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‘हिंदुओं में मुसलमानों का खौफ जरूरी’ : ’72 हूरें’ की रिलीज से पहले डायरेक्टर को कट्टरपंथी दे रहे गाली, माँ से रेप की धमकी

              फिल्म 72 हूरें के डायरेक्टर संजय (बाएँ) को सोशल मीडिया पर मिल रहीं मौत की धमकियाँ
बहुप्रतीक्षित फिल्म ’72 हूरें’ की रिलीज से पहले इसके डायरेक्टर संजय पूरन सिंह चौहान को सोशल मीडिया पर धमकियाँ और गालियाँ दी जा रहीं हैं। यह फिल्म 26 /11 मुंबई आतंकी हमले पर आधारित है जो इस्लामी आतंकवाद के काले चेहरे को उजागर करेगी। इसी बात से नाराज कट्टरपंथियों ने फिल्म के निर्देशक की सोशल प्रोफ़ाइल पर न सिर्फ अपशब्द कहे हैं बल्कि उन्हें नुकसान पहुँचाने की भी कसमें भी खाई हैं।

राशिद खान नाम के एक व्यक्ति ने लिखा, “तुम्हारा टाइम आ गया है। मा*र चो&^।” “अपनी माँ को भेज, वेश्या की औलाद। तेरा धर्म ख़राब हो गया है और इसलिए अब तू हमारे मज़हब को अपमानित कर रहा है।”

इसी तरह एक अन्य मुस्लिम यूजर ने डायरेक्टर संजय पूरन सिंह चौहान की माँ को रेप की धमकी दी है। उसने संजय से पूछा है कि उन्होंने अपने कमेंट बॉक्स को बंद क्यों किया। खुद ही इसकी वजह बताते हुए यूजर ने इसे मुसलमानों का डर बताया और इस डर को अच्छी बात बताया।

इस यूजर को शायद यह नहीं मालूम कि हर मर्ज की दवा अमृतधारा नहीं होती। हर डर की अपनी सीमा होती है। जिसे विवादित फिल्म 'आदिपुरुष' की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ‘हिंदुओं की सहिष्णुता की बार-बार परीक्षा क्यों’: इलाहाबाद हाईकोर्ट', कही है, इन शब्दों के पीछे अदृश्य अर्थ को समझना होगा। हाई कोर्ट ने समुद्र की गहराई से अधिक गहरी बात कह दी। अंतर केवल समझ और नासमझ का है। यानि ज्वालामुखी को फटने मत दो। 'सर तन से जुदा' से कहीं अधिक भयंकर परिणाम होंगे। इतिहास साक्षी है। जिस दिन हिंदुओं की सहिष्णुता का ज्वालामुखी फटा, शायद ही कोई कट्टरपंथी या उनके संरक्षक तुम्हे बचाने बाहर आएगा। दूसरे, 72 हूरों के नाम पर जिस तरह उपद्रवियों को उकसाने का काम कट्टरपंथी कर रहे है, उसे टीवी परिचर्चाओं में नीचे दी वीडियो में देखिए किस तरह बेनकाब किया जा रहा है।  

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डायरेक्टर संजय को मुशर्रफ अहमद नाम के यूजर ने ‘सुअर’ और ‘हिजादा’ (हिजड़ा) कहा है। कुछ मुस्लिम यूजर्स ने डायरेक्टर संजय को गाली देने के बहाने हिन्दू आस्थाओं पर भी हमला किया। उन्होंने ‘गाय का पेशाब’ जैसे हिंदू-विरोधी अपशब्दों का इस्तेमाल किया। ध्यान रहे कि गोमूत्र पर टिप्पणी कर के पुलवामा आत्मघाती बम हमले के गुनहगार जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी आदिल अहमद डार ने कट्टरपंथियों के बीच खूब सुर्खियाँ बटोरी थीं।

दरअसल चरमपंथी अपनी कालपनिक दुनिया में रह कर अन्य धर्मों को कमतर बताते हैं। तमाम कट्टरपंथी हिंदुओं को मूर्तिपूजक और नर्क की आग में जलने योग्य बताते हैं। इसी विचारधारा के एक अन्य यूजर ने लिखा, “अरे, तब तुम जहन्नुम (नरक की आग) में जलोगे तब तुम्हे सच पता चलेगा। तुम बस इस्लाम के ख़िलाफ़ फ़िल्म बनाना चाहते हो तो कोई बात नहीं। बस तब तक इंतजार करें जब तक तुम्हारा अंत नहीं हो जाता।

शबनम नाम की एक यूजर ने ’72 हूरें’ के डायरेक्टर के मर जाने की दुआ की। उन्होंने जानबूझकर ‘हिंदू धर्म’ को ‘हिंदू-गंदवाद’ कह कहकर धार्मिक मान्यताओं का भी मजाक उड़ाया। इन तमाम कमेंट के अलावा कई कट्टरपंथियों ने संजय पूरन सिंह चौहान के इंस्टाग्राम पर कई बार ऑडियो और वीडियो कॉल कर उन्हें तंग किया।

इन यूजर्स के अलावा रानी चटर्जी नाम से प्रसिद्ध भोजपुरी अभिनेत्री सबीहा शेख फिल्म 72 हूरें को मुस्लिम विरोधी करार देते हुए इसे बनाने वालों पर निशाना साधा था। तब उन्होंने कहा था, “फिल्म में कुरान का गलत चित्रण किया गया है। कुरान किसी की जान लेना नहीं सिखाता। अगर 72 हूरें के निर्माता या डायरेक्टर ने कुरान पढ़ा होता तो वो ऐसे डायलॉग इस्तेमाल न करते।”  

सबीहा शेख ने क़ुरान में किसी की जान लेने वाली लाइन दिखाने की चुनौती देते हुए इसे समाज में गलत संदेश देने वाली फिल्म करार दिया था।

IMDb के अनुसार, ‘72 हूरें‘ वर्तमान समय में लोकप्रियता के आधार पर सबसे प्रतीक्षित फिल्म है। इसने ग़दर-2 को भी पीछे छोड़ दिया है। करीब 30.4 प्रतिशत दर्शक इस फिल्म के रिलीज होने का इंतजार कर रहे हैं। यह फिल्म 7 जुलाई, 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। पवन मल्होत्रा और अमीर बशीर इस फिल्म की मुख्य भूमिका में हैं।

The Kashmir Files : ‘कहाँ गए वे करोड़ों लोग (हिंदू)… टुकड़े गैंग का कैंसर निकाल फेंकिए’: कंगना रनौत

          कंगना रनौत ने द कश्मीर फाइल्स को बताया बॉलीवुड का पापनाशक (साभार: इंडियन एक्सप्रेस/इंस्टाग्राम)
विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files)’ ने नब्बे के दशक में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार को चर्चा में ला दिया है। इस पर लगातार तमाम तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (kangana ranaut)ने भी इस फिल्म को देखने के बाद एक वीडियो के जरिए अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि विवेक अग्निहोत्री ने इस फिल्म के जरिए बॉलीवुड के सारे पाप धो दिए हैं। साथ ही उन करोड़ों हिंदुओं के बारे में भी पूछा है जो कभी पाकिस्तान और बांग्लादेश में रहते थे।

लोगों से यह फिल्म देखने की अपील करते हुए कंगना ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के जरिए कहा है, “मैंने अपने के साथ द कश्मीर फाइल्स देखी। विवेक अग्निहोत्री जी आप और आपकी टीम धन्य है। आपने इस फिल्म के जरिए पूरे देश और फिल्म इंडस्ट्री को गौरवान्वित किया है। ये फिल्म इंडस्ट्री सदैव आपकी आभारी रहेगी। आपने दशकों से किए गए हमारे पापों को भी धो दिया है। मैं सबकी ओर से आपको मार्गदर्शन करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूँ।”

एक्ट्रेस ने कहा है, “ये सरकार की नहीं, बल्कि सभ्यता की लड़ाई और ये हर हिंदुस्तानी की लड़ाई है। जिन चीजों को आपको आपके टीचर्स ने नहीं बताया, आपको किताबें नहीं बताएँगी, मीडिया नहीं बताएगा। आपको आपकी इंसानियत को झकझोरना है। आप अपनी मानवता को खुद को गाइड करने दीजिए आपको सबकुछ पता चलेगा। काय़रता के पर्दे के पीछे मत छुपो। सभ्यता की इस लड़ाई में ये जो टुकड़े गैंग का कैंसर आपको आपके आसपास दिखे उसे इस देश से निकालकर फेंकिए। ‘द कश्मीर फाइल्स’ जरूर देखें। एक नए भारत की नींव रखें।”

अवलोकन करें:-

रवीश का ‘सर’ और कश्मीरी पंडितों का हत्यारा! : वो ‘यासीन मलिक’ जिसे UPA सरकार से मिला भरपूर ‘प्यार’
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रवीश का ‘सर’ और कश्मीरी पंडितों का हत्यारा! : वो ‘यासीन मलिक’ जिसे UPA सरकार से मिला भरपूर ‘प्यार’

इससे पहले भी कंगना ने कश्मीर फाइल्स को लेकर बॉलीवुड की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, “बुल्लीदाऊद और उनके चमचे सदमे में चले गए हैं। कोई कुछ कह नहीं रहा है, सारी दुनिया देख रही है इनको लेकिन फिर भी कुछ नहीं कह रहे हैं। उनका समय खत्म हो गया है।” 

‘The Kashmir Files’ की सफलता के बाद राहुल गाँधी छोड़ दें राजनीति, विवेक की अगली फिल्म होगी ‘गोधरा फाइल्स’: KRK ने तीनों खान को भी दी नसीहत

                         'द कश्मीर फाइल्स' की सफलता के बाद राहुल गाँधी छोड़ दें राजनीति : KRK की नसीहत
बॉलीवुड ने यदाकदा कई फिल्में दी हैं, जिन्होंने इतिहास रचा, जैसे जय संतोषी माँ और नानक नाम जहाज है, शायद आज की पीढ़ी को इन फिल्मों के इतिहास नहीं मालूम होगा। जिस-जिस सिनेमा घर पर इस फिल्म का प्रदर्शन होता था, बाहर हार-फूल वालों की दुकान लग जाती थी। हालाँकि कुछ समय बाद अभिनेता दारा सिंह ने भक्ति में शक्ति फिल्म बनाई, चर्चित भी हुई, इस फिल्म में मुग़ल आक्रांता अकबर द्वारा ज्वाला माता की निकल रही जोत को शांत करने की हर नीचता नाकाम होने के बाद नंगे पांव जाकर पूजा करने को मजबूर होना पड़ा था। लेकिन फिल्म किस्सा कुर्सी का को जरुरत से ज्यादा कटिंग के बाद प्रदर्शन की इजाजत दी गयी।  

कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की काफी चर्चा हो रही है। हर कोई इसे मार्मिक बता रहे हैं। लोगों को ये फिल्म रूला रही है। सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर काफी लोग लिख रहे हैं। इस बीच अभिनेता कमाल राशिद खान (KRK) ने फिल्म के बहाने राजनीति का जिक्र किया। राहुल गाँधी की राजनीति का।

केआरके का कहना है कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ की सफलता ये बताती है कि राहुल गाँधी राजनीति में कभी भी सफल नहीं हो सकते हैं। केआरके ने कहा कि इसलिए बेहतर है कि राहुल गाँधी को राजनीति छोड़ देनी चाहिए। राजनीति के मौजूदा दौर को देखते हुए केआरके ने ये टिप्पणी की है।

केआरके ने ट्वीट में लिखा, “द कश्मीर फाइल्स की सफलता इस बात का प्रमाण है कि राहुल गाँधी सफल नहीं हो सकते, इसलिए बेहतर है कि उन्हें राजनीति छोड़ देनी चाहिए। क्योंकि विकास शिक्षा रोजगार आदि का आज की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गाँधी बीजेपी को हराने के लिए ध्रुवीकरण करने में सक्षम नहीं हैं।”

केआरके ने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा कि अगर कश्मीर फाइल्स 2014 से पहले बनती है तो यह एक आपदा होती। लेकिन आज यह ब्लॉकबस्टर है। एक बार फिर साबित कर दिया कि हर अच्छी कहानी सही समय पर अच्छी होती है। 95 प्रतिशत अभिनेता किसी विशेष कहानी के समय के बारे में नहीं जानते हैं और इसी वजह से 95 प्रतिशत फिल्में फ्लॉप हो जाती हैं।

उन्होंने इस फिल्म को हिट या सुपहिट नहीं, बल्कि ब्लॉकबस्टर बताया और इसके लिए फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री को ‘शुभकामनाएँ’ भी दीं। इसके साथ उन्होंने ये भी दावा किया कि विवेक की अगली फिल्म ‘गोधरा कांड’ पर होगी।

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The Kashmir Files : कश्मीरी पंडितों से नेहरू ने कहा था – शेख अब्दुल्ला का साथ दो, या जहन्नुम में जाओ

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The Kashmir Files : कश्मीरी पंडितों से नेहरू ने कहा था – शेख अब्दुल्ला का साथ दो, या जहन्नुम में जाओ
‘द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files)’ फिल्म अग

इससे पहले कमाल राशिद खान ने इस फिल्म पर ‘मुग़ल ए आज़म’ न होने का तंज कसा था। यद्यपि बाद में उस पर कपिल शर्मा ने सफाई भी दी थी। फिल्म को रोकने की याचिका को भी बॉम्बे हाईकोर्ट ख़ारिज कर चुका है।

Lock UPP की सायशा शिंदे : ‘कहीं मैं मास्टरबेशन तो नहीं कर रही – बाथरूम में झाँक कर देखता था बॉयफ्रेंड’

 सायशा शिंदे ने बॉयफ्रेंड पर लगाया यौन शोषण का आरोप 
बिग बॉस की तर्ज पर MXPlayer पर प्रसारित हो रहे Lock UPP भी अश्लीलता के कारण चर्चा में हैं। फिल्म एक्ट्रेस कंगना रनौत का रियलिटी शो लॉक अप लगातार सुर्खियों में हैं। कंगना के शो में हाल ही में पूनम पांडे और अंजली अरोड़ा के बाद सायशा शिंदे ने भी अपनी पर्सनल लाइफ की ट्रैजडी को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि वो एक लड़के के साथ रिलेशन में थी, जिसने मेरा शोषण किया था। सायशा शिंदे कहती हैं कि जब भी वो बाथरूम जाती थीं, तो उनका ब्वॉयफ्रेंड बाथरूम के अंदर झाँकता था। 

सायशा शिंदे सेक्स चेंज कराने से पहले एक लड़का थीं और उनका नाम स्वप्निल था। कंगना के लॉक अप में सायशा ने अपने साथ हुई बर्बरता के बारे में बताते हुए कहा कि रिलेशनशिप में मेरे साथ केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक दुष्कर्म किया गया, जो एक अलग लेवल का है। उन्होंने कहा, “वो मुझे ऐसा फील करवाता था, जैसे कि मैं कोई गंदगी हूँ।” 

सायसा कहती हैं कि उनका ब्वॉयफ्रेंड उनके दरवाजे के बाहर इस इंतजार में रहता था कि किसी को मैं धोखा दूँगी और वो मुझे पकड़ लेगा औऱ उसे मेरे खिलाफ इस्तेमाल करेगा। हद तो तब हो गई कि वो पाइपलाइन पर चढ़ जाता था और वहीं से मेरे बाथरूम में झाँककर ये देखता था कि मैं मास्टर** कर रही हूँ ताकि वो इसे मेरे खिलाफ इस्तेमाल कर सके।

इस मामले से हैरान एक्ट्रेस पायल रोहतगी ने पूछा, “आप मास्ट*** क्यों नहीं कर सकती?” इस पर सायशा कहती हैं कि मैं उस वक्त सेक्स नहीं करना चाहती थी। उस दौरान मुझे लगा था कि शायद वो सही था, क्योंकि मैं उस रिश्ते में कभी खुश नहीं थी। फिजिकली तो मैं बिल्कुल भी खुश नहीं थी। मैं अंदर से महिला थी, जो कि एक समलैंगिक पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बना रही थी।

सायसा 15 साल की थीं, तभी उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि अंदर से एक महिला हैं। बाद में 40 साल की उम्र में उन्होंने सर्जरी करवा ली। सायशा फेमस फैशन डिजायनर हैं।

सलमान खान के फार्म हाउस में गड़ी हैं लाशें, बच्चों की तस्करी में भी शामिल

अभिनेता सलमान खान और उनके पड़ोसी केतन कक्कड़ के बीच विवाद चर्चा में है। अभिनेता का कहना है कि कक्कड़ बिना मतलब इस झगड़े में उनके मजहब को घसीट रहे हैं। उन्होंने पड़ोसी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कर रखा है। मुंबई सिटी सिविल कोर्ट में एडिशनल सेशन जज अनिल एच लड्ढा ने गुरुवार (20 जनवरी 2022) को इस पर सुनवाई की। इस दौरान सलमान खान की ओर से पेश वकील प्रदीप गाँधी ने कोर्ट के सामने कक्कड़ द्वारा लगाए गए आरोप रखे और आपत्तिजनक सामग्रियों को सोशल मीडिया से हटाने के लिए निर्देश देने की अपील की।

असल में पनवेल में सलमान का एक फार्म हाउस है। यहीं पिछले दिनों उन्हें साँप ने काट लिया था। कक्कड़ का भी इसके बगल में एक प्लॉट है। उनका दावा है कि प्लॉट तक जाने के रास्ते को अभिनेता ने ब्लॉक कर दिया है।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक वकील प्रदीप गाँधी ने अदालत में कक्कड़ के पोस्ट और इंटरव्यू पढ़कर सुनाए। उन्होंने बताया कि केतन ने आरोप लगाया है कि सलमान ‘डी गैंग के फ्रंट मैन’ हैं। सलमान के धर्म पर टिप्पणी की। उन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेताओं का करीबी बताया। यह भी दावा किया कि सलमान बच्चों की तस्करी में शामिल हैं और उनके फार्म हाउस में कई फिल्म स्टार्स की लाशें दफन हैं।

गाँधी ने कहा, “बिना किसी सबूत ये आरोप लगाए गए। ये सारे आरोप केतन कक्कड़ की कल्पना की उपज हैं।” उन्होंने कहा कि एक शिक्षित व्यक्ति होने के बावजूद कक्कड़ उनके मुवक्किल पर इस तरह के गुंडाछाप आरोप लगा रहे हैं। उनकी व्यक्ति प्रतिष्ठा को खराब कर रहे हैं। उनके धर्म को झगड़े के बीच में ला रहे हैं, जबकि सलमान की माँ एक हिंदू हैं। उनके भाइयों ने हिंदुओं से शादी की है। उनका परिवार सारे त्योहार मनाता है।

यह बताते हुए कि सलमान खान का राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है, गाँधी ने कहा, “आजकल सबसे आसान काम कुछ लोगों को इकट्ठा करना, सोशल मीडिया पर आना और अपना सारा गुस्सा निकालना है।” उन्होंने मामले में यूट्यूब, फेसबुक, ट्विटर और सर्च इंजन गूगल को पक्षकार बनाने तथा ‘अपमानजनक सामग्री’ को हटाने का निर्देश देने की अपील अदालत से कह। कहा कि अभिनेता या उनके फार्महाउस के बारे में अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने या प्रकाशित करने से रोकने के लिए वे एक स्थायी आदेश चाहते हैं।

‘सूर्यवंशी में मुस्लिम को क्यों दिखाया नेगेटिव?’: द क्विंट की पत्रकार को रोहित शेट्टी ने लताड़ा, कहा- हिंदू विलेन दिखाए तब क्यों नहीं पूछा

हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म ‘सूर्यवंशी’ को बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस बीच निर्देशक-निर्माता रोहित शेट्टी ने फिल्म सूर्यवंशी को लेकर ‘द क्विंट’ को इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू के दौरान जब पत्रकार ने फिल्म में ‘अच्छे मुस्लिम’ और ‘बुरे मुस्लिम’ के सीन को लेकर आपत्ति जताई तो रोहित शेट्टी ने उनको मुँहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने पत्रकार से पूछा कि उनकी पिछली तीन फिल्मों में हिंदू खलनायक थे, तब किसी को कोई प्रॉब्लम क्यों नहीं हुई?

‘अच्छे मुसलमान’ और ‘बुरे मुसलमान’ को लेकर प्रॉब्लम

द क्विंट की पत्रकार अबीरा धर ने रोहित शेट्टी से सवाल किया कि उनकी हालिया फिल्म सूर्यवंशी में मुस्लिमों को अच्छे और बुरे दोनों तरह के परिदृश्यों में दिखाया गया है। पत्रकार ने इसे ‘समस्याग्रस्त’ (‘problematic’) बताया। हालाँकि शेट्टी को यह सवाल पसंद नहीं आया और उन्होंने जवाब में सवाल किया कि पिछली फिल्मों के हिंदू खलनायकों पर उनकी जाति के कारण आपत्ति क्यों नहीं जताई गई। उन्होंने कहा, “अगर मैं आपसे एक सवाल पूछूँ… जयकांत शिकरे (सिंघम में) एक हिंदू मराठी थे। फिर दूसरी फिल्म आई, जिसमें एक हिंदू बाबा थे। फिर सिम्बा में दुर्वा रानाडे फिर से महाराष्ट्रियन थे। इन तीनों में नेगेटिव किरदार में हिंदू थे, तो फिर यह कोई समस्या क्यों नहीं है?”
जब धर ने उन्हें काउंटर करने की कोशिश की, तो उन्होंने उन्हें रोक दिया और कहा, “अगर कोई आतंकवादी है जो पाकिस्तान से है, तो वह किस जाति का होगा?” शेट्टी ने कहा कि इस तरह के विवादों ने कई पत्रकारों के बारे में उनका नजरिया बदल दिया है। उन्होंने कहा, “इसने कुछ पत्रकारों के बारे में मेरा नजरिया बदल दिया है, जिन्हें मैं पसंद करता था। कि ओह, वे इसे इस तरह से दिखा रहे हैं जैसे मैंने ब्रैकेट में देखा है कि कोई उच्च जाति के हिंदुओं द्वारा बुरे मुसलमानों का प्रचार कर रहा है, जो कि बहुत गलत है। हमने ऐसा कभी नहीं सोचा था।”
उल्लेखनीय है कि सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म सूर्यवंशी का प्लॉट पाकिस्तानी आतंकवादियों के बारे में है, जो 1993 के मुंबई विस्फोटों के बाद भारत में और अधिक हमले की साजिश रच रहे हैं और फिल्म का हीरो उन्हें रोकने की कोशिश कर रहा है। इसलिए, यह स्वाभाविक है कि फिल्म में खलनायक, लश्कर के आतंकवादी, को मुस्लिमों के रूप में दिखाया गया है। फिल्म निर्माता अक्सर वास्तविकता को विकृत करने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी लेते हैं, लेकिन पाकिस्तान के लश्कर आतंकियों को किसी अन्य धर्म का दिखाना फिल्म निर्माता के लिए कुछ ज्यादा ही हो जाता।

‘अगर यह गलत होता तो सभी को आपत्ति होती’

शेट्टी ने कहा कि फिल्म बनाते हुए बहुत सारी चीजें बैकग्राउंड में होती हैं। उनके लिए फिल्म बनाते हुए चीजें स्पष्ट रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “जब हमारा मन (चेतना) स्पष्ट है और हमने वैसा सोचा भी नहीं होता तो लोग उस पर क्यों बात कर रहे हैं?” वह पूछते हैं, “अगर कोई स्लीपर सेल है जिसपर हम बात कर रहे हैं तो वो किस जाति होगा? आखिर अच्छे और बुरे इंसान को जाति से क्यों जोड़ा जाता है? अगर वह गलत है तो सबको आपत्ति होनी चाहिए। ये सबकी नहींस एक छोटे सेगमेंट की बात है। अगर वे आपत्ति जता रहे हैं तो उन्हें नजरिया बदलने की जरूरत है न कि हमें। “
जब धर ने शेट्टी से पुलिस क्रूरता पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि लोग उस काम को नहीं सराह रहे जो काम पुलिस ने अच्छे किए हैं। उन्होंने कहा, “हमारे ज्यादातर सीक्वेंस, सिर्फ क्लाइमैक्स को छोड़कर, असल जीवन की कहानियों से प्रेरित होते हैं। वह (पुलिसकर्मी) इस बात को सार्वजनिक नहीं करते कि वो डेलीलाइफ में क्या कर रहे हैं। कई ऐसी घटनाएँ होती हैं जो जनता की नजर में आती भी नहीं।”
उन्होंने कहा, “जो कोई भी पुलिस क्रूरता पर मुझसे पूछता है। मैं सिर्फ उन्हें यही कहता हूँ कि एक दिन के लिए पुलिस हेडक्वार्टर बंद कर दो। तुम 100 मिलाओ और कोई जवाब न हो।” वह कहते हैं कि अगर ट्रैफिक लाइट भी काम करना बंद कर दें तो तुरंत जाम लग जाता है। पुलिस बहुत सारे अच्छे काम करती है जिसे लोगों को जानने की जरूरत है।

पूनम पांडे को शौहर सैम अहमद ने इतना क्यों पीटा कि अस्पताल में एडमिट होना पड़ा?

पूनम पांडे के पति सैम अहमद को पुलिस ने किया गिरफ्तार
(साभार: अमर उजाला)
अपने बोल्ड फोटोशूट के लिए सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी रहने वाली अभिनेत्री पूनम पांडे के पति सैम अहमद बॉम्बे को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभिनेत्री ने अपने शौहर के ऊपर मारपीट करने का आरोप लगाया था। वह अस्पताल में भी भर्ती हुई थीं।
आखिर ऐसी क्या बात हुई कि शौहर ने इतनी पिटाई कर दी? क्या यह मात्र प्रचार के लिए है या वास्तविक?

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने बताया कि पूनम पांडे के पति सैम अहमद को उन्होंने रविवार (नवंबर 7, 2021) को गिरफ्तार किया। अभिनेत्री ने शिकायत की थी कि सैम ने उनसे मारपीट की। पूनम को अस्पताल में भी भर्ती किया गया था।

ये पहली बार नहीं है जब सैम अहमद के खिलाफ़ पूनम पांडे ने मारपीट का मामला दर्ज कराया हो। उन्होंने पिछले साल सितंबर में अपनी शादी के दो हफ्ते बाद ही अहमद के ख़िलाफ़ उत्पीड़न, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया था।

इस शिकायत के बाद बॉम्बे पुलिस ने सैम अहमद को गोवा में 22 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया था। पुलिस में दर्ज श‍िकायत के मुताबिक, दक्ष‍िण गोवा के कानाकोना गाँव में पूनम पांडे किसी फिल्‍म की शूटिंग कर रही थीं। यह घटना तभी हुई थी। 

कानाकोना पुलिस थाने के इंस्‍पेक्‍टर तुकाराम चव्‍हाण के अनुसार, पूनम ने अपनी श‍िकायत में कहा था कि सितंबर 21, 2020 की रात सैम अहमद ने उन्‍हें मोलेस्‍ट किया और मारपीट की। इतना ही नहीं, पूनम ने यह भी कहा था कि सैम अहमद बॉम्‍बे ने उन्‍हें अंजाम भुगतने की भी धमकी दी थी।

अभिनेत्री के 37 वर्षीय शौहर सैम अहमद पेशे से एक फिल्म डायरेक्टर हैं, जिनका घर दुबई में है। उनके एक प्रोडक्शन हाउस का नाम बॉम्बे मैटिनी फिल्म्स भी है। वहीं, पूनम पांडे कानपुर से हैं। उन्होंने साल 2013 में फिल्म नशा से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद से वह अपने बोल्ड फोटोशूट के कारण अक्सर चर्चा में रहीं। उन्होंने कई तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया। सैम अहमद बॉम्बे के साथ उनका रिलेशन करीब 4 साल पुराना है। पिछले साल 27 जुलाई 2020 को दोनों ने सगाई की थी और 10 सितंबर 2020 को सोशल मीडिया पर खबर दी थी कि उन्होंने शादी कर ली है।

दादा साहब फाल्के पुरस्कार : सुपरस्टार रजनीकांत को सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान

                           दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होते रजनी कांत 
भारत सरकार ने सुपरस्टार रजनीकांत को सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा है। उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के हाथों उन्हें ये सम्मान प्राप्त हुआ। 25 अक्टूबर, 2021 को राष्ट्रीय पुरस्कारों के कार्यक्रम में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर की मौजूदगी में ये सम्मान मिला। दक्षिण भारत में ‘थलाइवा’ के रूप में जाने जाने वाले रजनीकांत के फैंस जापान और मलेशिया में भी हैं।

रजनीकांत को स्वर्ण कमल से सम्मानित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम के उद्घोषक ने कहा कि सुपरस्टार रजनीकांत का शानदार फ़िल्मी करियर 45 वर्षों का रहा है और इस दौरान उनके काम ने न सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि उन पर गहरा असर भी छोड़ा। उन्हें भारत के सबसे चहेते और लोकप्रिय कलाकरों में से एक बताते हुए कहा गया कि ये उनकी अभिनय कला को मिला सम्मान है।

                               सुपरस्टार रजनीकांत को भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान

कार्यक्रम में कहा गया कि सुपरस्टार रजनीकांत की संवाद अदायगी और स्क्रीन पर दिखने वाला अनोखापन लोगों को बेहद पसंद है और वो पीढ़ियों से सिनेप्रेमियों को प्रेरित करते आ रहे हैं। उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने उन्हें शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया, फिर उन्हें दादा साहब फाल्के अवॉर्ड का सर्टिफिकेट दिया गया। तमिल सिनेमा में एक अलग स्थान रखने वाले रजनीकांत ने 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार को सम्बोधित भी किया।

इस दौरान उन्होंने कहा, “मैं इस सम्मान को पाकर अभिभूत हूँ और मैं भारत सरकार का धन्यवाद अदा करता हूँ। मैं इस अवॉर्ड को अपने गुरु दिवंगत के बालाचंदर सर को अर्पित करता हूँ। सत्यनारायण गायकवाड़, जिन्होंने मुझे बड़ा किया। मैं अपने साथी बस ड्राइवर राज बहादुर को भी धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने मेरी एक्टिंग टैलेंट को पहचाना। मेरे फैंस का भी धन्यवाद, उन फैंस के सिवा मैं कुछ भी नहीं हूँ।”

                      67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सुपरस्टार रजनीकांत का सम्बोधन

71 वर्षीय रजनीकांत ‘अँधा कानून’, ‘हम’ और ‘चालबाज’ जैसी मल्टीस्टारर हिंदी फिल्मों का भी हिस्सा रहे हैं, जो सुपरहिट रहीं। उनकी अगली फिल्म ‘Annatthe’ दीवाली पर रिलीज होने वाली है। उन्होंने ‘रोबोट’ के रूप में 2010 में भारतीय सिनेमा की उस समय तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म दी। 2018-19 में उनकी फिल्मों ने 1000 करोड़ रुपए से भी अधिक का कारोबार किया।

‘उसने सिर हिलाया…मेरे पूरे चेहरे पर चुम्मा लिया’ : रेहाना पंडित के साथ लिपलॉक

बिग बॉस ओटीटी का हिस्सा रहे जीशान खान ने हाल में अपने से उम्र में 11 साल बड़ी एक्ट्रेस रेहाना पंडित के साथ अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था। लिपलॉक की तस्वीर शेयर कर जीशान ने बताया था कि उनकी और रेहाना पंडित की प्रेम कहानी फेयरीटेल्स जैसी है। अब इसी रिश्ते से जुड़ी कहानी मीडिया के सामने रखते हुए उन्होंने बताया कि आखिर पहली बार क्या हुआ था जब उन्होंने रेहाना से अपने प्रेम का इजहार किया था।

अंग्रेजी वेबसाइट जूम डिजीटल के बाय इनवाइट ओनली में जीशान ने बताया कि रेहाना पंडित ने पहली बार में उन्हें उनके प्रपोजल का जवाब नहीं दिया था। लेकिन अगले ही दिन उनके घर पहुँचकर उनके पूरे मुँह को चूमते हुए ‘आई लव यू’ कहा था। 

 जीशान के अनुसार, वो और रेहाना पहले अच्छे दोस्त थे, इसलिए उन्हें डर था कि प्रपोज करने के कारण बात बिगड़ सकती है और जो समय साथ बिताया है उसकी यादें और सारी खुशियाँ भी खत्म हो जाएगी। उनके मुताबिक वो खुद को रोकना चाहते थे लेकिन एक दिन फिल्म देखने के दौरान उन्होंने अपने प्यार का इजहार कर दिया। 

उन्होंने रेहाना की ओर देख बोला, “तुम्हें पता है क्या? मैं तुमसे प्यार करता हूँ। और वह मुझे देखती है और वह थोड़ा सिर हिलाती है।” जीशान के अनुसार, इसके बाद उन्होंने खुद को मन ही मन बेवकूफ कहा और सोचा कि उन्हें दिल की नहीं सुननी चाहिए थी। एक्टर के अनुसार, रेहाना ने उस समय उन्हें नजरअंदाज किया लेकिन अगले ही दिन आकर पूरे मुँह पर चुम्मा लेने लगीं।

वह कहते हैं, “अगले दिन, मैं सुबह उठा और कोई घंटी बजा रहा था। मैं दरवाजा खोला और उस समय रेहाना थी। मैंने उससे कहा कि अंदर आओ। मैं अभी उठा, तुमने मुझे फोन क्यों नहीं किया? और वह बस अंदर आती है और मेरे पूरे चेहरे पर चुम्मा लेने लगती है और कहती है आई लव यू।”

पिछले सप्ताह जीशान ने रेहाना के साथ अपनी एक तस्वीर पोस्ट की थी। इसमें दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे। अपनी तस्वीर के साथ जीशान ने पोस्ट भी डाला था जिसमें उन्होंने खुशी जाहिर की थी कि वो रेहाना को पाकर कितने खुश हैं और चाहते हैं कि हर कोई उनके प्यार को महसूस करें।

जीशान ने जूम डिजीटल के बाय इनवाइट ओनली में कास्टिंग काउच के अनुभव का भी खुलासा किया और बताया कि कैसे एक नामी प्रोडक्शन हाउस के डायरेक्टर ने उन्हें मीटिंग के लिए बुलाकर कपड़े उतारने को कहा था। लेकिन जीशान इस चीज को समझ गए थे और उन्होंने कहा था कि वो ऑडिशन देकर काम करना पसंद करेंगे। इसके बाद डायरेक्टर ने उनके सामने कई नाम लिए और समझाया कि कैसे उन सबकी सफलता के पीछे वो जिम्मेदार थे लेकिन जीशान ने समझौता करने से मना कर दिया।

सैनेटरी पैड्स में ड्रग्स छिपाकर क्रूज पर पहुँची थीं आर्यन खान के साथ गिरफ्तार हुईं नूपुर सारिका

नूपुर सारिका को सैनेटरी पैड्स में ड्रग्स छिपाने की सलाह ग्रुप के ही एक शख्स ने दी थी (साभार: सोशल मीडिया)
नारकोट‍िक कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम ने मुंबई ड्रग्स मामले में आर्यन खान समेत कई आरोप‍ितों को शनिवार (2 अक्टूबर 2021) को हिरासत में लिया था। आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट, मुनमुन धामेचा, नुपूर सारिका, इस्मित सिंह, मोहक जसवाल, विक्रांत और गोमित चोपड़ा ये सभी पैंट की सिलाई के अंदर, लेडीज पर्स के हैंडल, अंडरवेअर के सिलाई वाले हिस्से, कॉलर की सिलाई और जूतों में ड्रग्स छिपाकर पार्टी में लाए थे।

इनमें आर्यन खान को छोड़कर बाकी चेहरे इतने फेमस नहीं हैं, लेकिन इस हाई प्रोफाइल मामले का खुलासा होने के बाद लोग इनके बारे में जानना चाहते हैं। इस दिनों ड्रग्स पार्टी में शामिल नूपुर सार‍िका काफी सुर्खियों में हैं, क्योंकि वह ड्रग्स को सबसे अलग तरीके यानी सैनेटरी पैड्स में छिपाकर रेव पार्टी में पहुँची थीं। यही कारण है कि वह पिछले ​दो तीन दिनों से सोशल मीडिया पर काफी सर्च की जा रही हैं। आइए आपको बताते हैं इन सभी आरोपितों के बारे में जो ड्रग्स पार्टी में शामिल हुए थे।

आर्यन खान- शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को 3 अक्टूबर 2021 को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने गिरफ्तार किया था। उसे 7 अक्टूबर 2021 तक एनसीबी की हिरासत में भेज दिया गया है।

अरबाज मर्चेंट- अरबाज आर्यन खान का स्कूल फ्रेंड हैं। दोनों पहले भी कई बार एक साथ पार्टी कर चुके हैं। दोनों को एनसीबी ने 3 अक्टूबर 2021 को ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया था। एनसीबी ने अरबाज के फोन से एक बड़ी सेलेब्रिटी की बेटी के साथ चैट्स भी बरामद किए गए हैं। इसके पास से 6 ग्राम चरस भी मिला था।

नूपुर सार‍िका– सैनेटरी पैड्स में ड्रग्स छिपाकर चर्चा में आईं नूपुर सारिका दिल्ली के प्राइमरी स्कूल की टीचर है। आरोपित मोहक ने मुंबई के एक लोकल व्यक्ति से ड्रग्स लेकर नूपुर को दिया था। उसने ही नुपुर से कहा था कि वह सैनिटरी पैड में ड्रग्स छिपाए, ताकि वो पार्टी में उससे ड्रग्स ले सकें। रेड के दौरान NCB ने इसके पास से ड्रग्स बरामद किया था। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट में नूपुर को मॉडल बताया जा रहा है।

मोहक जसवाल- दिल्ली का रहने वाला मोहक पेशे से आईटी प्रोफेशनल है। उसने ही नुपुर को ड्रग्स दिया था।

गोमित चोपड़ा- यह दिल्ली का फेमस फैशन मेकअप आर्टिस्ट है। गोमित कथित तौर पर कॉन्टैक्ट लेंस में ड्रग्स छिपाकर ले जा रहा था। एनसीबी ने उसके पास से 4 MDMA pills और कुछ कोकीन बरामद की थी।

मुनमुन धामेचा– मुनमुन मूल रूप से मध्य प्रदेश के सागर जिले की रहने वाली हैं। फिलहाल अभी उनके परिवार का कोई भी सदस्य मध्य प्रदेश में नहीं रहता है। वह पेशे से एक मॉडल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके माता-पिता का निधन हो गया है। वह अपने भाई प्रिंस धमेचा के साथ दिल्ली में रहती हैं।

इस्मीत सिंह- आरोपित इस्मीत दिल्ली का रहने वाला है। यहाँ उसके होटल्स हैं। NCB ने रेव पार्टी में उनके पास से 14 MDMA Ecstasy pills बरामद की थी।

विक्रांत छोकर- दिल्ली का रहने वाला विक्रांत छोकर एक ड्रग्स एड‍िक्ट है। एनसीबी ने उसके पास से 5 ग्राम Mephedrone(intermediate quantity), 10gms cocaine (intermediate) ड्रग्स बरामद किए थे।

श्रेयस नायर- श्रेयस मुंबई के गोरेगाँव इलाके में रहता है। रेव पार्टी में अलग-अलग ग्रुप पार्टी कर रहे थे। इनमें से एक ग्रुप को श्रेयस ने ड्रग्स की सप्लाई की थी। श्रेयस को भी पार्टी में जाना था, लेकिन वो किसी वजह से नहीं जा सका था। वह इस रेव पार्टी के इवेंट मैनेजर्स में से एक हैं।

महेश मांजरेकर द्वारा नाथूराम गोडसे पर फिल्म का AAP नेता संजय सिंह का विरोध क्यों ?

नाथूराम गोडसे पर महेश मांजरेकर द्वारा नाथूराम गोडसे पर फिल्म निर्मित करने का बहुत ही साहसिक निर्णय लिया है। उनके इस निर्णय से तुष्टिकरण पुजारियों, छद्दम धर्म-निरपेक्षों और सेक्युलरिस्ट्स के पेटों में मरोड़ होना स्वाभाविक है। नाथूराम गोडसे को आतंकवादी या हत्यारा कहने से पहले किसी ने कोर्ट में दर्ज 150 बयान पढ़ने की हिम्मत नहीं दिखाई। शायद विश्व में गोडसे का ही ऐसा इतिहास है कि उन्हें माइक से अपने 150 बयान पढ़कर सुनाने की कोर्ट ने इजाजत दी थी। उनका कोर्ट में कहना कि कोर्ट या कोर्ट से बाहर जमा इन हजारों की भीड़ को क्या मालूम कि "मैंने गाँधी को क्यों मारा?" जिन्हें सुन जस्टिस खोसला ने कहा था कि "अगर जनता को जज बना दिया जाये तो सब ये ही कहेंगे कि नाथूराम गोडसे निर्दोष हैं।" मांजरेकर को गोडसे पर फिल्म कई दशक पूर्व ही निर्मित कर सच्चाई को जनता के सम्मुख रख देना चाहिए था। गोडसे की आलोचना करने वालों को अदिति शर्मा के ट्वीट में दिए नक़्शे को गंभीरता से देखना होगा। नागरिकत संशोधक कानून के विरोध में लगे शाहीन बागों के याद है, भारत का चिकेन नैक अलग की बात। वह गाँधी के अरमानों को धीरे-धीरे पूरा करने की योजना थी।  

गोडसे के पक्ष में लिखित श्रृंखला 
का एक पृष्ठ 
गोली लगने पर गाँधी को हस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया?

गोडसे को हत्यारा कहने वालों को शायद नहीं मालूम कि गाँधी की जीवन लीला समाप्त कर पाकिस्तान के बाद भारत का एक और टुकड़ा होने से रोका था। गोडसे के बयानों को पढ़ने उपरांत शायद ही कोई नाथूराम गोडसे को हत्यारा कहेगा। गाँधी की जीवनलीला समाप्त कर गोडसे का कद गाँधी से कहीं ज्यादा ऊँचा हो गया, लेकिन कुर्सी के भूखे नेताओं ने वास्तविकता को जनता के सामने नहीं आने दिया। दूसरे, गोडसे को हत्यारा कहने वालों को कांग्रेस से पूछना चाहिए कि जब गोलियां लगने के 40 मिनट तक गाँधी के जीवित रहते किसी हस्पताल में क्यों नहीं ले जाया गया? क्या तत्कालीन कांग्रेस नेता भी गाँधी की हरकतों से परेशान होकर छुटकारा पाना चाहते थे? फिर सच्चाई उजागर होने के डर से क्यों इन तुष्टिकरण पुजारियों, छद्दम धर्म-निरपेक्षों-सेक्युलरिस्ट्स ने क्यों 150 बयानों के सार्वजनिक होने पर प्रतिबन्ध लगाया? 
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने 3 अक्टूबर, 2021 को पीएम मोदी से सवाल किया कि क्या उन्होंने नाथूराम गोडसे पर बायोपिक बनाने की इजाजत दे दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “मोदी जी के जीवन पर फ़िल्म बनाने वाले फ़िल्म निर्माता अब बापू की हत्या करने वाले आतंकवादी गोडसे को महिमामंडित करने की होशियार कोशिश के तहत ‘गोडसे’ पर फ़िल्म बनाने जा रहे हैं। ये फ़िल्म का पोस्टर है। मोदी जी क्या आपने ये फ़िल्म बनाने की इजाज़त दी है?”

पीएम मोदी से सवाल करने के पीछे संजय सिंह का लॉजिक यह था कि फिल्म के निर्माताओं में से एक संदीप सिंह ने 2019 में पीएम मोदी की बायोपिक बनाई थी। उल्लेखनीय है कि किसी फीचर फिल्म या बायोपिक को बनाने के लिए किसी भी मेकर्स को प्रधानमंत्री से अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है, जब तक कि यह सीधे तौर पर उनकी जिंदगी से जुड़ा हुआ न हो। फिल्म रिलीज के लिए तैयार हो जाने के बाद निर्माता सेंसर बोर्ड से संपर्क करते हैं और सर्टिफिकेट लेते हैं, ताकि फिल्म भारत में रिलीज हो सके। मगर संजय सिंह इस बायोपिक के बारे में इसकी टीम से पूछने की बजाय पीएम मोदी से सवाल कर रहे हैं।

संजय के ट्वीट के बाद से लोगों ने लगा दी क्लास:-

 

फिल्म की घोषणा फिल्म निर्माता महेश मांजेरकर ने गत गाँधी जयंती पर की थी। उन्होंने ट्वीट किया, “नाथूराम गोडसे की कहानी हमेशा मेरे दिल के करीब रही है।” गोडसे पर आने वाली फिल्म का निर्माण लीजेंड ग्लोबल स्टूडियो और थिंकइंक पिक्चर के बैनर तले किया जाएगा। फिलहाल, फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है और इसके 2022 के सेकेंड हाफ में रिलीज होने की उम्मीद है।”

प्रेस रिलीज में मांजरेकर ने कहा, “इस तरह की फिल्म का समर्थन करने के लिए काफी साहस चाहिए। मैं हमेशा कठिन विषयों और बिना समझौता किए कहानी कहने में विश्वास करता हूँ। लोग गोडसे के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं, सिवाय इसके कि वह गाँधी पर गोली चलाने वाले व्यक्ति थे। उनकी कहानी बताते हुए हम न तो किसी को संरक्षण देना चाहते हैं और न ही किसी के खिलाफ बोलना चाहते हैं। हम इसे दर्शकों पर छोड़ देंगे कि कौन सही है या गलत।” मांजरेकर ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में भी यह बातें लिखी। 

वहीं संदीप सिंह ने कहा, “नाथूराम गोडसे की कहानी वह है जिसे मैं अपनी पहली फिल्म बनाने के बाद से बताना चाहता था। यह एक अनकही कहानी है, जिसे सिनेमा प्रेमियों के सामने पेश किया जाना चाहिए। गोडसे और गाँधीजी के बारे में कहानियों के विभिन्न संस्करण हैं। महेश, राज और मेरा इरादा तथ्यात्मक कहानी को सामने लाने का है और इस तरह आज की पीढ़ी के लिए भूले-बिसरे इतिहास के पात्रों की सिनेमाई कृति सामने लाना है।”

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राज शांडिल्य ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में नाथूराम गोडसे के बारे में जानने में एक नई दिलचस्पी पैदा हुई है। साथ ही, हम ऐसे समय में रह रहे हैं जहाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विभिन्न दृष्टिकोणों और विचारों को प्रोत्साहित किया जाता है। इसलिए, हमें लगता है कि नाथूराम गोडसे पर फिल्म लाने का यह सही समय है।”

उल्लेखनीय है कि 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने मोहनदास करमचंद गाँधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोडसे को 15 नवंबर 1949 को फाँसी पर लटका दिया गया था।