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बिहार : मुजफ्फरपुर में मुस्लिम बच्चे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्यों दे रहे गाली? अगर मोदी बुरा है तो मोदी द्वारा दी जाने हर सुविधा को लेने में क्यों सबसे आगे रहता है मुस

ऑपइंडिया की बिहार ग्राउंड रिपोर्ट टीम मुजफ्फरपुर पहुँची। यहाँ कुछ मुस्लिम बच्चे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गालियाँ दे रहे थे, लेकिन वजह नहीं बता सके। उनका पसंदीदा नेता अखिलेश यादव है। बच्चे बस नारे लगा रहे थे। उधर रात दस बजे बाजार में महिलाएँ बिना डर के खरीदारी कर रही थीं। उन्होंने सुरक्षा का श्रेय एनडीए सरकार को दिया

महिलाओं ने ऑपइंडिया से कहा, “पहले रात में निकलना मुश्किल था, अब सब बदल गया।” ये ग्राउंड रिपोर्ट दिखाता है कि बिहार में कानून व्यवस्था सुधरी है, लेकिन कुछ बच्चों में राजनीतिक नफरत भरी जा रही है।

 

मुस्लिम बच्चे हो या व्यस्क मोदी की हर सुविधा को लेने में सबसे आगे रहते हैं, फिर मोदी को गाली। और जब गैर-मुस्लिम इन्हें नमक हराम कहते हैं तो चिढ़ते हैं। अब इन हरामफरमोश लोगों से पूछो अगर मोदी को गाली ही देनी है फिर क्यों मोदी द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं को लपकने पागलों की तरह भागते हो? 

2024 लोकसभा चुनाव में न्यूज़18 की एंकर रुबिका लियाकत नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुस्लिम लोगों से बात करने पहुंची। इन हरामफरमोशों के जवाब सुन रुबिका और अन्य मुसलमान हैरानी में हँसते दिखे। क्योकि सभी एक-दूसरे की पोल खोल रहे थे। प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान पर अधिकार लेकिन फिर भी मोदी को गाली। 

एक महिला गरीबी और महंगाई के लिए मोदी को दोषी बता रही थी जब उससे पूछा कितने बच्चे हैं, जवाब दिया 6 और जब उससे इतने बच्चे पैदा करने की वजह पूछी बोली अल्लाह की देन है। शायद वही इकलौती मुस्लिम महिला थी जिसे 6 बच्चे थे। रुबिका के सवाल पर मौजूद सारे मुस्लिम हंसने लगे। रुबिका ने कहा कि अगर बच्चे अल्लाह की देन है फिर महंगाई और गरीबी के मोदी कैसे जिम्मेदार? इतनी महंगाई है तो इतने बच्चे क्यों पैदा किये? अगर बच्चे अल्लाह की देन है फिर गुजारा नहीं होने के लिए मोदी को गाली क्यों?  

इतना ही नहीं लगभग 90 प्रतिशत मुसलमान मोदी को आरोपित करते रहे, जबकि मोदी द्वारा दी जा रही हर सुविधा को ले रहे हैं लेकिन वोट नहीं देंगे। तेजतर्रार रुबिका भी चुकने वाली थी, जब  मोदी गलत है फिर फ्री में मिलने वाली सुविधाएं क्यों लेते हो, शर्म आनी चाहिए तुम सबको?            











 

उत्तर प्रदेश : ‘सबसे ज्यादा ब्राह्मण मा%$*#द होते हैं’: ललितपुर में सब इंस्पेक्टर का ऑडियो वायरल, SP ने किया सस्पेंड

                      गाली गलौज का ऑडियो वायरल होने पर सब इंस्पेक्टर सस्पेंड (चित्र साभार- @NCIBHQ)
उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एक सब इंस्पेक्टर का ऑडियो वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में पुलिसकर्मी ब्राह्मण और ठाकुर के साथ बनिया समाज को खुलेआम गालियाँ दे रहा है। ऑडियो में खास तौर पर ब्राह्मणों को निशाना बनाया गया है। आरोपित सब इंस्पेक्टर का नाम दिनेश कुमार दोहरे है जिन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। 8 जनवरी 2023 को ललितपुर पुलिस द्वारा जानकारी देते हुए बताया है कि मामले में जॉंच बिठा दी गई है।

26 सेकेंड के इस ऑडियो को पत्रकार शुभम शुक्ला ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है। वायरल ऑडियो में एक तरफ सब इंस्पेक्टर की तस्वीर है जबकि दूसरी तरफ प्रतीकत्मक चित्र है। ऑडियो में दरोगा ने खुद को SC समुदाय से बताते हुए कहा, “ब्राह्मण, ठाकुर और बनिया मा$$द होते हैं, जिसमें सबसे ज्यादा ब्रह्मण।” ऑडियो में दूसरी तरफ वाले व्यक्ति को रजक बताया जा रहा है जो दरोगा की बातों में हाँ में हाँ मिलाता सुनाई दे रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वायरल ऑडियो सब इंस्पेक्टर से एक व्यक्ति की हुई बातचीत का एक अंश है। बताया जा रहा है कि इसे बात करने वाले व्यक्ति ने ही वायरल किया है। ललितपुर के पुलिस अधीक्षक ने आरोपित सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार दोहरे को सस्पेंड करते हुए मामले की जाँच पुलिस सर्किल ऑफिसर (DSP) मडावरा को सौंपी है।

सोशल मीडिया पर नाराजगी
                                      साभार – @NCIBHQ पर आए कमेंट के स्क्रीनशॉट

दरोगा दिनेश कुमार दोहरे का ऑडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। एस पी त्रिपाठी ने लिखा है कि दरोगा दिनेश दोहरे की जॉइनिंग से ले कर अंतिम पोस्टिंग तक जाँच किए गए मामलों की फिर से जाँच करवाई जाए। मनीष तिवारी ने लिखा है कि ऐसी सोच वाले अधिकारी ने सब जातियों के फरियादियों के साथ कैसा न्याय किया होगा। जबकि गौरव कुमार के मुताबिक आरोपित सब इंस्पेक्टर अपने पद पर रहते हुए न्याय नहीं कर सकता।
इनके अलावा निशांत तिवारी, रुद्रा, मिथलेश गुप्ता आदि ने भी वायरल ऑडियो में दरोगा दोहरे के बर्ताव पर नाराजगी जताई है।

‘मुँह खोला तो तेरा रेप होगा’: महिला मराठी प्रोड्यूसर को अभद्र गाली-गलौच, हत्या की धमकी : संजय राउत का ऑडियो वायरल

                                                  डॉ स्वप्ना पाटकर को धमकियाँ
शिवसेना नेता संजय राउत एक बार फिर से अपनी ‘अभद्र भाषा’ के चलते खबरों में आ गए हैं। कथिततौर पर मराठी फिल्मों की प्रोड्यूसर डॉ स्वप्ना पाटकर के साथ बातचीत की उनकी एक ऑडियो वायरल हुई है। इस ऑडियो में जो पुरुष है, उसकी ओर से महिला को गंदी-गंदी गाली दी जा रही है। ऑडियो में औरत से बात करते हुए “स%$ली, मादरच&^द और बहन&^%” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है।

इसके अलावा ऑडियो में आदमी कहता है, “इस कॉल को रिकॉर्ड कर, पुलिस को भेज या जो मन हो वो कर। बस तू देखती जा। प्रॉपर्टी या तो मेरे नाम कर या फिर सुजीत के नाम।”

डॉ स्वप्ना पाटकर वही महिला हैं जिन्होंने साल 2021 में संजय राउत के ऊपर गाली-गलौच करने का और उन्हें पिछले 8 साल से तंग करने का आरोप लगाया था। अब ऑपइंडिया इस ऑडियो को लेकर ये पुष्टि नहीं करता है कि जो आवाज इसमें है वो स्वप्ना पाटकर और संजय राउत की है या नहीं। लेकिन इस ऑडियो को टाइम्स नाऊ नवभारत ने भी शेयर किया है और बताया है कि 70 सेकेंड की इस ऑडियो में 27 बार गाली दी गई हैं।

ये लीक ऑडियो संजय राउत से बातचीत की है: डॉ स्वप्ना पाटकर

इसके अलावा इस ऑडियो को लेकर स्वप्ना पाटकर ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि ये उनके और संजय राउत के बीच हुई बातचीत की ऑडियो है। उन्होंने SSR वॉरियर नाम के चैनल पर अपलोड किए गए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें पिछले 18 महीनों में कई बार धमकियाँ मिली हैं और इन्हीं धमकियों के मद्देनजर उन्होंने अपनी शिकायत दी है। उन्होंने संजय राउत से जुड़े ‘पात्रा चॉल जमीन घोटाले’ मामले की जाँच में जुटे संबंधित अधिकारियों को इन धमकियों और ऑडियो क्लिप के बारे में बताया है। उन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर को भी पत्र लिखा है और ईडी को भी धमकियों के बारे में बताया है।

स्वप्ना कहती हैं कि संजय की पत्नी वर्षा और उनके नाम अलीबाग में जमीन थी जिसे ईडी ने अपनी जाँच में अटैच किया। संपत्ति के दस्तावेज भी संजय राउत के करीबी सुजीत पाटकर के घर छापेमारी में मिले। लेकिन ईडी ने जब मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ शुरू की तो उनको रेप और हत्या की धमकियाँ आने लगीं और उन पर दबाव बनने लगा कि वह संजय राउत का नाम वापस लें।

स्वप्ना को मिली धमकियों में भाजपा पर इल्जाम मढ़ने का बनाया जा रहा दबाव

मालूम हो कि स्वप्ना पाटकर को पिछले हफ्ते भी धमकी वाला एक पत्र मिला था जिसमें कहा गया था कि अगर उन्होंने ईडी के सामने कुछ भी कहा तो उनका रेप किया जाएगा। इस धमकी के बाद उन्होंने वकोला पुलिस में अपनी शिकायत दी थी। पत्र में स्वप्ना को कहा गया था कि वह मीडिया में बोलें कि ये सब उन्होंने भाजपा नेता किरीट सोमैय्या के कहने पर किया है।

स्वप्ना की इस शिकायत के बाद प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता किरीट सोमैय्या ने भी 30 जुलाई को एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने बताया कि आज शाम 4 बजे धमकी, गाली-गलौच, ऑडियो क्लिप से जुड़ी शिकायतों के संबंध में वकोला थाने जाएँगे। उन्होंने अपने ट्वीट में पत्र शेयर किया है। इसमें लिखा है, “अगर मुँह खोला तो तेरा रेप करके थाना में खड़ी मिलेगी तू। ईडी के सामने बकबक करेगी तो मरेगी। मीडिया को बता कि सोमैय्या ने जबरदस्ती किया और आगे चुप बैठ वरना कोई नहीं बचा पाएगा।”

स्वप्ना पाटकर और संजय राउत का विवाद

बता दें कि डॉ स्वप्ना पाटकर इससे पहले पिछले साल संजय राउत पर इल्जाम लगाने के बाद चर्चा में आई थीं। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर बताया था कि शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ के सह-संपादक संजय राउत पिछले 8 वर्षों से अपनी पार्टी के रुतबे और सिस्टम पर पकड़ का इस्तेमाल कर न सिर्फ उन्हें गालियाँ दे रहे हैं, बल्कि उनके परिवार और रिश्तेदारों को भी प्रताड़ित कर रहे हैं। पाटकर ने बताया था कि राउत के इशारे पर पुलिस ने उन पर ‘धंधा करने’ का आरोप भी लगाया था। उन्होंने कहा था कि 2017 में खुद संजय राउत ने फोन पर धमकी दी और 2018 में कॉन्ट्रैक्ट पर आदमी रख कर उनका पीछा कराया गया। बकौल स्वप्ना, उनके सोशल मीडिया हैंडल्स को हैक कर कभी सुसाइड नोट तो कभी अश्लील सामग्रियाँ डाली गईं, लेकिन पुलिस ने साफ़ कह दिया कि संजय राउत के खिलाफ वो FIR दर्ज नहीं कर सकते।

उत्तर प्रदेश : अखिलेश यादव के समर्थन में हुसैन-करीमुल्लाह ने मोदी-योगी को बकी गालियाँ, मोदी की वृद्ध माँ को भी नहीं बख्शा

देवरिया पुलिस की गिरफ्त में हुसैन खान (बाएँ) और करीमुल्लाह
                                                          (साभार: ट्विटर)
2002 गोधरा दंगों से लेकर आज तक नरेंद्र मोदी पर हो रही गालियों की बारिश धमने का नाम नहीं ले रही। हैरानी की बात यह है कि गालियां देने वाले उनकी वृद्ध माँ को भी नहीं बख्श रहे। 
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश के समर्थक अपनी मर्यादाओं की सीमाएँ लाँघ रहे हैं। इसी क्रम में देवरिया जिले में एक अखिलेश समर्थक को सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल भारी पड़ गया। पुलिस ने आरोपित हुसैन खान को गिरफ्तार कर लिया है।

 रिपोर्ट के मुताबिक, घटना देवरिया जिले के देवरिया कोतवाली के अंतर्गत आने वाले पोखरभिंडा गाँव की है। यहीं का रहने वाला हुसैन खान अखलेश यादव का समर्थक है। लेकिन अपने समर्थक होने का दायित्व निभाने के चक्कर में वह मर्यादाओं की सीमाओं को भी लाँघ दिया। उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अखिलेश को सपोर्ट करते हुए पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भद्दी गालियाँ। इस तरह के अपशब्द वाली उसकी पोस्ट वायरल हो गई।

पोस्ट वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने आरोपित के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर उस पर कार्रवाई करने की माँग की। मामले में संज्ञान लेते हुए रविवार (21 नवंबर 2021) को पुलिस ने आरोपित हुसैन को पकड़ लिया। इस घटना की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट किया, “ये है देवरिया का हुसैन खान, हुसैन खान को प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने की बीमारी थी। फिलहाल पुलिस ने इसे गिरफ़्तार कर लिया है और अब इसकी इस बीमारी का ‘माकूल इलाज’ निरंतर जारी है, आपके इर्द गिर्द भी ऐसे बीमार मिलें तो तत्काल उनका ‘माकूल इलाज’ कराएँ।”

देवरिया पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि अभियुक्त को हिरासत में लेकर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

इसी तरह का एक और मामला देवरिया से ही सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपित मुस्लिम युवक नशे में पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ माँ-बहन का गालियों का इस्तेमाल कर रहा है। आरोपित ने पीएम मोदी की वृद्ध माँ के लिए बहुत ही अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया। आरोपित देवरिया के बलौचघाट थाना क्षेत्र के मेदी पट्टी गाँव के बेलवनीया टोला का रहने वाला है। उसका नाम करीमुल्लाह है और उसके अब्बू का नाम सिराज है।

इस मामले में शलभ मणि त्रिपाठी ने भी ट्वीट किया, “निकृष्ट प्राणी करीमुल्लाह को धर लिया गया है। निरंतर माकूल इलाज जारी है।”

‘मरो हिन्दुओं! मोदी, संघ और उनके समर्थकों के लिए दर्दनाक मौत की दुआ’

                                                   दर्दनाक मौत की दुआ माँगती मोना अम्बेगाँवकर
भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है। पिछले कई दिनों से लगातार रोजाना 3 लाख से अधिक संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। राज्यों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर भारी दबाव आ रहा है। ऐसे में देश के सभी नागरिक अपने स्तर पर लोगों की सहायता कर रहे हैं। कोई सोशल मीडिया के माध्यम से तो कोई जमीनी स्तर पर, अपनी जान जोखिम में डाल कर। लेकिन इस संकट की घड़ी में भी कुछ ऐसे लोग हैं जो पीएम मोदी और आरएसएस के लोगों की मौत की प्रार्थना कर रहे हैं।

Organiser साप्ताहिक में ए आर शेरवानी अपने लेखों(80 के दशक) में मोना अम्बेगाँवकर जैसी दुर्भावना वालों के लिए मलेछ शब्द का प्रयोग करते थे। मोना इतनी अल्पज्ञानी है कि इसे नहीं मालूम की जब-जब संघ पर प्रतिबन्ध लगा अथवा आलोचना हुई संघ उतना ही शक्तिशाली होकर उभरा है, ठीक उसी भांति गुजरात दंगों पर नरेंद्र मोदी को कितना अधिक आरोपित किया जा रहा है, वह भी उतने ही शक्तिशाली हो रहे हैं। "मौत का सौदागर", "खून का दलाल" आदि आदि क्या नहीं कहा गया। 

पिछले वर्ष भी मोना जैसों ने ऐसी ही ओछी दुआएं मांगी थीं, किसान आंदोलन में भी मोदी के मरने की दुआएं मांगी गयीं थीं, लेकिन सब बेकार। जितना अंधभक्त होना गलत है उतना ही जरुरत से ज्यादा विरोधी होना भी। अब देखिए सोशल मीडिया पर निम्न वीडियो वायरल है, जो विरोध नहीं भक्ति दर्शा रहा है, जो प्रधानमंत्री मोदी को उनके वायदों को याद करवाया जा रहा है।

जबकि इन्हीं मुद्दों को लेकर मोदी विरोधियों को सड़क से लेकर संसद तक विरोध करना था, लेकिन उन मुद्दों पर विरोध कर रहे हैं जिनका विपक्ष ने अपने घोषणा पत्रों में उल्लेख कर रखा है।

अपने को भारतीय टेलीविजन की अभिनेत्री कहने वाली और एक्टिविस्ट मोना अम्बेगाँवकर ने आरएसएस के सदस्यों, संघ के समर्थकों और चौकीदार (पीएम मोदी ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान खुद को जनता चौकीदार बताया था) के लिए एक दर्दनाक मौत की इच्छा जाहिर की है। मोना ने लिखा, “मैं अब इस ‘नीच आदमी’ को और श्राप नहीं दे सकती। मैं खुद को इन संघी गुंडों के समर्थकों, उनके अम्ब्रेला संगठन (आरएसएस) और चौकीदार-तड़ीपार जोड़ी के लिए एक दर्दनाक मौत की दुआ माँगने से नहीं रोक पा रही हूँ। जिन ‘a—holes’ हिंदुओं ने इन्हें वोट दिया है, अब मरो।“   

एक और ट्विटर यूजर ने अपनी बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए लिखा, “मोदी और उसके संघी प्रेमियों की मौत की दुआ करना पूरी तरह से जायज है।“

F#@kBJP नाम के इस ट्विटर हैन्डल से लगातार प्रधानमंत्री मोदी के लिए आपत्तिजनक बातें कही गईं और लगातार कानूनी व्यवस्था और शासन के विरुद्ध लोगों को उकसाने का कार्य किया गया। इस ट्विटर हैन्डल से कहा गया कि मोदी किसी अगले जन्म में सजा नहीं भुगतेगा। यह सत्ता में रहने वालों की बनाई हुई एक कल्पना है जिससे आम आदमी शासकों के महलों को न जलाएँ। इसने कहा, “हमें गुस्सा दिखाना चाहिए और और हमारा गुस्सा ऐसा हो कि ये डर से काँप जाएँ। हम किसी कर्म के न्याय की प्रतीक्षा में बैठे नहीं रह सकते हैं।”  

@rtrRavirao नाम के ट्विटर हैन्डल से कहा गया कि मौत इनके लिए कम है। इनके लिए एक भयानक दर्द और कष्ट की दुआ की जानी चाहिए।

हालाँकि, यह सब जिस आरएसएस या भाजपा के सदस्यों की मौत की दुआ कर रहे हैं वही जमीनी स्तर पर लोगों की सहायता कर रहे हैं। ये वहीं विचार हैं जिनके कारण पश्चिम बंगाल और केरल में कितने ही आरएसएस के सदस्यों और भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याएँ हुईं।

राजनैतिक और सामाजिक द्वेष लोगों को इतना अंधा कर देता है कि वो एक लोकतान्त्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री के लिए भी सार्वजनिक मंचों पर मौत की दुआ माँग रहे हैं। हालाँकि, ये वामपंथी-कांग्रेसी गिरोह पहली बार नहीं कर रहा है इससे पहले भी चाहे किसान आंदोलन हो या कोई और मंच कई बार ये लोग अपनी ऐसी मंसा जाहिर कर चुके हैं।