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अब पाकिस्तान ने ईरान पर दागी मिसाइलें, तेहरान के राजदूत की एंट्री बंद


ईरान ने जब से पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-अल-अदल के ठिकानों पर बम बरसाए हैं तब से पाकिस्तान बिलबिलाया हुआ है। उसने ईरान को जवाब देने के लिए उनके इलाके में मिसाइल-ड्रोन से हमला किया है। वहीं मीडिया में कहा है कि ये बलूच विद्रोहियों पर की गई कार्रवाई है। घटना में 7 लोग खत्म हो गए। इनमें 3 महिलाएँ और 4 बच्चे शामिल हैं। ये अटैक सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के एक सीमावर्ती गाँव पर हुआ।

हमले को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आज सुबह पाकिस्तान ने ‘मार्ग बार सर्माचार’ नाम का अभियान चलाकर ईरान में शरण लेकर रह रहे आतंकवादियों को निशाना बनाया है।

बयान में कहा गया, “गुरुवार सुबह पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-ओ-बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवादियों के चिह्नित ठिकानों पर सुनियोजित हमले किए है। ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर चलाए गए ‘मार्ग बार सर्माचार’ नाम के अभियान में कई आतंकवादी मारे गए हैं।”

इस हमले से पहले मंगलवार(16 जनवरी) को ईरान ने पाकिस्तान में बेस बनाकर बैठे आतंकी संगठन के ठिकानों को मिसाइल हमलों से तबाह किया था। ईरान ने साफ किया था कि उन्होंने अपने दोस्त और भाई जैसे शहर के नागरिकों पर हमला नहीं किया। लेकिन, पाकिस्तान ने भी बलूच विद्रोहियों के नाम पर अपनी कार्रवाई कर डाली। इससे पहले उन्होंने ईरान को एयरस्ट्राइक के गंभीर परिणाम भुगतने को कहे थे।

राजदूत को पाकिस्तान ने वापस बुलाया

पाकिस्तान की खुंदस का इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि उन्होंने ईरान से अपना राजदूत वापस बुलवा लिया है और तेहरान के राजदूत को इस्लामाबाद आने से मना कर दिया है। पाकिस्तान विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज ज़हरा बलूच ने टेलीविजन पर प्रसारित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बताया है कि पाकिस्तान में ईरानी राजदूत, जो वर्तमान में ईरान का दौरा कर रहे हैं, वो फिलहाल यहाँ वापस नहीं आ सकते हैं।
प्रवक्ता ने कहा, “हमने अपना संदेश ईरानी सरकार को दे दिया है। हमने उन्हें सूचित किया है कि पाकिस्तान ने ईरान से अपने राजदूत को वापस बुलाने का फैसला किया है और पाकिस्तान में ईरानी राजदूत, जो वर्तमान में ईरान का दौरा कर रहे हैं, फिलहाल वापस नहीं आ सकते हैं।”

ईरान के अधिकारियों की हत्या

इतना ही नहीं पाकिस्तान-ईरान सीमा से सटे आतंकवादी समूह जैश उल-अदल भी अपने ऊपर हुए हमले से तिलमिलाया है। उसके आतंकियों ने ईरान के एक सैन्य अधिकारी और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की गोली मार कर हत्या कर दी।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) के सैन्य अधिकारी और उनके सुरक्षाकर्मियों पर ये जानलेवा हमला पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से लगे अशांत दक्षिणपूर्वी प्रांत में किया गया। ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बुधवार (17 जनवरी 2024) को ये जानकारी दी। हमलावारों की पहचान करने और उनका पीछा करने की कोशिशें जारी हैं।
आतंकवादी समूह जैश उल-अदल (Jaish al-Adl) ने 17 जनवरी 2024 को ही इस हमले की जिम्मेदारी भी ले ली। यह वही आतंकी समूह है, जिसके ठिकानों को बर्बाद करने के लिए ईरान की वायुसेना ने पाकिस्तान में घुस कर बमबारी की।

भारत और चीन बोले पाकिस्तान-ईरान के विवाद पर

वहीं भारत ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वो ईरान की कार्रवाई का कारण समझ सकते हैं। ऐसा सेल्फ डिफेंस में किया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह ईरान और पाकिस्तान के बीच का मामला है। जहाँ तक ​​भारत का सवाल है, आतंकवाद के प्रति हमारा रुख बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने का है। हम उन कार्रवाइयों को समझते हैं जो देश अपनी आत्मरक्षा में करते हैं।”

वहीं चीन के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर कहा कि दोनों देशों को संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। हर देश को दूसरे देशों की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का ईमानदारी से सम्मान करना चाहिए। ईरान और पाकिस्तान पड़ोसी और इस्लामिक मुल्क हैं। इसलिए दोनों को संयम बरतना चाहिए। हम दोनों देशों से तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयों से बचने का आह्वान करते हैं।

भारत कभी भी कर सकता है हमला, एक और एयर स्ट्राइक के डर से सहमा पाकिस्तान: अब्दुल बासित, पूर्व राजनयिक ने जताया अंदेशा

पाकिस्तान को एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक का डर सताने लगा है। जम्मू-कश्मीर के पूँछ में आतंकियों द्वारा किए गए हमले में 5 सैनिकों के बलिदान होने के बाद पड़ोसी देश के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने यह डर जाहिर की है। बासित ने कहा कि फिलहाल ऐसा डर नहीं है, लेकिन अगले साल चुनावों से पहले ऐसा हो सकता है।

अब्दुल बासित ने कहा, “पाकिस्तान में लोग भारत द्वारा एक और सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक के बारे में बात कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि अब वह ऐसा करेगा, क्योंकि वह इस साल SCO की बैठक और जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है

उन्होंने आगे कहा, “जब तक भारत अध्यक्षता कर रहा है, तब तक ऐसा खतरा नहीं दिख रहा, लेकिन अगले साल चुनावों के दौरान भारत फिर से ऐसा कर सकता है। यह भारत में चुनावों से ठीक पहले हो सकता है। भारत जानता है कि हम कहाँ खड़े हैं।” बासित यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस दौरान अब्दुल बासित ने आतंकी हमले को सही ठहराने की भी कोशिश की। उन्होंने कहा कि जिसने भी हमला किया, चाहे वह मुजाहिदीन हो या कोई भी, उन्होंने नागरिकों को नहीं, बल्कि सेना को निशाना बनाया है। वे एक वैध संघर्ष में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून भी इसकी अनुमति देता है।

20 अप्रैल 2023 को संगयोट में सेना की ओर से इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था। इस इफ्तार पार्टी के लिए सेना के जवान सामान लेकर लौट रहे थे। उसी दौरान आतंकियों ने ग्रेनेड हमला कर दिया, जिससे गाड़ी में आग लग गई और पाँच जवान जिंदा जल गए।

इस हमले की जिम्मेदारी पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने ली थी। पीएएफएफ पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है। यह आतंकी संगठन अंसार गजवात-उल-हिंद के मारे गए कमांडर जाकिर मूसा से प्रेरित है। यह आतंकी संगठन वैश्विक आतंकी संगठन अल कायदा के लिए भी वफादार माना जाता है। हाल की कई आतंकी घटनाओं में इसका नाम सामने आया है।

14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सेना के काफिले पर हुए हमले का भारतीय वायुसेना ने जिस तरह से जवाब दिया था, उससे आज भी पाकिस्तान डरा हुआ है। वह इस मामले पर सार्वजनिक तौर पर इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचता है, ताकि बदनामी ना हो।

सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के ठीक 12 दिन बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में जैश के ठिकानों एयर स्ट्राइक किया था, जिसमें 300 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। मगर पाकिस्तान इसे नकारता रहा। हालाँकि, कई मौकों पर उसने दबे स्वर में इस घटना को स्वीकार भी किया है।

इजरायल का सनसनीखेज खुलासा : हमास आतंकियों के साथ एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों ने अल जला टावर में पी हर रोज कॉफी

   आईडीएफ चीफ ने कहा एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों के साथ हमास आतंकियों के अच्छे संबंध (साभार: एसेसिएट प्रेस)
फिलिस्तीन के साथ जारी विवाद के बीच 
इजरायल डिफेंस फोर्स के सीनियर लेवल अफसर ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि एसोसिएटेड प्रेस के गाजा में रहने वाले पत्रकारों के हमास के साथ अच्छे संबंध थे। टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक जिस मीडिया बिल्डिंग को आईडीएफ ने उड़ा दिया था, वहाँ एपी के पत्रकार हमास के आतंकियों के साथ ‘सुबह की चाय-कॉफी’ पीते थे।

15 मई 2021 को हमास के खिलाफ आक्रामक हमला करते हुए आईडीएफ ने गाजा में स्थित अल जला टॉवर पर भीषण बमबारी कर उसे ध्वस्त कर दिया था, जिसमें अल जजीरा और एसोशिएटेड प्रेस समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट थे।

काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन के बाद आईडीएफ ने कहा था कि अल जला टॉवर, जिसमें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स थे वह आतंकी संगठन हमास के इंटेलीजेंस यूनिट का हाउस था। यहीं से हमास आईडीएफ की गतिविधियों पर एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर डिवाइसेस के जरिए नजर रखता था।

 लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली डिफेंस फोर्स के चीफ अवीव कोहावी ने दावा किया है कि एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों ने जाने-अनजाने अल जला टॉवर के ग्राउंड-लेवल पर स्थित कैफेटेरिया में हमास के इलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञों के साथ सुबह की कॉफी पी थी।

एसोसिएटेड प्रेस ने आईडीएफ के दावों को नकारा

हालाँकि, एसोसिएटेड प्रेस ने आईडीएफ के इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे “बिल्कुल झूठा” बताया और कहा कि इमारत में एक भी कैफेटेरिया नहीं था।
29 मई 2021 रात को एक बयान जारी कर एपी ने कोहावी के दावों को गलत बताया। न्यूज एजेंसी ने कहा, “इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ द्वारा लगाया गया यह आरोप पूरी तरह से झूठा और निराधार है। भवन में कैफेटेरिया भी नहीं था। इस तरह के निराधार दावे एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।”
अपने बयान में एपी ने अल जला टॉवर को उड़ाने की घटना की स्वतंत्र जाँच की माँग की, ताकि फैक्ट का पता चल सके। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, “जैसा कि हमने बार-बार कहा है, हमें इमारत में हमास के पहले से होने की कोई जानकारी नहीं थी और न ही आईडीएफ ने हमले से पहले ऐसी किसी भी संभावित उपस्थिति की चेतावनी दी। हमें नहीं पता कि इजरायल क्या सबूत दिखाएगा, लेकिन हम इसके बारे में जानना चाहते हैं।”
सही थी एयर स्ट्राइक --आईडीएफ चीफ 
गाजा के अल जला टॉवर पर एयर स्ट्राइक को सही ठहराते हुए आईडीएफ प्रमुख अवीव कोहावी ने अल जला टॉवर पर एयर स्ट्राइक को लेकर कथित तौर पर अपने सहयोगियों से कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ वर्ग इजरायल की निंदा कर रहे हैं, लेकिन हमें इसका तनिक भी अफसोस नहीं है। उसे उचित ढंग से ध्वस्त किया गया है।
इजरायली मिलिट्री इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए इमारत पर हमले को सही बताया है। हमास जिस मंजिल पर काम कर रहा था, उस पर केवल सर्जिकल स्ट्राइक करने के बजाय पूरे ढाँचे को ही उड़ाना ज्यादा सही था, क्योंकि सर्जिकल स्ट्राइक से टॉवर की सभी क्षमताओं को नष्ट नहीं किया सकता।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अल जला टॉवर को “पूरी तरह से वैध लक्ष्य” बताते हुए कहा कि इजरायली इंटेलीजेंस के जरिए इस तरह के सबूत मिले हैं।
नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर आईडीएफ के अधिकारियों ने कहा है कि इजरायल के रक्षा प्रतिष्ठान ने पेंटागन के अधिकारियों को हमास के मिलिट्री ऑपरेशन के बारे में खुफिया जानकारी दी थी।
इजराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत पहुंचा अल जला टॉवर 
इन सब के बीच इजरायल द्वारा नेस्तनाबूद किए गए अल जला मीडिया टॉवर के मालिक जवाद मेहदी ने इंटरनेशनल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि टॉवर को जमींदोज करना एक युद्ध अपराध था। यह शिकायत आईसीसी के मुख्य अभियोजक द्वारा इजरायल-फिलिस्तीन के हालिया संघर्ष को अपराध बताने के बाद आई है।
हमास के आतंकवादियों के साथ मिले होने के आरोपित मेहदी ने कहा कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने 13 मंजिला इमारत पर हमले से पहले उसे खाली करने के लिए केवल एक घंटे का वक्त दिया था।
आईसीसी पहले से ही मार्च 2014 से इजरायली फोर्स और फिलिस्तीन के आतंकी गुटों के बीच संभावित युद्ध के मामलों की जाँच कर रहा है। हालाँकि, आईसीसी के पास इस तरह की जाँच करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि इजरायल अदालत का सदस्य नहीं है।

इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा – ईद से पहले ‘पूरी तरह शांत कर देंगे’ ; फिलिस्तीनी आतंकी ठिकाने का 14 मंजिला बिल्डिंग तबाह

                                             सेकंड भर में फिलिस्तीनी आतंकी ठिकाना तबाह
फिलिस्तीन और इजरायल के बीच अब आर-पार की जंग छिड़ गई है। मंगलवार (मई 11, 2021) को फिलिस्तीन के हमास संगठन ने अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए इजराइल पर 1000 से अधिक रॉकेट दागे। तो वहीं इजराइल ने मई 11 को गाजा पर हवाई हमले कर दो बहुमंजिला इमारतों को निशाना बनाया। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि इजरायली सैन्य अभियान ने गाजा आतंकवादियों को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह लड़ाई कुछ समय के लिए जारी रहेगी।

इजरायल पर हमला

हमास आतंकी समूह, जो वर्तमान में गाजा पर शासन करता है, ने दावा किया कि इजरायल पर एक हिंसक हमले में एक बार में 130 से अधिक रॉकेट लॉन्च किए गए थे। इजरायली बलों के मुताबिक, फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद के आतंकवादी भी इजरायल पर हमला करने वाले रॉकेट लॉन्च कर रहे हैं।

                             इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू और वहाँ के रक्षा मंत्री बेनी गांट्ज़
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे खूनी संघर्ष में गाजा में मौतों का आँकड़ा 65 पहुँच गया। इजरायल में भी 7 लोगों के मरने की खबर है। अलजजीरा की खबर बताती है कि गाजा में हुई बमबारी में हमास का कमांडर बसीम इस्सा मारा गया। इसके अलावा वहाँ की तीन बिल्डिंग तबाह हो गई और हमास के सुरक्षा प्रतिष्ठानों को भी उड़ा दिया गया।

अलजजीरा की पत्रकार अरवा इब्राहिम के अनुसार 14 मंजिला यह बिल्डिंग कई मीडिया हाउस का ठिकाना था। जबकि इजरायल डिफेंस फोर्स की मानें तो इस बिल्डिंग में हमास मिलिट्री इंटेलिजेंस का ऑफिस था। इसी बिल्डिंग से खुफिया सैन्य गतिविधियों का संचार-संदेश किया जा रहा था।

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक वहाँ 16 बच्चों समेत 65 लोगों की मौतें हुई है। मंत्रालय ने कहा कि हमले में 365 लोग घायल हुए, जिनमें 86 बच्चे और 39 महिलाएँ भी शामिल हैं।

गाजा के हालिया हमले के बाद इजरायल में भी एक 5 साल के बच्चे की मरने और कम से कम 20 लोगों के घायल होने की खबर है। टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, गाजा की ओर से बुधवार रात दागा गया रॉकेट खिड़की को तोड़कर निकला और वहाँ मौजूद नाबालिग के सिर में गहरी चोट आई। घटना के कई घंटे बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं उसकी माँ अब भी घायल है।

बच्चे की मृत्यु के बाद इजरायल में मौत की गिनती 7 हो गई है। इनमें 5 इजरायली, एक भारतीय और एक IDF सैनिक शामिल हैं। घटना के मद्देनजर इजरायली रक्षा मंत्री ने बेनी गैट्स ने बुधवार (मई 12, 2021) शाम को बयान जारी करके बताया कि वे ऐसे हमले तब तक नहीं रोकेंगे, जब तक दुश्मन पूरी तरह शांत नहीं होते।

उन्होंने कहा, “हमारी सेना के गाजा पट्टी और फिलिस्तीन में हमले बंद नहीं होंगे। हम अब तब तक रुकने को तैयार नहीं हैं, जब तक दुश्मन को पूरी तरह शांत नहीं कर देते। इसके बाद ही अमन बहाली पर कोई बात होगी। इजरायल अब लंबे समय तक शांति कायम करने के उपाय करके ही रहेगा।”

इधर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि मई 12 को गाजा में 15 लोग मारे गए। इनमें एक ब्रिगेड कमांडर भी था। वह कहते हैं, “ये केवल शुरुआत है। हम उन्हें ऐसे मारेंगे, जैसा उन्होंने सपने में भी न सोचा हो।”

हमास के नेता हानिया ने भी इस बाबत बयान दिया। उनका कहना है कि अगर इजरायल जंग बढ़ाना ही चाहता है तो हम भी रुकने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे इजरायलियों की जिंदगी नर्क कर देंगे।

इजरायली सेना के मुताबिक मई 12 की सुबह कम से कम 180 रॉकेट दागे गए। जिसके बदले में IDF ने गाजा पट्टी में हमास अधिकारियों, उनके हथियारों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए हमला बोला। इजरायली पुलिस ने जानकारी दी कि अब तक 374 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय समूह कर रहे शांति की अपील

कथित तौर पर अब तक इस संघर्ष में इजरायल की ओर से 350 से ज्यादा हवाई हमले सेना को निशाना बनाते हुए, हुए हैं। वहीं गाजा के इस्लामी गुट की ओऱ से अब तक 1000 रॉकेट लॉन्च किए जा चुके हैं। स्थिति देख साफ पता चल रहा है कि यरुशलम की अल अक्सा मस्जिद पर जुमे(मई 7) की नमाज से शुरू हुआ संघर्ष अब युद्ध में तब्दील होता जा रहा है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदायों को चिंता है कि कहीं स्थिति हाथ से न निकल जाए। संयुक्त राष्ट्र के मध्य पूर्व शांति राजदूत टॉर वेनेसलैंड ने कहा कि दोनों पक्ष इसे व्यापक युद्ध की ओर ले जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा है कि वे हिंसा को लेकर काफी चिंतित हैं।

जर्मनी ने इजरायल पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इन हमलों को कहीं से कहीं तक उचित नहीं ठहराया जा सकता। वहीं तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि फिलिस्तीनियों के प्रति इजरायल के रवैये के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसे कड़ा और कुछ अलग सबक सिखाना चाहिए।

अलजजीरा की ओर से हैरी फॉसेट दक्षिणी इजरायल से रिपोर्ट कर रहे हैं। उन्हें वहाँ लोकल रिपोर्ट से पता चला है कि इजरायल का विचार एयर स्ट्राइक के साथ साथ ग्राउंड पर भी फोर्स इस्तेमाल करने का बन रहा है। वह कहते हैं, “इजरायल ने ऐसा 2014 से नहीं किया। इसमें इजरायली सैनिकों की जान जाने का डर है। इसलिए ये निर्णय इतना आसान नहीं है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि ये विकल्प भी उनके पास है।”

16 से 20 अप्रैल के बीच हो सकता है एक और हमला : महमूद कुरैशी,पाकिस्तान विदेश मंत्री

खौफ में है पाकिस्तान, महमूद कुरैशी बोले- 16 से 20 अप्रैल के बीच हो सकता है एक और हमला
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अप्रैल 7 को दावा किया कि उनकी सरकार के पास विश्वसनीय खुफिया जानकारी है कि भारत की योजना 16 से 20 अप्रैल के बीच देश पर एक और हमले की है. कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी को पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. उस हमले सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. बढ़ते आक्रोश के बीच, भारतीय वायुसेना ने आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत 26 फरवरी को पाकिस्तान के अंदर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया.
डॉन अखबार के अनुसार मुल्तान में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कुरैशी ने कहा कि सरकार के पास ‘‘विश्वसनीय खुफिया जानकारी है कि भारत एक नई योजना बना रहा है.’’ अखबार ने कुरैशी के हवाले से कहा कि तैयारियां की जा रही हैं, और पाकिस्तान के खिलाफ एक और हमले के आसार हैं.
हमारी जानकारी के अनुसार, 16 से 20 अप्रैल के बीच कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने कहा कि एक नए हादसा ताना-बाना रचा जा सकता है और इसका मकसद पाकिस्तान के खिलाफ उनके कार्रवाई को सही ठहराना तथा इस्लामाबाद के खिलाफ राजनयिक दबाव बढ़ाना होगा.  
जैश-ए-मोहम्‍मद ने जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में आतंकी हमला अंजाम दिया था
बता दें कि 14 फरवरी को पाकिस्‍तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में आतंकी हमला अंजाम दिया था. इसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने 12 मिराज लड़ाकू विमान के जरिये 26 फरवरी की अलसुबह पीओके में घुसकर जैश के आतंकी ठिकानों को तबाह किया था.
पाकिस्‍तान ने भी भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के पीओके में घुसने की बात कुबूली थी. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने भी ट्वीट कर भारतीय एयरफोर्स के LOC क्रॉस करने की बात कबूल की थी. हालांकि पाकिस्तान ने तबाही पर चुप्पी साध ली थी. 
भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा था कि पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर पाकिस्‍तान समर्थित जैश-ए-मोहम्‍मद की ओर से किए गए आतंकी हमले से नाराज भारत की तरफ से PoK में जैश के प्रमुख ठिकाने पर कार्रवाई की गई थी.(साभार)

पाक से जंग में राफेल इतना जरूरी है तो 5 साल में क्‍यों नहीं ला सके? मायावती

पाक से जंग में राफेल इतना जरूरी है तो 5 साल में क्‍यों नहीं ला सके? मायावती का BJP पर हमला
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में की गई एयर स्‍ट्राइक पर बसपा प्रमुख मायावती ने मार्च 4 को बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। मायावती ने ट्वीट किया, 'पीएम श्री मोदी का रैलियों में कहना है कि पाक के साथ लड़ाई में राफेल विमान बहुत काम आ सकता था. ऐसी बात थी तो पिछले 5 वर्षों के इनके शासन में एक भी राफेल विमान क्यों नहीं भारतीय बेड़े में शामिल किया गया? बीजेपी द्वारा भी देश की रक्षा व सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यों?
2 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि देश लड़ाकू विमान राफेल की कमी महसूस कर रहा है और अगर भारत के पास ये लड़ाकू विमान होते तो कुछ और ही बात होती. उन्होंने कहा था, ‘‘राफेल पर स्वार्थनीति और अब राजनीति के कारण देश का बहुत नुकसान हुआ. राफेल की कमी आज देश ने महसूस की है. आज हिंदुस्तान एक स्वर में कह रहा है कि अगर हमारे पास राफेल होता, तो क्या होता?’’ 
आज विपक्ष राफेल को लेकर मोदी और मोदी सरकार पर किस मुँह से हमला कर रही है, उसके आने में देरी का कारण भी विपक्ष ही है। तुष्टिकरण के पुजारी आतंकवाद पर लगाम लगाने में पूर्णरूप से असफल रहे। मोदी सरकार द्वारा आतंकवाद पर हो रहे प्रहार को देख, विपक्ष ने आतंकवाद के विरुद्ध जो कार्यवाही की, उसे मगरमछी आँसू ही कहा जा सकता है। इन्हे आतंकवादियों की चिन्ता है, लेकिन उन निर्दोषों की चिन्ता नहीं, जो आतंकवादी हमले के कारण अकाल मृत्यु का ग्रास बन रहे थे। आतंकवाद पर होते प्रहार से विपक्ष का भावुक होना लाज़मी है, क्योंकि बेगुनाहों की लाशों पर मालपुए खाने के दिन लद रहे हैं। आतंकवाद पर होते कठोर प्रहार से विपक्ष क्यों परेशान हो रहा है, बल्कि देशहित में इनका कर्तव्य बनता है कि मोदी सरकार को कहे "आतंकवाद ने बहुत भारत की धरती लहूलुहान कर दी, जितनी जल्दी हो आतंकवादियों, उनके सरगनाओं, भारत में इनके समर्थकों और पनाह देने वालों को नेस्ताबूत करो।" परन्तु इनको प्यारी है कुर्सी, प्यारी है सियासत के नाम से खोली गयी दुकान की, जनता की नहीं। विपक्ष राष्ट्र को जवाब दे कि "उन्हें भारत में आतंकवाद हमले में बेगुनाहों की लाशें प्यारी है या आतंकवाद का खात्मा?"    
पीएम श्री मोदी का रैलियों में कहना है कि पाक के साथ लड़ाई में राफेल विमान बहुत काम आ सकता था। ऐसी बात थी तो पिछले 5 वर्षों के इनके शासन में एक भी राफेल विमान क्यों नहीं भारतीय बेड़े में शामिल किया गया? बीजेपी द्वारा भी देश की रक्षा व सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यों?
14 फरवरी को जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर में घुसकर 12 मिराज लड़ाकू विमानों से करीब 1000 किग्रा बम बरसाए थे. यह हवाई कार्रवाई पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले पाकिस्‍तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के ठिकानों पर बरसाए गए थे. इनमें 200 से अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है.
एयर स्‍ट्राइक पर नवजोत सिंह सिद्धू ने पूछा, PoK में 300 आतंकी मारे या पेड़ गिराये? PoK में 300 आतंकवादी मारे या पेड़ गिराए: पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख से गले मिलने वाले कांग्रेसी नवजोत सिंह सिद्धू की विवादित टिप्पणी  
पाकिस्तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में भारतीय वायुसेना की ओर से जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी ठिकानों पर की गई एयर स्‍ट्राइक पर कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने फिर विवादित टिप्‍पणी की है. मार्च 4 को उन्‍होंने ट्वीट करके सवाल किया, 'पीओके में 300 आतंकी मारे गए, हां या ना? उन्‍होंने लिखा कि एयर स्‍ट्राइक का मकसद क्‍या था? क्‍या आपने आतंकी मारे या पेड़ गिराये? क्‍या यह चुनावी हथकंडा है?' उन्‍होंने कहा कि सेना का राजनीतिकरण करना बंद किया जाए.
वहीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्‍बल ने भी मार्च 4 को इस मुद्दे पर सवाल उठाए. उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया की उन रिपोर्ट पर जवाब देना चाहिए, जिनमें यह कहा गया कि भारतीय वायुसेना की बालाकोट में की गई एयर स्‍ट्राइक में शायद ही कोई मारा गया. उन्‍होंने कहा, 'मैं पीएम मोदी से पूछना चाहता हूं कि क्‍या अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया पाकिस्‍तान के समर्थन में है? जब भी अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया पाकिस्‍तान के खिलाफ बोलती है तो आप खुश होते हैं. क्‍या जब वे सवाल पूछते हैं तो क्‍या वे पाकिस्‍तान का समर्थन कर रहे होते हैं?'
300 terrorist dead, Yes or No?

What was the purpose then? Were you uprooting terrorist or trees? Was it an election gimmick?

Deceit possesses our land in guise of fighting a foreign enemy.

Stop politicising the army, it is as sacred as the state.

ऊंची दुकान फीका पकवान| pic.twitter.com/HiPILADIuW
पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की ओर से गई एयर स्‍ट्राइक पर मार्च 4 को वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने भी प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की. इस दौरान उन्‍होंने साफतौर पर कहा 'हमारा काम आतंकी ठिकानों को तबाह करना है, हमारा काम उनके शवों की गिनती करना नहीं है. यह काम सरकार का है.' 
वायुसेना प्रमुख ने सोमवार को इस एयर स्‍ट्राइक पर सवाल उठाने वालों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर हम कोई लक्ष्‍य साधते हैं, तो हम उसे तबाह कर देते हैं. अगर ऐसा नहीं होता तो पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान इस एयर स्‍ट्राइक पर प्रतिक्रिया क्‍यों देते. अगर हम लोगों ने जंगलों पर बम गिराये होते तो इमरान खान प्रतिक्रिया क्‍यों देते.
चोट आतंकियों को लगी, चीख कांग्रेस की निकल रही : नकवी
पाकिस्तान के बालाकोट आतंकी अड्डे पर वायुसेना की कार्रवाई को लेकर सियासी घटनाक्रम में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को आरोप लगाया कि चोट आतंकवादियों एवं उनके प्रायोजकों पर लगी है, चीख कांग्रेस एवं उनके साथियों की निकल रही है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता नकवी ने कहा कि आज जब देश अपने सुरक्षा बलों के शौर्य एवं पराक्रम को सलाम कर रहा है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राष्ट्रीय सुरक्षा पर मजबूत राष्ट्रवादी इच्छा शक्ति का स्वागत कर रहा है, ऐसे समय में कांग्रेस एवं उसके कुछ साथी इस आतंकवाद विरोधी अभियान पर पलीता लगाने का काम कर रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चोट आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों पर लगी है, चीख कांग्रेस एवं उनके साथियों की निकल रही है. ये इत्तेफाक है या जुगलबंदी.. यह तो वक्त ही बताएगा.’’ नकवी ने जोर दिया कि एक तरफ पाकिस्तान सबूत मांग रहा है तो दूसरी तरफ कांग्रेस एवं उसके कुछ साथी भी उसकी ही भाषा बोल रहे हैं. 
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कई विपक्षी दलों द्वारा भारत की एयर स्‍ट्राइक पर उठाए जा रहे सवालों के मद्देनजर एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा है क....

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति आज देश के सामने है. प्रियंका वाड्रा और राहुल गांधी का अभियान पीटा शो साबित हो रहा है. ये कभी देश की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं तो कभी अपने ही क्षेत्र (अमेठी) के विकास पर बवाल खड़ा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस एवं विपक्ष के कुछ गुमराह साथी जिस तरह का सवाल खड़ा कर रहे हैं, ये कोई नई बात नहीं है. अटलजी के समय में भी जब हमारे सुरक्षा बलों ने करगिल में आतंकवादियों का सफाया किया था तब भी ऐसे ही सवाल उठाये गए थे. कांग्रेस पार्टी उसी विरासत को आगे बढ़ा रही है.

आतंकी मसूद अजहर की मौत की खबर का पाकिस्तानी मीडिया ने किया खंडन, कहा- अभी जिंदा है

आतंकी मसूद अजहर की मौत की खबर का पाकिस्तानी मीडिया ने किया खंडन, कहा- अभी जिंदा है
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
ज्ञात हो, जब अमेरिका सरकार ओसामा बिन लादेन के पीछे पड़ी थी, तब कई बार यह अफवाह फैलाई गयी थी, कि ओसामा मर गया।  कभी यह कहा जाता था, अफगानिस्तान में छिपा है, कभी ईरान अथवा इराक में या फिर सीरिया में, लेकिन अमेरिका ने लादेन को मारा उस पाकिस्तान में, जिस पाकिस्तान को वर्षों से आर्थिक मदद करता रहा है। यानि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान ने आर्थिक मदद देने वाले देश अमेरिका तक की मदद करने की बजाए, आतंकी ओसामा को अपने देश में छुपाकर रखा। जो प्रमाणित करता है कि पाकिस्तान विश्वास योग्य नहीं। अन्यथा अमेरिका को लादेन की जीवन लीला समाप्त करने में इतना समय नहीं लगता। 
जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन के प्रमुख मसूद अजहर की पाकिस्तान में मौत का दावा सोशल मीडिया पर किया जा रहा है। भारत में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में भी ऐसा दावा किया जा रहा है। वहीं, पाकिस्तान की मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार मसूद अजहर ज़िंदा है। पाक मीडिया ने मसूद अजहर की मौत की खबर का खंडन किया है। पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया संस्थान जिओ न्यूज़ के अनुसार, मसूद अजहर अभी ज़िंदा है। जिओ ने ये खबर मसूद अजहर के परिवार व रिश्तेदारों से बातचीत के आधार पर प्रकाशित की है 
इस वायरल खबर पर भारत की नजरें हैं. इसके बारे में भारतीय खुफिया एजेंसियां सच्चाई पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इसके अलावा कोई जानकारी नहीं है कि अजहर का सेना के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसके गुर्दे खराब हो चुके हैं 
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर के रहने वाले अजहर ने 2000 में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन बनाया था। कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सीएनएन को दिये इंटरव्यू में कहा था कि जैश प्रमुख अजहर पाकिस्तान में है और उसकी सेहत बहुत खराब है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत ठोस सबूत पेश करे तो पाक सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। कुरैशी ने कहा था, वह मेरी जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में है। वह इतना बीमार है कि अपने घर से नहीं निकल सकता 



मार्च 3 को अटकलें तब और तेज हो गईं, जब एक वायरल रिपोर्ट में कहा गया कि मसूद भारतीय वायुसेना द्वारा बालाकोट में आतंकी शिविर पर हमले में मारा गया है। हालांकि, किसी आधिकारिक सूत्र ने इसकी पुष्टि नहीं की। भारतीय वायुसेना द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर हमले में उसे हुए नुकसान के सबूत दिखाने के बढ़ते दवाब के बीच भारत संदेह करने वालों को चुप कराने के लिए कुछ दिनों में सबूत पेश करने पर विचार कर रहा है 
एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, जब अधिकारी से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान अब अजहर के खिलाफ सुरक्षा परिषद की कार्रवाई का और विरोध नहीं करेगा तो उन्होंने कहा, ‘‘देश को फैसला लेना होगा कि व्यक्ति महत्वपूर्ण है या देश का व्यापक राष्ट्रीय हित अहम है’’ अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने फरवरी 27 को पाकिस्तान में रहने वाले अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नए सिरे से प्रस्ताव रखा था। ऐसा होने से अजहर के वैश्विक रूप से यात्रा करने पर पाबंदी लग जाएगी, उसकी संपत्तियां फ्रीज हो जाएंगी 
सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध के बारे में निर्णय लेने वाली समिति 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के वीटो अधिकार प्राप्त तीन स्थाई सदस्य देशों के ताजा प्रस्ताव पर 10 दिन के अंदर विचार करेगी। अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए पिछले 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में इस तरह का यह चौथा प्रयास है 
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पाकिस्‍तान आखिरकार भारत के आगे एक बार फिर झुक गया। पाकिस्‍तान मार्च 1 को भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को...

भारत ने 2009 में अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के लिए प्रस्ताव रखा था। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने पहले भी जेईएम समेत प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की है और उनके खिलाफ भविष्य में कोई भी कार्रवाई राष्ट्रीय कार्य योजना और वित्तीय कार्रवाई कार्य बल के संबंध में हमारी प्रतिबद्धताओं के अनुसार की जाएगी’’ 
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार जल्द ही किसी भी समय जेईएम के खिलाफ कार्रवाई करेगी, इस पर मंत्री ने इसे खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई एनएपी के अनुसार की जाएगी’’ उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने एनएपी की जरुरतों के अनुसार बहावलपुर में एक मदरसे और मस्जिद को अपने नियंत्रण में ले लिया है (एजेंसीज इनपुट्स सहित)

"अल्लाह हमें बचाएं" : पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने कहा

Air Strike से खौफ में पाकिस्तान, पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने कहा- अल्लाह हमें बचाएं
पाकिस्तान स्थित आतंकी शिविर पर भारतीय वायुसेना की तरफ से एयर स्ट्राइक को लेकर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ ने ट्विटर के जरिए अपने पिता की बात सामने रखी जो फिलहाल कोट लखपत जेल में बंद हैं। मरियम नवाज ने ट्वीट किया है कि मैं अपने पिता नवाज शरीफ से मिलकर आ रही हूं। वे इस हमले के बाद काफी चिंतित हैं। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा की है. साथ में उन्होंने पाकिस्तान और पाकिस्तानियों की सुरक्षा की कामना की है 
एक के बाद एक ट्वीट के जरिए मरियम नवाज ने कहा कि पाकिस्तान कुदरत का तोहफा है. अल्लाह इस मुल्क और यहां रहने वाले लोगों की रक्षा करें 
25 फरवरी की देर रात (26 तारीख) को भारतीय वायुसेना के जवानों ने मिराज-2000 से सीमापार कर बालाकोट स्थित आतंकी शिविरों को निशाना बनाया। इस हमले को सुबह करीब 3.45 बजे अंजाम दिया गया। माना जा रहा है कि आतंकी शिविर पूरी तरह ध्वस्त हो गया है और इस हमले में कम से कम 300 आतंकी मारे गए हैं 
इधर पाकिस्तान एयर फोर्स की तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि भारतीय एयरफोर्स के जवान LoC को पार किए थे जिसके बाद उन्हें पाकिस्तान एयर फोर्स ने चैलेंज कियाचैलेंज मिलने के बाद भारतीय एयरफोर्स के जवान वापस लौट गए 
Just met MNS at Kotlakhpat jail. He was deeply concerned over & strongly condemned the Indian aircrafts intrusion across LOC
Said ‘اللّہ وطن عزیز کی حفاظت فرمائے اور پاکستان پر کبھی کوئی آنچ نہ آئے۔ آمین’
Pakistan is the biggest blessing we have. May Allah SWT bless and protect Pakistan, our beloved country, our Motherland, our Homeland.
Pakistan Zindabad hamesha 🇵🇰
जम्मू कश्मीर में पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंपों पर भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हमले को 'मिराज 2000' ने अंजाम दिया। ये हमला वायुसेना के फाइटर, जेट और मिड रिफ्यूलर द्वारा किया गया। इस पूरे हमले के बारे में वायुसेना के अधिकारियों ने एनएसए अजीत डोवाल और पीएम मोदी को पहले ही जानकारी दे दी थी। वायुसेना ने अपने एक एक कदम के बारे में प्रजेंटेशन के माध्यम से एनएसए और पीएम को बताया था. फरवरी 26 सुबह इस ऑपरेशन की शुरुआत के लिए वायुसेना के लड़ाकू विमान मिराज 2000 ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी। वायुसेना के अर्ली वॉर्निंग जेट विमानों ने पंजाब के बठिंडा एयरबेस से उड़ान भरी 
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भारतीय सेना की ओर से गुजरात के कच्छ में नष्ट किए गए पाकिस्तानी जासूसी ड्रोन को लेकर नया खुलासा हुआ है। भारतीय सेना ....

पुलवामा हमले के 12 दिन,,,
1--2 दिन के अंदर हमले के मास्टरमाइंड समेत तीन आतंकियों को मार गिराया गया था,,
2--बार्डर कर 200%बढ़ा दिया गया था,,
3--पाकिस्तान से #मोस्ट फेवर्ड नेशन का ख़िताब वापस ले लिया गया था,,
4--छठे दिन जल समझौता रद्द कर दिया गया था,,
5--आठवें दिन राजस्थान रैली में कहा कि हिन्द की फ़ौज और माँ भवानी पर भरोसा रखें,
6--ग्याहरवें दिन यानी कल शहीदों को स्मारक बनाकर समर्पित किया,,

7--और आज बारहवें दिन 12 कैम्प और 300 से ज्यादा आतंकवादियों को जहन्नुम का टिकट पकड़ा दिया, आदि 
जिस 'मिराज-2000' ने पाकिस्तान में मचाई तबाही, पढ़िए उसकी 10 खूबियां'मिराज-2000' की 10 खूबियां
- भारतीय सेना के पास मौजूद मिराज-2000 विमान एक सीट वाला फाइटर जेट है इसका निर्माण 'डसॉल्ट मिराज एविशन' ने किया है मिराज- 2000 फाइटर जेट को 1980 के दशक में फ्रांस से खरीदा गया था 
- यह विमान एक घंटे में 2495 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है मिराज एक फ्रेंच बहुउपयोगी फोर्थ जेनरेशन का सिंगल इंजन लड़ाकू विमान है 
- भारतीय वायु सेना के पास 50 'मिराज-2000' हैं. इस हमले में एयरफोर्स ने 12 विमानों का इस्तेमाल किया है पिछले दिनों भारतीय सरकार ने इन विमानों के अपग्रेडेशन के लिए फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन के साथ करार किया था, जिसके तहत कुछ विमानों का अपग्रेडेशन हो गया. अपग्रेडशन के बाद ये विमान पहले से ज्यादा ताकतवर हो गए हैं 
- दुनिया के सबसे अच्छे लड़ाकू विमानों की लिस्ट में 'मिराज-2000' दसवें नंबर पर है इसकी पहली उड़ान 10 मार्च 1978 को हुई थी 
- यह विमान जमीन पर भारी बमबारी करने के साथ ही हवा में मौजूद दूसरे प्लेन्स को भी निशाना बनाने में सक्षम है 21 मई, 2015 को मिराज-2000 दिल्ली के पास यमुना एक्सप्रेस वे पर लैंड कराया गया इसे आपातकालिन स्थिति में राष्ट्रीय राजमार्गों को रनवे की तरह इस्तेमाल किया जा सके, इसलिए इस ड्रिल को मिराज से अंजाम दिया गया था 
- फ्रांस की कंपनी की तरफ से बनाए गए मिराज-2000 हर तरह के मौसम में उड़ान भरने में सक्षम है 
- 'मिराज-2000' बेहद तेज गति से कम ऊंचाई पर उड़ते हुए जमीन पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों पर बमबारी कर सकता है 
- 'मिराज-2000' एक बार में 17 हजार किलोग्राम भार ले जाने में सक्षम है 
- इसकी रेंज 1480 किमी है यानी एक बार में 1480 किमी दूर तक दुश्मन के ठिकानों पर बमबारी कर सकता है. डसॉल्ट मिराज 2000  हवा से सतह पर मिसाइल और हथियार से हमला करने के साथ-साथ लेजर गाइडेड बम (LGB) दागने में भी सक्षम है 
- 1999 में करगिल युद्ध के दौरान मिराज-2000 ने अहम भूमिका निभाई थी और दुश्मन को नेस्तनाबूद कर दिया था  करगिल की लड़ाई में मिराज ने दुश्मन के ठिकानों पर लेजर गाइडेड बम दागे थे, जिससे अहम बंकरों को ध्वस्त कर दिया गया था यह लड़ाकू विमान फ्रांसिसी एयरफोर्स के साथ भारतीय वायुसेना, युनाइटेड अरब अमीरात एयरफोर्स और चीनी रिपब्लिक वायुसेना के बेड़े में भी शामिल है (एजेंसीज इनपुट्स)