मुंबई में विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. के मंच पर उस समय स्थिति असहज हो गई, जब मंच पर कपिल सिब्बल पहुँच गए। एक तो सिब्बल पूर्व कॉन्ग्रेसी हैं, जो अब समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद हैं। दूसरी तरफ, वो ‘बिन बुलाए मेहमान’ के तौर पर पहुँचे और वो भी सीधे मंच पर। उनकी मौजूदगी से कॉन्ग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने नाराजगी जताई, जिसे संभालने के लिए कई नेताओं को बातचीत करनी पड़ी।
मुंबई : ‘बिन बुलाए मेहमान’ बने कपिल सिब्बल, I.N.D.I.A. के मंच पर हो गया क्लेश
मुंबई में विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. के मंच पर उस समय स्थिति असहज हो गई, जब मंच पर कपिल सिब्बल पहुँच गए। एक तो सिब्बल पूर्व कॉन्ग्रेसी हैं, जो अब समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद हैं। दूसरी तरफ, वो ‘बिन बुलाए मेहमान’ के तौर पर पहुँचे और वो भी सीधे मंच पर। उनकी मौजूदगी से कॉन्ग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने नाराजगी जताई, जिसे संभालने के लिए कई नेताओं को बातचीत करनी पड़ी।
‘मम्मी-मम्मी’ कह कर रोते-चीखते रह गए बच्चे, महिला को बहा ले गया समुद्र
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| हादसे में जहाँ ज्योति सोनार की मौत हो गई, मुकेश बचा लिए गए |
उक्त घटना में जहाँ पति की जान बच गई, वहीं 32 वर्षीय ज्योति सोनार की मौत हो गई। मुंबई के बांद्रा स्थित बैंडस्टैंड पर उक्त परिवार पिकनिक मनाने गया था। इस दौरान पति-पत्नी सौंदर्य किनारे एक पत्थर पर बैठे हुए हुए थे और बच्चे उनका वीडियो बना रहे थे, तस्वीरें ले रहे थे। इसी दौरान अचानक से चीख-पुकार मच गई। पीछे से आ रहे तेज बहाव को लेकर बच्चे ने माता-पिता को आगाह भी किया, लेकिन इसके बावजूद वो बैठे रहे और ये हादसा हो गया। कूपर हॉस्पिटल में महिला का पोस्टमॉर्टम हुआ।
कम से कम बच्ची की आवाज़ सुन लेते. pic.twitter.com/YQaLgSgejR
— Awanish Sharan 🇮🇳 (@AwanishSharan) July 15, 2023
दर्दनाक वीडियो में बच्चों को ‘मम्मी-मम्मी’ कह कर रोते-चिल्लाते हुए देखा जा सकता है। इससे पहले एक बच्चे ने ‘मम्मी-मम्मी’ की आवाज लगा कर पीछे से आ रही तेज धार को लेकर सजग भी किया था। उस दौरान किसी वयस्क व्यक्ति की आवाज भी सुनाई दे रही है, जो पहले कहता है ‘अभी मस्त आया (तस्वीर)’, लेकिन फिर हादसे के दौरान वो कहता है – “बोल रहे हैं उनकी कि आ जाओ।” इस वीडियो को शेयर कर लोग फोटो-वीडियो बनवाने के लिए जान का रिस्क न लेने की सलाह दे रहे हैं।
परिवार पहले जुहू चौपाटी पर जाने वाला था, लेकिन ऊँचे ज्वार के कारण वहाँ एंट्री प्रतिबंधित कर दी गई थी। इसके बाद वो बांद्रा का किला घूमने पहुँचे और समुद्र के काफी नजदीक जाकर फोटो क्लिक करवाने लगे। मुकेश मुंबई के रबाले के रहने वाले हैं। उन्होंने ज्योति को बचाने के लिए उनकी साड़ी पकड़ी, लेकिन बचा नहीं सके। फिर वहाँ मौजूद लोगों ने किसी तरह मुकेश का पाँव पकड़ कर उन्हें खींचा। इंडियन कोस्टगार्ड को महिला का शव मिला है। मुकेश ने अब कहा है कि सोशल मीडिया लाइक्स के ऊपर अपनी सुरक्षा को तरजीह देनी चाहिए।
स्कर्ट-टॉप पहन TISS के छात्रनेता गए भाषण देने, कहा- कम कपड़े पहनने की आदत है
लड़कियों जैसे कपड़ों में भाषण देने पहुँचे TISS छात्रनेता को मंच से लौटाया गया
मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) में अजीब कपड़े पहन कर मंच पर पहुँचे छात्र संघ के अध्यक्ष को संस्थान से बाहर कर दिया गया। छात्र संघ अध्यक्ष का नाम प्रतीक परमे है जो मंच पर लड़कियों जैसे कपड़े पहन कर पहुँच गए थे। प्रतीक परमे ने इंस्टिट्यूट के इस फैसले से खुद को मानसिक तनाव में बताया जिसे दूर करने के लिए वो गोवा चले गए हैं। यह घटनाक्रम शनिवार (25 मार्च 2023) का है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रतीक परमे सेंटर फॉर हेल्थ एंड मेंटल हेल्थ से मास्टर द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। वह असम के गोगामुख के रहने वाले हैं। प्रतीक अपने गाँव की आबादी को जनजातीय बहुल और कम कपड़ों में भी सहज बताते हैं। वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के छात्रसंघ अध्यक्ष भी हैं। 25 मार्च को उन्हें छात्र संघ के प्रतिनिधि के रूप में आंबेडकर मेमोरियल लेक्चर के लिए मंच पर बुलाया गया था। यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से शुरू होने वाला था जो 7 बजे शुरू हुआ।
परमे के अनुसार, कार्यक्रम से 5 मिनट पहले उन्हें कहा गया कि वो इस तरह के इवेंट में ऐसे कपड़ नहीं पहन सकते। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रतीक बूट के साथ ब्लैक टॉप और स्कर्ट पहन कर पहुँचे थे। उनके इन्हीं कपड़ों पर एक फैकेल्टी मेंबर ने आपत्ति जताई। उस सदस्य ने कार्यक्रम की गंभीरता बताई और प्रतीक को 5 मिनट का समय देते हुए कपड़े बदल कर आने को कहा।
प्रतीक का कहना है कि ये सुन कर उनके आँसू निकल आए। उन्होंने खुद को अपमानित महसूस किया और कायर्कम से बाहर चले गए। प्रतीक ने बताया कि प्रोफेसर की बात को सुन कर वो असहज हो गए और कुछ भी बोलने की हालत में नहीं थे। प्रतीक की गैरमौजूदगी में छात्र संघ को TISS के महासचिव ने सम्बोधित किया।
प्रतीक ने इस घटना के बाद खुद को मानसिक तनाव में बताया और कहा कि वो उत्तर-पूर्वी भारत से आते हैं जहाँ उन्हें कम कपड़े पहनने की आदत है। उन्होंने इस संबंध में इंस्टिट्यूट के वीमन एंड जेंडर डेवलपमेंट सेल को शिकायत दे दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि वो इससे उबरने के लिए फ़िलहाल गोवा में समय बिता रहे हैं। प्रतीक सोशल मीडिया पर भी अपने लड़कियों की तरह पहने जाने वाले पोशाक के लिए चर्चित हैं। अपने इंस्टाग्राम पर वह अक्सर पोज भी दिया करते हैं। प्रतीक का कहना है कि वो खुद को वैसे ही दिखाएँगे जैसे वो चाहते हैं।
महाराष्ट्र : माहिम के बाद अब पनवेल वाली दरगाह हटाने की माँग
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| मुंबई में राज ठाकरे की मनसे ने अब पनवेल की दरगाह को ध्वस्त करने की माँग की (चित्र साभार- @VaibhavVelapur5) |
मनसे कार्यकर्ताओं ने पनवेल की मजार हटाने की माँग के साथ एक वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में उनके पीछे मजार का एक बड़ा सा पोस्टर भी दिखाई दे रहा है। पोस्टर में बड़े शब्दों में हरे रंग से ‘लैंड जिहाद’ लिखा हुआ है। इसके ऊपर देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे से माँग की गई है कि नवी मुंबई के विकास के लिए पनवेल की अवैध दरगाह को हटाया जाए।
अंत में लिखा गया है, “तुम रुकोगे या नहीं।” इस बैनर मनसे पदाधिकारी योगेश जनार्दन चिले की तरफ से जारी किया गया है। हरे रंग के ही बैकग्राउंड में बने इस बैनर के बीच में दरगाह की बड़ी सी फोटो भी लगाई गई है।
@mieknathshinde @Dev_Fadnavis साहेब माहीम, सांगली झाले आता नवी मुंबई आंतरराष्ट्रीय विमानतळाला धोकादायक ठरणाऱ्या पनवेल मधील पारगाव टेकडीवरील अनधिकृत दर्ग्यावर कारवाई कधी होणार.?@chileyog @abpmajhatv @TV9Marathi @zee24taasnews @News18lokmat @LokshahiMarathi pic.twitter.com/qiRku6PEjO
— वैभव वेळापुरे (@VaibhavVelapur5) March 24, 2023
इस दरगाह को हटाने की माँग करते हुए कुछ मनसे कार्यकर्ता पहले राज ठाकरे की माँग पर हटी माहिम की दरगाह का जिक्र करते दिखाई दे रहे। बाद में उन्होंने प्रदेश में अब हिंदूवादी सरकार होने की बात कहते हुए लगाए गए बैनर में की गई माँग को पूरी करने की माँग की है।
MNS कार्यकर्ताओं ने कहा कि पनवेल की दरगाह से पूरे हवाई अड्डे पर नजर रखी जा सकती है जो सुरक्षा के नजरिए से खतरनाक है। वीडियो के अंत में कहा गया है कि अगर दरगाह के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पनवेल प्रशासन के खिलाफ महामोर्चा बनाया जाएगा।
सस्नेह जय महाराष्ट्र!
— Raj Thackeray (@RajThackeray) March 24, 2023
धर्मांध मुस्लिमांनी मुंबईत माहीमच्या समुद्रात बांधलेल्या अनधिकृत मजारीची, सांगलीत कुपवाडच्या हिंदू वस्तीत परवानगी नसताना अतिक्रमण करून बांधलेल्या अनधिकृत मशिदीची दृश्य मी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेच्या गुढीपाडवा मेळाव्यात व्हिडिओद्वारे दाखवली आणि अनेकांना… pic.twitter.com/84q0mshbuM
इसी सप्ताह राज ठाकरे की माँग पर माहिम में एक अवैध दरगाह को प्रशासन द्वारा गुरुवार (23 मार्च 2023) को ध्वस्त कर दिया गया था। 24 मार्च (शुक्रवार) को राज ठाकरे ने इस कार्रवाई के लिए मुंबई प्रशासन को धन्यवाद दिया है। अपने ट्वीट में राज ठाकरे ने माहिम दरगाह से पहले और बाद के चित्र को भी शेयर किया है।
मुंबई में समुद्र के बीच बने ‘दरगाह’ पर चला बुलडोजरः राज ठाकरे ने उठाया था सवाल, कहा था- नहीं हटा तो बनेगा गणपति मंदिर
मुंबई में अवैध दरगाह पर चला प्रशासन का बुलडोजर (फोटो साभार- एएनआई)
मुंबई के माहिम में समुद्र किनारे बनाए गए अवैध दरगाह को तोड़ दिया गया है। गुरुवार (23 मार्च 2023) को सुबह 8 बजे ही अधिकारी मौके पर पहुँच गए। भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच बुलडोजर चलाकर अवैध दरगाह को तोड़ दिया गया। दरगाह के मलबे को बाहर निकालने के लिए कई ट्रकों को लगाया गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार (22 मार्च) को ही यह मुद्दा उठाया था।
Maharashtra | Demolition drive started at the encroached site of 'Dargah' amid heavy police deployment at Mahim beach in Mumbai after MNS chief Raj Thackeray yesterday alleged that a Dargah is being built here illegally. pic.twitter.com/G0yx2c2Wq2
— ANI (@ANI) March 23, 2023
मुंबई के माहिम में भी प्रशासन की तरफ से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। दरगाह को तोड़ने से पहले भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। बुधवार को गुड़ी पड़वा के अवसर पर आयोजित MNS की रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा था कि 2 साल पहले यहाँ कुछ नहीं था। अब अवैध रूप से मजार बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस और बीएमसी के लोग सोए हुए हैं।
माहीमच्या समुद्रात उभ्या राहत असलेल्या अनधिकृत 'नवीन हाजीअली' कडे सरकारला लक्ष द्यावंच लागेल. महिन्याभरात हे अनधिकृत बांधकाम पाडण्यात आलं नाही, तर सन्मा. राजसाहेबांच्या नेतृत्वात आम्ही या मजारीशेजारी मोठं गणपती मंदिर बांधल्याशिवाय राहणार नाही !!!#RajThackeray #MNS pic.twitter.com/Vo634O1HjG
— Raju Patil ( प्रमोद (राजू) रतन पाटील ) (@rajupatilmanase) March 22, 2023
अपने भाषण के दौरान राज ठाकरे ने पूछा कि यह किसकी दरगाह है? क्या यह किसी मछली की है? मनसे प्रमुख ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह अवैध निर्माण तुरंत नहीं गिराया गया तो इसी स्थान पर गणपति मंदिर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए राज ठाकरे ने प्रशासन को एक महीने का समय दिया था।
संपूर्ण व्हिडीओ : सन्मा. राजसाहेबांनी आज एक अत्यंत महत्त्वाची बाब समोर आणली... सरकारचं/प्रशासनाचं दुर्लक्ष झाल्यावर काय होतं ते पहा… माहीमच्या मगदूम बाबा दर्ग्याच्या इकडे समुद्रात हे अनधिकृत बांधकाम केलं. २ वर्षांपूर्वी हे काहीच नव्हतं. इथे नवीन हाजीअली तयार करणं सुरु आहे.… pic.twitter.com/BQ2CH1NmCb
— MNS Adhikrut - मनसे अधिकृत (@mnsadhikrut) March 22, 2023
मनसे के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से अवैध दरगाह को लेकर वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया कि समुद्र के बीच एक नया हाजी अली तैयार किया जा रहा है। पुलिस और नगरपालिका को इसकी भनक भी नहीं लगी।
पोस्ट किए गए वीडियो में माहिम बीच से कुछ ही दूरी पर समुद्र में एक निर्माणाधीन दरगाह को देखा जा सकता है। कुछ लोग यहाँ पानी से गुजरते और दरगाह पर प्रार्थना करते देखे जा सकते हैं। इस वीडियो को मनसे प्रमुख ने अपने कार्यक्रम के दौरान भी चलवाया था।
रिपोर्टों के मुताबिक इस अवैध दरगाह को तोड़ने के आदेश मुंबई के रेजिडेंट कलेक्टर ने दिए थे। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान कलेक्टर और डीसीपी भी मौके पर मौजूद रहे।
मोदी सरकार के बाद जावेद अख्तर ने घर में घुस पाकिस्तान को मारा
गीतकार जावेद अख्तर के पाकिस्तान जाने पर भारत में हो रहे विरोध को पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घर में घुसकर अपनी शायर-जीकल स्ट्राइक से मात देकर उसकी हैसियत दिखाकर विरोधियों को शांत कर दिया।
पाकिस्तान में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे गीतकार जावेद अख्तर ने इस्लामी मुल्क के खिलाफ कुछ ऐसा कहा, जिससे वो सोशल मीडिया में खासे चर्चा में बने हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान उनसे पूछे गए एक सवाल का उन्होंने जवाब दिया, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जावेद अख्तर के जवाब की तारीफ कंगना रनौत भी करते नहीं थक रही हैं।
लाहौर में आयोजित फैज फेस्टिवल में शिरकत करने पहुँचे जावेद अख्तर सवालों का जवाब दे रहे थे। ऐसे में एक शख्स के सवाल का जवाब देते हुए जावेद ने कहा, “हमने तो हिंदुस्तान में नुसरत (नुसरत फतह अली खान) के बड़े-बड़े फंक्शन किए, मेहंदी हसन के बड़े-बड़े प्रोग्राम किए लेकिन आपके मुल्क में लता मंगेशकर का एक भी फंक्शन नहीं हुआ।” उन्होंने आगे कहा कि हम एक दूसरे को इल्जाम न दें। अहम बात यह है कि फिजा इतनी गरम है वो कम होनी चाहिए।
पाकिस्तान में जाकर इतना साफ़-साफ़ बोल देना ? ये आप ही कर सकते हैं @Javedakhtarjadu साहेब । हर बात साफ़, निर्भय होकर बोलना। जगह के मायनों से बाहर ❤️🇮🇳🙏
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) February 21, 2023
“वो शख़्स काम का है दो ऐब भी हैं उसमें,
इक सर उठाना दूजा मुँह में ज़बान रखना..!” pic.twitter.com/sQeaztkCO8
Shayer-gical Strike
— Mohd Samoon Rana (@SamoonRanak) February 21, 2023
जावेद अख्तर ने आगे कहा, “हम बंबई (मुंबई) के लोग हैं। हमने देखा हमारे शहर पर कैसे हमला हुआ था। हमलावर नॉर्वे या इजिप्ट से नहीं आए थे। हमलावर आपके मुल्क में अभी भी घूम रहे हैं। यह शिकायत अगर हिंदुस्तानी के दिल में है तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए।”
अभिनेत्री कंगना रनौत ने जावेद अख्तर के इस बयान पर उनकी तारीफ की है। जावेद अख्तर के बयान वाले वीडियो को शेयर करते हुए कंगना रनौत ने ट्विटर पर लिखा, “जब मैं जावेद साहब की कविताएँ सुनती हूँ तो लगता है माँ सरस्वती की इन पर कैसी कृपा है लेकिन देखो कुछ तो सच्चाई होती है इंसान में, तभी तो खुदाई होती है उनके साथ में। जय हिंद जावेद साहब, घर में घुसकर मारा।”
Jab main Javed saab ki poetry sunti hoon toh lagta tha yeh kaise Maa Swarsati ji ki in pe itni kripa hai, lekin dekho kuch toh sachchai hoti hai insaan mein tabhi toh khudai hoti hai unke saath mein … Jai Hind @Javedakhtarjadu saab… 🇮🇳
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) February 21, 2023
Ghar mein ghuss ke maara .. ha ha 🇮🇳🇮🇳 https://t.co/1di4xtt6QF
कंगना रनौत और जावेद अख्तर के बीच मनमुटाव की स्थिति रहती है। जावेद अख्तर ने कंगना के खिलाफ मानहानि का केस भी किया हुआ है। कंगना भी कई मौकों पर जावेद अख्तर के खिलाफ बोलती सुनी गई हैं। पाकिस्तान में दिया गया जावेद अख्तर का बयान कंगना को इतना पसंद आया कि वे उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह सकीं।
‘मुँह खोला तो तेरा रेप होगा’: महिला मराठी प्रोड्यूसर को अभद्र गाली-गलौच, हत्या की धमकी : संजय राउत का ऑडियो वायरल
डॉ स्वप्ना पाटकर को धमकियाँ
शिवसेना नेता संजय राउत एक बार फिर से अपनी ‘अभद्र भाषा’ के चलते खबरों में आ गए हैं। कथिततौर पर मराठी फिल्मों की प्रोड्यूसर डॉ स्वप्ना पाटकर के साथ बातचीत की उनकी एक ऑडियो वायरल हुई है। इस ऑडियो में जो पुरुष है, उसकी ओर से महिला को गंदी-गंदी गाली दी जा रही है। ऑडियो में औरत से बात करते हुए “स%$ली, मादरच&^द और बहन&^%” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है।
इसके अलावा ऑडियो में आदमी कहता है, “इस कॉल को रिकॉर्ड कर, पुलिस को भेज या जो मन हो वो कर। बस तू देखती जा। प्रॉपर्टी या तो मेरे नाम कर या फिर सुजीत के नाम।”
Whosoever is the women in this audio please @MumbaiPolice find it her and immediately give her protection.
— Himanshu Mishra (@Hima_nshu17) July 29, 2022
Sanjay Raut should be immediately arrested. @CPMumbaiPolice@DGPMaharashtra#ArrestSanjayRaut#SanjayRautExposed pic.twitter.com/L6juQhRGPr
डॉ स्वप्ना पाटकर वही महिला हैं जिन्होंने साल 2021 में संजय राउत के ऊपर गाली-गलौच करने का और उन्हें पिछले 8 साल से तंग करने का आरोप लगाया था। अब ऑपइंडिया इस ऑडियो को लेकर ये पुष्टि नहीं करता है कि जो आवाज इसमें है वो स्वप्ना पाटकर और संजय राउत की है या नहीं। लेकिन इस ऑडियो को टाइम्स नाऊ नवभारत ने भी शेयर किया है और बताया है कि 70 सेकेंड की इस ऑडियो में 27 बार गाली दी गई हैं।
#EXCLUSIVE | महिला को कॉल पर 70 सेकेंड में 27 गालियां... 'गाली' कॉल में घिरे संजय राउत? @jyotimishra999 @JyotsnaBedi #Maharashtra #SanjayRautExposed pic.twitter.com/xmfhBtmx2X
— Times Now Navbharat (@TNNavbharat) July 30, 2022
ये लीक ऑडियो संजय राउत से बातचीत की है: डॉ स्वप्ना पाटकर
इसके अलावा इस ऑडियो को लेकर स्वप्ना पाटकर ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि ये उनके और संजय राउत के बीच हुई बातचीत की ऑडियो है। उन्होंने SSR वॉरियर नाम के चैनल पर अपलोड किए गए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें पिछले 18 महीनों में कई बार धमकियाँ मिली हैं और इन्हीं धमकियों के मद्देनजर उन्होंने अपनी शिकायत दी है। उन्होंने संजय राउत से जुड़े ‘पात्रा चॉल जमीन घोटाले’ मामले की जाँच में जुटे संबंधित अधिकारियों को इन धमकियों और ऑडियो क्लिप के बारे में बताया है। उन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर को भी पत्र लिखा है और ईडी को भी धमकियों के बारे में बताया है।
स्वप्ना कहती हैं कि संजय की पत्नी वर्षा और उनके नाम अलीबाग में जमीन थी जिसे ईडी ने अपनी जाँच में अटैच किया। संपत्ति के दस्तावेज भी संजय राउत के करीबी सुजीत पाटकर के घर छापेमारी में मिले। लेकिन ईडी ने जब मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ शुरू की तो उनको रेप और हत्या की धमकियाँ आने लगीं और उन पर दबाव बनने लगा कि वह संजय राउत का नाम वापस लें।
Patra Chawl land case | Shiv Sena MP Sanjay Raut did not appear before the ED yesterday even after giving summons in the land scam case of Rs 1,034 crore. A witness in the case, Swapna Patkar is getting threats & is being asked to withdraw the statement given against Sanjay Raut
— ANI (@ANI) July 28, 2022
स्वप्ना को मिली धमकियों में भाजपा पर इल्जाम मढ़ने का बनाया जा रहा दबाव
मालूम हो कि स्वप्ना पाटकर को पिछले हफ्ते भी धमकी वाला एक पत्र मिला था जिसमें कहा गया था कि अगर उन्होंने ईडी के सामने कुछ भी कहा तो उनका रेप किया जाएगा। इस धमकी के बाद उन्होंने वकोला पुलिस में अपनी शिकायत दी थी। पत्र में स्वप्ना को कहा गया था कि वह मीडिया में बोलें कि ये सब उन्होंने भाजपा नेता किरीट सोमैय्या के कहने पर किया है।
स्वप्ना की इस शिकायत के बाद प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता किरीट सोमैय्या ने भी 30 जुलाई को एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने बताया कि आज शाम 4 बजे धमकी, गाली-गलौच, ऑडियो क्लिप से जुड़ी शिकायतों के संबंध में वकोला थाने जाएँगे। उन्होंने अपने ट्वीट में पत्र शेयर किया है। इसमें लिखा है, “अगर मुँह खोला तो तेरा रेप करके थाना में खड़ी मिलेगी तू। ईडी के सामने बकबक करेगी तो मरेगी। मीडिया को बता कि सोमैय्या ने जबरदस्ती किया और आगे चुप बैठ वरना कोई नहीं बचा पाएगा।”
Today 4pm I will be visiting Vakola Police Station to pursue complaints af DHAMAKI, abuse, Letter, Audio Clips.... by Sanjay Raut... Supporters: @BJP4India pic.twitter.com/MI6d0clqCO
— Kirit Somaiya (@KiritSomaiya) July 30, 2022
स्वप्ना पाटकर और संजय राउत का विवाद
बता दें कि डॉ स्वप्ना पाटकर इससे पहले पिछले साल संजय राउत पर इल्जाम लगाने के बाद चर्चा में आई थीं। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर बताया था कि शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ के सह-संपादक संजय राउत पिछले 8 वर्षों से अपनी पार्टी के रुतबे और सिस्टम पर पकड़ का इस्तेमाल कर न सिर्फ उन्हें गालियाँ दे रहे हैं, बल्कि उनके परिवार और रिश्तेदारों को भी प्रताड़ित कर रहे हैं। पाटकर ने बताया था कि राउत के इशारे पर पुलिस ने उन पर ‘धंधा करने’ का आरोप भी लगाया था। उन्होंने कहा था कि 2017 में खुद संजय राउत ने फोन पर धमकी दी और 2018 में कॉन्ट्रैक्ट पर आदमी रख कर उनका पीछा कराया गया। बकौल स्वप्ना, उनके सोशल मीडिया हैंडल्स को हैक कर कभी सुसाइड नोट तो कभी अश्लील सामग्रियाँ डाली गईं, लेकिन पुलिस ने साफ़ कह दिया कि संजय राउत के खिलाफ वो FIR दर्ज नहीं कर सकते।
जो पत्रकार नहीं एडिटर्स गिल्ड को उसकी चाहिए रिहाई, जो एडिटर इन चीफ उस पर खानापूर्ति: जुबैर और अर्नब में ऐसे फर्क करता है इकोसिस्टम
नूपुर शर्मा के मुद्दे पर निष्पक्ष रूप से कहा जा रहा है कि हिन्दू नूपुर को इस्लामिक किताब में लिखी बात को बोलने के लिए उकसाने वाले तस्लीम रहमानी, और उसी बात को पैगम्बर का अपमान बताकर देश में हंगामा करवाने वाले altnews के मोहम्मद जुबेर का कोई नाम नहीं लेता, क्यों? चलो देर आये दुरुस्त आये, हिन्दुओं के विरुद्ध घृणा फ़ैलाने वाले मोहम्मद जुबेर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर उचित न्याय की ओर सही कदम है। ये वही जुबेर है जो एक ही दिन में हिन्दू घृणा वाले 28 ट्वीट डिलीट करता है।
हिन्दू देवी-देवताओं का खुलेआम अपमान करने वाले मोहम्मद जुबैर की दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ़्तारी पर ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने लंबा-चौड़ा बयान जारी किया है। इसमें AltNews के सह-संस्थापक की गिरफ़्तारी की निंदा करते हुए कहा गया है कि 2018 के एक ट्वीट को लेकर 27 जून, 2022 को ये कार्रवाई की गई। EGI ने दिल्ली पुलिस से मोहम्मद जुबैर को तुरंत रिहा करने की माँग की है।
बीजेपी से सस्पेंड होने से पहले नूपुर शर्मा और समाजवादी पार्टी के अमीक जमाई के बीच हुई डिबेट की यह वीडियो बहुत महत्वपूर्ण है । आप जिस किसी भी ग्रुप से जुड़े हो, उसमें भी इसे भेजो और अपने परिवार के एक एक बच्चों को सुनाओ । ऐसी सच्ची व अद्भुत जानकारी, कम से कम सभी हिन्दुओं को होनी ह pic.twitter.com/ugk5ogJkoX
— Pawan Kumar (@PawanKu29638324) June 27, 2022
गिल्ड ने अपने बयान में कहा, “घटनाओं को विचित्र मोड़ देते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मोहम्मद जुबैर को पूछताछ के लिए बुलाया था। ये 2020 का मामला था, जिसमें उच्च न्यायालय ने उन्हें गिरफ़्तारी से राहत दे रखी है। जब जुबैर ने समन पर प्रतिक्रिया दी तो उन्हें इसी महीने शुरू की गई एक आपराधिक जाँच के अंतर्गत गिरफ्तार कर लिया गया। एक अज्ञात पहचान वाले ट्विटर हैंडल ने उनके 2018 के एक ट्वीट पर धार्मिक भावनाएँ भड़काने का आरोप लगाया था।” मोहम्मद ज़ुबैर ट्विटर पर कह चुका है कि वो पत्रकार नहीं है, फिर उसके लिए EGI सामने क्यों आया?
इस बयान में कहा गया है कि IPC की धाराओं 153 और 295 लगा कर मोहम्मद जुबैर को गिरफ्तार किया जाना काफी आकुल करने वाला है, क्योंकि उसकी वेबसाइट AltNews ने पिछले कुछ समय में फेक न्यूज़ को चिह्नित करने में ‘उदाहरण पेश करने वाले’ कार्य किए हैं और ‘दुष्प्रचार अभियानों को काटा’ है। EGI का कहना है कि मोहम्मद जुबैर ने ये सब तथ्यात्मक और वस्तुनिष्ठ तरीके से किया है। साथ ही संस्था ने कहा कि टीवी पर सत्ताधारी पार्टी के एक प्रवक्ता के ‘ज़हरीले बयान’ का खुलासा था, जिस कारण पार्टी को बदलाव करना पड़ा।
The Editors Guild of India condemns the arrest of Muhammad Zubair, co-founder of the fact checking site AltNews, by the Delhi Police on June 27, for a tweet from 2018. EGI demands that the Delhi Police should immediately release Muhammad Zubair. pic.twitter.com/q9uYqFxaPA
— Editors Guild of India (@IndEditorsGuild) June 28, 2022
— Seshan Ranganathan (@seshanm) June 28, 2022
अर्णब गोस्वामी EGI के लिए पत्रकार होते हुए भी पत्रकार नहीं हैं। मोहम्मद जुबैर खुद को पत्रकार न बताते हुए भी इनके लिए पत्रकार है। तभी एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया सेलेक्टिव आउटरेज का एक बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है, जहाँ वो खुद चुनता है कि कब किसकी गिरफ़्तारी को छिपाना है और किसे उठाना है। अब संस्था बताए कि क्या वो जुबैर के हिन्दू देवी-देवताओं वाले ट्वीट्स-पोस्ट्स का समर्थन करता है? वो खुद को खुलेआम हिन्दू विरोधी घोषित कर दे फिर।
वहीं अर्णब गोस्वामी को जब उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित करते हुए उद्धव ठाकरे सरकार की मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तब EGI ने काफी दबाव के बाद दो पैराग्राफ में बयान जारी कर इतना लिख इतिश्री कर ली थी कि पुलिस उनके साथ अच्छा व्यवहार करे। रिहाई की माँग नहीं की गई थी और जिन आरोपों के तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया था, उन्हें हाइलाइट किया गया था। जबकि जुबैर के मामले में उसके अपराधों के बारे में कुछ नहीं बताया गया है और सीधा उसे छोड़ने की माँग की गई है।
वहीं मोहम्मद जुबैर के समय EGI खुद ही जज बन बैठा है और कह रहा है कि AltNews की ‘सतर्क चौकसी’ ने उन लोगों को नाराज़ कर दिया था, जो दुष्प्रचार को एक हथियार बना कर समाज का ध्रुवीकरण करते हैं और राष्ट्रवादी भावनाओं को उकसाते हैं। एक तरह से ऐसा लग रहा है जैसे ये किसी विपक्षी पार्टी का बयान हो, पूर्णतः राजनीतिक। लोकतंत्र को लेकर G7 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता की याद दिलाते हुए एडिटर्स गिल्ड ने ऑफलाइन और ऑनलाइन कंटेंट्स की सुरक्षा की सलाह दी है।
अब सवाल उठता है कि जो खुलेआम खुद को पत्रकार ही नहीं मानता, उसकी रिहाई के लिए ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने क्यों दिन-रात एक किया हुआ है? जबकि जो उस समय भारत के सबसे ज्यादा टीआरपी वाले चैनल का मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिटर-इन-चीफ है, उसके लिए सिर्फ खानापूर्ति की गई थी। EGI ने जैसे अर्णब गोस्वामी के समय आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोप का जिक्र किया था, अब उसने मोहम्मद जुबैर के सारे हिन्दूफोबिया वाले ट्वीट्स का जिक्र क्यों नहीं किया?
The Editors Guild of India has issued a statement on the arrest of Arnab Goswami, editor-in-chief of Republic TV. pic.twitter.com/gL3MstVlla
— Editors Guild of India (@IndEditorsGuild) November 4, 2020
अगर ये संस्था पत्रकारों के हितों की बात करती है तो फिर इसे राष्ट्रवाद से क्या दिक्कत? हिन्दू एकता को ध्रुवीकरण का नाम देकर इसे क्यों भला-बुरा कह रहे ये? पत्रकारिता की बात करें ना। सत्ताधारी पार्टी से इनकी क्या दुश्मनी? बंगाल में पत्रकारों पर हमले पर हमले होते हैं, तब ये कहाँ चले जाते हैं? तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या TMC का नाम तो छोड़िए, एक बयान तक नहीं आता। छत्तीसगढ़ और आंध्र में पत्रकार गिरफ्तार किए जाते हैं तब इनकी घिग्घी बँधी रहती है, क्योंकि वहाँ इनके आकाओं की सरकार होती है।
अवलोकन करें:-
असल में इनका काम पत्रकारिता है ही नहीं। इनका कार्य है कॉन्ग्रेस और TMC जिसे दलों के साथ मिल कर भाजपा विरोधी एजेंडा चलाना और इसी के तहत ये तय करते हैं कि किस पत्रकार को मार भी डाला जाए तो चूँ नहीं करना है और किसे मच्छर भी काट ले तो देश-दुनिया में हंगामा मचाना है। अब इनकी कोशिश होगी कि हर एक घटना के नैरेटिव का उर्दू और अरबी में अनुवाद कर के अपने क़तर के आकाओं को भेजें और उनसे बयान जारी करवाएँ।
मुंबई में सड़क पर निकलीं बुर्कानशीं महिलाएँ ; क्या यह चीखा-चिल्ली नूपुर और नवीन के विरुद्ध है या उस किताब के विरुद्ध जिसमें यह लिखा है?
#WATCH | Maharashtra: Women carry out a protest march in Navi Mumbai against the controversial remarks by suspended BJP leader Nupur Sharma. pic.twitter.com/hiFVeSHZRE
— ANI (@ANI) June 10, 2022
I don't see any hindu women protesthttps://t.co/fn4LvHDZZL
— sai kumar (@saikumarkoda) June 10, 2022
एक बयान से देश बदनाम हो गया..और अब जो हिंसा हो रही है उससे तो बहुत शान बढ़ रही है न? यही हिंसा,पत्थरबाज़ी अगर शिवलिंग पर हुई अनगिनत अभद्र टिप्पणियों के बाद होती तो?तब कहा जाता intolerant,bigots,terrorists..और अब? देश सेक्यूलर है तो मापदंड भी तो समान होने चाहिए..ये दोगलापन क्यों?
— richa anirudh (@richaanirudh) June 10, 2022
Anish Gupta, DIG Ranchi says, "The situation is a little tense but under control. We are making all efforts from our end. Heavy security deployment done. Senior officials are also present at the spot. We are making all efforts to see that the crowd is dispersed from here." pic.twitter.com/awTUSlK0sh
— ANI (@ANI) June 10, 2022
ये कैसा शांतिपूर्ण प्रदर्शन… रांची में डेली मार्केट के थाना प्रभारी अवधेश कुमार को लहूलुहान कर दिया @News18India pic.twitter.com/sY1IFIOdfO
— यतेन्द्र शर्मा @YatendraMedia (@YatendraMedia) June 10, 2022
ये हिंदुस्तान है यहाँ क़ानून का राज चलेगा किसी और का नहीं… ये हिंदुस्तान है यहाँ संविधान चलेगा… पत्थरबाज़ी नहीं.. ये हिंदुस्तान है…तालीबान नहीं..
— Rubika Liyaquat (@RubikaLiyaquat) June 10, 2022
जिस मस्जिद से जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाज निकलते हैं,उस मस्जिद के इमाम को गिरफ्तार करना चाहिए और मस्जिद को भी सील करना चाइए🙏
— Arun Yadav (@beingarun28) June 10, 2022
एक बयान से देश बदनाम हो गया..और अब जो हिंसा हो रही है उससे तो बहुत शान बढ़ रही है न? यही हिंसा,पत्थरबाज़ी अगर शिवलिंग पर हुई अनगिनत अभद्र टिप्पणियों के बाद होती तो?तब कहा जाता intolerant,bigots,terrorists..और अब? देश सेक्यूलर है तो मापदंड भी तो समान होने चाहिए..ये दोगलापन क्यों?
— richa anirudh (@richaanirudh) June 10, 2022
नूपुर शर्मा का केस कोर्ट में वसीम रिजबी( जितेंद्र सिंह त्यागी) लड़ेंगे जो क़ुरान और हदीस के बारे में पूरी जानकारी रखते है
— Shalini Dubey social worker & BJP supporter🇮🇳 (@shalinidubey028) June 10, 2022
‘पोर्न देखो और मेरे साथ सेक्स करो’ और 13 साल के भाई से 16 साल की बहन हो गई गर्भवती
प्रतीकात्मक
मुंबई के कुरार इलाके से भाई-बहन के रिश्ते को कलंकित करने का मामला सामने आया है। यहाँ 16 साल की बहन ने अपने 13 वर्षीय भाई को पोर्न वीडियो दिखाकर उसे जबरन सेक्स करने के लिए मजबूर किया। इसका खुलासा तब हुआ, जब लड़की 5 महीने की गर्भवती पाई गई। लड़की ने बताया कि उसने अपने छोटे भाई पर यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला था, जिसकी वजह से वो गर्भवती हुई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किशोरी को पोर्न वीडियो देखने की लत थी। वह अपने छोटे भाई के साथ सोफे पर सोती थी। इस बीच वह 13 साल के भाई को अपने मोबाइल पर पोर्न वीडियो दिखाती थी। इसके बाद वह अपने भाई से उसके साथ सेक्स करने को कहती थी। दोनों पिछले कई महीनों से ऐसा कर रहे थे। 16 वर्षीय किशोरी अब 5 महीने की गर्भवती है। उसके प्रेग्नेंट होने के बाद ये हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है।
लड़की के बयान के मुताबिक, वह अक्सर अपने छोटे भाई को अश्लील वीडियो दिखाती थी। उसने यह भी बताया कि वो अपने भाई के साथ जबरदस्ती करती थी और उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ यौन संबंध बनाने लगी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसा करने की वजह से लड़की गर्भवती हो गई।
पुलिस ने इस मामले में नाबालिग भाई से भी पूछताछ की है। भाई ने इसकी पुष्टि करते हुए पुलिस को बताया कि उसकी बहन सही कह रही है। भाई ने यह भी बताया कि जब उसने अपनी बहन के साथ सेक्स करने से मना किया था तो उसकी बहन ने उसे पीटने और इस बारे में सबको बताने की धमकी दी थी। इस डर से वह अपनी बहन के साथ सेक्स करने के लिए तैयार हुआ था।
पुलिस ने बहन-भाई के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। लड़की के छोटे भाई को बाल सुधार गृह भेजा गया है। वहीं, लड़की का अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस गर्भ में पल रहे बच्चे के माता-पिता का डीएनए टेस्ट करवा रही है।
‘कन्यादान’ एड की वजह से मुश्किल में फँसीं आलिया भट्ट
बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट खिलाफ मुंबई के सांताक्रूज थाने में शिकायत दर्ज कराई गई हैं। दरअसल अपने नए टीवी एड की वजह से मुश्किलों में घिर गई हैं। इस विज्ञापन में ‘कन्यादान’ की परंपरा पर सवाल उठाया गया है। कपड़े के ब्रांड मान्यवर के इस विज्ञापन में विवाह के दौरान होने वाले ‘कन्यादान’ को एक दमनकारी परंपरा के तौर पर दिखाया गया है और उसकी जगह ‘कन्यामान’ को एक विकल्प के तौर पर सुझाया गया है। मान्यवर ने दावा किया कि इससे परंपराओं के बारे में प्रगतिशील तरीकों को सोचने को बढ़ावा दे रहा है।
ये कोई पहली बार नहीं है, जब किसी ब्रांड ने अपने मार्केटिंग के जरिए हिंदू रीति-रिवाजों पर कुठाराघात करने की कोशिश की हो। हाल के दिनों में कई ब्रांड विशेष रूप से तनिष्क को उसकी सक्रियता के लिए गंभीर प्रतिक्रिया मिली है।
इस विज्ञापन के सामने आते ही आलिया पर हिन्दू धर्म की परंपराओं का मजाक उड़ाने का आरोप लगने लगा। खबरों के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आलिया भट्ट ने हिन्दू भावनाओं को आहत किया है और कन्यादान को प्रतिगामी तरीके से दिखाया है।
इस मामले में मान्यवार कंपनी और आलिया भट्ट के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। इस विज्ञापन में आलिया भट्ट को दुल्हन के रूप में दिखाया गया है। वह शादी के मंडप में बैठी हैं और सवाल करती हैं कि मैं क्या कोई दान की चीज हूँ?
इस विज्ञापन के बारे में आलिया भट्ट ने कहा था, “मैं पूरी तरह से इस विचारधारा से इत्तेफाक रखती हूँ और ये एक ऐसी चीज है जो मेरे दिल के बहुत करीब है। मैं इस बात से खुश हूँ कि मैं इस एड का हिस्सा बन पाई और लोगों तक एक ऐसा संदेश पहुँचा पाई जिससे समाज में एक सकारात्मक बदलाव हो।”
हालाँकि, ये कोई पहली बार नहीं है, जब किसी ब्रांड ने अपने मार्केटिंग के जरिए हिंदू रीति-रिवाजों पर कुठाराघात करने की कोशिश की हो। हाल के दिनों में कई ब्रांड विशेष रूप से तनिष्क को उसकी इस तरह की सक्रियता के लिए गंभीर प्रतिक्रिया देखने को मिली।
खास बात यह है कि कंपनी ने इस विज्ञापन के लिए काम पर रखा तो किसे, एक बॉलीवुड अभिनेत्री को जबकि बॉलीवुड खुद शोषण और महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन के लिए कुख्यात है। उल्लेखनीय है कि ब्रांड हिंदू धर्म और परंपराओं को ही बार-बार इसलिए निशाना बनाते हैं, क्योंकि वो स्पष्ट रूप से अन्य धर्मों की समस्याग्रस्त प्रथाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने से डरते हैं।
लेकिन मान्यवर के खिलाफ सोशल मीडिया पर लोगों ने जैसी प्रतिक्रियाएँ दी हैं, उससे स्पष्ट है कि हिंदू समुदाय धर्म पर बाहरी हमलों से नाखुश है। अगर आप विज्ञापन को ध्यान से देखेंगे तो पाएँगे कि पूरे विज्ञापन को विचित्र तरीके से बनाया गया। जबकि ब्रांड को भी यह पता है कि वो जिस तरह का सुझाव दे रहे हैं वह पूरी तरह से निंदनीय है और इसका कोई मतलब नहीं है।
अगर आप विज्ञापन को ध्यान से देखेंगे तो पाएँगे कि पूरे विज्ञापन को विचित्र तरीके से बनाया गया। जबकि ब्रांड को भी यह पता है कि वो जिस तरह का सुझाव दे रहे हैं वह पूरी तरह से निंदनीय है और इसका कोई मतलब नहीं है। वे पूरी तरह से जानते हैं कि कोई भी कपड़ों के ब्रांड की सिफारिश के आधार पर प्राचीन रीति-रिवाजों को नहीं बदलेगा और फिर भी, उन्हें वास्तव में परवाह नहीं है क्योंकि यह केवल एक मार्केटिंग नौटंकी के बारे में है और कुछ नहीं। अन्य धर्मों के रीति-रिवाजों पर उनकी चुप्पी जो वास्तव में महिलाओं को नुकसान पहुँचाती है, उनके प्रोपेगंडा के बारे में बहुत कुछ बताती है।
वे पूरी तरह से जानते हैं कि कोई भी कपड़ों के ब्रांड की सिफारिश के आधार पर प्राचीन रीति-रिवाजों को नहीं बदलेगा और फिर भी, उन्हें वास्तव में परवाह नहीं है क्योंकि यह केवल एक मार्केटिंग नौटंकी के बारे में है और कुछ नहीं। अन्य धर्मों के रीति-रिवाजों पर उनकी चुप्पी जो वास्तव में महिलाओं को नुकसान पहुँचाती है, उनके प्रोपेगंडा के बारे में बहुत कुछ बताती है।
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बात को लेकर खेद जताया कि निकाह-हलाला और ट्रिपल तालक जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ पर्याप्त जागरूकता नहीं फैलाई जाती है, लेकिन ब्रांडों ने हिंदू परंपराओं के खिलाफ धर्मयुद्ध शुरू किया है।
Woke Alia is back.#Aliabhatt #Kanyadaan pic.twitter.com/hOOJ4gparE
— The Jaipur Dialogues (@JaipurDialogues) September 18, 2021
Kanyadaan is “Patriarchal” but Giving the bride, Nikah-Mehr are all “Woke” !! Right @Manyavar_ ? pic.twitter.com/iLgyL89Kqd
— Yo Yo Funny Singh 🇮🇳 (@moronhumor) September 18, 2021
Boycott manyavar
— Raajesh Sharma (@sharmaraajesh) September 20, 2021
Meaning of word "Nikah" is more crude than you can imagine, it's "to make hole". That's it.
— कौशिक पृथु त्यागी 🇮🇳 (@PrithuTyagi) September 18, 2021
Woke feminism by drugwood to reform Hinduism. But total silence on cult of Halala, TTT, Polygamy, Iddat, Child marriage that views women as property@aliaa08 is probably inspired by her women-empowerment champ daddy to give gyan on Kanya ka Maanpic.twitter.com/HwDUuvHlmN
— Gems of Bollywood (@GemsOfBollywood) September 18, 2021
“Kanyadaan to kanyamaan because we are all sooo empowdered vroooo”
— Anshika Shukla (@anshikashukla_) September 18, 2021
what a crazed world this is!
Rofl !!
Pagleton ki kami nahin hai iss sansar mein
Ek dhoondho jhund ke jhund milenge https://t.co/pqnV44MsU2
Gender conversations are built around enticing concepts of “liberation” “assertion” “power” and the “individual” when they’re actually a ruse to psychologically trap you into benign submission for achieving the goals of the powerful. https://t.co/AaArR1OWOh
— Anshika Shukla (@anshikashukla_) September 18, 2021
सोशल मीडिया यूजर्स ने आलिया के बहाने भट्ट परिवार के उस इतिहास पर भी प्रकाश डाला, जब आलिया के पिता महेश भट्ट ने पूजा भट्ट को लेकर कहा था कि अगर वह उनकी बेटी नहीं होती तो वह उनसे शादी कर लेते।
Alia Bhatt's father wanted to marry his own daughter and Alia's elder sister and she is here reforming kanyadan. pic.twitter.com/ptAcVjFTM7
— Yosha🍃 (@Blackdrug_) September 19, 2021
Mam,plz question @Manyavar_ they sell wedding dresses to Hindus but want hindus to reform and change their religion@Manyavar_ our customs and rituals are not activism. @aliaa08 stop ur hindu hate
— Molu Shar (@MoluShar) September 19, 2021
मुंबई : कपल्स की चुम्मा-चाटी से परेशान हुई ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ सोसायटी
नो किसिंग जोन' का साइन (फोटो: इंडिया टुडे)
आज पश्चिमी सभ्यता हमारे पर इतनी हावी हो चुकी है, कि मॉडर्निज़ेशन के नाम पर तंग एवं छोटे कपडे पहनना और जहां चाहा वह काम करना जो घर के अंदर होने चाहिए। मुंबई के बोरीवली में ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ सोसायटी के लोगों ने कपल्स की गंदी हरकतों से तंग आकर सोसायटी के बाहर ‘नो किसिंग जोन’ का साइन लगा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोसायटी के लोगों का कहना है कि वे लॉकडाउन के समय से ही शाम 5 बजे से देर रात तक बाइक और कारों में सवार कपल्स को किस करते और आपत्तिजनक स्थिति में देखते आ रहे हैं। उनका कहना है कि लॉकडाउन बढ़ने के बाद इस तरह की घटनाएँ ज्यादा बढ़ गईं। परेशान होकर उन्होंने अपनी सोसायटी के गेट के बाहर पेंट कर ‘नो किसिंग जोन‘ लिख दिया।
‘सत्यम शिवम सुंदरम’ सोसायटी के निवासी कैलाशराव देशमुख ने कहा कि वे लोग कपल्स या किसिंग के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वे अपने घर के पास इस तरह का माहौल नहीं चाहते। इससे हमारे बच्चों पर बुरा असर पड़ता है। उनका कहना है कि शुरुआत में यहाँ के लोगों ने कपल्स को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने और यहाँ आकर रोजाना ऐसी हरकतें जारी रखे, उसके बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में सोसायटी के लोगों ने कपल्स के वीडियो बनाकर स्थानीय कॉर्पोरेटर को दिखाए। उस दौरान कॉरपोरेटर ने इस वीडियो को पुलिस को देने को कहा, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सोसायटी के लोगों ने मिलकर गेट के बाहर ‘नो किसिंग जोन’ का साइन लगाना उचित समझा।
देशमुख ने आगे कहा कि इसके बाद से अब कपल्स का आना पहले से काफी कम हो गया है। कुछ लोग यहाँ सेल्फी लेने आते हैं। वे जब गाड़ी पार्क करने के बाद नीचे उतरते हैं और यह साइन देखते हैं तो उन पर इन सबका साइकोलॉजिकल इम्पैक्ट पड़ता है।
मुंबई : मानव मल खाने को मजबूर किया : फहीम गिरफ्तार, खालिद फरार
गैंग वार में कब क्या हो जाए, कहना असंभव है। अधिकतर अपराध गैंग वार में ही होते हैं। कौन कब तक गैंग में हम प्याला हम नवाला है और कब बलि का बकरा बन जाए।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक व्यक्ति को दो लोगों ने मिल कर मानव मल और कूड़ा-कचरा खाने को मजबूर किया। उसे बलपूर्वक ये चीजें खिलाई गईं। ये घटना 21 जुलाई, 2021 को मुंबई के ईस्ट जोगेश्वरी इलाके में हुई है। आरोपितों ने इस वारदात का वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर भी डाल दिया, जो वायरल हो गया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपित को गुरफ्तार कर लिया है।
उनके नाम हैं – फहीम शेख और खालिद शेख उर्फ़ खालिद बेचन। पुलिस ने जहाँ फहीम को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं खालिद अभी भी फरार है। पुलिस थाने में मामला संज्ञान में आने के एक दिन बाद फहीम को दबोचा गया था। सोशल मीडिया एक्टिविस्ट मोहसिन शेख ने इस वीडियो को ट्वीट किया था और मुंबई पुलिस को टैग करते हुए अपराधियों की जल्द गिरफ़्तारी की माँग की थी। मेघावड़ी पुलिस थाने ने मामला दर्ज किया।
1 held as man forced to eat garbage, hit after dispute in Mumbai https://t.co/TV2edXd3hy
— TOI Mumbai (@TOIMumbai) July 31, 2021
ये भी पता चला है कि इस मामले के पीड़ित और दोनों आरोपित, ये सभी ड्रग्स की सप्लाई में लिप्त हैं। पीड़ित तनवीर शेख और दोनों आरोपित पहले एक साथ काम करते थे, लेकिन बाद में तनवीर ने एक अन्य गिरोह ज्वाइन कर लिया था। इस घटना से कुछ सप्ताह पहले तनवीर ने खालिद के साथ मारपीट की थी और साथ ही इसका वीडियो भी शूट कर लिया था। तनवीर के कुछ दोस्तों ने इस वीडियो को भी वायरल कर दिया था।
वहीं अब उन दोनों ने तनवीर से इसका बदला लिया है। उसे मानव मल व कचरा खिलाते हुए वीडियो बना लिया गया। हाल ही में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अबरार खान नाम के ड्रग कारोबारी को दबोचा था। खालिद उसके लिए ही काम करता था। अब इस मामले में केस दर्ज कर के एक अन्य आरोपित की तलाश की जा रही है। खालिद का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं।
सवाल: वैक्सीन का कॉन्ट्रैक्ट किसको? जवाब: तेरे बाप को : मुंबई मेयर किशोरी पेडनेकर का विवादित ट्वीट
किशोरी पेडनेकर और उनका विवादित ट्वीट
मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर अब एक नए विवाद के कारण सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं। इस दफा उन्होंने एक यूजर्स को जवाब देने के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। इसके बाद ट्विटर यूजर उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाने लगे।
मेयर किशोरी ने क्या ट्वीट किया, किस ट्वीट का क्या जवाब दिया, इस बात को साबित कर रहा है कि समाज सेवा के नाम पर प्रारम्भ हुई राजनीति पद-भ्रष्ट होकर एक व्यापार ही नहीं बल्कि बदमाशी का अड्डा बन रही है।
मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू की वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया था। इस इंटरव्यू में मुंबई के अंदर वैक्सीनेशन के लिए उन 9 कंपनियों की बात की गई थी, जिनसे बीएमसी कॉन्ट्रैक्ट देकर वैक्सीन खरीदने की कोशिश कर रही है।
इसी ट्वीट के नीचे जब एक यूजर ने उनसे पूछा कि किन कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। जवाब में पेडनेकर ने मराठी में लिखा- तुझ्या बापाला यानी ‘तेरे बाप को।” इस ट्वीट को हालाँकि बाद में डिलीट कर दिया गया। लेकिन यूजर्स तब तक इसका स्क्रीनशॉट लेकर इसे वायरल कर चुके थे।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार भाजपा पार्षद भालचंद्र ने इस ट्वीट को पढ़कर लिखा, “मुंबई की पहली नागरिक होने के नाते, सार्वजनिक क्षेत्र में सभ्य और सुसंस्कृत भाषा (उससे) की अपेक्षा करते हैं।” समाजवादी पार्टी के नेता रईस शेख लिखते हैं कि कम से कम मेयर को उस ऑफिस का मान-सम्मान बनाए रखना चाहिए जिसे वह सँभालती हैं। ये उस ऑफिस की छवि गलत बनाता है जिसका दारोमदार उन पर है।
पत्रकार शेफाली वैद्य इस मामले में पेडनेकर के स्क्रीनशॉट शेयर करके कहती हैं, “भाइयो और बहनों मेयर किशोरी पेडनेकर एक आम नागरिक को गाली दे रही हैं, क्योंकि उसने सिर्फ एक सवाल किया। यही शिवसेना की असल परंपरा है। ये मुंबई की पहली नागरिक हैं। बहुत बढ़िया।”
The @mybmc mayor @KishoriPednekar ladies and gentlemen, abusing a common citizen only because he asked her a polite question! This is true @ShivsenaComms culture! This lady is the first citizen of Mumbai! Well done @OfficeofUT pic.twitter.com/xMTb7FpgXI
— Shefali Vaidya. (@ShefVaidya) June 3, 2021
सामान्य यूजर्स का पूछना है कि क्या आखिर ये तरीका होता है मुंबई वालों से बात करने का। यूजर ने सिर्फ साधारण सा सवाल किया था। लेकिन पेडनेकर इतनी अभद्रता से जवाब दिया। उन्हें इसके लिए माफी माँगनी ही चाहिए। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि किसी शिवसेना नेता से ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग सुनना कोई हैरानी की बात नहीं है, क्योंकि ये सब वह हमेशा करते हैं।
Pednekar said after the same was brought to her notice she immediately ensured that the tweet was deleted. The mayor is being being trolled for a reply to a tweet done in which when asked whom the Covid vaccine procurement contract was given to had replied saying ‘Tujhya Baapala
— Richa Pinto (@richapintoi) June 3, 2021
@OfficeofUT Sack sadak-chaap @KishoriPednekar
— nenem (@nenem54752946) June 3, 2021
Our kaam-wali baai has moe tameez than Kishori-bai.
किशोरी पेडनेकर ने सफाई देते हुए कहा है कि ट्वीट शिवसेना के एक कार्यकर्ता ने किया था। वह एक आयोजन में थीं और उन्होंने अपना फोन उसे दे रखा था।
किशोरी पेडनेकर ने एक नर्स के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी लेकिन 1992 में वह शिवसेना से जुड़ीं और पहली बार पार्षद के तौर पर उन्हें 2002 में चुना गया। फिर 2012 और 2017 में भी वह पार्षद चुनीं गई। 2019 में उन्हें मुंबई के 77वें मेयर का पद मिला।
किशोरी पेडनेकर पिछले दिनों कुम्भ पर बयानबाजी के कारण विवादों में आई थी। उन्होंने कुंभ को लेकर कहा था कि पिछले साल जैसे तबलीगी जमात के कारण स्थिति बिगड़ी, वैसे ही अब कुम्भ से लौटने वाले अपने-अपने राज्य में कोरोना को प्रसाद की तरह बाँटेंगे। इसलिए उन्हें प्रवेश देने से पहले उन्हीं के पैसों पर क्वारंटाइन करवाया जाना चाहिए।
‘मैं मना करती रही फिर भी उसने मुझे न्यूड किया’: निफ्ट के छात्र आरिब फकीह ने किया नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न
मुंबई में आए दिन महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध की खबर सामने आती रहती है। ताजा मामला नवी मुंबई से है। गुरुवार (मई 27, 2021) को, एक ट्विटर यूजर (@breaking_a_rib) ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर एक थ्रेड पोस्ट किया, जिसमें कोलकाता के निफ्ट के छात्र द्वारा यौन शोषण की शिकार हुई कई महिलाओं की आपबीती साझा की गई। छात्र की पहचान आरिब फकीह के रूप में हुई है। डेटिंग ऐप बंबल के मुताबिक आरिब 19 साल का है।
अरिब फकीह के बम्बल प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट
इसमें उन्होंंने बताया कि आरिफ उन्हें किस तरह की मैसेज किया करता था। एक पीड़िता ने बताया कि वो आरिब से 2018 में मिली थी। उस समय आरिब ने क्लास के बाद सीढ़ियों पर उसे किस कर लिया था। हालाँकि, वो इससे हैरान रह गई, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया, क्योंकि उसे लगा कि वह एक अच्छा लड़का है।
पीड़िता ने बताया कि वह उससे मीठी-मीठी बातें किया करता था। जिससे वह काफी आकर्षित हो गई और वह अपने जीवन के सबसे बुरे दौर में पहुँच गई। वह परीक्षा में फेल होने लगी, वह अपनी जिंदगी के फैसले को लेकर कंफ्यूज रहने लगी और आरिब ने इसका फायदा उठाया।
फिर आरिब उसे डेट पर लेकर गया। यहाँ पर उसने कुछ तस्वीरें ली और उसे अपने स्पैम अकाउंट पर डाला, लेकिन पीड़िता ने इसे भी नजरअंदाज कर दिया। इसके 1-2 हफ्ते बाद वह उसे अपने घर ले गया और वहाँ पर उसने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। वह बार-बार मना करती रही लेकिन वह उसे न्यूड कर दिया।
पीड़िता ने आरिब के साथ एक और घटना शेयर करते हुए बताया कि उसे मिले हुए 2-3 दिन ही हुए थे। वो लोग ग्रॉसरी शॉप पर थे, तभी आरिब ने उससे कहा कि वह उसके लिए उसके भाई को भी मार सकता है। उसके कल्याण में ‘पावरफुल’ लोगों के साथ संपर्क हैं। पीड़िता ने उसे यह सोचकर नजरअंदाज कर दिया कि वह मजाक कर रहा है। आरिब ने पीड़िता के साथ कुछ लड़कियों के प्राइवेट डिटेल भी शेयर किया।
एक और पीड़िता ने आरिब के बारे में बताया कि वह उसे मिलने के लिए बुलाता था और टेनिस स्कर्ट पहन कर आने के लिए बोलता था। उसने उसे गले लगाने के लिए भी बोला। इसके अलावा आरिब ने उससे कहीं चल कर हैंग आउट करने के लिए बोला। पीड़िता ने बताया कि वह उस समय नाबालिग थी और आरिब यह बात जानता था।
एक अन्य नाबालिग पीड़िता ने बताया कि आरिब उसे मिलने के लिए बुलाता था, और गले मिलने के लिए बोलता था। मगर जब पीड़िता उससे बात करना बंद कर देती थी तो वह दूसरे अकाउंट से मैसेज करता था। पीड़िता ने उसके 6 अकाउंट ब्लॉक किए।
पीड़ितों में से एक ने बताया, “24 जुलाई 2019 की बात है। अगर कोई उससे पूछे तो वह अभी भी इस बात से इनकार करेगा कि ऐसा कभी हुआ है, लेकिन उसने मुझसे निजी तौर पर इसके लिए माफी माँगी है। वह जानता है कि उसने क्या किया है। वह जानता है कि वह जो करता है वह एक पैटर्न है। यह हमेशा एक पैटर्न होता है। शराब। मेनुपुलेशन। जबरदस्ती। मैंने सोचा कि आरिब से मिलना ठीक है क्योंकि उसके सभी दोस्त घर पर थे और इससे हमारे बीच कुछ भी नहीं होगा।”
उसने आगे कहा, “मुझे अभी पता चला है कि उसने मेरे अलावा कई महिलाओं के साथ धोखा किया है। इससे पहले 2-3 महीने मैं उसके साथ थी। वह मुझे अपने साथ अकेले रहने के लिए मनाने की कोशिश करता है। मैं उसे मना करती हूँ। वह नकली गुस्सा दिखाता है और मैं अपनी दोस्तों के साथ बैठने के बजाय उसके साथ चली जाती हूँ।”
उसने आगे कहा, “सब कुछ बहुत जल्दी में बदल गया। इससे पहले कि मैं यह समझूँ, समय बीत जाता है और वह चाहता है कि सभी चले जाएँ। मैं उसके सबसे अच्छे दोस्तों के साथ जाना चाहती थी। मुझे सब कुछ याद है इतने नशे में होने के बावजूद मैं पास आउट होने वाली थी। मैं उसके दोस्त का हाथ पकड़ कर कह रही थी कि मुझे उस होटल में ले चलो जहाँ मैं अपनी माँ के साथ रुकी थी। आरिब जोर देकर कहता है, “मुझे शांत करो। और फिर, वे चला गया है। मैं अकेली रह गई। वह मुझे धक्का देकर वॉशरूम ले गया। मैंने कहा- नहीं। मैंने कई बार कहा- नहीं। उसने फिर भी मुझे न्यूड कर दिया। उस दिन बारिश हो रही थी। मुझे सब कुछ याद है।”(साभार)
























