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चर्च में सेक्स पार्टी के बाद पादरी ने कर ली आत्महत्या

                    मृत पादरी मैककॉय (इनसेट), चर्च जहाँ सेक्स पार्टी हुई (फोटो साभार : FirstPost)
ब्रिटेन की राजधानी लंदन के एक चर्च में सेक्स पार्टी का खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद पोप ने जाँच के आदेश दिए हैं। सेक्स पार्टी पादरी माइकल मैककॉय ने लॉकडाउन के दौरान आयोजित की थी। सेक्स पार्टी का आरोप जिस पादरी पर लगा है, उसने साल 2021 में आत्महत्या कर ली थी। मामले की जाँच लीवरपूल के आर्कबिशप को सौंपी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, सेक्स पार्टी का खुलासा पूर्व पादरी रॉबर्ट बयर्ने के इस्‍तीफे की जाँच के दौरान हुआ है। जाँच में सामने आया कि रॉबर्ट ब्रायन के इस्तीफे के बाद मैककॉय पादरी बनने जा रहा था।

हालाँकि, इस बीच दिसंबर 2020 में मैककॉय ने चर्च के अंदर बने अपने घर में कुछ ईसाइयों को कथित तौर पर सेक्‍स पार्टी के लिए तैयार किया। कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण लंदन में लॉकडाउन लगा हुआ था। ऐसे में चर्च खाली पड़ा था। मौके का फायदा उठाकर मैककॉय ने यह पार्टी आयोजित की थी।

दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में इससे पहले कोई भी शिकायत नहीं हुई थी। लेकिन, मामले का खुलासा होने के बाद मैककॉय के खिलाफ गवाही देने के लिए बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं।

‘संडे टाइम्‍स’ ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि मामले का खुलासा होने के बाद कई लोगों ने इस मामले की शिकायत की है। मैककॉय के खिलाफ गवाही देने वालों का आरोप है कि उसने चर्च के अंदर बने अपने घर में सेक्‍स पार्टी आयोजित की थी।

हालाँकि,इस आरोप की पुष्टि नहीं हो पायी है। लेकिन, ये आरोप काफी हद सही इसलिए लग रहे हैं क्योंकि पादरी मैककॉय पर बच्चों के यौन शोषण करने का आरोप लगा था। इन आरोपों के बाद जब पुलिस ने उसके खिलाफ जाँच शुरू की तो 4 दिन बाद ही उसने आत्महत्या कर ली थी। बता दें कि ‘सेक्स पार्टी’ की जाँच कर रहे अधिकारियों को इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि मैककॉय से पहले चर्च के पादरी रहे रॉबर्ट ब्रायन इसमें शामिल हुए थे या नहीं। चर्च में हुई सेक्स पार्टी के इस खुलासे के बाद पूरी दुनिया में इसकी आलोचना हो रही है।

केरल: लॉकडाउन के दौरान बढ़े चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में DYFI नेता इसा रियाज समेत 41 लोग गिरफ्तार

                            केरल में बढ़े चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले (प्रतीकात्मक तस्वीर/साभार:टेलीग्राम)

केरल में बढ़ रहे चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों का खुलासा करते हुए प्रदेश पुलिस की साइबर विंग ने अक्टूबर 5, 2020 को DYFI (डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया) नेता इसा रियाज (Easa Riyaz) समेत 41 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें कई आइटी प्रोफेशनल भी शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने छोटे बच्चों की नग्न तस्वीरें सोशल मीडिया पर सर्कुलेट की।

प्रदेश के एडिशनल डीजीपी मनोज अब्राहम ने बताया कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में उन्होंने 268 मामले दर्ज किए हैं। गिरफ्तार हुए लोगों पर ऐसी सामग्री अपलोड, डाउनलोड और उन्हें सोशल मीडिया पर सर्कुलेट करने का आरोप है। इन लोगों के पास से पुलिस ने कई इलेक्ट्रानिक डिवाइस और फोन भी जब्त किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल पुलिस ने अपने इस ऑनलाइन ऑपरेशन को ‘P Hunt 20.2’ का नाम दिया था। इसी ऑपरेशन के तहत यह 41 लोग गिरफ्तार हुए। पुलिस ने बताया कि ये लोग चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित सामग्री को अपलोड और सर्कुलेट करने के लिए इनक्रिप्टिड अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को इनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और फोन मिले।

एडिशनल डीजीपी मनोज अब्राहम इस संबंध में बताते हैं कि आरोपितों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी ‘साइबरडोम’ (Cyberdome- साइबर पुलिस के स्पेशल विंग), इंटरपोल और अन्य एजेंसियों की मदद से की गई है। पुलिस का कहना है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधी बरामद सामग्री में अधिकांश बच्चे 6 से 15 उम्र के शामिल हैं।

इसके अलावा अधिकारियों ने यह भी पाया है कि कुछ आरोपितों ने अपने फोन को लगातार फॉरमेट किया ताकि उन पर किसी की नजर न पड़े। साथ ही बच्चे की जानकारी चुराने के लिए ‘मालवेयर’ का इस्तेमाल करके पीड़ित का वेबकैम भी चालू किया गया।

साइबर क्राइम में विशेष अधिकारी के तौर पर तैनात मनोज अब्राहम कहते हैं, “महामारी के दौरान स्वास्थ्य के अलावा जिसके ऊपर सबसे बड़ा दुष्प्रभाव पड़ा है वो है- ऑनलाइन क्राइम। लॉकडाउन में डिजिटल इस्तेमाल में काफी बढ़ोत्तरी हुई है और इसी के साथ पोर्नोग्राफी खासकर चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले बढ़े हैं। कई लोग यह सोचते हैं कि रात के अंधेरे में वो जो कुछ भी नेट पर सर्च करते हैं उस पर किसी की नजर नहीं है, लेकिन ये उनकी भूल है।” अब्राहम के अनुसार कई केसों में देखा गया कि ऐसे लोग बीमार होते हैं जिन्हें इलाज की जरूरत होती है क्योंकि वह बार-बार वही अपराध दोहराते हैं।

बता दें कि हमारे देश में चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधी तस्वीरें, वीडियो और साहित्य देखना, उसे शेयर करना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने वाले को पाँच साल की जेल और अधिकतम 10 लाख का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

'Operation Virus' में बड़ा खुलासा, कोरोना के 'मानव बम' पर मौलाना का कबूलनामा

DNA ANALYSIS: 'Operation Virus' में बड़ा खुलासा, कोरोना के 'मानव बम' पर मौलाना का कबूलनामाभारत में एक खास विचारधारा वाले लोगों ने कोरोना वायरस फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. ये लोग अंदर ही अंदर चाहते हैं कि देश में कोरोना वायरस फैल जाए. जब हम ये बात कहते हैं तो कुछ लोगों को अच्छा नहीं लगता. लेकिन यही बात सच है. इसे तबलीगी जमात के मामले से भी पूरा देश देख रहा है. देश में कोरोना वायरस के मामलों में करीब 30 प्रतिशत मामले अकेले तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के हैं. Zee News ने एक बड़ा खुलासा किया है. Zee News ने उस व्यक्ति को बेनकाब किया है, जिसने दिल्ली में तबलीगी जमात के लोगों को बचाने में बड़ी भूमिका निभाई है. इसलिए हमने इस खुलासे का नाम दिया है- ऑपरेशन वायरस (Operation Virus).
हाफिज गुलाम सरवर
ऑपरेशन वायरस के विलेन का नाम है- हाफिज गुलाम सरवर . आपने इस व्यक्ति को कई टीवी चैनलों पर तबलीगी जमात का पक्ष रखते हुए भी देखा होगा . हाफिज गुलाम सरवर...ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चा नाम के संगठन का राष्ट्रीय प्रवक्ता है. इसके अलावा ये व्यक्ति ऑल इंडिया मुस्लिम दलित मोर्चा नाम के संगठन का संस्थापक और सचिव भी है. हाफिज गुलाम सरवर का दावा है कि उसने दिल्ली में तबलीगी जमात के 15 लोगों को भगाने में मदद की थी. यहां हम ये साफ कर देना चाहते हैं कि हाफिज गुलाम सरवर का तबलीगी जमात से कोई सीधा संबंध नहीं है. लेकिन इस व्यक्ति ने गैरकानूनी तरीके से तबलीगी जमात के लोगों को भगाने में मदद की थी. हम ये भी साफ बता रहे हैं कि ये स्टिंग ऑपरेशन सार्वजनिक हित में किया गया है. हमारा उद्देश्य न ही किसी समुदाय या धर्म को ठेस पहुंचाना है और न ही किसी की गोपनीयता का उल्लंघन करना है बल्कि हम ऐसे लोगों को बेनकाब कर रहे हैं, जो पूरे समाज के दुश्मन हैं.

लॉकडाउन
आपको याद दिला दें कि 25 मार्च को देश भर में लॉकडाउन लागू हुआ . 26 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज को खाली कराने की कोशिश हुई थी  और 29 मार्च को 2 हज़ार से ज्यादा लोग निजामुद्दीन मरकज से बाहर निकाले गए थे . इनमें से कई लोगों में कोरोना का संक्रमण पाया गया था, जो कि देश के अलग-अलग राज्यों से दिल्ली आए हुए थे . 5 अप्रैल तक देश के 17 राज्यों में 1000 से ज्यादा जमाती कोरोना से संक्रमित मिले थे . इसके बाद, 6 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच हमने ये स्टिंग ऑपरेशन किया, ताकि जमात के लोगों द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण की सच्चाई का पता लगाया जाए .

इसी दौरान ZEE NEWS की टीम को दिल्ली में गुलाम सरवर और उनके नेटवर्क के बारे में पता चला . गुलाम सरवर से हमारी मुलाकात दिल्ली के जामिया नगर में उनके घर पर हुई . हमारी टीम के लोग, इस व्यक्ति से, एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के तौर पर मिले . गुलाम सरवर की सच्चाई जानने के लिए हमने उससे पूछा कि ... क्या वो आने वाले चुनावों में मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण कर सकता है ? जिसपर उसका जवाब था- हां, वो ये काम बखूबी कर सकता है .
स्टिंग ऑपरेशन के दौरान गुलाम सरवर ने माना कि उसने दिल्ली में तबलीगी जमात के सदस्यों को पुलिस से बचाते हुए निकाला . लेकिन उसने ये नहीं बताया कि वहां से निकालने के बाद जमातियों को किस जगह छिपा कर रखा.
Sting Operation
मौलाना सरवर- बिहार से कैसे कैसे आ गए, ये बताइए?
रिपोर्टर- अरे मत पूछिए बिहार से आने में तो डॉक्टर साहब की तरफ से...

मौलाना सरवर- हां, हमारे पास में भी PASS है .
रिपोर्टर - कैसे बना (PASS)?

मौलाना सरवर- वो तो मीडिया के इससे बना है. हमारा भी एक चैनल छोटा सा है. साप्ताहिक अख़बार राज सहारा हिंदी का तो उसी के लिये बनाए थे. हम शुरू से घूम रहे थे. इसी वजह से तो हम बीसियों लोगों को...दिल्ली जमात के 10-15 लोगों को दायें-बायें कराए हैं.
रिपोर्टर- कैसे ?

मौलाना सरवर- करा देते हैं काम, जैसे पता चला फलां मस्जिद में हैं.  चुपचाप से गाड़ी लगाए उसको (जमाती) बिठाये. बैग लेकर फिर और चले लेके हम पहुंच गए, चलो, हमारे पास है तो बहुत कुछ कम से कम 15 को...
गुलाम सरवर का दावा है कि वो एक You Tube चैनल और 'राज सहारा' नाम का अखबार चलाता है . इसने जमात के सदस्यों को बचाने और भगाने के लिए मीडिया के पास का इस्तेमाल किया . लॉकडाउन की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पेशल कर्फ्यू पास जारी किए...जिसके ज़रिये मीडिया, बैंकिंग और मेडिकल जैसी जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को आने-जाने की छूट मिली थी . गुलाम सरवर ने इसी को अपना हथियार बना लिया . अब आप ये जानिए कि गुलाम सरवर कैसे एक जमाती को पुलिस के पहरे के बीच से, बचाकर ले गया ?
रिपोर्टर- अच्छा एक बात बताइए जैसे कि हम लोगों को...
मौलाना सरवर- आप निज़ामुद्दीन मेरे साथ चलिए. कसम ख़ुदा की आप कांप जाएंगे. हिन्दू-मुस्लिम दंगे में भी ऐसा कर्फ़्यू नहीं होता जिस तरह से सील किया है. हर चौराहे पर 12 मिलिट्री फोर्स को खड़ा किया है. लेकिन हिम्मत से काम करना होता है. मेरे को, मौलाना साद कासमी हैं एक, वहीं पर रहते हैं. दुआ-ताबीज़ करते हैं. अपने नेचर के ही हैं. उन्होंने कहा कि ये बंदे के पास पैसा ख़त्म हो रहा है. ये तमिलनाडु का है, ऐसे-ऐसे जमात का है और ऐसे-ऐसे घुसपैठ कर के चला आया था इधर क्योंकि मरकज़ से सबको निकाला जा रहा था. तो अब इसके पैसे ख़त्म हो रहे थे या तो इसके पैसों का इंतज़ाम करें या शिफ़्ट कीजिए. मैंने कहा कि भाई मेरी तो औक़ात नहीं है, रहने के 15 दिन हज़ार रुपये और दें उसे हां, शिफ़्ट कर देंगे. खाने-पीने, रहने का इंतज़ाम कर देंगे तो टीशर्ट-ट्राउज़र वो लेकर हम गए. हमने अंदर भिजवाया, टीशर्ट-ट्राउज़र पहनने को बोला. हमने कार्ड दिया, ये गले में टांग लो और अंदर घुसा लो. यानी कि कार्ड नहीं दिखना चाहिए. सिर्फ़ फीता दिखना चाहिए. माइक दिया राज सहारा का हाथ में. मैंने, कहा कि हाथ में ऐसे पकड़े रहना. मेरे पीछे बैठो बैग पकड़ो और 10 किलो आटे का कट्टा ख़रीदा क्योंकि उनका बैग था भारी. जमात वाले तो पूरा दरी भी रखे होते हैं और उनको (जमाती) बिठाया वो रखा कट्टा (आटे का) और उनको बोला कि आप कुछ मत बोलना बातें हम ही कर लेंगे सिर्फ़ कहना कि स्टाफ़ इससे आगे बोलना ही मत.

मौलाना सरवर- हमारे पास PASS बना हुआ है. ऐसे रोकता है नहीं, आज तक तो नहीं रोका है. एक बार रोका था सराय काले खां में तो कार्ड दिखाया तो उसने कहा कि इसको मोटर साइकिल पर चिपका के रखिये तो चिपकाया तो नहीं.
मौलाना सरवर लोगों को कोरोना पर गुमराह भी कर रहा है . वो कहता है कि इसकी कोई वैक्सीन नहीं आएगी... और तो और, उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को... देश में कोरोना फैलने के लिए जिम्मेदार बता दिया .

खबर का असर
हमारी इस खबर को देखने के बाद ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चा ने गुलाम सरवर को...संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से हटा दिया है . इस बीच दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वो गुलाम सरवर के दावों की जांच करेगी . इस बात की भी जांच होगी कि उसने कर्फ्यू पास कैसे बनवाया . दिल्ली पुलिस इस मामले में IPC की धारा 188, 269 और 270 के तहत मामला दर्ज कर सकती है . धारा 188 कहती है कि सरकारी आदेश का पालन ना करके, किसी की जान खतरे में डालने वाले को 6 महीने की सज़ा या जुर्माना हो सकता है . धारा 269 के तहत ...जान बूझकर वायरस या बीमारी फैलाने पर भी 6 महीने की सज़ा हो सकती है .

इसी तरह धारा 270 में भी, जानबूझ कर वायरस या बीमारी फैलाते हुए किसी की जान को खतरे में डालने वाले के खिलाफ 2 साल की जेल का प्रावधान है. अगर गुलाम सरवर ने जमातियों को भगाने के बदले उनका मेडिकल टेस्ट करवाया होता, या प्रशासन की मदद की होती तो...देश में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने में मदद मिली होती . लेकिन, इस व्यक्ति ने गलत तरीका अपनाया, और देश के नागरिकों के जीवन को ख़तरे में डाल दिया . इस मौलाना के गुनाह उन लोगों से कम नहीं हैं, जिन्होंने कोरोना से संक्रमित होने के बावजूद खुद को छिपाया .
ज़ी न्यूज़ के 'ऑपरेशन वायरस' का मसकद ये भी है कि आप ऐसे लोगों से सावधान रहें...और आपको पता चले तो ऐसे लोगों की जानकारी पुलिस को भी दें क्योंकि इस तरह के...वैचारिक संक्रमण के शिकार लोग, इस समय देश के लिए सबसे ज्यादा ख़तरनाक हैं. 
(साभार : ZeeNews) 
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं "फलदार वृक्ष हमेशा झुकता है", जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चरितार्थ कर रहे ...

सहायता के नाम पर सियासत चमकाते नेता, राशन किट पर छपवा रहे नाम व तस्वीरें

 भारद्वाज व राठौड़ ने भी बांटी राशन सामग्री
लोगों में चर्चा का विषय बना विधायक-मंत्रियों का यह फैसलाकोरोना वायरस के पॉजिटिव दुनियाभर दुनियाभर में तेजी बढ़ रहे हैं। 31 मार्च तक विश्व में 7 लाख 24 हजार 201 और भारत में 1 हजार 251लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए 24 मार्च से देशभर में 21 दिन के लिए लॉकडाउन है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में मजदूरों और असहाय लोगों के सामने पेट भरने की नौबत आ गई है। कई संस्थाएं, सेलेब्रिटी, राजनेता और आमजन इन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं, मगर ऐसे राजनेताओं की कमी नहीं, जो इस संकट की घड़ी में खुद की सियासत चमकाने से भी नहीं चूक रहे हैं।
चर्चा का विषय बना विधायक-मंत्रियों का यह फैसला
अगर राजस्थान की करें तो यहां कई विधायक-मंत्रियों ने अपने नाम और तस्वीरों के साथ राशन किट लोगों में वितरित किए हैं। विधायकों और नेताओं के इस प्रचार के खेल की चर्चा इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। लोगों में चर्चा इस बात की है कि अभी न तो कोई चुनाव हैं न ही त्यौहार का अवसर। ऐसे में विधायक अपना प्रचार क्यों करने में जुटे हैं जबकि कोरोना जैसी आपदा में जब सरकार लोगों को इस बीमारी से बचाने और सभी तरह की सहायता देने में जुटी है तो फिर विधायक अपना प्रचार क्यों करने में जुटे हैं विधायकों और नेताओं को बिना प्रचार लोगों की मदद करने चाहिए।भारद्वाज व राठौड़ ने भी बांटी राशन सामग्री मीडिया की खबरों की मानें तो राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और सांगानेर से भाजपा विधायक अशोक लाहोटी ने सेनेटाइज मशीनों पर स्वयं की फोटो चिपका कर प्रचार कर रहे हैं, तो वहीं सांगानेर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे पुष्पेंद्र भारद्वाज ने गरीबों और असहाय लोगों को अपनी फोटो चिपकाकर राशन किट और राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं। इसी तरह की तस्वीरें चूरू से विधायक राजेन्द्र राठौड़ की सामने आई हैं।
पीएम और यूपी भी पीछे नहीं खाद्य सामग्री के साथ-साथ खुद का प्रचार करने में पीएम मोदी का नाम भी सामने आया है। उनके नाम से पीएम मोदी आहार नाम से एक तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। इसके अलावा यूपी के हस्तिनापुर से विधायक दिनेश खटीक का नाम और तस्वीर खाद्य सामग्री के किट पर नजर आई है।