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मोदी सरकार को फासिस्ट बताने वाले जावेद अख्तर अब मोदी के ‘ऑपरेशन गंगा’ के हुए कायल

मोदी सरकार को फासिस्ट बताने वाले बॉलीवुड के गीतकार जावेद अख्तर ने रूसी हमलों के बीच यूक्रेन (Russia-Ukraine War) से भारतीय छात्र-छात्राओं को निकालने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) की तारीफ की है। अख्तर भाजपा, संघ और राष्ट्रवादियों की आलोचना के लिए कुख्यात हैं।

पुणे अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2022 (Pune International Film Festival) में शुक्रवार (4 मार्च) को अख्तर ने कहा, “मुझे विश्वास है कि सरकार हमारे बच्चों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। मुझे इसमें एक पल के लिए भी कोई संदेह नहीं है कि सरकार सभी बच्चों को सुरक्षित लाने की अपना पूरा प्रयास कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने आज भी सुना है कि बच्चों को निकालने के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनाने के लिए कुछ निर्णय लिया गया है। यह मुद्दा राष्ट्रीय सरोकार का है।”

77 वर्षीय अख्तर ने कहा कि अंतत: युद्ध कोई नहीं जीतता, हर किसी की हार होती है। लोग दोनों तरफ के मरते हैं। युद्ध बिल्कुल नहीं होना चाहिए।

ऑपरेशन गंगा

यूक्रेन में बिगड़ते हालात के बीच भारत ने ऑपरेशन गंगा के तहत अपने रेस्क्यू अभियान को तेज कर कर दिया है। इसके लिए 80 फ्लाइट और 24 मंत्रियों को लगाया गया है। अधिक से अधिक भारतीयों को जल्दी निकालने के लिए विमानों की आवाजाही की संख्या को भी बढ़ा दिया गया है।
रोमानिया के बुखारेस्ट से 35 फ्लाइट और Suceava से 5 फ्लाइट, हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से 28 फ्लाइट, पोलैंड के Rzeszow से 9 फ्लाइट और स्लोवाकिया के Kosice से 3 फ्लाइट उड़ान भरेंगी। इन 80 फ्लाइट्स में यूक्रेन से लगभग 17,000 विद्यार्थियों को निकाला जाएगा।
रेस्क्यू अभियान की निगरानी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीके सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, हरदीप सिंह पुरी और किरेन रिजेजू को हंगरी, रोमानिया, पोलैंड और स्लोवाकिया भेजा है। इसके साथ अन्य मंत्रियों को इस अभियान की निगरानी और यूक्रेन से लौटने छात्र-छात्राओं को दिल्ली और मुंबई में व्यवस्थित करने की जिम्मेवारी सौंपी है।

बयानों के कारण विवादों में अख्तर

जावेद अख्तर अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहते हैं। पिछले साल जावेद अख्तर ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तुलना तालिबान से की थी। उन्होंने कहा था, “RSS, VHP और बजरंग दल का समर्थन करने वालों की मानसिकता भी तालिबान जैसी ही है। जिस तरह तालिबान एक मुस्लिम राष्ट्र बनाने की कोशिश कर रहा है। उसी तरह कुछ लोग हमारे सामने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पेश करते हैं।” जावेद अख्तर ने आगे कहा, “इन लोगों की मानसिकता एक जैसी है। तालिबान हिंसक हैं। जंगली है। उसी तरह RSS, VHP और बजरंग दल का समर्थन करने वाले लोगों की मानसिकता एक जैसी है।”
इसी साल जनवरी में जब प्रधानमंत्री का काफिला पंजाब में लगभग 20 मिनट तक फँसा रहा था तब उन्होंने मुस्लिमों के नरसंहार की बात कर देश में डर का माहौल बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 करोड़ भारतीयों (मुस्लिमों) पर नरसंहार के खतरे पर एक शब्द भी नहीं कहा। देश में डर के माहौल की बात भी कहते रहते हैं।
इसी तरह कंगना रनौत ने भी जावेद अख्तर पर इन्फ्लुएंस करने का आरोप लगाया था। एक साक्षात्कार में कंगना ने कहा था, “जावेद अख्तर ने मुझे अपने घर बुलाया। इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर मैं ऋतिक रोशन से माफ़ी नहीं माँगी तो मुझे आत्महत्या करनी पड़ेगी।”