Showing posts with label Sudhir Chaudhary. Show all posts
Showing posts with label Sudhir Chaudhary. Show all posts

'Operation Virus' में बड़ा खुलासा, कोरोना के 'मानव बम' पर मौलाना का कबूलनामा

DNA ANALYSIS: 'Operation Virus' में बड़ा खुलासा, कोरोना के 'मानव बम' पर मौलाना का कबूलनामाभारत में एक खास विचारधारा वाले लोगों ने कोरोना वायरस फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. ये लोग अंदर ही अंदर चाहते हैं कि देश में कोरोना वायरस फैल जाए. जब हम ये बात कहते हैं तो कुछ लोगों को अच्छा नहीं लगता. लेकिन यही बात सच है. इसे तबलीगी जमात के मामले से भी पूरा देश देख रहा है. देश में कोरोना वायरस के मामलों में करीब 30 प्रतिशत मामले अकेले तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के हैं. Zee News ने एक बड़ा खुलासा किया है. Zee News ने उस व्यक्ति को बेनकाब किया है, जिसने दिल्ली में तबलीगी जमात के लोगों को बचाने में बड़ी भूमिका निभाई है. इसलिए हमने इस खुलासे का नाम दिया है- ऑपरेशन वायरस (Operation Virus).
हाफिज गुलाम सरवर
ऑपरेशन वायरस के विलेन का नाम है- हाफिज गुलाम सरवर . आपने इस व्यक्ति को कई टीवी चैनलों पर तबलीगी जमात का पक्ष रखते हुए भी देखा होगा . हाफिज गुलाम सरवर...ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चा नाम के संगठन का राष्ट्रीय प्रवक्ता है. इसके अलावा ये व्यक्ति ऑल इंडिया मुस्लिम दलित मोर्चा नाम के संगठन का संस्थापक और सचिव भी है. हाफिज गुलाम सरवर का दावा है कि उसने दिल्ली में तबलीगी जमात के 15 लोगों को भगाने में मदद की थी. यहां हम ये साफ कर देना चाहते हैं कि हाफिज गुलाम सरवर का तबलीगी जमात से कोई सीधा संबंध नहीं है. लेकिन इस व्यक्ति ने गैरकानूनी तरीके से तबलीगी जमात के लोगों को भगाने में मदद की थी. हम ये भी साफ बता रहे हैं कि ये स्टिंग ऑपरेशन सार्वजनिक हित में किया गया है. हमारा उद्देश्य न ही किसी समुदाय या धर्म को ठेस पहुंचाना है और न ही किसी की गोपनीयता का उल्लंघन करना है बल्कि हम ऐसे लोगों को बेनकाब कर रहे हैं, जो पूरे समाज के दुश्मन हैं.

लॉकडाउन
आपको याद दिला दें कि 25 मार्च को देश भर में लॉकडाउन लागू हुआ . 26 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज को खाली कराने की कोशिश हुई थी  और 29 मार्च को 2 हज़ार से ज्यादा लोग निजामुद्दीन मरकज से बाहर निकाले गए थे . इनमें से कई लोगों में कोरोना का संक्रमण पाया गया था, जो कि देश के अलग-अलग राज्यों से दिल्ली आए हुए थे . 5 अप्रैल तक देश के 17 राज्यों में 1000 से ज्यादा जमाती कोरोना से संक्रमित मिले थे . इसके बाद, 6 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच हमने ये स्टिंग ऑपरेशन किया, ताकि जमात के लोगों द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण की सच्चाई का पता लगाया जाए .

इसी दौरान ZEE NEWS की टीम को दिल्ली में गुलाम सरवर और उनके नेटवर्क के बारे में पता चला . गुलाम सरवर से हमारी मुलाकात दिल्ली के जामिया नगर में उनके घर पर हुई . हमारी टीम के लोग, इस व्यक्ति से, एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के तौर पर मिले . गुलाम सरवर की सच्चाई जानने के लिए हमने उससे पूछा कि ... क्या वो आने वाले चुनावों में मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण कर सकता है ? जिसपर उसका जवाब था- हां, वो ये काम बखूबी कर सकता है .
स्टिंग ऑपरेशन के दौरान गुलाम सरवर ने माना कि उसने दिल्ली में तबलीगी जमात के सदस्यों को पुलिस से बचाते हुए निकाला . लेकिन उसने ये नहीं बताया कि वहां से निकालने के बाद जमातियों को किस जगह छिपा कर रखा.
Sting Operation
मौलाना सरवर- बिहार से कैसे कैसे आ गए, ये बताइए?
रिपोर्टर- अरे मत पूछिए बिहार से आने में तो डॉक्टर साहब की तरफ से...

मौलाना सरवर- हां, हमारे पास में भी PASS है .
रिपोर्टर - कैसे बना (PASS)?

मौलाना सरवर- वो तो मीडिया के इससे बना है. हमारा भी एक चैनल छोटा सा है. साप्ताहिक अख़बार राज सहारा हिंदी का तो उसी के लिये बनाए थे. हम शुरू से घूम रहे थे. इसी वजह से तो हम बीसियों लोगों को...दिल्ली जमात के 10-15 लोगों को दायें-बायें कराए हैं.
रिपोर्टर- कैसे ?

मौलाना सरवर- करा देते हैं काम, जैसे पता चला फलां मस्जिद में हैं.  चुपचाप से गाड़ी लगाए उसको (जमाती) बिठाये. बैग लेकर फिर और चले लेके हम पहुंच गए, चलो, हमारे पास है तो बहुत कुछ कम से कम 15 को...
गुलाम सरवर का दावा है कि वो एक You Tube चैनल और 'राज सहारा' नाम का अखबार चलाता है . इसने जमात के सदस्यों को बचाने और भगाने के लिए मीडिया के पास का इस्तेमाल किया . लॉकडाउन की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पेशल कर्फ्यू पास जारी किए...जिसके ज़रिये मीडिया, बैंकिंग और मेडिकल जैसी जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को आने-जाने की छूट मिली थी . गुलाम सरवर ने इसी को अपना हथियार बना लिया . अब आप ये जानिए कि गुलाम सरवर कैसे एक जमाती को पुलिस के पहरे के बीच से, बचाकर ले गया ?
रिपोर्टर- अच्छा एक बात बताइए जैसे कि हम लोगों को...
मौलाना सरवर- आप निज़ामुद्दीन मेरे साथ चलिए. कसम ख़ुदा की आप कांप जाएंगे. हिन्दू-मुस्लिम दंगे में भी ऐसा कर्फ़्यू नहीं होता जिस तरह से सील किया है. हर चौराहे पर 12 मिलिट्री फोर्स को खड़ा किया है. लेकिन हिम्मत से काम करना होता है. मेरे को, मौलाना साद कासमी हैं एक, वहीं पर रहते हैं. दुआ-ताबीज़ करते हैं. अपने नेचर के ही हैं. उन्होंने कहा कि ये बंदे के पास पैसा ख़त्म हो रहा है. ये तमिलनाडु का है, ऐसे-ऐसे जमात का है और ऐसे-ऐसे घुसपैठ कर के चला आया था इधर क्योंकि मरकज़ से सबको निकाला जा रहा था. तो अब इसके पैसे ख़त्म हो रहे थे या तो इसके पैसों का इंतज़ाम करें या शिफ़्ट कीजिए. मैंने कहा कि भाई मेरी तो औक़ात नहीं है, रहने के 15 दिन हज़ार रुपये और दें उसे हां, शिफ़्ट कर देंगे. खाने-पीने, रहने का इंतज़ाम कर देंगे तो टीशर्ट-ट्राउज़र वो लेकर हम गए. हमने अंदर भिजवाया, टीशर्ट-ट्राउज़र पहनने को बोला. हमने कार्ड दिया, ये गले में टांग लो और अंदर घुसा लो. यानी कि कार्ड नहीं दिखना चाहिए. सिर्फ़ फीता दिखना चाहिए. माइक दिया राज सहारा का हाथ में. मैंने, कहा कि हाथ में ऐसे पकड़े रहना. मेरे पीछे बैठो बैग पकड़ो और 10 किलो आटे का कट्टा ख़रीदा क्योंकि उनका बैग था भारी. जमात वाले तो पूरा दरी भी रखे होते हैं और उनको (जमाती) बिठाया वो रखा कट्टा (आटे का) और उनको बोला कि आप कुछ मत बोलना बातें हम ही कर लेंगे सिर्फ़ कहना कि स्टाफ़ इससे आगे बोलना ही मत.

मौलाना सरवर- हमारे पास PASS बना हुआ है. ऐसे रोकता है नहीं, आज तक तो नहीं रोका है. एक बार रोका था सराय काले खां में तो कार्ड दिखाया तो उसने कहा कि इसको मोटर साइकिल पर चिपका के रखिये तो चिपकाया तो नहीं.
मौलाना सरवर लोगों को कोरोना पर गुमराह भी कर रहा है . वो कहता है कि इसकी कोई वैक्सीन नहीं आएगी... और तो और, उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को... देश में कोरोना फैलने के लिए जिम्मेदार बता दिया .

खबर का असर
हमारी इस खबर को देखने के बाद ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चा ने गुलाम सरवर को...संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से हटा दिया है . इस बीच दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वो गुलाम सरवर के दावों की जांच करेगी . इस बात की भी जांच होगी कि उसने कर्फ्यू पास कैसे बनवाया . दिल्ली पुलिस इस मामले में IPC की धारा 188, 269 और 270 के तहत मामला दर्ज कर सकती है . धारा 188 कहती है कि सरकारी आदेश का पालन ना करके, किसी की जान खतरे में डालने वाले को 6 महीने की सज़ा या जुर्माना हो सकता है . धारा 269 के तहत ...जान बूझकर वायरस या बीमारी फैलाने पर भी 6 महीने की सज़ा हो सकती है .

इसी तरह धारा 270 में भी, जानबूझ कर वायरस या बीमारी फैलाते हुए किसी की जान को खतरे में डालने वाले के खिलाफ 2 साल की जेल का प्रावधान है. अगर गुलाम सरवर ने जमातियों को भगाने के बदले उनका मेडिकल टेस्ट करवाया होता, या प्रशासन की मदद की होती तो...देश में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने में मदद मिली होती . लेकिन, इस व्यक्ति ने गलत तरीका अपनाया, और देश के नागरिकों के जीवन को ख़तरे में डाल दिया . इस मौलाना के गुनाह उन लोगों से कम नहीं हैं, जिन्होंने कोरोना से संक्रमित होने के बावजूद खुद को छिपाया .
ज़ी न्यूज़ के 'ऑपरेशन वायरस' का मसकद ये भी है कि आप ऐसे लोगों से सावधान रहें...और आपको पता चले तो ऐसे लोगों की जानकारी पुलिस को भी दें क्योंकि इस तरह के...वैचारिक संक्रमण के शिकार लोग, इस समय देश के लिए सबसे ज्यादा ख़तरनाक हैं. 
(साभार : ZeeNews) 
अवलोकन करें:-
About this website

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं "फलदार वृक्ष हमेशा झुकता है", जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चरितार्थ कर रहे ...

सुधीर चौधरी के खिलाफ TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने दायर किया मान-हानि का मुकदमा

Sudhir-Mahua‘जी न्यूज’ (Zee News) के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया है। मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि सुधीर ने लोगों में उनके बारे में गलत जानकारी का प्रसार किया। मोइत्रा की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रीति परेवा ने इस मामले की सुनवाई करने का फैसला किया है। मामले की सुनवाई 20 जुलाई को होगी। उसी दिन मोइत्रा का बयान रिकार्ड किया जाएगा।
महुआ मोइत्रा ने संसद में 25 जून को एक भाषण दिया था, जिसके बारे में सुधीर चौधरी ने दावा किया था कि मोइत्रा के भाषण के अंश अमेरिकी वेबसाइट से हुबहू चुराये गये हैं। आरोप था कि यह आर्टिकल वाशिंगटन मंथली के Martin Longman ने अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में लिखा था, जिसमें मोइत्रा ने कुछ अंश हूबहू उठा लिए और राष्ट्रपति का नाम हटा दिया। सुधीर चौधरी ने भाषण के अंशों को अंडरलाइन करके भी दिखाया था। हालांकि सुधीर चौधरी के ट्‌वीट के बाद वाशिंगटन मंथली के Martin Longman ने ट्‌वीट करके महुआ मोइत्रा का पक्ष लिया था।
इसके बाद भड़कीं महुआ मोइत्रा ने सुधीर चौधरी के दावे को गलत बताया था। मोइत्रा का कहना था कि यह भाषण उनका अपना था और अन्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बीजेपी की ‘ट्रोल आर्मी’ की ओर से इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सुधीर चौधरी पर गलत रिपोर्टिंग के आरोप लगाते हुए लोकसभा में जीटीवी और सुधीर चौधरी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव भी पेश कर दिया था। हालांकि, स्पीकर ओम बिरला ने यह प्रस्ताव खारिज कर दिया था। बता दें कि पूर्व में इनवेस्टमेंट बैंकर रहीं मोइत्रा पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से पहली बार सांसद बनी हैं।

'कांग्रेस, मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है': सुधीर चौधरी

'कांग्रेस, मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है': सुधीर चौधरीनई दिल्‍ली: कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू की राजस्‍थान में चुनाव प्रचार के दौरान अलवर की रैली में 'पाकिस्‍तान जिंदाबाद' के नारे लगने के बाद जी न्‍यूज (Zee News) ने जब इस वीडियो को दिखाया तो कांग्रेस के नेताओं ने इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए उल्‍टे जी न्‍यूज पर ही 'फेक वीडियो' प्रसारित करने का आरोप लगाया. इस संदर्भ में हमारी सहयोगी DNA ने जी न्‍यूज (Zee News) के एडीटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी से बात की:
DNA: कांग्रेस का आरोप है कि Zee News ने फेक वीडियो दिखाया है और उस रैली में 'पाकिस्‍तान जिंदाबाद' के नारे नहीं लगाए गए. क्‍या ये सही आरोप हैं?
सुधीर चौधरी: मैं इस आरोप का पूरी तरह से खंडन करता हूं कि ये फर्जी (फेक) वीडियो है. ये वीडियो 100% सही है. इसकी सत्‍यता इस बात से जांची जा सकती है कि हमारे पास इस तरह की सात फीड हैं जोकि उस आयोजन के दौरान लाइव रिकॉर्डेड की गई थीं और हर फीड में उसी समय पर वही नारे सुनाई दिया. यह आजकल का फैशन हो गया है कि जब कोई कांग्रेस का नेता ऐसी किसी परिस्थिति में पकड़ा जाता है तो पार्टी उसका बचाव करते हुए वीडियो को ही फर्जी करार दे देती है. ये और कुछ नहीं बस उस परिस्थिति से निकलने की कांग्रेस की रणनीति है. Zee News उस वीडियो की सत्‍यता के दावे पर पूरी तरह से कायम है.
DNA: सिद्धू ने भी इस मामले में धमकी देते हुए कहा कि नानी याद दिला देंगे? इस पर आपकी क्‍या प्रतिक्रिया है?
सुधीर चौधरी: नवजोत सिंह सिद्धू ने जिस भाषा का इस्‍तेमाल किया है, मैं उसकी कड़े शब्‍दों में निंदा करता हूं. कांग्रेस ने हमेशा दावा किया है कि पार्टी अभिव्‍यक्ति की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्‍यों में विश्‍वास करती है. वह देश की सबसे पुरानी पार्टी है. लेकिन जब उसके ऐसे प्रमुख नेता अभद्र भाषा का इस्‍तेमाल करते हैं तो ये स्‍पष्‍ट रूप से उनकी पार्टी लाइन की तरफ नहीं झुकने वाले मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास है. ये दर्शाता है कि कांग्रेस और उनके नेताओं का अहंकार सातवें आसमान पर है.
DNA: यहां तक कि एडीटर्स गिल्‍ड ने भी अभी तक इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोला? आगे का क्‍या एक्‍शन होगा?
सुधीर चौधरी: Zee News (जी न्‍यूज) हमेशा देश के लोकतांत्रिक मूल्‍यों का सम्‍मान किया है. हमें देश के कानून पर भरोसा है इसलिए न्‍याय के लिए लीगल फ्रेमवर्क के भीतर उपलब्‍ध सभी विकल्‍पों पर विचार किया जाएगा. हमने न्‍यूज ब्रॉडकास्‍टर्स एसोसिएशंस (News Broadcasters Associations) और एडीटर्स गिल्‍ड ऑफ इंडिया (Editors Guild of India) को लिखित शिकायत भेजी है. यदि जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे. सो कांग्रेस ने जो रुख अपनाया है उसके खिलाफ हम लोकतांत्रिक तरीके से अपने विरोध को प्रकट कर रहे हैं. यह निराशाजनक है कि एडीटर्स गिल्‍ड ने अभी तक इस मामले का संज्ञान नहीं लिया है लेकिन उम्‍मीद है कि मीडिया का बड़ा हिस्‍सा हमारे अभियान का समर्थन करेगा. मेरा यह भी मानना है कि ये केवल हमारी लड़ाई नहीं है बल्कि इसको संपूर्ण मीडिया बिरादरी के संघर्ष के रूप में देखना चाहिए.
DNA: क्‍या सिद्धू ने ये अपने आप किया या उनको अपनी पार्टी का समर्थन भी है?
सुधीर चौधरी: कांग्रेस जैसे बड़े दल में सिद्धू जैसे नेता अकेले इस काम को नहीं कर सकते. आपने देखा होगा कि जब वह पाकिस्‍तान गए थे तो उनके मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह नहीं चाहते थे कि वे जाएं. लेकिन पाकिस्‍तान से लौटने के बाद सिद्धू ने बेहद स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा उनके कैप्‍टन अमरिंदर नहीं बल्कि राहुल गांधी हैं. राहुल ने हालांकि इस पर आपत्ति जताई. लेकिन उनको अपने क्रियाकलापों के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्‍व की मंजूरी प्राप्‍त है.
(साभार)