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अब पाकिस्तान ने ईरान पर दागी मिसाइलें, तेहरान के राजदूत की एंट्री बंद


ईरान ने जब से पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-अल-अदल के ठिकानों पर बम बरसाए हैं तब से पाकिस्तान बिलबिलाया हुआ है। उसने ईरान को जवाब देने के लिए उनके इलाके में मिसाइल-ड्रोन से हमला किया है। वहीं मीडिया में कहा है कि ये बलूच विद्रोहियों पर की गई कार्रवाई है। घटना में 7 लोग खत्म हो गए। इनमें 3 महिलाएँ और 4 बच्चे शामिल हैं। ये अटैक सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के एक सीमावर्ती गाँव पर हुआ।

हमले को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आज सुबह पाकिस्तान ने ‘मार्ग बार सर्माचार’ नाम का अभियान चलाकर ईरान में शरण लेकर रह रहे आतंकवादियों को निशाना बनाया है।

बयान में कहा गया, “गुरुवार सुबह पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-ओ-बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवादियों के चिह्नित ठिकानों पर सुनियोजित हमले किए है। ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर चलाए गए ‘मार्ग बार सर्माचार’ नाम के अभियान में कई आतंकवादी मारे गए हैं।”

इस हमले से पहले मंगलवार(16 जनवरी) को ईरान ने पाकिस्तान में बेस बनाकर बैठे आतंकी संगठन के ठिकानों को मिसाइल हमलों से तबाह किया था। ईरान ने साफ किया था कि उन्होंने अपने दोस्त और भाई जैसे शहर के नागरिकों पर हमला नहीं किया। लेकिन, पाकिस्तान ने भी बलूच विद्रोहियों के नाम पर अपनी कार्रवाई कर डाली। इससे पहले उन्होंने ईरान को एयरस्ट्राइक के गंभीर परिणाम भुगतने को कहे थे।

राजदूत को पाकिस्तान ने वापस बुलाया

पाकिस्तान की खुंदस का इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि उन्होंने ईरान से अपना राजदूत वापस बुलवा लिया है और तेहरान के राजदूत को इस्लामाबाद आने से मना कर दिया है। पाकिस्तान विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज ज़हरा बलूच ने टेलीविजन पर प्रसारित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बताया है कि पाकिस्तान में ईरानी राजदूत, जो वर्तमान में ईरान का दौरा कर रहे हैं, वो फिलहाल यहाँ वापस नहीं आ सकते हैं।
प्रवक्ता ने कहा, “हमने अपना संदेश ईरानी सरकार को दे दिया है। हमने उन्हें सूचित किया है कि पाकिस्तान ने ईरान से अपने राजदूत को वापस बुलाने का फैसला किया है और पाकिस्तान में ईरानी राजदूत, जो वर्तमान में ईरान का दौरा कर रहे हैं, फिलहाल वापस नहीं आ सकते हैं।”

ईरान के अधिकारियों की हत्या

इतना ही नहीं पाकिस्तान-ईरान सीमा से सटे आतंकवादी समूह जैश उल-अदल भी अपने ऊपर हुए हमले से तिलमिलाया है। उसके आतंकियों ने ईरान के एक सैन्य अधिकारी और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की गोली मार कर हत्या कर दी।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) के सैन्य अधिकारी और उनके सुरक्षाकर्मियों पर ये जानलेवा हमला पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से लगे अशांत दक्षिणपूर्वी प्रांत में किया गया। ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बुधवार (17 जनवरी 2024) को ये जानकारी दी। हमलावारों की पहचान करने और उनका पीछा करने की कोशिशें जारी हैं।
आतंकवादी समूह जैश उल-अदल (Jaish al-Adl) ने 17 जनवरी 2024 को ही इस हमले की जिम्मेदारी भी ले ली। यह वही आतंकी समूह है, जिसके ठिकानों को बर्बाद करने के लिए ईरान की वायुसेना ने पाकिस्तान में घुस कर बमबारी की।

भारत और चीन बोले पाकिस्तान-ईरान के विवाद पर

वहीं भारत ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वो ईरान की कार्रवाई का कारण समझ सकते हैं। ऐसा सेल्फ डिफेंस में किया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह ईरान और पाकिस्तान के बीच का मामला है। जहाँ तक ​​भारत का सवाल है, आतंकवाद के प्रति हमारा रुख बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने का है। हम उन कार्रवाइयों को समझते हैं जो देश अपनी आत्मरक्षा में करते हैं।”

वहीं चीन के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर कहा कि दोनों देशों को संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। हर देश को दूसरे देशों की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का ईमानदारी से सम्मान करना चाहिए। ईरान और पाकिस्तान पड़ोसी और इस्लामिक मुल्क हैं। इसलिए दोनों को संयम बरतना चाहिए। हम दोनों देशों से तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयों से बचने का आह्वान करते हैं।