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पाकिस्तान से कहा-आपकी मदद की जरूरत नहीें

Narendra Modi, SCO meetingप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के वायु क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री का विमान ओमान के रास्ते किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएगा। बिश्केक में एससीओ की बैठक 13-14 जून को होनी है और भारत को इस बैठक में हिस्सा लेना है। पाकिस्तान ने पीएम मोदी के विमान के लिए अपने वायु क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी लेकिन शीर्ष स्तर पर हुई बैठक के बाद भारत ने उसके वायु क्षेत्र का इस्तेमाल न करने का फैसला किया है। यह पाकिस्तान के लिए एक और झटका है। भारत पहले ही उसकी बातचीत की पेशकश को ठुकरा चुका है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान जब तक आतंकवाद पर पूरी तरह रोक नहीं लगाता तब तक उसके साथ बातचीत नहीं हो सकती। 
सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने  बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का विमान ओमान, ईरान और मध्य एशिया के वायु क्षेत्र से होते हुए बिश्केक जाएगा। बता दें कि पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री मोदी के विमान के लिए अपना वायु क्षेत्र खोलने की बात कही है लेकिन शीर्ष स्तर पर हुई बैठक में फैसला हुआ है कि पीएम मोदी का विमान पाकिस्तान के रास्ते बिश्केक नहीं जाएगा। पाकिस्तान के साथ किसी तरह की बातचीत से भारत पहले ही इंकार कर चुका है। अब उसके वायु क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करने के फैसले से उसे एक और झटका लगा है।
भारत सरकार ने अपने इस फैसले से जाहिर कर दिया है कि वह पाकिस्तान से किसी तरह का एहसान लेने नहीं जा रही है। भारत ने स्पष्ट कहा है कि 'अपना वायु क्षेत्र खोलने के लिए आपका धन्यवाद! लेकिन हम आपके वायु क्षेत्र का इस्तेमाल करने नहीं जा रहे।' जाहिर है कि एससीओ बैठक के दौरान भारत पाकिस्तान को कोई तरजीह देने नहीं जा रहा। इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि इस सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच कोई बैठक प्रस्तावित नहीं है।
इससे पहले भारत ने पीएम मोदी के विमान के लिए अपना वायु क्षेत्र खोलने के लिए पाकिस्तान से अनुरोध किया था। भारत के इस अनुरोध पर पाकिस्तान ने अपना वायु क्षेत्र खोलने की बात कही थी। बता दें कि गत 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण केंद्र पर भारतीय वायु सेना के एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अपना वायु क्षेत्र पूरी तरह से बंद कर दिया था। बाद में उसने दक्षिणी क्षेत्र के अपने दो वायु मार्गों को खोला।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में इस बात की पुष्टि की कि भारत के अनुरोध पर इमरान खान सरकार पीएम मोदी के विमान के लिए अपना वायु क्षेत्र सिद्धांतत: खोलने के लिए तैयार हुई है। अधिकारियों ने कहा कि प्रक्रियागत प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारत सरकार को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही पाकिस्तान ने उम्मीद जताई कि बातचीत के उसके प्रस्ताव पर भारत जवाब देगा।
पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कुछ दिनों पहले पीएम मोदी को पत्र लिखकर कश्मीर सहित सभी मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद पर जब तक पूरी तरह से लगाम नहीं लगती तब तक उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी।

घुटनों पर पाकिस्तान,लगाई बातचीत की गुहार

आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के कड़े रुख और प्रधानमंत्री मोदी की दूसरी पारी के सामने पाकिस्तान अब घुटने पर है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मसूद कुरैशी ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर शांति बहाली की अपील की है। कुरैशी ने लिखा है कि उनका देश सभी मुद्दों पर भारत से वार्ता चाहता है।
पुलवामा हमले के बाद से भारत का रुख पाकिस्तान के प्रति बहुत कड़ा रहा है। हाल ही में भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान के बीच 13-14 जून को बिश्केक में होने वाले शंघाई कॉपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट के दौरान किसी भी द्विपक्षीय बातचीत की संभावना से इनकार किया है।
कुरैशी ने विदेश मंत्री का कार्यभार संभालने पर एस जयशंकर को बधाई देने के लिए यह पत्र लिखा है। पूर्व विदेश सचिव जयशंकर ने 30 मई को विदेश मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। डॉन समाचार पत्र ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया कि कुरैशी ने पत्र में जयशंकर से कहा, ‘इस्लामाबाद नयी दिल्ली के साथ सभी महत्वपूर्ण मामलों पर बातचीत करना चाहता है और इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध है।
पाकिस्तान को भारत से बातचीत करने से यह भी बताना होगा कि पूर्व में हुई बातचीत के बदले पाकिस्तान ने भारत क्या दिया, आतंकवाद? तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी लाहौर बस सेवा लेकर गए, बदले में क्या मिला, कारगिल? क्या पाकिस्तानी फौज द्वारा कश्मीर में भेजे आतंकवादियों को वापस बुलाया है? क्या सेना की सलाह लिए बिना, पाकिस्तान कोई कदम उठाने को तैयार है? क्या पाकिस्तान अपने देश में चल रहे आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने को तैयार है? 
मोदी और इमरान खान दोनों ही 13 और 14 जून को शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होंगे। इस दौरान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। उनका इमरान खान के साथ बातचीत का कोई कार्यक्रम नहीं है।
 हम शांति चाहते हैं, जंग किसी के हित में नहीं : इमरान खान 
विदेश मंत्री शाह मसूद कुरैशी के बाद अब खुद इमरान खान ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच की समस्याओं को सुलझाने का प्रस्ताव रखा है। इमरान ने पीएम मोदी को भेजे पत्र में लिखा है कि भारत के बार-बार मनाही के बाद पाकिस्तान की ओर से एक और गुजारिश है।
पीएम को लिखे पत्र में इमरान ने पीएम मोदी दूसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी है। उन्होंने लिखा है कि पाकिस्तान की इच्छा है कि विवादित कश्मीर के मुद्दे के साथ पाकिस्तान की दोनों देशों के बीच सभी मुद्दे सुलझाए जाएं।
इमरान ने अपने खत में यह भी लिखा कि दोनों देशों की मदद के लिए बातचीत ही एकमात्र हल है। पाकिस्तान दक्षिण एशियाई क्षेत्र में शांति चाहता है, और इसके साथ ही स्थिरता और क्षेत्र को आगे ले जाने के लिए यह आवश्यक है।
एयर स्ट्राइक के बाद से भारत को करारा जवाब देने की बात करने वाले पाकिस्तान ने फिर शांति का राग अलापा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि युद्ध से किसी भी पक्ष को लाभ नहीं होने वाला है इसलिए इस मुद्दे को शांतिपूर्वक वार्ता करके सुलझाना होगा।
पाक पीएम इमरान खान ने कहा, ‘पुलवामा हमले के बाद हमने भारत के सामने शांति का प्रस्ताव रखा था। हमने भारत के समक्ष प्रस्ताव रखा कि हम मामले की जांच करेंगे। हम तब भी सहयोग के लिए तैयार थे और अब भी तैयार हैं। मुझे डर था कि भारत कोई कार्रवाई करेगा इसीलिए मैंने भारत को आक्रामकता दिखाने के खिलाफ चेताया था।’
खान ने आगे कहा, ‘सभी युद्ध गलत हैं और कोई नहीं जानता कि युद्ध हमें किस स्थिति में ले जाएंगे। पहले विश्वयुद्ध को कुछ हफ्तों में खत्म हो जाना था लेकिन इसे समाप्त होने में छह साल लग गए, इसी तरह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को 17 साल तक नहीं चलना चाहिए था।’
पाक पीएम ने एक बार फिर कहा, हम शांति चाहते हैं, युद्ध नहीं, युद्ध से किसी का भला नहीं हो सकता है, आइए साथ बैठकर बातें करते हैं, समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकालेंगे।