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इजरायल का सनसनीखेज खुलासा : हमास आतंकियों के साथ एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों ने अल जला टावर में पी हर रोज कॉफी

   आईडीएफ चीफ ने कहा एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों के साथ हमास आतंकियों के अच्छे संबंध (साभार: एसेसिएट प्रेस)
फिलिस्तीन के साथ जारी विवाद के बीच 
इजरायल डिफेंस फोर्स के सीनियर लेवल अफसर ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि एसोसिएटेड प्रेस के गाजा में रहने वाले पत्रकारों के हमास के साथ अच्छे संबंध थे। टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक जिस मीडिया बिल्डिंग को आईडीएफ ने उड़ा दिया था, वहाँ एपी के पत्रकार हमास के आतंकियों के साथ ‘सुबह की चाय-कॉफी’ पीते थे।

15 मई 2021 को हमास के खिलाफ आक्रामक हमला करते हुए आईडीएफ ने गाजा में स्थित अल जला टॉवर पर भीषण बमबारी कर उसे ध्वस्त कर दिया था, जिसमें अल जजीरा और एसोशिएटेड प्रेस समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट थे।

काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन के बाद आईडीएफ ने कहा था कि अल जला टॉवर, जिसमें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स थे वह आतंकी संगठन हमास के इंटेलीजेंस यूनिट का हाउस था। यहीं से हमास आईडीएफ की गतिविधियों पर एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर डिवाइसेस के जरिए नजर रखता था।

 लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली डिफेंस फोर्स के चीफ अवीव कोहावी ने दावा किया है कि एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों ने जाने-अनजाने अल जला टॉवर के ग्राउंड-लेवल पर स्थित कैफेटेरिया में हमास के इलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञों के साथ सुबह की कॉफी पी थी।

एसोसिएटेड प्रेस ने आईडीएफ के दावों को नकारा

हालाँकि, एसोसिएटेड प्रेस ने आईडीएफ के इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे “बिल्कुल झूठा” बताया और कहा कि इमारत में एक भी कैफेटेरिया नहीं था।
29 मई 2021 रात को एक बयान जारी कर एपी ने कोहावी के दावों को गलत बताया। न्यूज एजेंसी ने कहा, “इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ द्वारा लगाया गया यह आरोप पूरी तरह से झूठा और निराधार है। भवन में कैफेटेरिया भी नहीं था। इस तरह के निराधार दावे एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।”
अपने बयान में एपी ने अल जला टॉवर को उड़ाने की घटना की स्वतंत्र जाँच की माँग की, ताकि फैक्ट का पता चल सके। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, “जैसा कि हमने बार-बार कहा है, हमें इमारत में हमास के पहले से होने की कोई जानकारी नहीं थी और न ही आईडीएफ ने हमले से पहले ऐसी किसी भी संभावित उपस्थिति की चेतावनी दी। हमें नहीं पता कि इजरायल क्या सबूत दिखाएगा, लेकिन हम इसके बारे में जानना चाहते हैं।”
सही थी एयर स्ट्राइक --आईडीएफ चीफ 
गाजा के अल जला टॉवर पर एयर स्ट्राइक को सही ठहराते हुए आईडीएफ प्रमुख अवीव कोहावी ने अल जला टॉवर पर एयर स्ट्राइक को लेकर कथित तौर पर अपने सहयोगियों से कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ वर्ग इजरायल की निंदा कर रहे हैं, लेकिन हमें इसका तनिक भी अफसोस नहीं है। उसे उचित ढंग से ध्वस्त किया गया है।
इजरायली मिलिट्री इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए इमारत पर हमले को सही बताया है। हमास जिस मंजिल पर काम कर रहा था, उस पर केवल सर्जिकल स्ट्राइक करने के बजाय पूरे ढाँचे को ही उड़ाना ज्यादा सही था, क्योंकि सर्जिकल स्ट्राइक से टॉवर की सभी क्षमताओं को नष्ट नहीं किया सकता।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अल जला टॉवर को “पूरी तरह से वैध लक्ष्य” बताते हुए कहा कि इजरायली इंटेलीजेंस के जरिए इस तरह के सबूत मिले हैं।
नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर आईडीएफ के अधिकारियों ने कहा है कि इजरायल के रक्षा प्रतिष्ठान ने पेंटागन के अधिकारियों को हमास के मिलिट्री ऑपरेशन के बारे में खुफिया जानकारी दी थी।
इजराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत पहुंचा अल जला टॉवर 
इन सब के बीच इजरायल द्वारा नेस्तनाबूद किए गए अल जला मीडिया टॉवर के मालिक जवाद मेहदी ने इंटरनेशनल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि टॉवर को जमींदोज करना एक युद्ध अपराध था। यह शिकायत आईसीसी के मुख्य अभियोजक द्वारा इजरायल-फिलिस्तीन के हालिया संघर्ष को अपराध बताने के बाद आई है।
हमास के आतंकवादियों के साथ मिले होने के आरोपित मेहदी ने कहा कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने 13 मंजिला इमारत पर हमले से पहले उसे खाली करने के लिए केवल एक घंटे का वक्त दिया था।
आईसीसी पहले से ही मार्च 2014 से इजरायली फोर्स और फिलिस्तीन के आतंकी गुटों के बीच संभावित युद्ध के मामलों की जाँच कर रहा है। हालाँकि, आईसीसी के पास इस तरह की जाँच करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि इजरायल अदालत का सदस्य नहीं है।

इजरायल-हमास के बीच संघर्ष विराम, फिलिस्तीनियों ने ‘अल्लाहू-अकबर’ नारों के साथ मनाया जश्न, अमेरिका ने किया स्वागत

                                      इजरायल-हमास के बीच संघर्ष विराम की घोषणा
11 दिनों चले संघर्ष के बाद इजरायल और हमास संघर्ष विराम करने पर सहमत हो गए हैं। इन दोनों के बीच हुए संघर्ष में 200 से ज्यादा फिलिस्तीनियों और इजरायल में 12 की मौत हुई। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने युद्धविराम की घोषणा की और सुरक्षा कैबिनेट ने अपने बयान में इसे “आपसी और बिना शर्त” कहा।

नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इजरायल ने अपने सुरक्षा मंत्रिमंडल की देर रात बैठक के बाद मिस्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। हमास ने तुरंत इसका अनुसरण किया और कहा कि वह इस सौदे का सम्मान करेगा। हमास ने पुष्टि की संघर्ष विराम शुक्रवार को (भारतीय समयानुसार सुबह) 6 बजे से लागू होगा।

इजरायल ने संघर्ष विराम का सम्मान न होने पर फिर लड़ाई की चेतावनी

इजरायली कैबिनेट ने अपनी घोषणा में कहा कि मिस्र की मध्यस्थता वाले युद्धविराम पर सर्वसम्मति से सहमति बनी थी और उसे अपने इस अभियान से कई “महान उपलब्धियां” हासिल हुईं – उनमें से कुछ “अभूतपूर्व” थीं।

इजरायल ने साथ ही चेतावनी दी कि इस संघर्ष विराम का सम्मान नहीं करने पर लड़ाई को फिर से शुरू करने के लिए उसके दरवाजे खुले हैं। इजरायल ने जोर दिया कि जमीन पर वास्तविकता अभियान के भविष्य को निर्धारित करेगी।

युद्ध विराम लागू होने पर फिलिस्तीनियों ने मनाया जश्न

युद्धविराम प्रभावी होते ही, फिलीस्तीनी खुशी मनाने के लिए अपने घर छोड़कर गाजा की सड़कों पर निकल आए। उनमें से कुछ ने “अल्लाहू अकबर” का नारा लगाया, जबकि अन्य अपनी बालकनी से सीटी बजाते नजर आए।
सड़कें कारों से खचाखच भरी गई, ड्राइवर हॉर्न बजा रहे थे और लोग खिड़कियों से झंडे लहरा रहे थे। कुछ लोगों ने रायफल से हवा में फायरिंग की, तो कुछ ने पटाखे छोड़े। मस्जिद के लाउडस्पीकरों ने इसे “यरुशलम की तलवार की लड़ाई के दौरान कब्जे पर हासिल प्रतिरोध की जीत” के रूप में वर्णित किया।
एके-47 राइफल पकड़े एक व्यक्ति ने कहा, “हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं, और हम फिर से लड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन अब हम अपने लोगों के साथ जश्न मनाएंगे।”

अमेरिका ने किया संघर्ष विराम के फैसले का स्वागत

युद्धविराम का ये फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के संघर्ष विराम के आह्वान और मिस्र, कतर और संयुक्त राष्ट्र द्वारा मध्यस्थता किए जाने के एक दिन बाद आया।

संघर्ष विराम की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने लड़ाई में “सभी परिवारों, इजरायल और फिलिस्तीनी, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है” के प्रति अपनी ”संवेदना” व्यक्त की।

गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले 11 दिनों से जारी इस संघर्ष में कम से कम 230 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि इजरायल के 12 लोगों की मौत हुई है।

बायडेन ने की इजरायल के आयरन डोम की तारीफ

पिछले 11 दिनों में नेतन्याहू को 6 बार कॉल करने वाले बायडेन ने कहा कि अमेरिका के सहयोग से विकसित इजरायल की आयरन डोम डिफेंस सिस्टम ने संकट शुरू होने के बाद से “अनगिनत लोगों की जान” बचाई थी। बिडेन ने संघर्ष शुरू होने के बाद से ही नेतन्याहू को भविष्य में इजरायल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए अपना “पूर्ण समर्थन” देने का वादा किया था। 

आयरन डोम का इस्तेमाल हमास द्वारा इजरायल की ओर दागे गए हजारों रॉकेटों में से कई को हवा में ही नष्ट करने के किया गया था। इजरायल ने हमास के रॉकेट हमलों के बाद गाजा पट्टी पर भारी हवाई हमले करते हुए जवाबी कार्रवाई की थी।

बिडेन ने कहा कि अमेरिका “तेजी से मानवीय सहायता” प्रदान करने और गाजा में “पुनर्निर्माण प्रयासों” में सहायता करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ काम करेगा। उन्होंने कहा, “हम इसे हमास के बजाय फिलिस्तीनी प्राधिकरण के साथ साझेदारी में करेंगे, जिससे हमास को अपने सैन्य शस्त्रागार को बहाल करने की अनुमति न मिले।”

बाइडेन ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि फिलिस्तीनी और इजरायल समान रूप से सुरक्षित रूप से रहने और स्वतंत्रता, समृद्धि और लोकतंत्र के समान उपायों का आनंद लेने के अधिकारी हैं।”

हमास द्वारा इजरायली शहर Modi'in को निशाना बनाकर दागा गया रॉकेट लक्ष्य से भटका

                                                                                                     साभार: timesofisrael.com
इस्राइल ने आज पूरी दुनिया को 2 बड़े स्पष्ट संदेश दिए हैं जो भारत के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं...
1-देश की अभिनेत्री जो स्वम् के देश मे पापुलर होकर पैसा कमा रही थी उसने मुश्किल वक़्त में दुश्मन देश को साथ देते हुए स्वम् के देश पर सवाल उठाए तो इस्राइली सुरक्षा बलों ने उसकी टांग पर गोली मार कर स्पष्ट संमझा दिया कि ये भारत नही है जहां गद्दारी चल जाये और आप सेलिब्रिटी भी बने रहें और जिंदगी भर के लिए अपाहिज बना दिया!!
2- लोकतंत्र का चौथा स्तंभ जिसे मीडिया कहा जाता है उसके एक संस्थान अल जजीरा चैनल जो सदैव लगातर इस्राइल भारत के खिलाफ फेक न्यूज़ फैला रहा था उसके मुख्यालय को मात्र एक घंटे की मोहलत देकर उड़ा दिया और स्पष्ट संदेश दिया कि इस्राइल भारत नही है जहां मीडिया देश के खिलाफ ही फेक न्यूज़ चलाये और सरकार उसे चुपचाप सहन करे!!
मध्य इजरायल पर 15 मई को हुए जोरदार रॉकेट हमले के दौरान एक रॉकेट वेस्ट बैंक स्थित एक फिलिस्तीनी कस्बे से टकराया। ये रॉकेट अज्जुन शहर के करीब गिरा, जिससे नुकसान तो हुआ, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास की सैन्य शाखा ने कहा कि रॉकेट का उद्देश्य इजरायली रक्षा बलों के साथ शुक्रवार को हुई झड़प में मारे गए नौ फिलिस्तीनियों की मौत का बदला लेने के लिए मध्य इजरायल के शहर Modi’in को निशाना बनाना था।

आतंकवादी समूह ने घोषणा की, “अल-कसम ब्रिगेड ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के शहीदों की आत्माओं के लिए और उनके खून का बदला लेने के लिए, रामल्लाह के पश्चिम में Modi’in पर बमबारी की।”

क्या है इजरायल का Modi’in

Modi’in-Maccabim-Re’ut मध्य इजरायल स्थित एक शहर है। यह तेल अवीव से लगभग 35 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और यरुशलम से 30 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है, और उन दो शहरों से हाईवे 443 के माध्यम से जुड़ा हुआ है। 2019 में इस शहर की जनसंख्या 93,277 थी।

फिलिस्तीनी प्राधिकरण के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि शुक्रवार को आईडीएफ (इजरायल डिफेंस फोर्सेज) के साथ हिंसक झड़पों के दौरान इजरायल की गोलाबारी में कम से कम नौ वेस्ट बैंक फिलिस्तीनी मारे गए। आईडीएफ के अनुसार, दंगों में करीब 3,000 फिलिस्तीनियों ने भाग लिया था। आईडीएफ ने कहा कि “मुख्य दंगाइयों” को निशाना बनाने सहित कुछ साइटों पर लाइव फायर का इस्तेमाल किया गया था।

हमास के आतंकियों ने गाजा पट्टी से शनिवार दोपहर को मध्य इजरायल की ओर बड़े पैमाने पर रॉकेट दागे। इस हमले में रमत गान नामक 50 वर्ष के एक व्यक्ति के घर के पास रॉकेट गिरने से उसकी मौत हो गई। मध्य तटीय शहरों के साथ-साथ मेगाडलिम, एली, केफर तापुआच, रेचेलिम और अन्य वेस्ट बैंक बस्तियों में सायरन बजते हुए सुनाई दिए। रॉकेट हमले के दौरान कई रॉकेट रामल्लाह के उत्तर में फिलिस्तीनी शहरों के आसपास गिरे।

 इसके अतिरिक्त, एक रॉकेट मध्य इजरायली शहर ताइबे में गिरा, जहाँ कुछ अरबी निवासियों को ऑनलाइन वायरल हुए फुटेज में इस स्ट्राइक पर जश्न मनाते देखा गया।

इजरायल के साथ लड़ाई में सैकड़ों फिलिस्तीनियों की मौत

इजरायल सुरक्षा बलों के अनुसार, गाजा में फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने सोमवार (10 मई) को लड़ाई शुरू होने के बाद से इजरायल की ओर 2,300 से अधिक रॉकेट दागे हैं।

हमास के इन रॉकेट हमलों में एक छोटे बच्चे सहित दस इजरायली मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। गाजा में, हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को लड़ाई से मरने वालों की संख्या बढ़कर 139 हो गई, जिसमें दर्जनों बच्चे शामिल थे, जिसमें 1,000 से अधिक घायल हुए थे।

हमास और इस्लामिक जिहाद आतंकवादी समूहों ने अपने पक्ष के 20 लोगों की मौत की पुष्टि की है, हालांकि इजरायल का कहना है कि मृतकों की संख्या बहुत अधिक है और मारे गए दर्जनों लोग आतंकवादी थे। इसके अलावा, आईडीएफ का यह भी कहना है कि इनमें से कुछ मौतें इजरायल पर दागे गए उन रॉकेटों के कारण हुईं, जो अपने लक्ष्य से पहले ही गाजा पट्टी में गिर गए।

इजरायल ने 820 आतंकी ठिकाने तबाह करने के अलावा 163 फुटबॉल मैदान के बराबर हमास का सुरंग को भी किया ध्वस्त

इजरायल की सेना ने हमास के आतंकियों द्वारा किए जा रहे हमले के प्रत्युत्तर में और आक्रामक तरीके से पलटवार करना शुरू कर दिया है। इजरायली सेना ने एक 9.3 मील (14.96 किलोमीटर) लंबी सुरंग को ध्वस्त कर दिया, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इसके लिए फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया गया। इजरायल ने इसे ‘हमास का आतंकी मेट्रो टनल’ नाम दिया है।

‘इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF)’ ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी दी है कि इस सुरंग के क्षेत्रफल में 163 फुटबॉल के मैदान आ सकते हैं। या फिर यूँ कहें कि ये इसमें 46 एफिल टॉवर्स आ सकते हैं। इसमें 34 एम्पायर स्टेट बिल्डिंग्स समा सकते हैं। इस सुरंग की लम्बाई में दुनिया की सबसे ऊँची ईमारत बुर्ज खलीफा भी 18 की संख्या में आ सकते हैं। इजरायल ने कहा है कि अब इस 9.3 मील के क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं किया जा सकेगा। इसे रातोंरात ध्वस्त कर दिया गया।

इजरायल की सेना ने मई 18, 2021 बताया कि लेबनान की तरफ से उसके उत्तरी क्षेत्र की तरफ 6 रॉकेट्स फायर किए गए। हैरानी की बात तो ये है कि इनमें से एक भी रॉकेट इजरायल में नहीं पहुँच पाया और लेबनान में ही गिर गया। लेकिन, इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई की और उन रॉकेट्स के स्रोत की तरफ जबरदस्त हमला बोला। IDF ने उत्तरी गाज़ा में हमास के मुख्य ऑपरेशन सेंटर पर भी धावा बोला।

इसी सेंटर से हमास के आंतरिक सुरक्षा बलों को संचालित किया जाता रहा है। इजरायल का कहना है कि ये फिलिस्तीन का ‘आतंकी केंद्र’ है। यहूदी मुल्क ने कहा कि उसने इसे ध्वस्त करने से पहले वहाँ से लोगों को बाहर निकलने के लिए पर्याप्त समय दिया। अब तक 820 से भी अधिक आतंकी केंद्रों पर इजरायल ने हमला किया है। साथ ही 21 बड़े आतंकी सरगनाओं को मार गिराया गया है। इन सबके पीछे हुस्सम अबू हर्बीद का हाथ बताया गया है।

उसने ही इजरायल पर एक हफ्ते पहले पहली बार रॉकेट से हमला किया, जिसके बाद हिंसा शुरू हुई। वो पिछले 15 वर्षों से इजरायल पर हमला करता आ रहा था। वो ‘नॉर्दर्न डिवीजन’ में इस्लामी जिहादी कमांडर के रूप में कार्यरत था। इजरायल ने उसे मार गिराया है। इजरायल का कहना है कि उसने अब तक ‘Operation Guardian of the Walls’ के तहत 130 आतंकियों को मार गिराया है। हमास के 460 रॉकेट्स मिसफायर हो गए। इजरायल की तरफ 3150 रॉकेट्स दागे गए, जिनमें 10 नागरिकों की मौत हो गई।

गाजा पर 1000 बम, 160 विमानों से 150 टारगेट और 450 मिसाइल दागने के बाद, बोले नेतन्याहू- हमास को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

गाजा में हमास के ठिकानों पर पर इजरायल के ताबड़तोड़ हमले (साभार: वाशिंगटन पोस्ट)
फलस्तीन के साथ चल रहे हवाई संघर्ष के बीच इजरायल अब जमीनी लड़ाई की भी तैयारी कर रहा है। सीमा पर हथियारबंद टुकड़ियों के साथ 9000 रिजर्व सैनिकों को तैनात किया गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास को इस बार बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास का युद्धविराम प्रस्ताव इजरायल पहले ही ठुकरा चुका है।

इससे पहले गुरुवार (14 मई 2021) की रात इजरायल ने रात भर गाजा पर हमले किए। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक रात भर में 1000 से ज्यादा बम गिराए गए। इजरायल के निशाने पर मुख्य रूप से हमास का टनल था। करीब 160 विमानों को इस ऑपरेशन में लगाया गया था। इजरायल डिफेंस फोर्स के हवाले से द टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया है कि 40 मिनट के इस हवाई ऑपरेशन के दौरान उत्तरी गाजा में करीब 150 टारगेट पर 450 मिसाइल गिराए गए। इस दौरान हमास के भूमिगत इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान का अभी भी आकलन किया जा रहा है।

एक अनाम इजरायली सुरक्षा अधिकारी के हवाले से चैनल 12 ने कहा है कि इस दौरान हमास के सैकड़ों आतंकी मारे गए हैं। अधिकारी ने बताया कि हमास की ओर से दागे गए ज्यादातर रॉकेट हमने हवा में ही नष्ट कर दिए हैं। उसके रणनैतिक केंद्र टनल को तबाह कर दिया। आईडीएफ ने ट्विटर पर हमास के कुछ आतंकियों की तस्वीरें भी जारी की है। इजरायल पर रॉकेट हमलों के लिए इन्हें जिम्मेदार बताते हुए उन्हें मार गिराने का दावा किया है। कहा है कि अब ये कभी भी आतंकी हमले की साजिश नहीं रच पाएँगे।

हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाजा में अब तक 119 मौत की पुष्टि की है। इनमें से 27 नाबालिग हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से गाजा में 600 लोगों के जख्मी होने की बात भी कही गई है। आईडीएफ के अनुसार सोमवार से अब तक गाजा से आतंकी 2000 से ज्यादा रॉकेट इजरायल पर दाग चुके हैं। अब तक 7 इजरायली नागरिकों की मौत की भी पुष्टि हो चुकी है।

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गाजा सीमा पर अब इजरायली टैंक, एयर स्ट्राइक के बाद ग्राउंड पर एक्शन ; हथियारबंद टुकड़ी, 7000 रिजर्व स

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गाजा सीमा पर अब इजरायली टैंक, एयर स्ट्राइक के बाद ग्राउंड पर एक्शन ; हथियारबंद टुकड़ी, 7000 रिजर्व स

इजरायल में भारत की सौम्या संतोष की भी मौत हो चुकी है। मूल रूप से केरल के इडुकी की रहने वाली 31 साल की सौम्या संतोष की मौत इजरायल के अश्कलोन शहर में हमास के रॉकेट हमले की चपेट में आने से हुई थी। जब हमला हुआ उस वक्त वह केरल में रह रहे अपने पति संतोष से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। इजरायल ने मुआवजा के साथ-साथ उसके परिवार की देखभाल करने की भी बात कही है।

इजरायल ने ठुकराई हमास की युद्ध विराम की अपील कहा : अब तक जो न किया वो करेंगे

फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास के युद्ध विराम की अपील को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ठुकरा दिया है। इजरायल की सरकार ने कहा है कि आने वाले 6 महीने या साल भर में वे कुछ ऐसा करेंगे जो उन्होंने अब तक नहीं किया। हमास के वरिष्ठ नेता मौसा अबू मरजूक ने गुट के 9 कमांडरों के मरने के बाद रूसी विदेश मंत्री (मध्य पूर्व के मुद्दों को देखने वाले) मिखाइल बोगदानोव से फोन पर युद्ध विराम का प्रस्ताव रखा था।

टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक अबू मरजूक इससे पहले दूसरी टोन में बात कर रहा था। वह हमास का वरिष्ठ नेता है। उसने एक हालिया साक्षात्कार में कहा था, “यूरोपीय लोगों ने हमसे संपर्क किया और कहा कि हम शॉर्ट रेंज की मिसाइलों को दागना बंद कर दें, वरना वे गाजा के पुनर्निर्माण में भाग नहीं लेंगे। मैंने उनसे कहा कि हम अपनी छोटी दूरी की मिसाइलों को रोकेंगे और इसकी जगह लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करेंगे।”

मरजूक के प्रस्ताव के बाद इजरायली सेना ने साफ किया है कि इस बार वे युद्ध विराम नहीं चाहते। इजरायली सरकार ने भी सीजफायर से साफ मना करते हुए कहा कि अभी ये संघर्ष खत्म नहीं होगा। एक लोकल समाचार साइट से एक कैबिनेट मंत्री ने कहा, “हमारे हर निशाने पर हमला बोलने के बाद यदि उन लोगों ने सरेंडर नहीं किया तो हम ग्राउंड ऑपरेशन लॉन्च करेंगे।”

एक रिपोर्ट में इजरायली सेना के खुफिया विभाग से मिले संकेतों के आधार पर बताया गया है कि संघर्ष शुरू ​होने के बाद से इजरायल पर 1600 से ज्यादा रॉकेट दागे गए हैं। जवाब में गाजा में करीब 600 ठिकानों को इजरायली सेना अब तक निशाना बना चुकी है। बताया जाता है इजरायल डिफेंस फोर्स चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अवीव कोहावी के पास ग्राउंड अटैक के लिए ड्राफ्ट तैयार कर भेजा गया है। जनरल से मँजूरी मिलने पर इसे नेतन्याहू और उनकी कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। एक कैबिनेट मंत्री ने बताया है कि ये सब कुछ दिनों में शांत नहीं होगा। इजरायल इसे नहीं रोकेगा और न ही उसका ऐसा करने में दिलचस्पी है। उनके मुताबिक ये सब सही हो रहा है और तब तक चलता रहेगा जब तक फलस्तीन मान नहीं जाता कि कि हमला करना उसकी गलती थी। बिलकुल वैसे, जिस तरह हिजबुल्ला नेता हसन नसरल्लाह ने 2006 में द्वितीय लेबनान युद्ध के बाद किया था। 

मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और इंगलैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसॉन लगातार दोनों पक्षों से शांत होने की अपील कर रहे हैं। वहीं तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्डोगन लगातार मुस्लिम नेताओं से बात करके इजरायल को सबक सिखाने की अपील कर रहे हैं।

इस बीच मई 12 को हुए संघर्ष में इजरायल में एक 5 साल के मासूम ने अपनी जान गवा दी। वहीं गाजा में ईद से पहले 14 मंजिला इमारत नष्ट कर दी गई। IDF ने बताया में कि उन्होंने हमास के नेताओं, सरकारी इमारतों, बैंक मिलाकर कई जगह स्ट्राइक की, जिसमें 9 कमांडरों की तरह हमास के 60 अधिकारी मारे गए।

At least 83 people have been killed in #Gaza since Israel began its bombing campaign in the besieged territory on Monday.

ICC chief prosecutor warns crimes may have been committed in the occupied territory. pic.twitter.com/DapmVYl1Di

— Middle East Eye (@MiddleEastEye) May 13, 2021

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इजरायल में सौम्या की मौत पर केरल CM की श्रद्धांजलि… फिर किया पोस्ट एडिट: BJP ने लगाया ‘कट्टरपंथियो
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इजरायल में सौम्या की मौत पर केरल CM की श्रद्धांजलि… फिर किया पोस्ट एडिट: BJP ने लगाया ‘कट्टरपंथियो
केरल की सौम्या संतोष (बाएँ) की इजरायल में हमास के रॉके

जानकारी के मुताबिक, गाजा में हमले के कारण मरने वालों की संख्या 83 और घायल की संख्या 480 पहुँच गई है। इजरायल में एक बच्चे समेत 7 लोगों की मौत हुई है। इजरायल के लॉड शहर में इस संघर्ष के भयावह परिणाम नजर आ रहे हैं। अरब लोगों ने कथित तौर पर वहाँ पुलिस पर पत्थर फेंके और एक यहूदी पर बुरी तरह हमला किया। स्थिति देखते हुए प्रधानमंत्री ने वहाँ इमरजेंसी लगा दी है।

इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा – ईद से पहले ‘पूरी तरह शांत कर देंगे’ ; फिलिस्तीनी आतंकी ठिकाने का 14 मंजिला बिल्डिंग तबाह

                                             सेकंड भर में फिलिस्तीनी आतंकी ठिकाना तबाह
फिलिस्तीन और इजरायल के बीच अब आर-पार की जंग छिड़ गई है। मंगलवार (मई 11, 2021) को फिलिस्तीन के हमास संगठन ने अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए इजराइल पर 1000 से अधिक रॉकेट दागे। तो वहीं इजराइल ने मई 11 को गाजा पर हवाई हमले कर दो बहुमंजिला इमारतों को निशाना बनाया। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि इजरायली सैन्य अभियान ने गाजा आतंकवादियों को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह लड़ाई कुछ समय के लिए जारी रहेगी।

इजरायल पर हमला

हमास आतंकी समूह, जो वर्तमान में गाजा पर शासन करता है, ने दावा किया कि इजरायल पर एक हिंसक हमले में एक बार में 130 से अधिक रॉकेट लॉन्च किए गए थे। इजरायली बलों के मुताबिक, फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद के आतंकवादी भी इजरायल पर हमला करने वाले रॉकेट लॉन्च कर रहे हैं।

                             इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू और वहाँ के रक्षा मंत्री बेनी गांट्ज़
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे खूनी संघर्ष में गाजा में मौतों का आँकड़ा 65 पहुँच गया। इजरायल में भी 7 लोगों के मरने की खबर है। अलजजीरा की खबर बताती है कि गाजा में हुई बमबारी में हमास का कमांडर बसीम इस्सा मारा गया। इसके अलावा वहाँ की तीन बिल्डिंग तबाह हो गई और हमास के सुरक्षा प्रतिष्ठानों को भी उड़ा दिया गया।

अलजजीरा की पत्रकार अरवा इब्राहिम के अनुसार 14 मंजिला यह बिल्डिंग कई मीडिया हाउस का ठिकाना था। जबकि इजरायल डिफेंस फोर्स की मानें तो इस बिल्डिंग में हमास मिलिट्री इंटेलिजेंस का ऑफिस था। इसी बिल्डिंग से खुफिया सैन्य गतिविधियों का संचार-संदेश किया जा रहा था।

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक वहाँ 16 बच्चों समेत 65 लोगों की मौतें हुई है। मंत्रालय ने कहा कि हमले में 365 लोग घायल हुए, जिनमें 86 बच्चे और 39 महिलाएँ भी शामिल हैं।

गाजा के हालिया हमले के बाद इजरायल में भी एक 5 साल के बच्चे की मरने और कम से कम 20 लोगों के घायल होने की खबर है। टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, गाजा की ओर से बुधवार रात दागा गया रॉकेट खिड़की को तोड़कर निकला और वहाँ मौजूद नाबालिग के सिर में गहरी चोट आई। घटना के कई घंटे बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं उसकी माँ अब भी घायल है।

बच्चे की मृत्यु के बाद इजरायल में मौत की गिनती 7 हो गई है। इनमें 5 इजरायली, एक भारतीय और एक IDF सैनिक शामिल हैं। घटना के मद्देनजर इजरायली रक्षा मंत्री ने बेनी गैट्स ने बुधवार (मई 12, 2021) शाम को बयान जारी करके बताया कि वे ऐसे हमले तब तक नहीं रोकेंगे, जब तक दुश्मन पूरी तरह शांत नहीं होते।

उन्होंने कहा, “हमारी सेना के गाजा पट्टी और फिलिस्तीन में हमले बंद नहीं होंगे। हम अब तब तक रुकने को तैयार नहीं हैं, जब तक दुश्मन को पूरी तरह शांत नहीं कर देते। इसके बाद ही अमन बहाली पर कोई बात होगी। इजरायल अब लंबे समय तक शांति कायम करने के उपाय करके ही रहेगा।”

इधर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि मई 12 को गाजा में 15 लोग मारे गए। इनमें एक ब्रिगेड कमांडर भी था। वह कहते हैं, “ये केवल शुरुआत है। हम उन्हें ऐसे मारेंगे, जैसा उन्होंने सपने में भी न सोचा हो।”

हमास के नेता हानिया ने भी इस बाबत बयान दिया। उनका कहना है कि अगर इजरायल जंग बढ़ाना ही चाहता है तो हम भी रुकने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे इजरायलियों की जिंदगी नर्क कर देंगे।

इजरायली सेना के मुताबिक मई 12 की सुबह कम से कम 180 रॉकेट दागे गए। जिसके बदले में IDF ने गाजा पट्टी में हमास अधिकारियों, उनके हथियारों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए हमला बोला। इजरायली पुलिस ने जानकारी दी कि अब तक 374 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय समूह कर रहे शांति की अपील

कथित तौर पर अब तक इस संघर्ष में इजरायल की ओर से 350 से ज्यादा हवाई हमले सेना को निशाना बनाते हुए, हुए हैं। वहीं गाजा के इस्लामी गुट की ओऱ से अब तक 1000 रॉकेट लॉन्च किए जा चुके हैं। स्थिति देख साफ पता चल रहा है कि यरुशलम की अल अक्सा मस्जिद पर जुमे(मई 7) की नमाज से शुरू हुआ संघर्ष अब युद्ध में तब्दील होता जा रहा है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदायों को चिंता है कि कहीं स्थिति हाथ से न निकल जाए। संयुक्त राष्ट्र के मध्य पूर्व शांति राजदूत टॉर वेनेसलैंड ने कहा कि दोनों पक्ष इसे व्यापक युद्ध की ओर ले जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा है कि वे हिंसा को लेकर काफी चिंतित हैं।

जर्मनी ने इजरायल पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इन हमलों को कहीं से कहीं तक उचित नहीं ठहराया जा सकता। वहीं तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि फिलिस्तीनियों के प्रति इजरायल के रवैये के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसे कड़ा और कुछ अलग सबक सिखाना चाहिए।

अलजजीरा की ओर से हैरी फॉसेट दक्षिणी इजरायल से रिपोर्ट कर रहे हैं। उन्हें वहाँ लोकल रिपोर्ट से पता चला है कि इजरायल का विचार एयर स्ट्राइक के साथ साथ ग्राउंड पर भी फोर्स इस्तेमाल करने का बन रहा है। वह कहते हैं, “इजरायल ने ऐसा 2014 से नहीं किया। इसमें इजरायली सैनिकों की जान जाने का डर है। इसलिए ये निर्णय इतना आसान नहीं है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि ये विकल्प भी उनके पास है।”