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झारखण्ड : लखीमपुर और हाथरस पर चिल्लाने वाले नेता और मीडिया उन्मादी भीड़ द्वारा संजू प्रधान को बुरी तरह पीट और उसके बाद जिंदा जलाए जाने क्यों खामोश?

                                                                           प्रतीकात्मक 
लखीमपुर और हाथरस घटनाओं पर सियापा करने वाले मोदी-योगी विरोधी नेता और मीडिया झारखंड में संजू प्रधान की मॉब लिंचिंग करने वालों द्वारा जिन्दा जलाए जाने पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? क्यों नहीं पिकनिक मनाने झारखंड जाते, क्योकि वहां भाजपा नहीं कांग्रेस की सरकार है? क्या योगी-मोदी विरोधी धर्म अथवा पार्टी देख लाशों पर अपनी रोटियां सेंकते है? राजस्थान, पंजाब या झारखंड आदि गैर-भाजपाई राज्यों में कोई संगीन अपराध हो जाये, कोई नहीं बोलता, लेकिन जब किसी भाजपाई राज्य में वही घटना होती है, तब इन्हें जंगल राज नज़र आता है, ये क्या दोगली नीति है? क्यों इस तरह की दोगली नीति से जनता को भ्रमित किया जाता है?  
झारखंड (Jharkhand) के सिमडेगा (Simdega) जिले से दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ गुस्साई भीड़ ने एक हिंदू युवक को जिंदा जलाकर मार डाला। मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) की इस दर्दनाक वारदात को मंगलवार (4 जनवरी 2021) को कोलेबिरा थाना के जनजातीय बहुल बेसराजारा गाँव में अंजाम दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारे गए युवक का नाम संजू प्रधान है। वह इसी गाँव का रहने वाला है। उत्तेजित ग्रामीणों की भीड़ ने उसे जिंदा जलाने से पहले बुरी तरह पीटा था।

बताया जा रहा है कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई, लेकिन लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने उन्हें लगभग 1 घंटे तक गाँव में प्रवेश नहीं करने दिया। बाद में आसपास के तीन चार थानों से अतिरिक्त फोर्स भेजी गई, तब जाकर ग्रामीणों ने पुलिस को गाँव के अंदर जाने दिया।

पुलिस ने मौके पर पहुँचकर फायर ब्रिगेड की मदद से तुरंत आग बुझाई और युवक का अधजला शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। कोलेबिरा थाना प्रभारी ने बताया कि इस घटना को उत्तेजित भीड़ द्वारा अंजाम दिया गया है। पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल है। मामले की जाँच के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से पेड़ों की कटाई करने के कारण गाँव के लोग संजू प्रधान से खासा नाराज थे। उन्होंने उसे कई बार पेड़ों की कटाई करने से रोका था, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। उन्होंने इस बारे में वन विभाग से भी उसकी शिकायत की थी। इसके बावजूद जब संजू पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मंगलवार दोपहर को कुछ ग्रामीणों ने संजू प्रधान को पकड़कर पहले उसे बुरी तरह पीटा, जिसके बाद वहाँ अन्य लोग भी जुट गए। फिर कुछ लोगों ने संजू को पकड़कर उसे आग के हवाले कर दिया।

झारखंड विधानसभा में दिसंबर 2021 में ही एंटी मॉब लिंचिंग बिल पारित किया गया है। इसके तहत ऐसी घटना को अंजाम देने का आरोप सिद्ध होने पर दोषियों को आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।