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‘हिंदुओं में मुसलमानों का खौफ जरूरी’ : ’72 हूरें’ की रिलीज से पहले डायरेक्टर को कट्टरपंथी दे रहे गाली, माँ से रेप की धमकी

              फिल्म 72 हूरें के डायरेक्टर संजय (बाएँ) को सोशल मीडिया पर मिल रहीं मौत की धमकियाँ
बहुप्रतीक्षित फिल्म ’72 हूरें’ की रिलीज से पहले इसके डायरेक्टर संजय पूरन सिंह चौहान को सोशल मीडिया पर धमकियाँ और गालियाँ दी जा रहीं हैं। यह फिल्म 26 /11 मुंबई आतंकी हमले पर आधारित है जो इस्लामी आतंकवाद के काले चेहरे को उजागर करेगी। इसी बात से नाराज कट्टरपंथियों ने फिल्म के निर्देशक की सोशल प्रोफ़ाइल पर न सिर्फ अपशब्द कहे हैं बल्कि उन्हें नुकसान पहुँचाने की भी कसमें भी खाई हैं।

राशिद खान नाम के एक व्यक्ति ने लिखा, “तुम्हारा टाइम आ गया है। मा*र चो&^।” “अपनी माँ को भेज, वेश्या की औलाद। तेरा धर्म ख़राब हो गया है और इसलिए अब तू हमारे मज़हब को अपमानित कर रहा है।”

इसी तरह एक अन्य मुस्लिम यूजर ने डायरेक्टर संजय पूरन सिंह चौहान की माँ को रेप की धमकी दी है। उसने संजय से पूछा है कि उन्होंने अपने कमेंट बॉक्स को बंद क्यों किया। खुद ही इसकी वजह बताते हुए यूजर ने इसे मुसलमानों का डर बताया और इस डर को अच्छी बात बताया।

इस यूजर को शायद यह नहीं मालूम कि हर मर्ज की दवा अमृतधारा नहीं होती। हर डर की अपनी सीमा होती है। जिसे विवादित फिल्म 'आदिपुरुष' की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ‘हिंदुओं की सहिष्णुता की बार-बार परीक्षा क्यों’: इलाहाबाद हाईकोर्ट', कही है, इन शब्दों के पीछे अदृश्य अर्थ को समझना होगा। हाई कोर्ट ने समुद्र की गहराई से अधिक गहरी बात कह दी। अंतर केवल समझ और नासमझ का है। यानि ज्वालामुखी को फटने मत दो। 'सर तन से जुदा' से कहीं अधिक भयंकर परिणाम होंगे। इतिहास साक्षी है। जिस दिन हिंदुओं की सहिष्णुता का ज्वालामुखी फटा, शायद ही कोई कट्टरपंथी या उनके संरक्षक तुम्हे बचाने बाहर आएगा। दूसरे, 72 हूरों के नाम पर जिस तरह उपद्रवियों को उकसाने का काम कट्टरपंथी कर रहे है, उसे टीवी परिचर्चाओं में नीचे दी वीडियो में देखिए किस तरह बेनकाब किया जा रहा है।  

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डायरेक्टर संजय को मुशर्रफ अहमद नाम के यूजर ने ‘सुअर’ और ‘हिजादा’ (हिजड़ा) कहा है। कुछ मुस्लिम यूजर्स ने डायरेक्टर संजय को गाली देने के बहाने हिन्दू आस्थाओं पर भी हमला किया। उन्होंने ‘गाय का पेशाब’ जैसे हिंदू-विरोधी अपशब्दों का इस्तेमाल किया। ध्यान रहे कि गोमूत्र पर टिप्पणी कर के पुलवामा आत्मघाती बम हमले के गुनहगार जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी आदिल अहमद डार ने कट्टरपंथियों के बीच खूब सुर्खियाँ बटोरी थीं।

दरअसल चरमपंथी अपनी कालपनिक दुनिया में रह कर अन्य धर्मों को कमतर बताते हैं। तमाम कट्टरपंथी हिंदुओं को मूर्तिपूजक और नर्क की आग में जलने योग्य बताते हैं। इसी विचारधारा के एक अन्य यूजर ने लिखा, “अरे, तब तुम जहन्नुम (नरक की आग) में जलोगे तब तुम्हे सच पता चलेगा। तुम बस इस्लाम के ख़िलाफ़ फ़िल्म बनाना चाहते हो तो कोई बात नहीं। बस तब तक इंतजार करें जब तक तुम्हारा अंत नहीं हो जाता।

शबनम नाम की एक यूजर ने ’72 हूरें’ के डायरेक्टर के मर जाने की दुआ की। उन्होंने जानबूझकर ‘हिंदू धर्म’ को ‘हिंदू-गंदवाद’ कह कहकर धार्मिक मान्यताओं का भी मजाक उड़ाया। इन तमाम कमेंट के अलावा कई कट्टरपंथियों ने संजय पूरन सिंह चौहान के इंस्टाग्राम पर कई बार ऑडियो और वीडियो कॉल कर उन्हें तंग किया।

इन यूजर्स के अलावा रानी चटर्जी नाम से प्रसिद्ध भोजपुरी अभिनेत्री सबीहा शेख फिल्म 72 हूरें को मुस्लिम विरोधी करार देते हुए इसे बनाने वालों पर निशाना साधा था। तब उन्होंने कहा था, “फिल्म में कुरान का गलत चित्रण किया गया है। कुरान किसी की जान लेना नहीं सिखाता। अगर 72 हूरें के निर्माता या डायरेक्टर ने कुरान पढ़ा होता तो वो ऐसे डायलॉग इस्तेमाल न करते।”  

सबीहा शेख ने क़ुरान में किसी की जान लेने वाली लाइन दिखाने की चुनौती देते हुए इसे समाज में गलत संदेश देने वाली फिल्म करार दिया था।

IMDb के अनुसार, ‘72 हूरें‘ वर्तमान समय में लोकप्रियता के आधार पर सबसे प्रतीक्षित फिल्म है। इसने ग़दर-2 को भी पीछे छोड़ दिया है। करीब 30.4 प्रतिशत दर्शक इस फिल्म के रिलीज होने का इंतजार कर रहे हैं। यह फिल्म 7 जुलाई, 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। पवन मल्होत्रा और अमीर बशीर इस फिल्म की मुख्य भूमिका में हैं।