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मुंबई में सड़क पर निकलीं बुर्कानशीं महिलाएँ ; क्या यह चीखा-चिल्ली नूपुर और नवीन के विरुद्ध है या उस किताब के विरुद्ध जिसमें यह लिखा है?

                                               महाराष्ट्र के नवीं मुंबई में मुस्लिम महिलाओं का प्रदर्शन
जिस तरह नूपुर शर्मा का मामला तूल पकड़ रहा है, उसने भारत में मुस्लिम विद्वानों के साथ-साथ भाजपा का अल्पसंख्यक भी संदेह के घेरे में आ गया है। नूपुर ने कोई अपने मन से कोई बात नहीं बोली, नूपुर ने वही कहा जो इनकी इस्लामिक किताबों में लिखा है। क्यों नहीं उस किताब पर चर्चा करते, जिसमें यह सब कुछ लिखा है। परेशानी यह है कि कोई हिन्दू ऐसी बात क्यों बोल रहा है। गैर-मुस्लिमों के साथ-साथ शांतिप्रिय मुस्लिमों में चर्चा है कि क्या यह चीखा-चिल्ली नूपुर और नवीन के विरुद्ध है या उस किताब के विरुद्ध जिसमें यह लिखा है? शांतिप्रिय मुस्लिम एवं गैर-मुस्लिमों में यह भी चर्चा है कि नूपुर शर्मा केस की जाँच के दौरान ज़ाकिर नाइक के उन वीडियोस और हदीस का अवलोकन जरुरी है। इतना ही नहीं इस्लामिक विद्वानों से भी ऑन रिकॉर्ड बयान दर्ज कर सच्चाई उजागर करनी होगी। 31 जुलाई 1986 को तीस हज़ारी के Z.S.Lohat, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के आर्डर को सामने रखना होगा। इतना ही नहीं, कोर्ट और पुलिस को इन वीडियोस का भी संज्ञान लेना होगा। हकीकत यह है कि अयोध्या के बाद अब ज्ञानवापी और मथुरा के अलावा क़ुतुब मीनार, ताज महल आदि की सच्चाई सामने आने से छद्दम धर्म निरपेक्षों और कट्टरपंथियों के बेनकाब होने पर जनमानस से लेकर न्यायालय तक में डर बैठाने के उद्देश्य से देश में उपद्रव किया जा रहा है। 
        
महाराष्ट्र के नवीं मुंबई में मुस्लिम महिलाओं ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। बुर्के में महिलाओं को सड़क पर मार्च करते हुए देखा गया। पैगंबर मुहम्मद पर भाजपा के निलंबित प्रवक्ताओं नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल द्वारा टिप्पणी किए जाने के आरोप में जुमे की नमाज के बाद शुक्रवार (10 जून, 2022) को देश भर में हिंसा हुई। आगजनी और पत्थरबाजी कर के दंगे किए गए। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हालात सबसे ज्यादा बिगड़ गए।
झारखंड में पुलिस को मुस्लिम भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी। राँची के हनुमान मंदिर के पास भी भीड़ पहुँच गई थी। वो सभी नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की गिरफ़्तारी की माँग कर रहे थे। सुबह से ही नारेबाजी शुरू हो गई थी। कई दुकानें बंद रखी गई थीं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने भी आगजनी कर के विरोध प्रदर्शन किया। मुंबई में मुस्लिमों ने नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की गिरफ़्तारी के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया।
प्रयागराज के अलावा सहारनपुर, मोरादाबाद, लखनऊ और रामपुर में भी मुस्लिम भीड़ ने सड़क पर निकल कर नारेबाजी की। लखनऊ की टीले वाली मस्जिद से हजारों की भीड़ निकली, जिसे रोकने के लिए पुलिस को बड़ी संख्या में बैरिकेड्स लगाने पड़े। स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाए गए हैं। राँची के मुस्लिम दुकानदारों ने पहले से दुकानें बंद रखी थीं। मार्च कर रही भीड़ वापस जाने को कहने पर भड़क गई। डेली मार्किट के थाना प्रभारी अवधेश कुमार का सिर फोड़ दिया गया।
वो लहूलुहान हो गए। राँची में पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। प्रयागराज में जख्मी पुलिसकर्मियों में RAF के मनीष कुमार नाम का एक जवान चोटिल हो गया। दिल्ली के जामा मस्जिद के बाहर भी बड़ी संख्या में भीड़ जुटी। कश्मीर में भी शटडाउन का माहौल है। राँची में कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया और पत्थरबाजी में सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल लगाया गया है।

‘…यहीं बंधक बना लेंगे’: झारखंड मुक्ति मोर्चा के MLA ने दी महिला थानेदार को धमकी

पुलिसकर्मियों को धमकाते हुए झारखंड JMM विधायक जिग्गा सोरो (चित्र साभार - संजीवनी समाचार)

झारखंड के राँची में JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के विधायक जिग्गा होरो ने एक महिला थानेदार को बंधक बना लेने की धमकी दी है। महिला इंस्पेक्टर का नाम ममता कुमारी है। इस धमकी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है।

विधायक जिग्गा होरो की लगातार डांट सुन कर महिला पुलिस अधिकारी वहाँ से चुपचाप चली गईं। इसके बाद भी विधायक मौके पर मौजूद बाकी पुलिसकर्मियों को डांटते रहे। वीडियो गुरुवार (17 मार्च) का बताया जा रहा है। विधायक जिग्गा होरो के अनुसार किसी का उग्रवादी बनना उसकी मजबूरी होती है। 

धमकी देने वाले विधायक जिग्गा सुसारन होरो (Jiga Susaran Horo) सिसई विधानसभा से निर्वाचित हैं। वायरल वीडियो में वो महिला इंस्पेक्टर को कह रहे हैं:

“ज्यादा होशियार मत बनो, नहीं तो यहीं बंधक बना लेंगे। किस चीज की ड्यूटी करते हो आप जो टाइम से एक्शन नहीं लेते। छेड़ो नहीं, वरना छोड़ेगा नहीं। तमाशा बना कर रखे हैं आप लोग। ड्रामा मत कीजिए, रात को आप को हम फोन किए थे। कोई गवर्नर हैं क्या? जब मामला कोर्ट में है तो आप छापेमारी कर रहे हैं। हम बता दे रहे हैं कि हम आपकी छापेमारी करवा देंगे।”

इस दौरान महिला पुलिसकर्मी ने अपनी सफाई में कोई जवाब देना चाहा तो उसे डाँट कर चुप करा दिया गया।

उग्रवादी बनना मजबूरी – JMM विधायक

JMM विधायक जिग्गा होरो ने पुलिसकर्मियों को डांटते हुए आतंकी बनना किसी की मजबूरी बताया है। उन्होंने कहा, “आप लोग चाहते हैं कि यहाँ का लड़का आतंकवादी बन जाए। फिर वो जंगल चला जाए। मजबूरी में आदमी क्या करेगा। जंगल चला जाएगा। उग्रवादी बनेगा और लूटेगा। मारेगा और काटेगा। पढ़ने के लिए जगह नहीं मिलेगा। वैसे भी यहाँ अतिक्रमण किया जा रहा है। यहाँ का जंगल लूटा जा रहा है। यहाँ के आदिवासियों की जमीनों को लूटा जा रहा है। अगर यूथ छेड़ोगे तो राँची को पागल कर देगा। यही चाहते हो क्या कि बच्चे बदमाश बन जाएँ। जब ये जंगल चले जाएँगे तब आप छापेमारी करिएगा?”

विधायक का बयान और झारखंड पुलिस एसोसिएशन

महिला पुलिसकर्मी ममता कुमारी के खिलाफ JMM विधायक जिग्गा होरो की बयानबाजी के खिलाफ झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने रोष जताया है। एक पत्रकार वार्ता में झारखंड पुलिस एसोसिएशन के केंद्रीय महामंत्री अक्षय कुमार राम ने कहा, “महिला थाना प्रभारी के ऐसा व्यवहार निंदनीय ही नहीं बल्कि अपराध के समान है। विधायक का ऐसा बर्ताव सिर्फ महिला पुलिसकर्मी ही नहीं बल्कि तमाम महिलाओं का भी अपमान है।”
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इसकी लिखित शिकायत झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो से करने की बात की है। साथ ही विधायक जिग्गा होरो के आचरण की जाँच कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग भी की जाएगी।
16 मार्च को झारखंड की राजधानी राँची में लगभग 250 लोगों की भीड़ नवीन सरना कॉलेज के हॉस्टल को खाली करवाने पहुँची थी। इस भीड़ का नेतृत्व बिशु उरांव नाम का व्यक्ति कर रहा था, जो हॉस्टल की जमीन को अपना बताता है। इस दौरान हॉस्टल में जम कर हंगामा हुआ। हॉस्टल के पीछे की दीवार को तोड़ दिया गया। वहाँ मौजूद छात्रों के साथ धक्का-मुक्की की गई।
घटना के बाद बिशु उरांव समेत 250 अज्ञात के खिलाफ सुखदेवनगर थाने में FIR दर्ज की गई। इन सभी हमलावरों पर हथियारों से लैस होने और 50 लाख की रंगदारी माँगने का भी आरोप लगा है। विधायक जिग्गा होरो इस मामले में पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। उनके साथ मांडर विधायक बंधु तिर्की, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, पूर्व विधायक सुखदेव भगत और अन्य नेता मौजूद थे।