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जहाँ हनुमान जयंती जुलूस पर हमला, दिल्ली के उसी जहाँगीरपुरी में रामनवमी का जुलूस


देश भर में रामनवमी धूमधाम से मनाई जा रही है। इस बीच मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति भी जारी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री मुस्लिम इलाकों से जुलूस निकालने पर अंजाम भुगतने की धमकी दे रही हैं। वहीं, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने भी दिल्ली के सीमित इलाकों में ही भगवान राम का जुलूस निकालने की इजाजत दी है।

पिछले साल दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जयंती के जुलूस पर हमला कर दिया गया था। बाद मे बड़े पैमाने पर हिंदुओं को भी निशाना बनाया गया था। जहाँगीरपुरी इलाके के कई हिंदू डर से इलाका छोड़ दिए थे। रामनवमी के शोभा यात्रा के साथ भी यही हुआ था। अब रामनवमी पर जुलूस निकालने से हिंदुओं को रोक दिया गया है।

इस बार भी रामनवमी लोग उमंग और उत्साह से मनाए जा रहे हैं। पिछले साल के हनुमान जयंती की तरह इस बार भी हिंदुओं पर किसी तरह का हमला ना हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही हैं। हालाँकि, जहाँगीरपुरी के जिस इलाके में पिछले साल हिंदुओं पर हमले किए गए थे, उस तरफ जुलूस की इजाजत नहीं दी गई है।

हालाँकि, प्रशासन ने जहाँगीरपुरी के एक सीमित इलाके में ही रामनवमी का जुलूस निकालने की अनुमति दे दी है। इसके लिए पुलिस ने जहाँगीरपुरी के रामलीला मैदान के 200 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग की है। इस बैरिकेडिंग के बाहर कोई जुलूस आदि नहीं निकल सकता। हर आयोजक यह सीमा मानने के लिए बाध्य है। हालाँकि, हिंदू शांतिपूर्ण तरीके से भगवान राम का जन्मोत्सव मना रहे हैैं।

शोभा यात्रा को लेकर दिल्ली नॉर्थ-वेस्ट जिले के डीसीपी जीतेंद्र मीणा ने कहा, “पूरे ज़िले में पुलिस तैनात है। जहाँगीरपुरी में एहतियाती व्यवस्था की गई है। जुलूस या शोभा यात्रा की अनुमति नहीं है, लोग पार्क में शांतिपूर्वक रामनवमी मना सकते हैं।” इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

हालाँकि, सायमा जैसी कट्टरपंथी सोच रखने वाले लोग जहाँगीरपुरी में सीमित दायरे में भी राम नवमी मनाए जाने को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। सायमा ने रामनवमी मना रहे लोगों की तस्वीरें रिट्वीट करते हुए लिखा, “ये क्या है?”

शहजाद खान नाम के एक कथित पत्रकार ने लिखा, “जहाँगीरपुरी में रामनवमी जुलूस और रमज़ान प्रेयर दोनों की परमिशन पुलिस ने नहीं दी, लेकिन रामनवमी का जुलूस निकाला गया।”

उमर नाम के एक मुस्लिम यूजर ने लिखा, “देखिए कि रैली करने की अनुमति देने से पुलिस द्वारा इनकार करने के बाद भी वे अपना रास्ता बनाया?”

पिछले साल 16 अप्रैल को दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के जुलूस पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया था। जुलूस शांतिपूर्वक चल रहा था। इसी दौरान इलाके के जामा मस्जिद के पास अंसार शेख और उसके साथी ने जुलूस को रोक दिया। इस दौरान उन्होंने बहस करना शुरू कर दिया। बाद में जुलूस पर पथराव कर दिया गया।

प्राथमिकी के अनुसार, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन इस्लामवादियों ने आदेशों की अवहेलना की और वाहनों में आग लगा दी। उन्होंने हिंदू श्रद्धालुओं पर पत्थर और कांच की बोतलें भी फेंकी। बाद में सोनू चिकना नाम के एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा जुलूस पर गोलियाँ चलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

जहाँगीरपुरी में नहीं निकलेगी ‘रामनवमी’ पर शोभा यात्रा’: दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया

सांकेतिक तस्वीर साभार- एपी
रामनवमी का त्योहार इस साल गुरुवार (30 मार्च 2023) को मनाया जाएगा। देश के कई हिस्सों में इस अवसर पर रैली निकाली जाती है। हालाँकि, दिल्ली के जहाँगीरपुरी में रामनवमी के अवसर पर श्री राम भगवान प्रतिमा यात्रा को मंजूरी नहीं दी गई है। इसी इलाके में 16 अप्रैल 2022 को हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई रैली को कट्टरपंथियों ने निशाना बनाया था। रैली पर पत्थरबाजी की गई थी जिसमें 8 पुलिसकर्मी समेत एक नागरिक घायल हो गया था।

दिल्ली पुलिस ने पिछले साल की घटना को ध्यान में रखते हुए जहाँगीरपुरी में रामनवमी शोभा यात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी। दिल्ली पुलिस की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि दंगा प्रभावित जहाँगीरपुरी इलाके में भगवान श्रीराम की प्रतिमा यात्रा यानी रामनवमी रैली निकालने की इजाजत नहीं होगी। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि पिछले साल यहाँ भारी लॉ एंड ऑर्डर की समस्या उत्पन्न हो गई थी। इसलिए इस बार शोभायात्रा की इजाजत नहीं दी गई है।

अब यह चर्चा होने लगी है कि अगर किसी वजह से किसी अन्य मजहब के त्यौहार पर दंगा होने पर क्या उनके त्यौहार मनाने की इजाजत होगी? यह वह ज्वलन्त प्रश्न है, जिसका उत्तर केवल दिल्ली पुलिस नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार से लेकर केंद्र सरकार को देना होगा कि क्या केवल हिन्दुओं को ही अपमानित किया जाता रहेगा?

दिल्ली पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए यात्रा की इजाजत नहीं दी। आदेश में कहा गया है कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस विशेष कार्यक्रम के लिए समूह को पहले कोई अनुमति नहीं दी गई। अर्थात यात्रा पारंपरिक नहीं है। केवल जहाँगीरपुरी इलाके के लिए इस यात्रा की अनुमति से इनकार किया गया है। यात्रा की इजाजत न मिलने से सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई है।

इसी इलाके में स्थित नेताजी सुभाष प्लेस के एक पार्क में नमाज पढ़ने के लिए पहली बार मुस्लिमों के एक ग्रुप ने दिल्ली पुलिस से इजाजत माँगी थी। दिल्ली पुलिस ने इसे भी अस्वीकार कर लिया। पुलिस ने नमाजियों को पहले की तरह मस्जिद या अपने घरों में नमाज पढ़ने की सलाह दी। पुलिस ने कहा कि यहाँ पहले कभी खुले में नमाज नहीं पढ़ा गया इसलिए इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।

साल 2022 की हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान मुस्लिमों के एक समूह ने यात्रा पर हमला कर दिया था। यात्रा की सुरक्षा में तैनात 8 पुलिसकर्मी इस हमले में घायल हो गए थे। पत्थरबाजी के दौरान तीन राउंड फायरिंग की भी जानकारी सामने आई थी। फायरिंग में एक पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे।


दिल्ली : स्वाति मालीवाल ने रुकवाया जहाँगीरपुरी में 15 साल की लड़की का धर्मपरिवर्तन, होने जा रहा था निकाह

                   निकाह रुकवाने मौके पर पहुँची दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष (साभार: DCW का ट्विटर अकॉउंट)

दिल्ली के अमन विहार के बाद अब जहाँगीर पुरी से एक नाबालिग लड़की के धर्मपरिवर्तन और निकाह करवाने का मामला सामने आया है। दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने स्वयं मौके पर पहुँचकर इस निकाह को रुकवाया। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी इस दौरान मौके पर मौजूद रहीं।

DCW के प्रवक्ता राहुल ताहिलियानी के ट्वीट के मुताबिक, लड़की का धर्मपरिवर्तन कर निकाह करवाया जा रहा था। लेकिन स्वाति मालिवाल के नेतृत्व में पहुँची टीम ने पुलिस के साथ मिल कर विवाह रुकवा दिया।

राहुल के ट्वीट में शेयर की गई वीडियो में स्वाति मालीवाल लड़की के घरवालों से बात करती दिखाई दे रही हैं। वह कहती हैं, “दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में एक 15 साल की लड़की का निकाह कराया जा रहा था। जैसे ही हमें ये पता चला, हमारी टीम ने मौके से पहुँचकर उस निकाह को रुकवा दिया।”

घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मालीवाल ने कहा, “मुझे बहुत दुख होता है कि आज भी इस देश में, यहाँ तक की देश की राजधानी में बच्चों के बालविवाह करवाए जा रहे हैं। ये बहुत ही शर्म की बात है और ऐसे लोग जो बच्चों से उनके बचपन छीन लेते हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए। इस केस में भी मैं दिल्ली पुलिस से अनुरोध करूँगी, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए और जो लड़की है उसके पुनर्वास पर दिल्ली महिला आयोग काम करे।”

दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले पर शिकायत दर्ज कर ली है और बच्ची के परिवार को पूछताछ के लिए बुलाया है, इसके अलावा जिस लड़के के साथ बच्ची का निकाह करवाया जा रहा था, उसके परिवार वालों को भी पुलिस अपने साथ लेकर गई है। दोनों परिवार जहाँगीर पुरी के एच ब्लॉक के पास की झुग्गियों में रहते थे।

मालूम हो कि इससे पहले दिल्ली के अमन विहार के वार्ड संख्या 41 में ऐसे ही मामले को लेकर विवाद हुआ था। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि एक नाबालिग हिंदू लड़की का धर्मांतरण कर निकाह 40 साल के मोहम्मद इंतजार हुसैन से करवाया जा रहा था। वे दिल्ली पुलिस पर सहयोग नहीं करने का भी आरोप लगा रहे थे। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस कह रही थी कि दोनों नाबालिग हैं जबकि लड़की की आयु 17 वर्ष बताई जा रही थी और वह 7वीं कक्षा में पढ़ती थी।