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मुख्तार अंसारी से कांग्रेस बाहुबली नेता अजय राय को जान का खतरा

गैंग-वार से चर्चित रहा उत्तर प्रदेश बाहुबलियों के आतंक से कब मुक्त होगा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने साक्षात्कार में अक्सर कहते हैं कि "मै एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में भाला रखता हूँ।" कांग्रेस की पंजाब सरकार ने भले ही मुख़्तार अंसारी को संरक्षण देने में अगर कोई कसर नहीं छोड़ी तो उसके जवाब में योगी सरकार ने कुख्यात अपराधी को वापस उत्तर प्रदेश लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 

दरअसल, राजनीतिक संरक्षण में बाहुबली अपना वर्चस्व बनाने में सफल रहे। अप्रैल 6 को सुदर्शन न्यूज़ चैनल पर मुख़्तार अंसारी पर POTA लगाने के इल्जाम में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने जिस DSP शैलेन्द्र को जेल में डाल दिया था, ने कांग्रेस, बहुजन समाजवादी और समाजवादी समेत तीनों पार्टियों के काले कारनामों को विस्तार से खुलासा किया। यदि वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस निर्भीक पुलिस अधिकारी के सिर पर हाथ नहीं होता, निश्चित रूप से शैलेन्द्र को बहुत ही विषम परिस्थितियों से गुजरना पड़ना। इस बात को सामान्य नागरिक भी जानता है कि किसी अपराधी पर POTA कब लगता है। 

हैरानी तो इस बात पर होती है कि सभी नेताओं को मुलायम सिंह की करतूतों की अच्छी तरह से जानकारी है, फिर भी संसद  में मुलायम के पक्ष में कसीदे पढ़ने से नहीं चूकते। बहुजन समाजवादी पार्टी की सुप्रीमो मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड किसे नहीं मालूम? निहत्ते राम कारसेवकों पर गोलियां किसने चलवाईं? नेताओं से ज्यादा शर्म उन मतदाताओं पर होती है, जो इतना सबकुछ जानते हुए ऐसे लोगों को अपना वोट देते हैं। देश से अपराध समाप्त करने हैं तो जनता को आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों को वोट देने से बचना होगा। उनको नेता मानने से परहेज करना होगा। इतना ही नहीं, अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते मुज़फ्फर नगर दंगे को क्या हिन्दू भूल गया? कांग्रेस के मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में हुए मलियाना कांड को क्या मुसलमान भूल गया? 
उत्तर प्रदेश सरकार ने कांग्रेस के बाहुबली नेता अजय राय की सुरक्षा में लगे सरकारी गनर को हटाने के साथ उनके शस्त्र लाइसेंस को भी निरस्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से कांग्रेस काफी भड़क गई है। इसके चलते उन्होंने योगी सरकार पर न केवल सुप्रीम कोर्ट गवाह संरक्षण योजना-2018 के उल्लंघन का आरोप लगाया है, बल्कि बदले की भावना से विपक्षी दलों के नेताओं पर कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को एक पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने पार्टी के पूर्व विधायक अजय राय को पुनः सुरक्षा देकर उनके शस्त्र लाइसेंस को भी अविलंब जारी करने की माँग की है।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी सरकार कांग्रेस की आवाज को दबाना चाहती है। वरिष्ठ नेता अजय राय की सुरक्षा एवं व्यक्तिगत शस्त्र लाइसेंस निरस्त करना इसका जीता-जागता उदाहरण है। आज पूरे प्रदेश में कांग्रेस की आवाज को बलपूर्वक दबाया जा रहा है और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद जघन्य अपराधों जैसे हत्या आदि के मामलों में गवाहों की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2018 के गवाह संरक्षण योजना का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। अजय राय अपने भाई की हत्या के मामले में चश्मदीद गवाह हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा हटाना और उनके निजी शस्त्र लाइसेंस निरस्त करना सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवहेलना है।

बीते दिनों अजय राय ने बसपा के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी से जान को खतरा बताया था। उन्होंने बताया था कि वह अपने भाई अवधेश सिंह की हत्या के चश्मदीद गवाह हैं, ऐसे में उनकी जान को खतरा है। अजय राय के भाई अवधेश की हत्या का आरोप मुख्तार अंसारी पर है।

अवलोकन करें:-

उत्तर प्रदेश : मुलायम सरकार ने मुख्तार अंसारी पर POTA लगाने वाले जिस DSP को भेज दिया था जेल, योगी सरका

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उत्तर प्रदेश : मुलायम सरकार ने मुख्तार अंसारी पर POTA लगाने वाले जिस DSP को भेज दिया था जेल, योगी सरका

उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को अप्रैल 6 को उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया गया। अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से यूपी की बांदा जेल शिफ्ट किया गया है।