेश के बाद शिक्षिका को सस्पेंड कर दिया गया।

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वहीं, डिंडौरी जिले में आदर्श कॉलेज की गेस्ट लेक्चरर डॉ. नसीम बानो ने व्हाट्सएप पर सीताहरण से संबंधित भड़काऊ स्टेटस लगाया। साथ पहलगाम हमले को लेकर व्हाट्सएप पोस्ट पर लिखा था कि आतंकवादियों के धर्म पूछझकर गोली मारने और जय श्री राम के नारे लगवाकर मारने में कोई अंतर नहीं है। बानो पर धार्मिक भावनाएँ भड़काने के आरोप में पुलिस से शिकायत की गई। 

पश्चिम बंगाल : ताजेमुल की ‘शरिया अदालत’ का दूसरा वीडियो बंगाल में महिला को रस्सी से बाँध कर परेड निकाला, डंडे से पीटा, जमीन पर छटपटाती रही…

 चोपरा में ताजेमुल हक़ के 'शरिया सज़ा' का दूसरा वीडियो
पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर स्थित चोपरा में सत्ताधारी TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) के विधायक हमीदुल रहमान के करीबी ताजेमुल का एक और वीडियो सामने आया है। इससे पहले वायरल हुए एक वीडियो में देखा गया था कि वो एक महिला और उसके प्रेमी की खुलेआम भीड़ के सामने पिटाई कर रहा है। वहीं अब पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष व नंदीग्राम के विधायक शुभेंदु अधिकारी ने उसका नया वीडियो जारी किया है, जो रविवार (16 जून, 2024) का है।

ये वीडियो रात के समय का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला को रस्सी से बाँध कर उसका परेड निकाला जा रहा है। उक्त महिला के साथ-साथ एक पुरुष के भी कपड़े उतार कर ये रस्सी उसने शरीर में बाँध दी गई है। रास्ते में परेड निकाले जाने वक्त दोनों की डंडे से पिटाई भी की जा रही है। साथ में कई अन्य लोग भी तमाशा देखते हुए चल रहे हैं। इसके बाद इन दोनों को एक पेड़ के पास जमीन पर बिठा कर पीटा गया। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे होते हैं।

फिर एक कमरे में ले जाकर महिला और उस पुरुष को जमीन पर लिटा कर पीटा गया, इस दौरान वो छटपटाती रही। कोई उन्हें बचाने की कोशिश नहीं करता है। शुभेंदु अधिकारी ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “स्ट्रीट जस्टिस का दूसरा एपिसोड। इसमें TMC नेता ताजिमुल उर्फ ​​JCB जज, जूरी और जल्लाद की भूमिका में हैं। ममता बनर्जी के बंगाल में एक और दिन, जहां ‘मुस्लिम राष्ट्र’ की परंपराओं का मनमाने ढंग से पालन किया जाता है।”

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ममता बनर्जी के MLA के सीने में धधक रहा ‘मुस्लिम राष्ट्र’, वही हर ताजेमुल के सीने में तालिबानी राज

इससे पहले जो वीडियो सामने आया था, उसमें भी एक महिला और उसके प्रेमी को बाँस के डंडे से पीटते हुए ताजेमुल दिखा था। उसका बचाव करते हुए चोपरा के विधायक हमीदुल रहमान ने कहा था कि ‘मुस्लिम राष्ट्र’ के कुछ आचार-विचार होते हैं। ऐसे में सवाल पूछे जाने लगे थे कि चैतन्य महाप्रभु और रामकृष्ण परमहंस की धरती क्या अब ‘मुस्लिम राष्ट्र’ है? शरिया भारत के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है, जहाँ मनमाने ढंग से भारत के संविधान और कानून की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।

सांसद संतोष पांडेय ने पूछा –प्रवीण नेट्टारू और कन्हैया लाल को काटने वाले कौन थे?

                 राजनांदगाँव के सांसद संतोष पांडेय ने राहुल गाँधी पर हिंदुस्तान को बदनाम करने का लगाया आरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के पहले संसद सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने संपूर्ण हिन्दू समाज को हिंसक बता दिया। कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने इस दौरान भगवान शिव की तस्वीर दिखाई और कहा कि वो त्रिशूल का उपयोग नहीं करते बल्कि उसे जमीन में गाड़ कर रखते हैं। छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव से भाजपा के सांसद संतोष पांडेय ने उनके इस प्रोपेगंडा का करारा जवाब दिया है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

संतोष पांडेय ने कहा कि सोमवार (1 जुलाई, 2024) को रात के 12 बजे तक संसद चला और राहुल गाँधी ने जिस तरह की बातें की, इसके अगले दिन अखिलेश यादव ने शेरो-शायरी से बातचीत की, उसका जवाब देते के लिए भी वो शायरी का इस्तेमाल करना चाहते हैं। संतोष पांडेय ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए शबीना अदीब की गजल की पंक्तियाँ पढ़ीं – “जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना, तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नई नई है।”

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने बार-बार भगवान शिव की तस्वीर दिखाई, वो भगवान भोलेनाथ हैं, भगवान शंकर हैं, ये कॉन्ग्रेस की फितरत है कि उसके पूर्व मुख्यमंत्री (भूपेश बघेल) जिन्हें छत्तीसगढ़ की जनता ने निपटा दिया और जो लोकसभा में निपट गए, वो ‘महादेव’ के नाम से सट्टा चला रहे थे। उन्होंने ‘महादेव’ सट्टेबाजी एप घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि ये 6000 करोड़ रुपए का था और इसका संचालन भूपेश बघेल कर रहे थे। संतोष पांडेय ने चेताया कि भगवान शिव को मजाक में न लें और बार-बार उनका चित्र दिखाने की कोशिश न करें।

‘महादेव’ सट्टेबाजी एप घोटाले के तार छत्तीसगढ़ से लेकर दुबई तक गए थे। इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यंत्री भूपेश बघेल, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के अलावा 16 अन्य के नाम FIR में आए थे। आरोप लगा कि UAE स्थित ‘महादेव’ सट्टेबाजी एप के प्रमोटरों से भूपेश बघेल ने CM रहते 508 करोड़ रुपए लिए। इस एप को बनाने वाला सुआरभ चंद्राकर भिलाई का रहने वाला है। इस मामले में रणबीर कपूर, श्रद्धा कपूर, साहिल खान, संजय दत्त, बादशाह, तमन्ना भाटिया, कपिल शर्मा, हुमा कुरैशी और हिना खान जैसों का नाम भी आया था, जिन्हें कार्यक्रमों में बुलाया गया था।

संसद में बोलते हुए संतोष पांडेय ने आगे कहा, “राहुल गाँधी ने जो शुरुआत की है, जिस तरह हिंदुत्व और BJP को हिंसक कहा था, उनसे मेरे कुछ सवाल हैं। क्या हिन्दू हिंसक हो रहा है? भाजपा हिंसा की बात करती है? हिंदुस्तान में हिंसा कौन फैला रहा है, हिन्दू कितना हिंसक है – पूरा भारत जानता है। कर्नाटक में BJYM कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू और राजस्थान के टेलर कन्हैया लाल की गला रेत कर हत्या हिन्दू समाज ने की है? जम्मू कश्मीर में बम विस्फोट करने वाले कौन से समाज के हैं?”

कर्नाटक में PFI के गुर्गों ने प्रवीण नेट्टारू को कुल्हाड़ी से काट डाला था। दक्षिण कन्नड़ में हुई ये घटना प्रतिबंधित संगठन द्वारा 2047 तक भारत में इस्लामी राज्य की स्थापना के लक्ष्य के तहत थी। तुफैल MH और मुहम्मद जाबिर जैसे इसमें गिरफ्तार हुए थे। वहीं भाजपा की प्रवक्ता (अभी निलंबित) नूपुर शर्मा ने TV पर एक बहस के दौरान हदीथ में लिखा एक अंश बताया था जिसके बाद उनका एडिटेड वीडियो शेयर कर मुस्लिमों को भड़काया गया। उनका समर्थन करने पर उदयपुर में कन्हैया लाल का ‘सर तन से जुदा’ कर दिया गया। उनका बेटा 2 साल बाद भी न्याय के इंतज़ार में है, वो चप्पल नहीं पहनता।

संतोष पांडेय ने आगे पूछा कि समाज के अंदर चिल्ला-चिल्ला कर ‘फिलिस्तीन ज़िंदाबाद’ का नारा लगाने वाले किस समाज के हैं? उन्होंने संसद की परंपराओं को तोड़ने की कोशिश पर प्रहार करते हुए कहा कि ऐसे तत्व सफल नहीं होंगे। बता दें कि शपथग्रहण के दौरान हैदराबाद से AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ‘फिलिस्तीन ज़िंदाबाद’ का नारा लगाया था और ‘अल्लाह-हू-अकबर’ कहा था। संतोष पांडेय ने इस दौरान सपा सांसद इमरान मसूर द्वारा छत्तीसगढ़ में मॉब लिंचिंग के आरोप लगाए जाने का भी विरोध किया।

सहारनपुर के जिन 2 लोगों की रायपुर में मॉब लिंचिंग हुई थी, उन पर गौ-तस्करी में लिप्त होने के आरोप लगे थे। कॉन्ग्रेस वालों ने उनसे परिजनों से मुलाकात भी की थी। संतोष पांडेय ने पूछा कि ऐसे लोग छत्तीसगढ़ में क्या करने गए थे? उन्होंने इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ‘रग-रग हिन्दू मेरा परिचय’ की पंक्तियाँ भी पढ़ीं और कहा कि हिन्दू व हिंदुस्तान अलग नहीं हैं। संतोष पांडेय ने राहुल गाँधी पर पूरे हिंदुस्तान को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया।

उन्होंने पिछले 10 वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों और ‘मोदी है तो मुमकिन है’ नारे का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर में असंभव को संभव किया गया। उन्होंने चेनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊँचे रेलवे पुल का जिक्र करते हुए कहा कि ये 8वाँ अजूबा है। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ ‘कश्मीर से कन्याकुमारी’ का नारा लगता था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सार्थक किया है। बता दें कि ये पुल एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊँचा है। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान किए गए कार्यों का भी जिक्र किया।

संतोष पांडेय ने कहा कि उस दौरान विदेशी विशेषज्ञ कहते थे कि इतनी बड़ी जनसंख्या वाला भारत इस महामारी से कैसे निकलेगा, लेकिन पीएम मोदी ने वैक्सीन का निर्माण कराया, वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन दिया, लोगों को राशन मुहैया कराया गया और 300 करोड़ टीके की डोज दी गई। उन्होंने कहा कि विपक्षी लोग विदेशी कंपनियों की वकालत कर रहे थे और स्वदेशी वैक्सीन का विरोध कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने सेन्ट्रल विस्टा का भी विरोध किया। कोविड के दौरान PPE किट के निर्माण, ऑक्सीजन प्लांट्स के निर्माण और टेस्टिंग सेंटरों के निर्माण का जिक्र भी किया।

संतोष पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन को ‘अंत्योदय की सरकार’ बताते हुए कहा कि रक्षा, शिक्षा और पेयजल के क्षेत्र में भी इस सरकार ने सर्वांगीण उन्नति का कार्य किया था। संतोष पांडेय लगातार दूसरी बार राजनांदगाँव से सांसद बने हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 44,411 वोटों से हराया। 2019 में उन्होंने कॉन्ग्रेस के ही भोलाराम साहू को 1,11,966 मतों से परास्त किया था। अब उन्होंने संसद में राहुल गाँधी के हिन्दू-विरोध की बखिया उधेड़ी है।