Showing posts with label Congress-NCP. Show all posts
Showing posts with label Congress-NCP. Show all posts

“भाँड़ में जाएँ ये 3% ब्राह्मण” : मराठी पत्रकार निखिल वागले की घृणित जातिवादी सोच

निखिल वागले
महाराष्ट्र के पत्रकार निखिल वागले ने सोशल मीडिया पर घृणा फैलाई है। विवादास्पद बयानों के लिए कुख्यात निखिल वागले ने ट्विटर पर ब्राह्मणों को भला-बुरा कहा। उन्होंने महाराष्ट्र के केयरटेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की जाति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के ब्राह्मण देवेंद्र फडणवीस की सरकार जाने से ख़ुश नहीं है। वागले ने लिखा कि महाराष्ट्र के ब्राह्मण ऐसा सोचते थे कि फडणवीस की सरकार उनकी अपनी ही सरकार है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उद्धव ठाकरे की नेतृत्व वाली भावी सरकार से ग्रामीण और दलित काफ़ी ख़ुश हैं।
निखिल वागले ने इसे स्पष्ट ध्रुवीकरण करार दिया। इसके बाद ब्राह्मणों पर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्होंने लिखा- “भाँड़ में जाएँ ये 3% ब्राह्मण।” वागले मराठी पत्रकार हैं और आईबीएन लोकमत के महानगर एडिटर रह चुके हैं। आज जातिवाद कर रहे निखिल वागले ने 2012 में जातिवाद हटाने की बात की थी। उस वक़्त उन्होंने लिखा था कि जाति, पंथ और मजहब की राजनीति से हट कर जनता को अब विकास की राजनीति की ज़रूरत है। उन्होंने लिखा था कि वो 1985, 92 और 2002 के दंगों को फिर से होता हुआ नहीं देखना चाहते।
निखिल वागले जिस शिवसेना की आज प्रशंसा कर रहे हैं, उससे कभी उन्हें ख़ासी चिढ़ थी। शिवसैनिकों ने उनके स्टूडियो में घुस कर उनकी पिटाई की थी। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने निखिल वागले के चेहरे पर स्याही पोत दी थी। उस पिटाई के बाद वागले अक्सर शिवसेना की आलोचना करते मिलते थे। अब जब शिवसेना ने भाजपा को धोखा देकर कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने का निर्णय लिया है, वागले उद्धव की तारीफ़ करते नहीं तक रहे।


Image result for bal thackeray
निखिल वागले की पिटाई के बाद शिवसेना के तत्कालीन अध्यक्ष बाल ठाकरे ने इसे मीडिया पर हमला मानने से इनकार कर दिया था। ठाकरे ने पूछा था कि अगर किसी पत्रकार की बीवी अपने पति को मारती है तो क्या उसे मीडिया पर हमला माना जाएगा?’ उन्होंने कहा था कि ये बस एक पत्रकार की पिटाई है, मीडिया की नहीं। बाल ठाकरे ने कहा था कि वागले ने राजीव गाँधी की मृत्यु के बाद सोनिया गाँधी के चरित्र पर सवाल उठाए थे, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके ख़िलाफ़ पुलिस में मामला दर्ज कराया था। इसके बाद वागले ने माफी माँगी थी। बालासाहब ने कहा था कि इसी तरह शिवसैनिक भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए और वागले की पिटाई कर दी। ठाकरे ने कहा था कि इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है।
तब बाल ठाकरे ने कहा था कि एनसीपी और कांग्रेस भी पूर्व में पत्रकारों पर हमले करती आई है, इसमें कुछ भी नया नहीं है। हाल के दिनों में निखिल वागले ने शिवसेना की तारीफ़ में कई ट्वीट किए हैं। शिवसेना नेताओं और उनके बीच बधाइयों का आदान-प्रदान भी हो रहा है। उन्होंने टेलीग्राफ के उस हैडलाइन का भी समर्थन किया है, जिसमें कहा गया है कि चाणक्य एक ही थे। इस ख़बर में अमित शाह पर तंज कसा गया है।

महाराष्ट्र : सिंचाई घोटाले से जुड़े 9 केस बंद करने के खिलाफ Congress-NCP और शिवसेना पहुंची सुप्रीम कोर्ट

महाराष्ट्र में सिंचाई घोटाले से जुड़े 9 केस बंद करने के खिलाफ Congress-NCP और शिवसेना पहुंची सुप्रीम कोर्टमहाराष्ट्र में सिंचाई घोटाले से जुड़े 9 केस बंद करने के खिलाफ Congress-NCP और शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. इसके साथ ही फडणवीस सरकार के किसी भी पॉलिसी निर्णय के लेने पर रोक की मांग की है. हालांकि महाराष्‍ट्र के भ्रष्‍टाचार निरोधक ब्‍यूरो (एसीबी) के सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी ANI ने कहा है कि बंद किए गए 9 मामलों में से कोई भी मामला अजित पवार से नहीं जुड़ा है. जिन्‍होंने शनिवार की सुबह बड़े ही नाटकीय घटनाक्रम में मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उप मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली थी. ब्‍यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि यह एक रुटीन प्रक्रिया है. आपको बता दें कि  महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक हंगामे के बीच एक ख़बर आई थी कि एसीबी ने सिंचाई घोटाले (Irrigation scam) से जुड़े नौ केस बंद कर दिए हैं. सिंचाई घोटाले में अजित पवार भी आरोपी हैं जो फिलहाल फडणवीस की सरकार में उपमुख्यमंत्री बना दिए गए हैं. 
इस पर विवाद बढ़ता देख बाद में ACB के वरिष्‍ठ अधिकारी परमबीर सिंह ने ANI से कहा, 'सिंचाई से जुड़ी शिकायतों के मामले में करीब 3000 टेंडरों की जांच हम कर रहे हैं. ये नियमित जांच है जो बंद हुई है और बाकी मामलों में जांच पहले की तरह ही जारी है.' उन्‍होंने कहा कि आज जिन मामलों को बंद किया गया है उनमें से कोई भी अजित पवार से जुड़े नहीं हैं. एंटी करप्‍शन ब्‍यूरो के नोटिफिकेशन के अनुसार जिन 9 मामलों को बंद किया गया है वो विदर्भ क्षेत्र के वाशिम, यवतमाल, अमरावति और बुलढाणा की सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े हैं.
देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी सिंचाई घोटाले को लेकर हमेशा अजित पवार पर निशाना साधते रहे हैं. 2014 में मुख्‍यमंत्री बनने के बाद जो पहली कार्रवाई उन्‍होंने की थी वो थी सिंचाई घोटाले में अजित पवार की कथित भूमिका की जांच के आदेश देना. आरोपों में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार के वक्‍त जब अजित पवार उप मुख्‍यमंत्री थे तब करीब 70000 करोड़ रुपये के हेराफेरी के भी आरोप हैं. सिंचाई घोटाले में महाराष्‍ट्र में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार के दौरान कई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी देने और उनके क्रियान्‍वयन में अनियमितताएं शामिल हैं. पिछले महीने महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, शरद पवार और अजित पवार दोनों पर प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन का आरोप लगाया था जो एक कोऑपरेटिव बैंक से जुड़ा था.