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दिल्ली : रात के अंधेरे में रामनवमी पर लगे भगवा झंडों को नोंचा, जेहादी ने पैरों से कुचला… वीडियो वायरल

आखिर छद्दम धर्म-निरपेक्ष और गंगा-जमुनी तहजीब से गुमराह करने वाले हिन्दू भावनाओं से कब तक खिलवाड़ करते या करवाते रहेंगे? हिन्दू संयम की अग्नि-परीक्षा मत लो। जिस दिन हिन्दू संयम की सीमा टूटी कोई इनका आका बाहर नहीं आएगा। मोदी सरकार को ऐसे दंगाइयों से हर तरह की सरकारी सुविधा जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि छीन लेनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर जेल में केवल एक समय का नाश्ता और खाना देने का कानून बनाना चाहिए। जब तक इस तरह के सख्त कानून नहीं बनेंगे, दंगाई बाज नहीं आएंगे। हर हिन्दू और शांतिप्रिय लोगों को सरकार से ऐसे सख्त कानून बनाने के लिए मजबूर करना होगा, उससे पहले हिन्दू-मुसलमान का झगड़ा ख़त्म नहीं होगा। 
दिल्ली में रामनवमी के मौके पर लगाए गए भगवा झंडों को पैरों से कुचलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। करीब 28 सेकेंड के इस वीडियो में दिख रहे शख्स की पहचान अजीम के तौर पर हुई है। पुलिस ने अजीम पर FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने अजीम पर IPC की धारा 153 A और 295 A के तहत एक्शन लिया है। यह मामला दिल्ली के शास्त्री पार्क थाना क्षेत्र का है। यहाँ के गली नंबर 8 में रहने वाले सागर ने अजीम के खिलाफ हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। उसने अजीम की करतूत का वीडियो भी पुलिस को सौंपा था।

सोशल मीडिया वायरल वीडियो में देख सकते हैं कि रात के अँधेरे में कुर्ता-पायजामा पहना एक व्यक्ति पहले गली में टाँगे गए भगवा झंडों को नोंचता है और फिर पैरों से उसे कुचलने लगता है। 28 सेकेंड के इस वीडियो के अंत में आरोपित अपने घर में चला जाता है। पुलिस जाँच में यह हरकत करने वाला आरोपित अजीम निकला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस साल रामनवमी पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कट्टरपंथियों द्वारा हिंसा की गई। इस हिंसा से खास तौर पर बिहार, बंगाल, झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र प्रभावित हुए हैं। दिल्ली के जहाँगीरपुरी में पिछले साल रामनवमी पर हुई हिंसा के बाद प्रशासन इस बार की शोभायात्रा की अनुमति देने में आनाकानी कर रहा था। हालाँकि बाद में हिन्दू संगठनों ने भव्य शोभायात्रा निकाली थी।

वडोदरा में मस्जिद से शोभायात्रा पर हुआ पथराव, कट्टरपंथी मुस्लिम महिलाओं ने पुलिस को गाली बकी

गुजरात में मस्जिद से पत्थरबाजी
गुजरात के वडोदरा जिले में रामनवमी की शोभा यात्रा पर पथराव के कई वीडियो सामने आए हैं। शोभा यात्रा पर हमले के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि पथराव एक मस्जिद के पास से की जा रही है, जबकि कट्टरपंथी मुस्लिम महिलाएँ पुलिस का रास्ता रोककर खड़ी हैं।

सामने आए ताजा वीडियो में दिख रहा है कि शोभा यात्रा पर पथराव सिर्फ मस्जिद के आसपास की छतों से ही नहीं, बल्कि मस्जिद से भी की गई। वीडियो में दिख रहा है कि नमाजी टोपी पहना एक शख्स मस्जिद से शोभायात्रा में शामिल लोगों पर पत्थर फेंकता और फिर भाग जाता है।

इस वीडियो को इंडिया टीवी के पत्रकार निर्णय कपूर ने साझा किया है। वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा है, “वड़ोदरा का ये वीडियो इस बात की पुष्टि कर रहा है कि गुरुवार को कुम्भारवाड़ा से निकली यात्रा पर मस्जिद में मौजूद लोगों ने पथराव किया था। देखिये इस आदमी को- मस्जिद के गेट पर बने छपरे से पत्थर फेंक कर मस्जिद के अंदर कूदता दिख रहा है, जिसके बाद पुलिस मस्जिद में दाखिल होते दिख रही है।”

इसके साथ ही एक और वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि शोभा यात्रा पर पथराव करने वाले अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस जब मुस्लिम इलाके में गई तो मुस्लिम महिलाओं ने उन्हें घेर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि मुस्लिम महिलाएँ ना सिर्फ पुलिस का रास्ता रोक रही हैं, बल्कि उनके साथ गाली-गलौच भी कर रही हैं।

कट्टरपंथी मुस्लिम महिलाएँ पुलिस के चीख-चिल्ला रही हैं, बल्कि ‘पत्थर मारो सालों को’ कहकर गाली भी दे रही हैं और आसपास के लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़का भी रही हैं। इस वीडियो में इनकी गाली को सुना जा सकता है।

30 मार्च 2023 को देश भर में हर्ष और उल्लास के साथ रामनवमी मनाया गया, लेकिन कुछ राजनीतिक वजह से और कुछ कट्टरपंथियों की महजहबी वजह से कई राज्यों में शोभा यात्रा पर हमले किए गए। बंगाल में सीएम ममता बनर्जी द्वारा जूलुस को मुस्लिम इलाके में ले जाने की धमकी के बाद वहाँ बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। कट्टरपंथियों ने उनके बयान में उनका सहयोग माना।

वहीं, महाराष्ट्र और गुजरात के कई इलाकों में भी हिंसा की खबर है। गुजरात के वड़ोदरा जिले के फतेहपुरा गराना पुलिस चौकी क्षेत्र में हिंदुओं द्वारा रामनवमी की शोभा यात्रा निकाली गई थी। शोभा यात्रा जैसे ही एक मस्जिद के सामने से गुजरने लगी, उस पर पथराव कर दिया गया। कट्टरपंथियों ने इस हमले के लिए हिंदुओं पर आरोप लगाया था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद उनका यह झूठ भी पकड़ा गया है।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने में जुटी। है। हालाँकि, जैसा कि ऊपर के वीडियो में दिख रहा है, पुलिस प्रशासन को उनके काम को करने से भी रोका जा रहा है और कट्टरपंथी मुस्लिम महिलाएँ इस काम में बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभा रही हैं।


जहाँ हनुमान जयंती जुलूस पर हमला, दिल्ली के उसी जहाँगीरपुरी में रामनवमी का जुलूस


देश भर में रामनवमी धूमधाम से मनाई जा रही है। इस बीच मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति भी जारी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री मुस्लिम इलाकों से जुलूस निकालने पर अंजाम भुगतने की धमकी दे रही हैं। वहीं, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने भी दिल्ली के सीमित इलाकों में ही भगवान राम का जुलूस निकालने की इजाजत दी है।

पिछले साल दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जयंती के जुलूस पर हमला कर दिया गया था। बाद मे बड़े पैमाने पर हिंदुओं को भी निशाना बनाया गया था। जहाँगीरपुरी इलाके के कई हिंदू डर से इलाका छोड़ दिए थे। रामनवमी के शोभा यात्रा के साथ भी यही हुआ था। अब रामनवमी पर जुलूस निकालने से हिंदुओं को रोक दिया गया है।

इस बार भी रामनवमी लोग उमंग और उत्साह से मनाए जा रहे हैं। पिछले साल के हनुमान जयंती की तरह इस बार भी हिंदुओं पर किसी तरह का हमला ना हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही हैं। हालाँकि, जहाँगीरपुरी के जिस इलाके में पिछले साल हिंदुओं पर हमले किए गए थे, उस तरफ जुलूस की इजाजत नहीं दी गई है।

हालाँकि, प्रशासन ने जहाँगीरपुरी के एक सीमित इलाके में ही रामनवमी का जुलूस निकालने की अनुमति दे दी है। इसके लिए पुलिस ने जहाँगीरपुरी के रामलीला मैदान के 200 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग की है। इस बैरिकेडिंग के बाहर कोई जुलूस आदि नहीं निकल सकता। हर आयोजक यह सीमा मानने के लिए बाध्य है। हालाँकि, हिंदू शांतिपूर्ण तरीके से भगवान राम का जन्मोत्सव मना रहे हैैं।

शोभा यात्रा को लेकर दिल्ली नॉर्थ-वेस्ट जिले के डीसीपी जीतेंद्र मीणा ने कहा, “पूरे ज़िले में पुलिस तैनात है। जहाँगीरपुरी में एहतियाती व्यवस्था की गई है। जुलूस या शोभा यात्रा की अनुमति नहीं है, लोग पार्क में शांतिपूर्वक रामनवमी मना सकते हैं।” इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

हालाँकि, सायमा जैसी कट्टरपंथी सोच रखने वाले लोग जहाँगीरपुरी में सीमित दायरे में भी राम नवमी मनाए जाने को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। सायमा ने रामनवमी मना रहे लोगों की तस्वीरें रिट्वीट करते हुए लिखा, “ये क्या है?”

शहजाद खान नाम के एक कथित पत्रकार ने लिखा, “जहाँगीरपुरी में रामनवमी जुलूस और रमज़ान प्रेयर दोनों की परमिशन पुलिस ने नहीं दी, लेकिन रामनवमी का जुलूस निकाला गया।”

उमर नाम के एक मुस्लिम यूजर ने लिखा, “देखिए कि रैली करने की अनुमति देने से पुलिस द्वारा इनकार करने के बाद भी वे अपना रास्ता बनाया?”

पिछले साल 16 अप्रैल को दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के जुलूस पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया था। जुलूस शांतिपूर्वक चल रहा था। इसी दौरान इलाके के जामा मस्जिद के पास अंसार शेख और उसके साथी ने जुलूस को रोक दिया। इस दौरान उन्होंने बहस करना शुरू कर दिया। बाद में जुलूस पर पथराव कर दिया गया।

प्राथमिकी के अनुसार, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन इस्लामवादियों ने आदेशों की अवहेलना की और वाहनों में आग लगा दी। उन्होंने हिंदू श्रद्धालुओं पर पत्थर और कांच की बोतलें भी फेंकी। बाद में सोनू चिकना नाम के एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा जुलूस पर गोलियाँ चलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

जहाँगीरपुरी में नहीं निकलेगी ‘रामनवमी’ पर शोभा यात्रा’: दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया

सांकेतिक तस्वीर साभार- एपी
रामनवमी का त्योहार इस साल गुरुवार (30 मार्च 2023) को मनाया जाएगा। देश के कई हिस्सों में इस अवसर पर रैली निकाली जाती है। हालाँकि, दिल्ली के जहाँगीरपुरी में रामनवमी के अवसर पर श्री राम भगवान प्रतिमा यात्रा को मंजूरी नहीं दी गई है। इसी इलाके में 16 अप्रैल 2022 को हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई रैली को कट्टरपंथियों ने निशाना बनाया था। रैली पर पत्थरबाजी की गई थी जिसमें 8 पुलिसकर्मी समेत एक नागरिक घायल हो गया था।

दिल्ली पुलिस ने पिछले साल की घटना को ध्यान में रखते हुए जहाँगीरपुरी में रामनवमी शोभा यात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी। दिल्ली पुलिस की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि दंगा प्रभावित जहाँगीरपुरी इलाके में भगवान श्रीराम की प्रतिमा यात्रा यानी रामनवमी रैली निकालने की इजाजत नहीं होगी। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि पिछले साल यहाँ भारी लॉ एंड ऑर्डर की समस्या उत्पन्न हो गई थी। इसलिए इस बार शोभायात्रा की इजाजत नहीं दी गई है।

अब यह चर्चा होने लगी है कि अगर किसी वजह से किसी अन्य मजहब के त्यौहार पर दंगा होने पर क्या उनके त्यौहार मनाने की इजाजत होगी? यह वह ज्वलन्त प्रश्न है, जिसका उत्तर केवल दिल्ली पुलिस नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार से लेकर केंद्र सरकार को देना होगा कि क्या केवल हिन्दुओं को ही अपमानित किया जाता रहेगा?

दिल्ली पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए यात्रा की इजाजत नहीं दी। आदेश में कहा गया है कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस विशेष कार्यक्रम के लिए समूह को पहले कोई अनुमति नहीं दी गई। अर्थात यात्रा पारंपरिक नहीं है। केवल जहाँगीरपुरी इलाके के लिए इस यात्रा की अनुमति से इनकार किया गया है। यात्रा की इजाजत न मिलने से सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई है।

इसी इलाके में स्थित नेताजी सुभाष प्लेस के एक पार्क में नमाज पढ़ने के लिए पहली बार मुस्लिमों के एक ग्रुप ने दिल्ली पुलिस से इजाजत माँगी थी। दिल्ली पुलिस ने इसे भी अस्वीकार कर लिया। पुलिस ने नमाजियों को पहले की तरह मस्जिद या अपने घरों में नमाज पढ़ने की सलाह दी। पुलिस ने कहा कि यहाँ पहले कभी खुले में नमाज नहीं पढ़ा गया इसलिए इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।

साल 2022 की हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान मुस्लिमों के एक समूह ने यात्रा पर हमला कर दिया था। यात्रा की सुरक्षा में तैनात 8 पुलिसकर्मी इस हमले में घायल हो गए थे। पत्थरबाजी के दौरान तीन राउंड फायरिंग की भी जानकारी सामने आई थी। फायरिंग में एक पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे।


क्या झारखंड में हिंदू होना गुनाह? रामनवमी जुलूस में बैन का विरोध करते हुए बीजेपी MLA ने कुर्ता फाड़ लिखा ‘जय श्रीराम’

                                झारखंड विधानसभा में बीजेपी विधायक ने कुर्ता फाड़ दिखाया जय श्रीराम
झारखंड विधानसभा 21 मार्च 2023 को जय श्रीराम के नारों से गूँज उठा। बीजेपी विधायक मनीष जायसवाल ने सदन में अपना कुर्ता फाड़ लिया। बनियान पर लिखा ‘जय श्रीराम’ दिखाया। वे हजारीबाग में रामनवमी जुलूस को लेकर लगाई गई पाबंदियों का विरोध कर रहे थे। जायसवाल हजारीबाग सदर की सीट से विधायक हैं।

विधानसभा में भाजपा विधायक ने हेमंत सरकार को घेरते हुए कई तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि रामनवमी को लेकर हजारीबाग में कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। डीजे पर रोक लगा दी गई। फैसले के खिलाफ आवाज उठाने वाले 5 हजार लोगों पर धारा 107 के तहत मुकदमा कर दिया गया है। क्या इस राज्य में हिंदू होना अपराध है? क्या हम तालिबान में रहते हैं?

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता,
शरण में रख दिया जब माथ तो किस बात की चिंता…

क्या हज़ारीबाग तालिबान का हिस्सा है 
❓ जहाँ अपने ही प्रभु श्रीराम के पर्व पर पाबंदियां व हज़ारों रामभक्तों पर 107 के माध्यम से दबाने का प्रयास किया जा रहा है ❓ (1/3) … pic.twitter.com/ffaXvPX20n

— Manish Jaiswal (@Manishjhzb) March 21, 2023

विधायक मनीष जयसवाल ने सदन में कहा कि हजारीबाग की रामनवमी विश्व प्रसिद्ध है। ऐसे में डीजे बजाने की इजाजत न देने की वजह क्या है? सदन में इसे लेकर खूब हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने जय श्री राम के नारे लगाए। इसी दौरान जयसवाल ने अपना कुर्ता फाड़ लिया। सदन से निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने रामनवमी जुलूस को लेकर लगाई गई पाबंदियों को सरकार का क्रूर फरमान बताया।

हजारीबाग में रामनवमी के अवसर पर ऐतिहासिक मंगला जुलूस निकाला जाता है। प्रशासन ने जुलूस में डीजे के इस्तेमाल व कलाबाजी दिखाए जाने पर पाबंदी लगा दी है। इसके बाद से ही भाजपा नेता सरकार पर हमलावर हैं। 19 मार्च 2023 को भी मनीष जयसवाल समेत कई भाजपा विधायकों ने झारखंड विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार से जवाब माँगा था। मनीष जयसवाल ने झारखंड की सरकार पर रामनवमी की भव्यता कम करने और दमनकारी फैसले लेने का आरोप लगाया है।