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पाकिस्तान अगर हमारा पायलट नहीं लौटाता तो वह ‘कत्ल की रात’ होती : नरेंद्र मोदी

PM Narendra Modiलोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करने के लिए अप्रैल 21 को गुजरात के पाटण पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जब पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पकड़ा था। तब मैंने पाकिस्तान से कहा था कि अगर हमारे पायलट के साथ कुछ भी गलत होता है तो हम तुम्हें नहीं छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर पाकिस्तान अभिनंदन को नहीं लौटाता तो 'वह कत्ल की रात' होती।
मोदी ने कहा कि अगर शरद पवार को नहीं पता कि उनका अगला कदम क्या होगा तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को कैसे पता होगा कि वह क्या करेंगे। पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंप पर एयर स्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के बीच 27 फरवरी को टकराव हुआ जिसमें भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन का विमान पड़ोसी देश में जा गिरा और उन्हें पकड़ लिया गया। पाकिस्तान ने एक मार्च की रात को पायलट को रिहा कर दिया था। इसका जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पायलट को पकड़ने के बाद विपक्ष ने इस पर उनसे जवाब मांगना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, 'हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और पाकिस्तान को आगाह किया अगर हमारे पायलट के साथ कुछ भी हुआ तो आप दुनियाभर में बताते रहेंगे कि मोदी ने आपके साथ यह किया।'
मोदी ने कहा, 'एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पाकिस्तान से दूसरे दिन कहा कि मोदी ने 12 मिसाइल तैयार रखी हैं और कहा कि हमला हो सकता है तथा स्थिति बिगड़ जाएगी। पाकिस्तान ने दूसरे दिन पायलट को लौटाने की घोषणा कर दी, नहीं तो वह 'कत्ल की रात' होने जा रही थी। उन्होंने कहा, 'अमेरिका ने यह कहा, मेरे पास अभी कहने के लिए कुछ नहीं है। जब वक्त आएगा तो मैं इसके बारे में बोलूंगा।' पीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी रहे या ना रहे, लेकिन उन्होंने फैसला किया है कि या तो वह जिंदा रहेंगे या आतंकवादी जिंदा बचेंगे।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार भारतीय जनता पार्टी नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर दिन-प्रतिदिन उग्र हो रही है। लगाता...

14 फरवरी 2019 को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले की बस पर विस्फोटक भरे कार से टक्कर मार दी थी। इस हमले में 44 जवान शहीद हो गए थे। उसके बाद भारतीय वायु सेना ने कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट में जैश के ठिकानों में एयर स्ट्राइक की और कथित तौर पर सैकड़ों आतंकी मारे गए।
एयर स्ट्राइक के दूसरे दिन भारतीय वायुसेना के मिग 21 लड़ाकू विमान ने सीमा पर पाकिस्तान के विमान एफ 16 को मार गिरा था। उस विमान को वायुसेना के पायलट अभिनंदन उड़ा रहे थे तभी वह मिग विमान भी पीओके में गिर गया था लेकिन पायलट अभिनंदन सुरक्षित बाहर आ गए थे। लेकिन उन्हें पाकिस्तान के सैनिकों ने पकड़ लिया था। भारत ने अभिनंदन को छोड़ने के लिए पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाया था। उसके बाद पाकिस्तान ने मजबूर होकर उन्हें रिहा कर दिया था। 
'गुजरात में सभी 26 सीटें मुझे दीजिए'
उन्होंने गुजरात की जनता से लोकसभा चुनाव की सभी 26 सीटों पर बीजेपी को जिताने की अपील करते हुए कहा, ‘मेरे गृह राज्य के लोगों का कर्तव्य है कि धरती के पुत्र की देखभाल करें, गुजरात में सभी 26 सीटें मुझे दीजिए
उन्होंने कहा, ‘मेरी सरकार सत्ता में वापस आएगी लेकिन अगर गुजरात ने बीजेपी को 26 सीटें नहीं दी तो 23 मई को टीवी पर चर्चा होगी कि ऐसा क्यों हुआ

नामदारों ने हिन्दू आतंकवाद का नाम दे दिया'
पीएम मोदी ने 'हिन्दू आतंकवाद' का मुद्दा फिर उठाते हुए गंभीर आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस सरकार के शासनकाल में आतंकवादी हमले होते थे तो आतंकवादियों के खिलाफ नहीं बल्कि हिन्दुओं के खिलाफ कार्रवाई होती थी जबकि पूरी दुनिया में हमारी संस्कृति पर कभी उंगलि नहीं उठी मगर, नामदारों ने हिन्दू आतंकवाद का नाम दे दिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मोदी को इसलिए गालियां मिल रहीं हैं क्योंकि वह तुष्टीकरण की राजनीति के आगे घुटने टेकने वाला नहीं है राष्ट्रद्रोह का कानून हटाने की बात करने वालों, भारत को गालियां देने वालों को खुली छूट नहीं दी जाएगी ऐसे लोगों को देश माफ़ नहीं करेगामोदी ने दावा किया कि पिछले दो चरणों में लोकसभा चुनाव का नतीजा तय हो चुका हैविपक्षियों की नींद उड़ चुकी है उन्होंने मान लिया है कि जनता उनके साथ नहीं है। दो चरणों में हुए चुनाव के बाद सारे विरोधी हार का कारण ढूंढ़ने में लगे हैं


26/11 के बाद ही मिट जाता बालाकोट, लेकिन मनमोहन सरकार ने नहीं दी थी इजाजत

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संजय बरुआ द्वारा लिखित पुस्तक "Accidental Prime Minister" वास्तव में डॉ मनमोहन सिंह ने चरितार्थ कर दिया। क्योकि वह इतने बड़े देश के प्रधानमंत्री जरूर थे, लेकिन किसी निर्णय को लेने की इजाजत नहीं थी। चाहे वह सरकार की नीतियों को किर्याविन्त करने की बात हो अथवा राष्ट्रहित में किसी निर्णय को लेने की। आज जो इच्छाशक्ति वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में है, डॉ सिंह में भी कम नहीं थी। दुर्भाग्य से उन्हें किसी दबाव में आकर अपनी राजनैतिक शक्ति का गला घोंटना पड़ा। अन्यथा, जिन नीतियों लागू कर, मोदी ने दृढ शक्ति को दर्शाया, वैसा डॉ सिंह नहीं कर पाए। 
विपरीत इसके पाकिस्तान के विरुद्ध किसी सख्त कार्यवाही को अंजाम देने की बजाए "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" का नाम देकर भारत सहित विश्व को भ्रमित करने में व्यस्त रहे। आखिर वह क्या कारण थे कि तत्कालीन यूपीए वर्तमान मोदी सरकार की भाँति पाकिस्तान पर नकेल नहीं डाल पायी? तत्कालीन सरकार ने देशहित की बजाए तुष्टिकरण को ही सर्वोपरि मान लगभग हर आतंकी हमले में आतंकियों को संरक्षण देती रही। यदि पिछली सरकारें आतंकवाद पर प्रहार करती कश्मीर में आतंकवादी और पत्थरबाजों को कभी का ठिकाने लगा दिया होता। 
फिर कंधार को सब रो रहे हैं, लेकिन भूतपूर्व केन्द्रीय गृहमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद के कार्यकाल में उनकी पुत्री डॉ रुबैया के तथाकथित अपहरण की आड़ में छोड़े गए हुर्रियत नेताओं की रिहाई के बारे में किसी की आवाज़ नहीं निकलती। यदि उस समय इन हुर्रियत नेताओं को रिहा करने के लिए तथाकथित डॉ रुबिया अपहरण ड्रामा नहीं खेला होता, कश्मीर में न आतंकवाद पनपता और न ही हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा पर देशहित में खर्च होने वाले करोड़ों रूपए बर्बाद होते। और न ही कश्मीर से कश्मीरी पंडितों को घाटी से बाहर निकाला जाता।   
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट के जिस आतंकी शिविर पर कहर बरपाया था, उसका नामोनिशान 10 साल पहले ही मिट सकता था। मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले के बाद ही भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मिलकर पाकिस्तान को सबक सिखाने की व्यापक योजना भी बना ली थी, जिसमें बालाकोट को लड़ाकू विमान से उड़ाना भी शामिल था। लेकिन मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन यूपीए सरकार ने सेना को इस कार्रवाई की इजाजत ही नहीं दी थी।
सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि पुलवामा के बाद करीब दस साल पहले बनी तकरीबन यही योजना नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा एनडीए सरकार के सामने रखी गई थी, जिसे पूरा करने की इजाजत देकर मोदी सरकार ने आतंक के खिलाफ लड़ाई का नया मापदंड तैयार कर दिया है। सेना की खुफिया इकाई के मुताबिक, दस साल पहले मुंबई हमले के समय भी बालाकोट का आतंकी ठिकाना पाकिस्तानी एजेंसियों की सरपरस्ती में पूरी तरह सक्रिय था। 
हालांकि मुंबई हमले में लश्कर-ए-ताइबा का हाथ था और बालाकोट का यह ठिकाना जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है। लेकिन सेना ने उस समय पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए बनाई व्यापक योजना के तहत उसकी सरपरस्ती वाले सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ एक साथ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया था। इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) एमके नारायणन के साथ तीनों तत्कालीन सेना प्रमुखों की कई बैठकें भी हुईं। 
इन बैठकों में हमले का अंतिम खाका भी तैयार कर लिया गया था। लेकिन उस दौरान भारत और अमेरिका के बीच परवान चढ़ रही ऐतिहासिक सिविल परमाणु करार की कवायद आड़े आ गई। तत्काीन यूपीए सरकार ने देश को ऊर्जा के क्षेत्र में स्वावलंबी बनाने के मकसद से अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश के साथ यह कवायद शुरू की थी। अमेरिका ने भी भारत को परमाणु ईंधन व तकनीक मुहैया कराने के लिए अपनी संसद में कई बिलों में संशोधन किया था। 
संभवत: अमेरिका ने ही भारत को इस कूटनीतिक प्रगति के दौरान युद्ध से दूर रहने की सलाह दी थी। इसी वजह से लंबी मंत्रणा के बाद तत्कालीन सरकार ने कूटनीतिक नजरिया अपनाकर बड़ी सैन्य कार्रवाई से हाथ खींच लिए थे और पाकिस्तान को दूसरे तरीके से घेरे में लेने का निर्णय लिया था।
पाक को पोल खुलने का डर, 9 दिन में तीसरी बार मीडिया को बालाकोट जाने से रोका

पाकिस्तान बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के सच को दुनिया से छिपाने की कोशिश में लगा है। इसके चलते पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारी मीडिया को उस पहाड़ी पर जाने से रोक रहे हैं, जहां भारतीय वायुसेना ने हमला किया था। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की टीम को इलाके में आम जनता से तो मिलने दिया गया, लेकिन बृहस्पतिवार को 9 दिन में तीसरी बार पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने सुरक्षा का बहाना बनाकर उन्हें घटनास्थल तक जाने से रोक दिया। 
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार पाकिस्तान द्वारा इतने वर्षों से खेली जा रही खून की होली से जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्....

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार जम्मू कश्मीर कभी भी पूरी तरह इस देश का हिस्सा न बन पाए इसके लिए इतिहास में तरह-तरह के षड...



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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पद से हटने के करीब 9 महीने बाद मुंबई अटैक...

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार (फोटो साभार- ANI) जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकियों द्.....

मीडिया टीम को मदरसे से करीब 100 मीटर नीचे ही रोक दिया गया है। लेकिन वहां से कुछ भी नहीं दिख पा रहा। दरअसल, जिन इमारतों में भारतीय वायुसेना ने मिसाइलें दागीं थीं, वे पेड़ों से घिरी हैं। बता दें कि पहले पाकिस्तान सरकार ने कहा था कि वह अंतरराष्ट्रीय मीडिया को एयर स्ट्राइक की जगह पर ले जाकर भारतीय दावों का झूठ दिखाएगी। हालांकि बाद में मीडिया को ले जाने की बात टाल दी गई थी।

पीओके की जनता ने एफ-16 के पायलट को भारतीय समझ जानसे मार दिया

भारतीय वायुसेना के हीरो विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान सकुशल अपने देश लौट आए हैं। लेकिन सरहद पार पाकिस्तानी वायुसेना का एक परिवार चुपचाप शोक में डूबा है। उसके ही देश में उसकी पहचान छिपा दी गई है। शर्मिंदगी से बचने के लिए उसकी शहादत को उसके ही देश ने मानने से इन्कार कर दिया है। उस परिवार को दुनिया के सामने आने से मनाकर ब्लैकआउट किया है।
चूंकि पाकिस्तानी सेना के उस पायलट को उसके ही देश के लोगों ने मार डाला। कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तानी विमान एफ-16 के जिस विमान को भारतीय वायुसेना ने मार गिराया था, वह पाकिस्तानी कब्जे वाली जमीन पर गिरा था। पाकिस्तान ने पहले तो अपना विमान गिरने की बात को नकारते हुए दावा किया था, लेकिन बाद में भारतीय सेनाओं ने एफ-16 के मलबे के फोटो जारी करके अपने दावे को सही साबित किया। लेकिन अब तक एफ-16 विमान के पाकिस्तानी पायलट का क्या हुआ किसी को पता नहीं चला।
दरअसल एफ-16 फाइटर जेट क्रैश होने के बाद पायलट शहाजुद्दीन पैराशूट के जरिए बाहर निकल गए थे। पैराशूट के जरिए वह पीओके के नौशेरा सेक्टर में पहुंच गए। लेकिन जैसे ही वो अपनी सरजमीन पर उतरे, वहां मौजूद लोगों ने उन्हें भारतीय पायलट समझ लिया।
आपको याद होगा पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा था कि हमने भारतीय विमान को मार गिराया और उनके दो पायलटों को पकड़ लिया है। उन्होंने ट्वीट में बताया था कि एक पायलट (अभिनंदन) सेना के कब्जे में है और दूसरा अस्पताल में भर्ती है। हालांकि, बाद में अपने बयान से यू-टर्न लेते हुए पाकिस्तान ने कहा था कि उनके कब्जे में भारत का एक ही पायलट है।
लेकिन यह पायलट कोई भारतीय़ नहीं बल्कि पाकिस्तान के पायलट शहाजुद्दीन ही थे, जिसे पाकिस्तानी भीड़ ने पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। जिन्हें गंभीर चोटें आई और उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। जवान शहाजुद्दीन रिटायर्ड एयर मार्शल के बेटे थे।
शहाजुद्दीन की मौत की खबर का खुलासा लंदन के एक वकील खालिद उमर ने किया। उनके पोस्ट के मुताबिक अपने एक करीबी से उन्हें एफ-16 विमान के क्रैश होने की जानकारी मिली थी। खालिद उमर के सोशल मीडिया पेज के मुताबिक, एफ-16 विमान क्रैश होने के बाद पाकिस्तानी विंग कमांडर पैराशूट के जरिए सुरक्षित तरीके से पीओके के दक्षिण तरफ लाम वैली में इजेक्ट हो गया था। लेकिन यहां भीड़ ने उसे घेर लिया। लोगों ने समझा कि वो भारतीय पायलट हैं और जमकर पिटाई कर दी। खालिद उमर का दावा है कि पाक कमांडर को गंभीर चोटें आई थीं। जहां उसकी मौत हो गई।
यहां वास्तविक तो यही है कि पाकिस्तानी सरकार और मीडिया के जाहिलपन और झूठे बयानबाज़ी ने पाकिस्तानियो द्वारा ही F16 के पायलट को पीट पीट कर मरवा दिया और उसकी पहचान इसलिए जाहिर नहीं होने दी क्योंकि उसकी पूरी दुनिया में भद पीटनी तय थी।  जबकि होना तो ये चाहिए था कि वो जैसा भी था, पाकिस्तान को उस जवान का सम्मान करना चाहिये था। हर सैनिक अपने देश के लिए लड़ता है। लेकिन पाकिस्तान ने सिर्फ खुद को हिंदूस्तान के सामने शर्मसार होने से बचाने के लिए वह शर्मनाक हरकत की है। जो किसी भी जायज नहीं ठहराया जा सकता है।  आप सोचिए, जनता तो जनता, उनकी सेना भी कितनी फूहड़ है। जो अपने ही पायलट मार डाला।
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भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान में की गई एयरस्ट्राइक के बाद पड़ोसी देश बौखलाया हुआ है। इस एयरस्ट्राइक के बाद प.....

आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने इस तरह की हरकत की है। इससे पहले उसने करगिल वार में भी अपने शहीद हुए सैनिकों को पहचानने से इंकार कर दिया था। करगिल का नतीजा भी पाकिस्तान के लिए बहुत शर्मनाक था, लेकिन अपने देश के लिए मर मिटने वाले शहीदों को सम्मान न देने का सीधा सा अर्थ यही निकलता है कि एक बेशर्मी को छुपाने के लिए दूसरी बेशर्मी को सीना ठोककर किया जा रहा है। इतिहास इस कृत्य के लिए भी पाक को कभी माफ नहीं करेगा।

अगर राफेल हमारे पास होता, तो न हमारा कोई विमान गिरता, न उनका कोई विमान बचता: नरेन्द्र मोदी

अगर राफेल हमारे पास होता, तो न हमारा कोई विमान गिरता, न उनका कोई विमान बचता: PM मोदीदो दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्‍तान की सीमा के भीतर घुसकर किए गए एयर स्‍ट्राइक पर सवाल उठाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि जो सेना कहती है तो क्‍या उस पर आपका भरोसा नहीं है? हमें अपनी सेना पर गर्व होना चाहिए. देश इस बात पर सहमत है कि आतंक का अंत किया जाना चाहिए. इसके साथ ही कहा कि यदि भारतीय वायुसेना के पास आज रफाल विमान होता तो परिणाम कुछ और ही होते. यदि कुछ लोग इसे नहीं समझना चाहते तो मैं कुछ नहीं कर सकता.
मोदी ने कहा कि मैंने कहा था कि अगर राफेल समय पर मिल जाता तो स्थिति अलग होती, लेकिन उन्होंने कहा कि मोदी हमारी वायु सेना के हवाई हमले पर सवाल खड़े कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि समझदारी का इस्तेमाल करें, मैंने कहा था कि अगर हवाई हमले के दौरान राफेल हमारे पास होता, तो न हमारा कोई विमान गिरता और न उनका कोई विमान बचता. आतंकवाद की बीमारी की जड़ पड़ोसी देश में है, क्या हमें बीमारी का इलाज जड़ से नहीं करना चाहिए. अगर भारत को तबाह करने की मंशा रखने वालों के ‘सरगना’ बाहर हैं, तो यह देश शांत नहीं बैठेगा.
गुजरात पानीदार बन गया है
जामनगर में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के साथ पीएम मोदी ने कहा कि अब गुजरात पानीदार बन गया है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि यहां पानी के प्रश्नों का सबसे पहेले निराकरण किया गया. आज से 40 साल पहले अगर सरदार सरोवर डेम का काम पूरा हो गया होता तो गुजरात को पानी की समस्या भुगतनी नहीं पड़ती. गुजरात छोडने के बाद भी मैं सिंचाई योजना के लिए चिंतित था. नर्मदाका पानी, पानी नहीं पारस है.

मै जो करता हूं, बड़ा ही करता हूं...
इसके साथ पीएम मोदी ने कहा कि मै जो करता हूं, बड़ा ही करता हूं. जैसे अभी आरोग्य क्षेत्र में बहुत बड़ी क्रांति का काम शुरू किया है. मुझे  छोटा अच्छा नहीं लगता. आयुष्‍मान भारत योजना दुनिया की सबसे बड़ी योजना है. आयुष्‍मान योजना, मुख्यमंत्री अमृतम योजना से जन कल्याण हुआ है.

स्‍वच्‍छता का सवाल
पीएम मोदी ने कहा गांधी जी ने100 साल पहेले स्वच्छता का स्वप्न देखा था. 100 साल में जो कोई न कर सका वो हमने कर दिखाया. कुंभ मेले में स्वच्छता लोगों को छू गई. देश भर में रेलवे के काम में गति आई है.

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कई विपक्षी दलों द्वारा भारत की एयर स्‍ट्राइक पर उठाए जा रहे सवालों के मद्देनजर एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा है क....

सबका साथ-सबका विकास
पीएम मोदी ने कहा कि समस्या का स्थायी समाधान हमारा मंत्र है. सबका साथ-सबका विकास हमारा मंत्र है. मोदी सरकार आने के बाद पहेली बार मछुआरों के लिए अलग मंत्रालय बना. 2022 तक देश के हर नागरिक को अपने सपनों का घर मिलेगा. इस बीच पीएम मोदी गलती से कोचीन की जगह करांची बोल गए. इस पर हल्‍के-फुल्‍के अंदाज में बोले कि क्‍या करूं आजकल दिमाग में एक ही बात चल रही है. लोग पीएम मोदी की बात सुनकर हंस पड़े.

पाकिस्तान के बाद भारत ने भी समझौता एक्सप्रेस पर लगाई रोक

Samjhauta Expressभारत और पाकिस्तान के बीच पुलवामा हमले और फिर पाकिस्तान में की गई एयर स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव का असर दोनों देशों के बीच चलने वाली 'समझौता एक्सप्रेस' पर भी पड़ा है और पाकिस्तान ने इसके परिचालन पर रोक लगा दी थी वहीं पाक के बाद भारत ने भी अब 'समझौता एक्सप्रेस' का परिचालन पर रोक लगा दी है। 
उत्तर रेलवे ने कहा है कि  'समझौता एक्सप्रेस' एक्सप्रेस भारत से 3 मार्च से अगले आदेश तक कैंसिल रहेगी।गौरतलब  है कि 'समझौता एक्सप्रेस' फरवरी 27 को 27 यात्रियों को लेकर अपने निर्धारित समय पर लाहौर के लिए रवाना हुई थी।
ज्ञात हो, कारगिल युद्ध के बाद भी हवाई एवं रेल सेवाएँ बाधित हो चुकी हैं। लेकिन इस बार पहल पाकिस्तान द्वारा की गयी है। 
पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद यात्रियों की संख्या में विशेष तौर पर आयी भारी कमी आने तथा सीमा के पार इस सेवा को निलंबित कर दिये जाने के चलते रेलवे ने भारत पाकिस्तान समझौता एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन को स्थगित करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि इन सेवाओं की बहाली की कोई तारीख तय नहीं की गयी है।
सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड ने अटारी स्पेशल एक्सप्रेस, दिल्ली -अटारी-दिल्ली, जो वाघा-लाहौर लिंक के साथ मिलकर समझौता या फ्रेंडशिप एक्सप्रेस नाम से जानी जाती है, के सभी परिचालनों को उसके अगले फेरे के दिन मार्च 3 से रद्द कर दिया है।


CPRO Northern railways: Samjhauta Express has been cancelled from India with effect from 3rd March, 2019 till further notification.
अधिकारियों ने बताया कि 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में आए तनाव और इसके बाद के घटनाक्रमों के बीच पाकिस्तान अपने यहां से इसके परिचालन को पहले ही स्थगित कर चुका है।सूत्र ने कहा, 'पाकिस्तान से कोई यात्री नहीं होने के चलते इस तरफ इसे चलाने का कोई तुक नहीं है। आशा है कि तनाव घट जाने के बाद हम इस सेवा को बहाल कर पायेंगे।'
सूत्रों के अनुसार समझा जाता है कि दोनों देशों के करीब 40 यात्री अटारी में फंसे हुए हैं।पाकिस्तान ने बुधवार को अपनी ओर वाघा - लाहौर रेल मार्ग पर ट्रेन के फेरे रद्द कर दिये थे जबकि 27 यात्री भारतीय ट्रेन से पुरानी दिल्ली से अटारी पहुंचे थे। उनमें 23 भारतीय यात्री और तीन पाकिस्तानी यात्री थे। यह ट्रेन बुधवार रात को 11 बजकर 20 मिनट पर नयी दिल्ली से रवाना हुई थी।
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भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के बाद से ही पड़ोसी देश पाकिस्....

अधिकारियों के अनुसार वाघा स्टेशन मास्टर ने अपने अटारी समकक्ष को संदेश भेजा कि यात्री और पार्सल ट्रेन जो पाकिस्तान की तरफ से अटारी तक आती है, अगले आदेश तक नहीं आएगी। इससे पहले दिन में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा था कि पाकिस्तान और भारत के बीच वर्तमान स्थिति के मद्देनजर ट्रेन परिचालन बृहस्पतिवार को स्थगित कर दिया गया। देनों देशों के बीच यह ट्रेन सेवा 22 जुलाई 1976 को शुरू हुई थी।