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जिस ईमान खलीफ का मुक्का खाकर रोने लगी थी महिला बॉक्सर, वह मेडिकल जाँच में निकली ‘मर्द’: जीता था गोल्ड

                                           ईमान खलीफ निकला पुरुष (फोटो साभार: cbc न्यूज)
पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान अपने जेंडर को लेकर खबरों में आया अल्जीरिया का ट्रांस बॉक्सर ईमान खलीफ फिर चर्चा में है। कथिततौर पर उससे जुड़ी एक रिपोर्ट लीक हुई है जिसका ड्राफ्ट क्रेमलिन-बाइसिट्र अस्पताल के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है।

बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट में दावा है कि ईमान असल में अब भी पुरुष ही है। ये मेडिकल रिपोर्ट खुलासा करती है कि इमान के शरीर में महिलाओं के अंग (जैसे यूटरस) गायब और पुरुषों वाले कई अंग पाए गए हैं, जिसमें आंतरिक अंडकोष और XY गुणसूत्र शामिल हैं।

कहा जा रहा है कि यह स्थिति 5-अल्फा रिडक्टेस अपर्याप्तता नामक विकार से संबंधित हो सकती है, जो यौन विकास का एक विकार है और आमतौर पर जैविक पुरुषों में पाया जाता है।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर माँग उठ रही है कि ईमान से उसका ओलंपिक पदक वापस लिया जाए। भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी इस संबंध में ट्वीट ईमान से गोल्ड वापस लेने की माँग की है। उनके अलावा अन्य यूजर्स भी ईमान की तमाम वीडियो शेयर करके सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कोई बताए कि ईमान कहाँ से महिला लगता है।

पेरिस ओलंपिक के वक्त इटली की महिला बॉक्सर एंजेला कैरिनी से ईमान के मैच के बाद उसकी ताकत देखते हुए उसके जेंडर पर सवाल खड़े हुए थे। हालाँकि ओलंपिक कमेटी इस मुद्दे पर विचार करने को तैयार नहीं थी। 46 सेकेंड में खत्म हुए मैच के बाद एंजेला ने बताया था कि ईमान ने उन्हें इतनी तेज मुक्का मारा कि उन्हें कभी किसी महिला से ऐसा मुक्का नहीं पड़ा।

स्कर्ट-टॉप पहन TISS के छात्रनेता गए भाषण देने, कहा- कम कपड़े पहनने की आदत है

                           लड़कियों जैसे कपड़ों में भाषण देने पहुँचे TISS छात्रनेता को मंच से लौटाया गया
मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) में अजीब कपड़े पहन कर मंच पर पहुँचे छात्र संघ के अध्यक्ष को संस्थान से बाहर कर दिया गया। छात्र संघ अध्यक्ष का नाम प्रतीक परमे है जो मंच पर लड़कियों जैसे कपड़े पहन कर पहुँच गए थे। प्रतीक परमे ने इंस्टिट्यूट के इस फैसले से खुद को मानसिक तनाव में बताया जिसे दूर करने के लिए वो गोवा चले गए हैं। यह घटनाक्रम शनिवार (25 मार्च 2023) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रतीक परमे सेंटर फॉर हेल्थ एंड मेंटल हेल्थ से मास्टर द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। वह असम के गोगामुख के रहने वाले हैं। प्रतीक अपने गाँव की आबादी को जनजातीय बहुल और कम कपड़ों में भी सहज बताते हैं। वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के छात्रसंघ अध्यक्ष भी हैं। 25 मार्च को उन्हें छात्र संघ के प्रतिनिधि के रूप में आंबेडकर मेमोरियल लेक्चर के लिए मंच पर बुलाया गया था। यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से शुरू होने वाला था जो 7 बजे शुरू हुआ।

परमे के अनुसार, कार्यक्रम से 5 मिनट पहले उन्हें कहा गया कि वो इस तरह के इवेंट में ऐसे कपड़ नहीं पहन सकते। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रतीक बूट के साथ ब्लैक टॉप और स्कर्ट पहन कर पहुँचे थे। उनके इन्हीं कपड़ों पर एक फैकेल्टी मेंबर ने आपत्ति जताई। उस सदस्य ने कार्यक्रम की गंभीरता बताई और प्रतीक को 5 मिनट का समय देते हुए कपड़े बदल कर आने को कहा।

प्रतीक का कहना है कि ये सुन कर उनके आँसू निकल आए। उन्होंने खुद को अपमानित महसूस किया और कायर्कम से बाहर चले गए। प्रतीक ने बताया कि प्रोफेसर की बात को सुन कर वो असहज हो गए और कुछ भी बोलने की हालत में नहीं थे। प्रतीक की गैरमौजूदगी में छात्र संघ को TISS के महासचिव ने सम्बोधित किया।

प्रतीक ने इस घटना के बाद खुद को मानसिक तनाव में बताया और कहा कि वो उत्तर-पूर्वी भारत से आते हैं जहाँ उन्हें कम कपड़े पहनने की आदत है। उन्होंने इस संबंध में इंस्टिट्यूट के वीमन एंड जेंडर डेवलपमेंट सेल को शिकायत दे दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि वो इससे उबरने के लिए फ़िलहाल गोवा में समय बिता रहे हैं। प्रतीक सोशल मीडिया पर भी अपने लड़कियों की तरह पहने जाने वाले पोशाक के लिए चर्चित हैं। अपने इंस्टाग्राम पर वह अक्सर पोज भी दिया करते हैं। प्रतीक का कहना है कि वो खुद को वैसे ही दिखाएँगे जैसे वो चाहते हैं।