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तेल की सप्लाई बंद करो, इनके राजदूतों को बाहर निकालो: मुस्लिम देशों से बैन का किया ​आह्वान : OIC की बैठक में ईरान

गाजा के इसी अस्पताल पर हुए हमले में करीब 500 लोगों की हो गई थी मौत (फोटो साभार: अल जज़ीरा)
इस्लामिक देशों के संगठन OIC की बैठक में ईरान ने इजरायल के खिलाफ सदस्य देशों को खूब भड़काया। उसकी तेल सप्लाई रोकने को कहा। सदस्य देशों से इजरायली राजदूतों को अपने-अपने देशों से बाहर निकालने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि इजरायल के साथ ईरान के राजनयिक रिश्ते नहीं हैं।

सऊदी अरब के जेद्दा में ओआईसी की बैठक में इजरायल पर प्रतिबंध की अपील करते हुए ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुलाहियान ने सभी मुस्लिम मुल्कों से इस पर सहयोग माँगा। बता दें कि ओआईसी 57 देशों का समूह है, जिसमें 48 देश मुस्लिम बाहुल्य वाले हैं। यह बैठक गाजा के एक अस्पताल पर हमले के बाद 18 अक्टूबर 2023 को हुई थी। इस बैठक में इजरायल पर बैन लगाने को लेकर सहमति नहीं बनी, लेकिन ओआईसी ने गाजा पर हमलों को आतंकवाद और युद्ध अपराध बताया है।

इजरायल पर पूर्ण बैन की माँग

इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर चर्चा के लिए जेद्दा में ओआईसी की अर्जेंट मीटिंग बुलाई गई थी। इसी बैठक के दौरान ईरान ने बयान जारी कर सदस्य देशों से इजरायल पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। ईरान के विदेश मंत्री अब्दुलाहियान ने कहा कि इजरायल का हमला ‘युद्ध अपराध’ और ‘अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन’ है। उन्होंने कहा कि ओआईसी के सदस्य देशों को इजरायल के खिलाफ प्रतिबंध लगाने चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हो।
ईरान के विदेश मंत्री होसैन अब्दुलाहियान ने कहा कि इजरायल का हमला ‘एक निर्दोष नागरिक आबादी के खिलाफ एक क्रूर और अमानवीय कार्रवाई’ थी। उन्होंने कहा कि हमले में मारे गए लोगों में महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। उन्होंने कहा कि इजरायल को इस हमले के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ओआईसी के सदस्य देशों से इजरायल के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। इजरायल द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे युद्ध अपराधों की जाँच के लिए एक टीम बनाने की भी बात कही।

ओआईसी ने इजरायल से हमलों को रोकने के लिए कहा

इस मामले में ओआईसी की ओर से साझा बयान जारी किया गया है। ओआईसी के महासचिव ने बैठक के बाद ये बयान जारी किया, जिसमें अस्पताल पर हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया गया और ‘इजरायली आतंकवाद’ की निंदा की गई। गाजा में इजरायली हमलों को युद्ध अपराध करार देते हुए इजरायल को युद्ध अपराधों के लिए सजा देने की बात कही गई।

इजरायल ने कहा, उसने नहीं किया अस्पताल पर हमला

एक तरफ ईरान समेत तमाम मुस्लिम देश गाजा के अस्पताल पर हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं इजरायल ने सबूतों के साथ बताया है कि ये हमला इस्लामिक जेहाद ने किया था। इजरायल ने इसके ऑडियो-वीडियो सबूत भी शेयर किए हैं। इनसे पता चलता है कि इजरायल को निशाना बनाकर दागा गया रॉकेट मिसफायर होकर अस्पताल पर गिर गया जिससे करीब 500 लोगों की मौत हो गई।

इजरायल ने गाजा में मानवीय सहायता के लिए भरी हामी

18 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन से मुलाकात के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुँचने को नहीं रोकने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि मिस्र से होकर ये सहायता पहुँच सकती है, लेकिन ये दक्षिणी गाजा तक ही सीमित रहनी चाहिए। अगर सहायता के नाम पर हमास को मदद पहुँचाने की कोशिश की गई, तो फिर वो चुप नहीं बैठेगा।
वहीं, अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक बार फिर से इजरायल के लिए कवच बन गया। अमेरिका ने बुधवार (18 अक्टूबर 2023) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया, जिसमें गाजा पट्टी तक मानवीय सहायता की पहुँचाने की अनुमति देने के लिए इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकवादियों हमास के बीच संघर्ष विराम का आह्वान किया गया था।

हमास के हमले में करीब 1400 इजरायलियों की मौत

हमास के हमलों में इजरायल के करीब 1400 लोगों की मौत हुई है। 3000 से ज्यादा घायल हैं। हमास ने इस हमले में करीब 250 इजरायली नागरिकों को बंधक भी बना लिया था। इजरायली बंधकों को छुड़ाने और हमास को मिटाने के लिए गाजा की घेराबंदी कर दी गई है। इजरायल के जवाबी कार्रवाई में करीब तीन हजार आतंकी मारे गए हैं। इजरायल वार टीम ने एक एक्स पोस्ट के जरिए बताया है कि इजरायल को टारगेट कर हमास के दागे रॉकेट में से 30 से 40% मिसफायर होकर गाजा पट्टी में ही गिरे हैं।

इजरायल का सनसनीखेज खुलासा : हमास आतंकियों के साथ एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों ने अल जला टावर में पी हर रोज कॉफी

   आईडीएफ चीफ ने कहा एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों के साथ हमास आतंकियों के अच्छे संबंध (साभार: एसेसिएट प्रेस)
फिलिस्तीन के साथ जारी विवाद के बीच 
इजरायल डिफेंस फोर्स के सीनियर लेवल अफसर ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि एसोसिएटेड प्रेस के गाजा में रहने वाले पत्रकारों के हमास के साथ अच्छे संबंध थे। टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक जिस मीडिया बिल्डिंग को आईडीएफ ने उड़ा दिया था, वहाँ एपी के पत्रकार हमास के आतंकियों के साथ ‘सुबह की चाय-कॉफी’ पीते थे।

15 मई 2021 को हमास के खिलाफ आक्रामक हमला करते हुए आईडीएफ ने गाजा में स्थित अल जला टॉवर पर भीषण बमबारी कर उसे ध्वस्त कर दिया था, जिसमें अल जजीरा और एसोशिएटेड प्रेस समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट थे।

काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन के बाद आईडीएफ ने कहा था कि अल जला टॉवर, जिसमें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स थे वह आतंकी संगठन हमास के इंटेलीजेंस यूनिट का हाउस था। यहीं से हमास आईडीएफ की गतिविधियों पर एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर डिवाइसेस के जरिए नजर रखता था।

 लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली डिफेंस फोर्स के चीफ अवीव कोहावी ने दावा किया है कि एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों ने जाने-अनजाने अल जला टॉवर के ग्राउंड-लेवल पर स्थित कैफेटेरिया में हमास के इलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञों के साथ सुबह की कॉफी पी थी।

एसोसिएटेड प्रेस ने आईडीएफ के दावों को नकारा

हालाँकि, एसोसिएटेड प्रेस ने आईडीएफ के इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे “बिल्कुल झूठा” बताया और कहा कि इमारत में एक भी कैफेटेरिया नहीं था।
29 मई 2021 रात को एक बयान जारी कर एपी ने कोहावी के दावों को गलत बताया। न्यूज एजेंसी ने कहा, “इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ द्वारा लगाया गया यह आरोप पूरी तरह से झूठा और निराधार है। भवन में कैफेटेरिया भी नहीं था। इस तरह के निराधार दावे एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।”
अपने बयान में एपी ने अल जला टॉवर को उड़ाने की घटना की स्वतंत्र जाँच की माँग की, ताकि फैक्ट का पता चल सके। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, “जैसा कि हमने बार-बार कहा है, हमें इमारत में हमास के पहले से होने की कोई जानकारी नहीं थी और न ही आईडीएफ ने हमले से पहले ऐसी किसी भी संभावित उपस्थिति की चेतावनी दी। हमें नहीं पता कि इजरायल क्या सबूत दिखाएगा, लेकिन हम इसके बारे में जानना चाहते हैं।”
सही थी एयर स्ट्राइक --आईडीएफ चीफ 
गाजा के अल जला टॉवर पर एयर स्ट्राइक को सही ठहराते हुए आईडीएफ प्रमुख अवीव कोहावी ने अल जला टॉवर पर एयर स्ट्राइक को लेकर कथित तौर पर अपने सहयोगियों से कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ वर्ग इजरायल की निंदा कर रहे हैं, लेकिन हमें इसका तनिक भी अफसोस नहीं है। उसे उचित ढंग से ध्वस्त किया गया है।
इजरायली मिलिट्री इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए इमारत पर हमले को सही बताया है। हमास जिस मंजिल पर काम कर रहा था, उस पर केवल सर्जिकल स्ट्राइक करने के बजाय पूरे ढाँचे को ही उड़ाना ज्यादा सही था, क्योंकि सर्जिकल स्ट्राइक से टॉवर की सभी क्षमताओं को नष्ट नहीं किया सकता।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अल जला टॉवर को “पूरी तरह से वैध लक्ष्य” बताते हुए कहा कि इजरायली इंटेलीजेंस के जरिए इस तरह के सबूत मिले हैं।
नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर आईडीएफ के अधिकारियों ने कहा है कि इजरायल के रक्षा प्रतिष्ठान ने पेंटागन के अधिकारियों को हमास के मिलिट्री ऑपरेशन के बारे में खुफिया जानकारी दी थी।
इजराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत पहुंचा अल जला टॉवर 
इन सब के बीच इजरायल द्वारा नेस्तनाबूद किए गए अल जला मीडिया टॉवर के मालिक जवाद मेहदी ने इंटरनेशनल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि टॉवर को जमींदोज करना एक युद्ध अपराध था। यह शिकायत आईसीसी के मुख्य अभियोजक द्वारा इजरायल-फिलिस्तीन के हालिया संघर्ष को अपराध बताने के बाद आई है।
हमास के आतंकवादियों के साथ मिले होने के आरोपित मेहदी ने कहा कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने 13 मंजिला इमारत पर हमले से पहले उसे खाली करने के लिए केवल एक घंटे का वक्त दिया था।
आईसीसी पहले से ही मार्च 2014 से इजरायली फोर्स और फिलिस्तीन के आतंकी गुटों के बीच संभावित युद्ध के मामलों की जाँच कर रहा है। हालाँकि, आईसीसी के पास इस तरह की जाँच करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि इजरायल अदालत का सदस्य नहीं है।

इजरायल का Iron Dome वाशिंगटन पोस्ट को खटका

         इजरायल का एंटी-मिसाइल सिस्टम 'आयरन डोम' ने बचाई है हजारों जानें (फाइल फोटो साभार: Reuters)
इजरायल और फिलिस्तीन के संघर्ष में जहाँ अधिकतर लोग आतंकवादियों के सफाई के लिए यहूदी मुल्क की प्रशंसा कर रहे हैं, वहीं मीडिया का एक वर्ग ऐसा है जो मान ही नहीं सकता है कि इस्लामी कट्टरता या आतंकवाद जैसी किसी चीज का अस्तित्व भी है और इसीलिए वो लगातार इजरायल को बदनाम करने में लगा हुआ है। ‘वाशिंगटन पोस्ट’ के एक लेख में इजरायल के नागरिकों की सुरक्षा करने वाले ‘आयरन डोम’ को इस हिंसा का कारण बताया गया है।

इजरायल का ‘आयरन डोम’ एक एरियल एंटी-मिसाइल सिस्टम है जो गाज़ा की तरफ से आने वाले रॉकेट हमलों की पहचान करता है और फिर उन्हें मार गिराया जाता है जिससे यहाँ के नागरिकों को नुकसान नहीं होता। पिछले एक दशक में इसने हमास के हजारों ऐसे रॉकेट्स को रोका है, जो इजरायल में तबाही मचा सकते थे। ‘वाशिंगटन पोस्ट’ का कहना है कि इस के कारण इजरायल समस्या के समाधान में ‘उत्तेजना’ नहीं दिखा रहा।

ये ‘आयरन डोम’ सिस्टम किसी चमत्कार से कम नहीं है, जो शॉर्ट-रेन्ज रॉकेट्स का काल है। ये हमास की तरफ से आने वाले 90% रॉकेट्स को ब्लॉक करता है। विशेषज्ञ इसे इजरायल का ‘इन्सुरेंस पॉलिसी’ भी बताते हैं। हमास एक बार में दर्जनों रॉकेट्स छोड़ता है, इस उम्मीद में की संख्या ज्यादा होने पर एकाध अपने लक्ष्य पर लग जाए। अमेरिका का ‘पेट्रियट सिस्टम’ भी तुलनकतमक रूप से इसके पीछे है।

क्या मीडिया का ये वर्ग चाहता है कि कोई देश अपनी सुरक्षा न करे और अपने लोगों को सिर्फ इसीलिए मरने के लिए छोड़ दे, क्योंकि हमला इस्लामी कट्टरपंथियों व आतंकियों की तरफ से किया जा रहा है? अपनी सुरक्षा की व्यवस्था करना भी अब पाप हो गया क्योंकि इससे ‘समाधान की उत्तेजना’ कम होती है? सोचिए, अगर ये तकनीक नहीं होती तो पिछले दो हफ़्तों से गाज़ा की तरफ से रॉकेट्स की जो बरसात की गई है उससे एक छोटे से देश में कितनी भीषण तबाही मचती!

‘ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इजरायल’ के प्रोफेसर और ‘राजनीतिक वैज्ञानिक’ यागिल लेवी द्वारा लिखे गए इस लेख में इस ‘आयरन डोम’ को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, क्योंकि ये इजरायल को गाज़ा के हमलों से बचाव के अलावा जवाबी कार्रवाई के लिए ताकत प्रदान करता है। लेख में लिखा गया है कि इससे गाज़ा पर बमबारी का खर्च कम हो जाता है, इजरायल को नागरिकों के जानमाल की क्षति की चिंता नहीं रहती और गाज़ा समस्या का राजनीतिक समाधान नहीं निकल पाता।

लेख की भाषा पर गौर कीजिए, “इस संघर्ष से पहले तक पिछले एक दशक में इजरायल के मायर 18 नागरिक ही हमास के हमले में मारे गए हैं। इससे इजरायल पर एक घरेलू दबाव पैदा होता है कि वो गाज़ा के क्षेत्रों पर कब्ज़ा करे। हमास को उखाड़ फेंके। दक्षिणपंथी गुट की तरफ से ऐसा दबाव आता है। जब-जब हमास ने टनल का प्रयोग कर के इजरायल में घुसना चाहा, इजरायल ने जमीनी ऑपरेशन लॉन्च कर दिया।”

मीडिया संस्थान के कहने का मतलब ये है कि इजरायल को अपने लोगों को मरने के लिए छोड़ देना चाहिए और एकमात्र प्राथमिकता आतंकी संगठन हमास की माँगों को संतुष्ट करने को दिया जाना चाहिए। लेकिन, इस लेख में बड़ी चालाकी से इस बात की चर्चा तक नहीं की गई है कि ताज़ा संघर्ष हमास द्वारा रॉकेट्स छोड़ने के साथ शुरू हुआ। अगर हमास को समाधान चाहिए तो उसने हिंसा का रुख क्यों अख्तियार किया?

‘वाशिंगटन पोस्ट’ को इस बात से परेशानी है कि UN द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से इजरायल और ‘सावधान’ हो गया है। तोप, रॉकेट्स और ड्रोन्स के माध्यम से पश्चिमी देश भी अपने दुश्मनों पर दूर से हमले करते रहे हैं, फिर इजरायल ने क्या गलत किया? खुद बराक ओबामा ने राष्ट्रपति रहते ‘आयरन डोम’ के लिए 2014 में 225 मिलियन डॉलर (आज की तारीख़ में 1642.95 करोड़ रुपए) की फंडिंग दी थी। अमेरिका ने इस पर गर्व जताया था।

2014 के युद्ध के बाद ये इजरायल-फिलिस्तीन सीमा पर सबसे खतरनाक स्थिति है। ‘वाशिंगटन पोस्ट’ का कहना है कि इसने इजरायल को ‘सुरक्षा का झूठा एहसास’ दे रखा है। लेवी ये चर्चा करना भी नहीं भूले हैं कि ये हमेशा के लिए नहीं रहेगा और तकनीक की ये सफलता की जगह ‘राजनीतिक समाधान’ निकलना चाहिए। सवाल ये है कि निर्दोष नागरिकों की जान बचाने वाली तकनीक से किसी को क्यों कोई समस्या होनी चाहिए?

एक तो यहूदी पूरी दुनिया में काफी कम संख्या में बचे हुए हैं और सदियों से ‘Anti-Semitism’ का शिकार रहने, यूरोप/रोमन/इस्लामी ताकतों के हाथों नरसंहार झेलने और अपने मुल्क इजरायल के इस्लामी मुल्कों से घिरा होने के बावजूद अगर उन्होंने अपनी सुरक्षा के तगड़े इंतजाम कर के जानमाल की क्षति से बचने की व्यवस्था की है तो इसमें समस्याजनक क्या है? लिबरल गिरोह अब इस बात से भी परेशान है कि इजरायल अब खुद की सुरक्षा में भी इतना आक्रामक है।

ये वही लोग हैं, जो जम्मू कश्मीर में भी आतंकियों द्वारा आम नागरिकों की हत्या पर चुप्पी साध लेते हैं लेकिन जब भारतीय सेना आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करती है तो मानवाधिकार का राग अलापने लगते हैं। इनकी चिरकाल की इच्छा ये रहती है कि कोई भी देश इस्लामी आतंकवाद से न तो अपनी सुरक्षा की व्यवस्था करे और न ही हमलों के प्रत्युत्तर में वार करे। तो क्या यहूदी ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्लाते हुए खुद का गला काट लें ताकि ‘वाशिंगटन पोस्ट’ जैसे संस्थान संतुष्ट हों?

जिहादी कमांडर अबू हरबीद का सफाया, अमेरिका ने इजरायल को दी $735 मिलियन के हथियार

                 IDF हवाई हमले में इस्लामिक जिहादी कमांडर का सफाया (साभार: Kann News/Twitter)
इजरायली रक्षा बलों ने मई 17, 2021 को इस्लामिक जिहाद के एक आतंकवादी का सफाया कर दिया है। टाइम्स ऑफ इजरायल ने इसकी सूचना दी। प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि हुसाम अबू हरबीद उत्तरी गाजा में अपने घर में इजरायली हवाई हमले में मारा गया। उसे उत्तरी गाजा में आतंकवादी संगठन के ऑपरेशन का कमांडर बताया गया था।

आईडीएफ के अनुसार, हुसाम अबू हरबीद ने 15 वर्षों तक इजरायली सैनिकों और नागरिकों के खिलाफ हमलों का नेतृत्व किया है। यह भी माना जाता है कि वह टैंक रोधी मिसाइल आग के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार था जिसने हाल ही में एक इजरायली नागरिक को घायल कर दिया था। इस्लामिक जिहाद की ओर से अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। एक अरब संदिग्ध को भी कथित तौर पर तटीय शहर जाफ़ा में आग लगने की घटना में गिरफ्तार किया गया है। घटना में एक 12 वर्षीय अरब बच्चे के घायल होने की खबर भी है।

वहीं इजरायली सेना का कहना है कि भारी हवाई हमलों में गाजा की सुरंगें नष्ट हो गईं। इजरायल ने कहा कि एयर स्ट्राइक में हमास द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भूमिगत सुरंगों को नष्ट कर दिया गया है। फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने इजरायल के शहरों में रॉकेट बैराज दागे थे। 

मई 17 को दूसरे सप्ताह में लड़ाई लड़ी गई और युद्धविराम के लिए अंतरराष्ट्रीय आह्वान किया गया। इस्लामिक हमास द्वारा संचालित एन्क्लेव के क्षेत्रों पर भारी इजरायली हवाई हमलों की एक रात के बाद, इजरायल की सेना ने कहा कि गाजा के आतंकवादियों ने रात भर इजरायली शहरों की ओर लगभग 60 रॉकेट दागे थे। गाजा से बेर्शेबा और अशकलोन के इजरायली शहरों में रॉकेट दागे जाने के बाद, इजरायली जेट ने हमास द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भूमिगत सुरंगों के 15 किमी (नौ मील) को निशाना बनाया। इजरायल ने हमास के शीर्ष कमांडरों के नौ आवासों को भी निशाना बनाया।

वहीं अमेरिका ने एक हफ्ते में तीसरी बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर साझा बयान जारी करने से रोक दिया है। इसके अलावा बाइडेन प्रशासन ने इजरायल को सटीक-निर्देशित हथियारों में $735 मिलियन की बिक्री की मंजूरी दे दी है। हमास से लगभग एक सप्ताह पहले, गाजा पट्टी को नियंत्रित करने वाले आतंकवाद-नियुक्त संगठन ने इजरायल के खिलाफ तीव्र रॉकेट हमले शुरू किए, जिसमें कथित तौर पर कम से कम 10 इजरायली मारे गए थे। रॉकेटों का जवाब इजरायल के हवाई हमलों के साथ दिया गया है, जिसमें लगभग 200 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। यह संकट 2014 के हमास-इजरायल युद्ध के बाद से सबसे खराब है जो लगभग दो महीने तक चला था।

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष पिछले एक हफ्ते से जारी है और गाजा से रॉकेट दागे जा रहे हैं और आईडीएफ ने हमास और वहाँ सक्रिय अन्य आतंकवादी समूहों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की है। भारत ने दोनों ओर से हिंसा की घटनाओं की निंदा की है और तत्काल डी-एस्केलेशन का आह्वान किया है।(एजेंसीज)

चेतावनी देने के बाद, इजरायली सेना ने अल जजीरा की बिल्डिंग को बम से उड़ाया

इजरायल ने गाजा में अल जजीरा की बिल्डिंग को बनाया निशाना
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अल जज़ीरा और अन्य मीडिया आउटलेट्स वाले गाजा की ऊँची इमारत के मालिक का कहना था कि उन्हें इज़राइल की सेना से एक कॉल आया, जिसमें उन्हें चेतावनी दी गई कि उनकी इमारत को हवाई हमले से निशाना बनाया जाएगा।
इजरायल डिफेंस फोर्स (@IDF) ने ट्वीट करके बताया कि हमास गाजा की ऊँची इमारतों का उपयोग इजरायल के खिलाफ संचार साधने, कमांड-कंट्रोल, हमले की प्लानिंग और खुफिया सूचनाओं को इकट्ठा करने के लिए कर रहा है और जब हमास इन इमारतों को सैन्य उपयोग में ले रहा है तो ये इमारतें निश्चित तौर पर सैन्य लक्ष्य भी बन जाती हैं।
डिफेंस फोर्स ने कहा कि इजरायल द्वारा पहले भी ऐसी इमारतों को निशान बनाया गया है लेकिन पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि नागरिकों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो। इस बार भी इजरायल की सुरक्षा सेना ने इमारत को खाली करने का संदेश पहले ही दे दिया था और चेतावनी देने के लिए ‘रूफ नॉकर’ बम गिराए जो किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं करते हैं अपितु केवल चेतावनी देते हैं।
इजरायल डिफेंस फोर्स ने यह भी बताया कि जब हमास किसी भी बिल्डिंग का उपयोग सैन्य उद्देश्यों और इजरायल के खिलाफ संसाधन रखने के लिए करेगा तो वह इमारत सुरक्षा के हिसाब से सैन्य लक्ष्य बन जाएगी। इजरायल ने जितनी भी इमारतों को नष्ट किया है, वो सभी इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा थीं और उनके खिलाफ कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से की गई है।

अल जज़ीरा की प्रोड्यूसर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उनके सहकर्मी ऑफिस से निकल चुके हैं। उन्होंने बताया कि अल जज़ीरा ने इज़राइल के खुफिया अधिकारी और जला भवन के मालिक अबू हुसम के बीच फोन कॉल (स्पीकर पर) का सीधा प्रसारण किया। अधिकारी ने कहा कि बिल्डिंग के मालिक ने इजरायली अधिकारी से कहा कि मीडिया को इमारत से अपने उपकरण निकालने के लिए समय दें, लेकिन अधिकारी ने इसके लिए मना कर दिया।

गौरतलब है कि पिछले दिनों गाजा में हुई बमबारी में हमास का कमांडर बसीम इस्सा मारा गया। इसके अलावा वहाँ की तीन बिल्डिंग तबाह हो गई और हमास के सुरक्षा प्रतिष्ठानों को भी उड़ा दिया गया। इजरायली रक्षा मंत्री ने बेनी गैट्स ने बुधवार (मई 12, 2021) शाम को बयान जारी करके बताया था कि वे ऐसे हमले तब तक नहीं रोकेंगे, जब तक दुश्मन पूरी तरह शांत नहीं होते।

अवलोकन करें:-

‘लगातार बम बरसाए, एकदम निर्ममता से… हमारा (हमास) एक भी लड़ाका नहीं था’: 10000+ फिलिस्तीनी घर छोड़ कर भ

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‘लगातार बम बरसाए, एकदम निर्ममता से… हमारा (हमास) एक भी लड़ाका नहीं था’: 10000+ फिलिस्तीनी घर छोड़ कर भ

उन्होंने कहा था, “हमारी सेना के गाजा पट्टी और फिलिस्तीन में हमले बंद नहीं होंगे। हम अब तब तक रुकने को तैयार नहीं हैं, जब तक दुश्मन को पूरी तरह शांत नहीं कर देते। इसके बाद ही अमन बहाली पर कोई बात होगी। इजरायल अब लंबे समय तक शांति कायम करने के उपाय करके ही रहेगा।”

‘लगातार बम बरसाए, एकदम निर्ममता से… हमारा (हमास) एक भी लड़ाका नहीं था’: 10000+ फिलिस्तीनी घर छोड़ कर भागे

    इजराइल के जबावी हमले के बाद 10000+ फिलिस्तीनी घर छोड़कर भागे (photo: Hassan Jedi - Anadolu                                                                                                                                  Agency)

इजरायल और फिलिस्तीनी आंतकियों के बीच खूनी संघर्ष और तेज हो गया है। हमास की तरफ से जारी हमलों के बीच इजराइल की जवाबी कार्रवाई में 15 मई 2021 तक कम से कम 137 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 920 घायल हुए हैं। हमास ने आज सुबह इजरायल के अशदोद शहर पर कई सारे रॉकेट दागे। वहीं, अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलिस्तीन में मरने वालों का आँकड़ा बढ़ सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के हमले से बचने के लिए हजारों फिलिस्तीनी परिवारों ने उत्तरी गाजा में संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित स्कूलों में शरण ली है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसका अनुमान है कि इजरायल के हमले के बीच लगभग 10,000 फिलिस्तीनी गाजा में अपना घर छोड़कर भाग गए हैं, क्योंकि एन्क्लेव पर इजरायल के हमलों से मरने वालों की संख्या 137 तक पहुँच गई है।

अलजजीरा को बताते हुए अबेद्राबू अल-अत्र ने इजरायली सैनिकों द्वारा गाजा के बंकरों को बर्बाद करने का खौफनाक मंजर बयां किया। उन्होंने बताया, “हमें लगा, हम सारे लोग मर जाएँगे। इजरायल ने सब कुछ पर बम बरसाए… वो भी लगातार। हमास का एक भी लड़ाका पूरे एरिया में कहीं नहीं था। मैंने एक से ज्यादा लड़ाइयाँ देखी हैं, लेकिन यह एकदम निर्मम है।” हालाँकि इजरायली सेना के एक प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस ने इसे खारिज कर दिया और कहा हमला सिर्फ बंकरों को तबाह करने के लिए था, किसी आम नागरिक को मारने के लिए नहीं।

देश में शांति बहाल करने के लिए इस लड़ाई को कुछ समय जारी रखेंगे --बेंजामिन नेतन्याहू 

इस खूनी संघर्ष को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई अंतरराष्ट्रीय कॉल के बावजूद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हमास के हमलों का जवाब दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अपने देश में शांति बहाल करने के लिए वह इस लड़ाई को कुछ समय तक जारी रखेंगे।

इजरायल में हमास द्वारा किए हमले में कम से कम नौ लोग मारे गए हैं। इजरायली सेना का कहना है कि इजराइल से गाजा के कई स्थानों पर सैकड़ों रॉकेट दागे गए हैं। इजरायल की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन कॉनरिकस का कहना है कि हमले का उद्देश्य गाजा में एक “अंडरग्राउंड टनल सिस्टम” को नष्ट करना था।

इससे पहले लेफ्टिनेंट कर्नल ने गाजा में जमीनी हमलों की पुष्टि की, लेकिन अभी तक गाजा पट्टी में प्रवेश करने की खबरों को नकार दिया। इजरायल के दक्षिणी हिस्से में फिलिस्तीनी आतंकियों और हमास ने 1,600 से ज्यादा रॉकेट छोड़े हैं।

फिलिस्तीनी आतंकी गुट हमास ने शनिवार सुबह गाजा में अल-शती रिफ्यूजी कैंप में इजरायली सेना द्वारा किए गए हवाई हमले की निंदा की, जिसमें कम से कम आठ लोग मारे गए और 15 अन्य घायल हो गए।

हमास के प्रवक्ता हाज़ेम कासिम ने अपने बयान में कहा कि यह हमला एक पूर्ण युद्ध अपराध है, जो इजरायल द्वारा फिलिस्तीनियों के खिलाफ किया गया। उसने कहा कि यह अपराध गाजा, वेस्ट बैंक और यरुशलम में प्रतिरोध का सामना कर रहे इजरायल की कब्जे की मंशा को दर्शाता है।

द येरुशलम पोस्ट के अनुसार इजरायल ने गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास के ‘मेट्रो’ को निशाना बनाया। कई किलोमीटर में फैले इस टनल को तबाह कर उसे भारी नुकसान पहुँचाया है। हमास सुरंगों के इस नेटवर्क का उपयोग गाजा पट्टी में आवागमन के दौरान इजरायल वायुसेना के हमले से बचने और हथियारों को सुरक्षित रखने के लिए करता रहा है।

हमास की ‘मेट्रो’ कही जाने वाली ये सुरंगें 2014 में इजरायल और हमास के बीच हुए संघर्ष के बाद बनाई गई थीं। गाजा पट्टी में कई किलोमीटर तक फैली इन सुरंगों को बनाने का उद्देश्य था इजरायल के विमानों को चकमा देना और हथियारों को सुरक्षित रखना था।

हाल ही में इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा कि इजरायल की वायुसेना इजराइल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहते हुए हमास पर लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन जमीनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी गुरुवार को कहा कि हमास के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई चलती रहेगी और आगे आने वाले समय यह और भी कड़ी होगी।(एजेंसीज)

गाजा पर 1000 बम, 160 विमानों से 150 टारगेट और 450 मिसाइल दागने के बाद, बोले नेतन्याहू- हमास को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

गाजा में हमास के ठिकानों पर पर इजरायल के ताबड़तोड़ हमले (साभार: वाशिंगटन पोस्ट)
फलस्तीन के साथ चल रहे हवाई संघर्ष के बीच इजरायल अब जमीनी लड़ाई की भी तैयारी कर रहा है। सीमा पर हथियारबंद टुकड़ियों के साथ 9000 रिजर्व सैनिकों को तैनात किया गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास को इस बार बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास का युद्धविराम प्रस्ताव इजरायल पहले ही ठुकरा चुका है।

इससे पहले गुरुवार (14 मई 2021) की रात इजरायल ने रात भर गाजा पर हमले किए। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक रात भर में 1000 से ज्यादा बम गिराए गए। इजरायल के निशाने पर मुख्य रूप से हमास का टनल था। करीब 160 विमानों को इस ऑपरेशन में लगाया गया था। इजरायल डिफेंस फोर्स के हवाले से द टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया है कि 40 मिनट के इस हवाई ऑपरेशन के दौरान उत्तरी गाजा में करीब 150 टारगेट पर 450 मिसाइल गिराए गए। इस दौरान हमास के भूमिगत इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान का अभी भी आकलन किया जा रहा है।

एक अनाम इजरायली सुरक्षा अधिकारी के हवाले से चैनल 12 ने कहा है कि इस दौरान हमास के सैकड़ों आतंकी मारे गए हैं। अधिकारी ने बताया कि हमास की ओर से दागे गए ज्यादातर रॉकेट हमने हवा में ही नष्ट कर दिए हैं। उसके रणनैतिक केंद्र टनल को तबाह कर दिया। आईडीएफ ने ट्विटर पर हमास के कुछ आतंकियों की तस्वीरें भी जारी की है। इजरायल पर रॉकेट हमलों के लिए इन्हें जिम्मेदार बताते हुए उन्हें मार गिराने का दावा किया है। कहा है कि अब ये कभी भी आतंकी हमले की साजिश नहीं रच पाएँगे।

हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाजा में अब तक 119 मौत की पुष्टि की है। इनमें से 27 नाबालिग हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से गाजा में 600 लोगों के जख्मी होने की बात भी कही गई है। आईडीएफ के अनुसार सोमवार से अब तक गाजा से आतंकी 2000 से ज्यादा रॉकेट इजरायल पर दाग चुके हैं। अब तक 7 इजरायली नागरिकों की मौत की भी पुष्टि हो चुकी है।

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गाजा सीमा पर अब इजरायली टैंक, एयर स्ट्राइक के बाद ग्राउंड पर एक्शन ; हथियारबंद टुकड़ी, 7000 रिजर्व स

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गाजा सीमा पर अब इजरायली टैंक, एयर स्ट्राइक के बाद ग्राउंड पर एक्शन ; हथियारबंद टुकड़ी, 7000 रिजर्व स

इजरायल में भारत की सौम्या संतोष की भी मौत हो चुकी है। मूल रूप से केरल के इडुकी की रहने वाली 31 साल की सौम्या संतोष की मौत इजरायल के अश्कलोन शहर में हमास के रॉकेट हमले की चपेट में आने से हुई थी। जब हमला हुआ उस वक्त वह केरल में रह रहे अपने पति संतोष से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। इजरायल ने मुआवजा के साथ-साथ उसके परिवार की देखभाल करने की भी बात कही है।

गाजा सीमा पर अब इजरायली टैंक, एयर स्ट्राइक के बाद ग्राउंड पर एक्शन ; हथियारबंद टुकड़ी, 7000 रिजर्व सैनिक

फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास के युद्ध विराम की माँग को ठुकराने के बाद इजरायल अब ग्राउंड लेवल पर भी एक्शन में आ रहा है। खबर है कि इजरायल की ओर से जहाँ अब तक केवल एयर स्ट्राइक करके गाजा को जवाब दिया जा रहा था, वहीं अब जमीनी कार्रवाई के लिए सेना ने मोर्चा संभाला है। 

कथित तौर पर गाजा की सीमा के पास सेना की 2 टुकड़ियों के साथ एक हथियारबंद टुकड़ी को तैनात किया गया है। इसके अलावा कम से कम 7000 रिजर्व सैनिकों को भी बुलाया गया है। सीमा के आस-पास रहने वाले लोगों को बंकर में जाने के निर्देश दे दिए गए हैं, क्योंकि हो सकता है कि हमास की ओर से भी जवाबी कार्रवाई हो।

IDF की कार्रवाई

IDF ने अपने ट्वीट में गाजा पर की गई अब तक की कार्रवाई को साझा किया है। साथ ही ये भी बताया है कि अगर इजरायल में मरने वालों की संख्या कम है तो इसका मतलब ये नहीं है कि गाजा से हमले नहीं हो रहे। बल्कि इसका ये अर्थ है कि IDF अपने लोगों को प्रोटेक्ट कर रहा है।

IDF के मुताबिक, गाजा से इजरायल की तरफ अब तक 1750 रॉकेट छोड़े गए। जिनसे 7 इजरायली नागरिकों की मौत हुई है और 523 घायल हुए हैं। हमास और इस्लामी जिहादियों ने स्कूल, अस्पातल, बस और तमाम घरों को निशाना बनाया। इसके बदले IDF ने उनकी उस बिल्डिंग को तबाह किया, जहाँ से वह आतंकी दफ्तर चलाते थे।

अभी नहीं घुसी इजरायली सेना

इससे पहले ग्राउंड पर सेना भेजने को लेकर खबर आई थी कि इजरायल डिफेंस फोर्स चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अवीव कोहावी के पास ग्राउंड अटैक के लिए ड्राफ्ट तैयार कर भेजा गया है। जनरल से मँजूरी मिलने पर इसे नेतन्याहू और उनकी कैबिनेट के पास भेजा जाएगा और उसके बाद एक्शन होगा।
इसके बाद ग्राउंड लेवल पर इजरायली सेना के एक्शन पर आधिकारिक तौर पर अभी अधिक जानकारी नहीं आई। लेकिन सैन्य मामलों के संवाददाताओं जिन्हें सशस्त्र बलों द्वारा ब्रीफ किया गया, उन्होंने साफ किया कि अभी गाजा में जमीन पर आक्रमण नहीं हुआ। इजरायली सेना अपनी ही सीमा में रहकर तोपों से फायरिंग कर रही है।
वहीं गाजा सीमा के पास रहने वालों ने भी इस बात को नकारा कि इजरायली सेना के ग्राउंड हमले को लेकर उन्हें कोई साइन दिखा। लेकिन तोप से अटैक और एयर स्ट्राइक जरूर की गई।
कीमत वसूलेंगे गाज़ा से : इसरायली प्रधानमंत्री 
गुरुवार को IDF के ट्वीट के बाद ये अटकलें लगनी शुरू हुई थी कि IDF हवाई और जमीन से इस समय गाजा पट्टी पर हमला बोल रही है।  हालाँकि बाद में IDF ने इस बात का स्पष्टीकरण दिया कि अभी वह गाजा पट्टी में नहीं घुसे हैं जैसा कि पहले बयान से लग रहा था।
इस बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपने बयान में कहा, “मैंने कहा था कि हम हमास से बहुत भारी कीमत वसूलेंगे। हम कर रहे हैं और भारी मात्रा में करते रहेंगे। अंतिम शब्द नहीं कहा गया है। जब तक जरूरी होगा, हमारा ऑपरेशन जारी रहेगा।”
इधर, हमास इस्लामी गुट के प्रवक्ता अबू उमेदा ने साफ किया है कि उनका समूह जमीन पर आक्रमण से नहीं डरता। उनके लिए यह मौका उन्हें पकड़ने का होगा, जिन्होंने उनके सिपाहियों को मारा।
संघर्ष शुरू ​होने के बाद से इजरायल पर 1700 से ज्यादा रॉकेट दागे गए हैं। जवाब में गाजा में करीब 700 से ज्यादा ठिकानों को इजरायली सेना अब तक निशाना बना चुकी है। गाज़ा में हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, चार दिन की लड़ाई में अब तक कम-से-कम 103 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 27 बच्चे भी शामिल हैं।
दूसरी ओर अरब उपद्रवियों ने भी इजरायल के भीतर माहौल बिगाड़ना शुरू कर दिया है। हालातों के मद्देनजर इजरायल पुलिस ने कम से कम 400 लोगों को गिरफ्तार किया है। गाजा पर सख्त रुख अपनाने का आह्वान कर चुके रक्षा मंत्री ने देश में हो रही झड़पों को रोकने के लिए सुरक्षाबलों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने फलीस्तीनियों के लिए मई 12, 202 शाम को बयान जारी करके बताया कि वे ऐसे हमले तब तक नहीं रोकेंगे, जब तक दुश्मन पूरी तरह शांत नहीं होते।
इजराइल ने शांति अपील को ठुकराया 
हमास के वरिष्ठ नेता मौसा अबू मरजूक ने गुट के 9 कमांडरों के मरने के बाद रूसी विदेश मंत्री (मध्य पूर्व के मुद्दों को देखने वाले) मिखाइल बोगदानोव से फोन पर युद्ध विराम का प्रस्ताव रखा था। लेकिन युद्ध विराम की अपील को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ठुकरा दिया है। इजरायल की सरकार ने कहा है कि आने वाले 6 महीने या साल भर में वे कुछ ऐसा करेंगे जो उन्होंने अब तक नहीं किया। 
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फलस्तीन के समर्थन में नारे लगा रही हीरोइन के इजरायली पुलिस ने टाँग में मारी गोली
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फलस्तीन के समर्थन में नारे लगा रही हीरोइन के इजरायली पुलिस ने टाँग में मारी गोली
हमास पर किसी तरह की दया दिखाने की बात नामंजूर करने वाले इजरायल ने बुधवार को बमबारी में गाजा की कई जगहों को निशाना बनाया था। इस क्रम में कई बिल्डिंग तबाह हुई थीं और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को भी धमाके में उड़ा दिया गया था।  इसमें से एक 14 मंजिला इमारत थी जिसमें IDF के अनुसार हमास का मिलिट्रि इंटेलिजेंस का दफ्तर था।(एजेंसीज) 

इजरायल ने ठुकराई हमास की युद्ध विराम की अपील कहा : अब तक जो न किया वो करेंगे

फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास के युद्ध विराम की अपील को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ठुकरा दिया है। इजरायल की सरकार ने कहा है कि आने वाले 6 महीने या साल भर में वे कुछ ऐसा करेंगे जो उन्होंने अब तक नहीं किया। हमास के वरिष्ठ नेता मौसा अबू मरजूक ने गुट के 9 कमांडरों के मरने के बाद रूसी विदेश मंत्री (मध्य पूर्व के मुद्दों को देखने वाले) मिखाइल बोगदानोव से फोन पर युद्ध विराम का प्रस्ताव रखा था।

टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक अबू मरजूक इससे पहले दूसरी टोन में बात कर रहा था। वह हमास का वरिष्ठ नेता है। उसने एक हालिया साक्षात्कार में कहा था, “यूरोपीय लोगों ने हमसे संपर्क किया और कहा कि हम शॉर्ट रेंज की मिसाइलों को दागना बंद कर दें, वरना वे गाजा के पुनर्निर्माण में भाग नहीं लेंगे। मैंने उनसे कहा कि हम अपनी छोटी दूरी की मिसाइलों को रोकेंगे और इसकी जगह लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करेंगे।”

मरजूक के प्रस्ताव के बाद इजरायली सेना ने साफ किया है कि इस बार वे युद्ध विराम नहीं चाहते। इजरायली सरकार ने भी सीजफायर से साफ मना करते हुए कहा कि अभी ये संघर्ष खत्म नहीं होगा। एक लोकल समाचार साइट से एक कैबिनेट मंत्री ने कहा, “हमारे हर निशाने पर हमला बोलने के बाद यदि उन लोगों ने सरेंडर नहीं किया तो हम ग्राउंड ऑपरेशन लॉन्च करेंगे।”

एक रिपोर्ट में इजरायली सेना के खुफिया विभाग से मिले संकेतों के आधार पर बताया गया है कि संघर्ष शुरू ​होने के बाद से इजरायल पर 1600 से ज्यादा रॉकेट दागे गए हैं। जवाब में गाजा में करीब 600 ठिकानों को इजरायली सेना अब तक निशाना बना चुकी है। बताया जाता है इजरायल डिफेंस फोर्स चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अवीव कोहावी के पास ग्राउंड अटैक के लिए ड्राफ्ट तैयार कर भेजा गया है। जनरल से मँजूरी मिलने पर इसे नेतन्याहू और उनकी कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। एक कैबिनेट मंत्री ने बताया है कि ये सब कुछ दिनों में शांत नहीं होगा। इजरायल इसे नहीं रोकेगा और न ही उसका ऐसा करने में दिलचस्पी है। उनके मुताबिक ये सब सही हो रहा है और तब तक चलता रहेगा जब तक फलस्तीन मान नहीं जाता कि कि हमला करना उसकी गलती थी। बिलकुल वैसे, जिस तरह हिजबुल्ला नेता हसन नसरल्लाह ने 2006 में द्वितीय लेबनान युद्ध के बाद किया था। 

मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और इंगलैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसॉन लगातार दोनों पक्षों से शांत होने की अपील कर रहे हैं। वहीं तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्डोगन लगातार मुस्लिम नेताओं से बात करके इजरायल को सबक सिखाने की अपील कर रहे हैं।

इस बीच मई 12 को हुए संघर्ष में इजरायल में एक 5 साल के मासूम ने अपनी जान गवा दी। वहीं गाजा में ईद से पहले 14 मंजिला इमारत नष्ट कर दी गई। IDF ने बताया में कि उन्होंने हमास के नेताओं, सरकारी इमारतों, बैंक मिलाकर कई जगह स्ट्राइक की, जिसमें 9 कमांडरों की तरह हमास के 60 अधिकारी मारे गए।

At least 83 people have been killed in #Gaza since Israel began its bombing campaign in the besieged territory on Monday.

ICC chief prosecutor warns crimes may have been committed in the occupied territory. pic.twitter.com/DapmVYl1Di

— Middle East Eye (@MiddleEastEye) May 13, 2021

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इजरायल में सौम्या की मौत पर केरल CM की श्रद्धांजलि… फिर किया पोस्ट एडिट: BJP ने लगाया ‘कट्टरपंथियो
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केरल की सौम्या संतोष (बाएँ) की इजरायल में हमास के रॉके

जानकारी के मुताबिक, गाजा में हमले के कारण मरने वालों की संख्या 83 और घायल की संख्या 480 पहुँच गई है। इजरायल में एक बच्चे समेत 7 लोगों की मौत हुई है। इजरायल के लॉड शहर में इस संघर्ष के भयावह परिणाम नजर आ रहे हैं। अरब लोगों ने कथित तौर पर वहाँ पुलिस पर पत्थर फेंके और एक यहूदी पर बुरी तरह हमला किया। स्थिति देखते हुए प्रधानमंत्री ने वहाँ इमरजेंसी लगा दी है।