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केजरीवाल के इशारे पर दिल्ली विधानसभा में की गई रामचरितमानस के बहिष्कार की अपील

सनातन धर्म बहुत प्राचीन धर्म है जिसमे हिंदू शब्द का समावेश है। बहुत समय से अर्थात महाराजा भरत के पहले से मतलब आदिकाल से इस धर्म की स्थापना हुई जो समाज के कल्याण हेतु सर्वदा तत्पर रही। हां इसको कुछ विदेशियों ने मिटाने की कोशिश की लेकिन नही मिटा पाए। हमारे पूर्वज भगवान राम और कृष्ण सनातन धर्म के रक्षक रहे।

आज हिन्दुओं को एक ज्वलन्त प्रश्न पर विचार करना होगा कि जब समस्त सनातन विरोधी एकजुट हो सकते हैं, फिर क्या कारण है कि सनातन प्रेमी एकजुट क्यों नहीं हो सकते? और एकजुट होकर उन सभी हिन्दू विरोधियों का सामाजिक बहिष्कार कर ईंट का जवाब पत्थर से दें। दूसरे, चुनावों में भाजपा को वोट नहीं देना चाहते, मत दो लेकिन इन्हें वोट देने से अच्छा है NOTA का बटन दबाया जाए। जब तक इन लोगों का परिवार सहित बहिष्कार नहीं होगा, तब तक हिन्दू इसी तरह अपमानित होता रहेगा। आखिर बर्दाश्त की भी एक सीमा होती है।  

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सत्ता के इतने भूखे हो चुके हैं कि अपने सामने भगवान श्रीराम और हिन्दुओं के पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस का अपमान होते देख रहे हैं। उनके इशारे पर पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के विधायक राजेंद्र पाल गौतम दिल्ली विधानसभा में रामचरितमानस के बहिष्कार की अपील कर रहे थे। जिस समय राजेंद्र पाल गौतम रामचरितमानस के खिलाफ बोल रहे थे, उस समय सदन में आम आदमी पार्टी के हिन्दू विधायकों ने उनका विरोध नहीं किया। उनकी मौन सहमति बताती है कि आम आदमी पार्टी हिन्दू विरोधी वोट के लिए हिन्दू मतदाताओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। यहां तक कि आम आदमी पार्टी हिन्दू विरोधी पार्टियों से गठजोड़ कर भगवान श्रीराम के खिलाफ देशभर में मुहिम चला रही है।

दिल्ली विधानसभा में पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस और हिन्दू आस्था पर हमला

हिन्दू देवी- देवताओं के खिलाफ पूरे देश में मुहिम चला रहे आम आदमी पार्टी के विधायक राजेंद्र पाल गौतम 29 मार्च, 2023 को दिल्ली विधानसभा में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा के दौरान अपने एजेंडे के तहत रामचरितमानस को निशाना बनाया। पवित्र ग्रंथ के एक दोहे का जिक्र करते हुए उन्होंने हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगला। उन्होंने सदन में जो बयान दिया, उससे लगा कि वो ‘ताड़ना’ शब्द की आड़ में हिन्दू धर्म के खिलाफ लोगों को भड़का रहे हैं। शूद्र और नारी के संदर्भ मे ‘ताड़ना’ शब्द की गलत व्याख्या कर उन्होंने रामचरितमानस के बहिष्कार की अपील की। अपने क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ के लिए आम आदमी पार्टी के नेता और केजरीवाल हिन्दू साधु-संतों और विद्वानों के पक्ष को अनसुना कर लगातार हिन्दू धर्म और उसकी आस्था पर हमला कर रहे हैं।

क्या केजरीवाल हिंदुत्व, सनातन और पवित्र ग्रंथों को नहीं मानते ?

दिल्ली विधानसभा में आप के विधायक राजेंद्र पाल गौतम की इस अपमानजनक टिप्पणी के बाद बीजेपी और आम लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि राजेन्द्र पाल गौतम बीते छह महीने से लगातार हिन्दू विरोधी अभियान चला रहे हैं। और ऐसा लगता है कि वह आम आदमी पार्टी के हिन्दू विरोधी पोस्टर बॉय हैं। प्रवक्ता ने आम आदमी पार्टी से रामचरितमानस के बहिष्कार की अपील पर अपना रूख स्पष्ट करने की मांग की। बीजेपी ने सवाल किया कि क्या केजरीवाल राजेंद्र पाल गौतम के विचारों से सहमत है ? अगर सहमत नहीं है तो कब उन्हें पार्टी से बर्खास्त कर रहे हैं ? वहीं बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने केजरीवाल को चुनौती देते हुए ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा, “हिन्दू विरोधी केजरीवाल के नेता ने फिर उगला जहर ! केजरीवाल हिम्मत है तो स्वीकार करो कि तुम हिंदुत्व, सनातन और पवित्र ग्रंथों को नहीं मानते?”

हिन्दू विरोधियों से केजरीवाल और AAP का गठजोड़

दिल्ली के सीएम केजरीवाल दूसरे राज्यों में अपनी पार्टी के विस्तार के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दू विरोधी ताकतों से गठजोड़ कर रहे हैं। उन्हें भरोसा है कि पार्टी के विस्तार में अन्ना हजारे की तरह हिन्दू विरोधी ताकतों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दूसरी पार्टियों से गठजोड़ के लिए केजरीवाल ने विधायक राजेंद्र पाल गौतम को बड़ी जिम्मेदारी दी है। केजरीवाल की योजना के तहत ही राजेंद्र पाल गौतम हिन्दू विरोधी अभियान चलाने वाले दूसरी पार्टी के नेताओं से मिल रहे हैं। हिन्दू धर्म के खिलाफ देशभर में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं और मंच साझा कर रहे हैं। हाल ही में रजेंद्र पाल गौतम उत्तर प्रदेश में रामचरितमानस की प्रतियां जलवाने वाले सपा एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ नजर आए थे। दिल्ली विधानसभा में राजेंद्र पाल गौतम ने जो कुछ बयान दिया, वो इसी गठजोड़ का नतीजा है।

हिन्दुओं का सफाया करने वाले के साथ केजरीवाल

आम आदमी पार्टी की मंशा सिर्फ हिन्दू देवी-देवताओं के प्रति लोगों में नफरत फैलाना नहीं है, बल्कि हिन्दू विरोधी ताकतों के साथ मिलकर हिन्दुओं को अल्पसंख्यक बनाना भी शामिल है। केजरीवाल जहां दलित हिन्दुओं का धर्मांतरण कराने वाले संगठनों को बढ़ावा दे रहे हैं, वहीं दंगे में हिन्दुओं की हत्या करने वाले दंगाई का बचाव भी कर रहे हैं। दिल्ली दंगा में आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन की भूमिका सामने आ चुकी है। उसके घर से जिस तरह दंगे को संचालित किया गया और वहां से जो हिंसा की सामग्री मिली, वो ताहिर के गुनाहों की कहानी खुद बयां कर रहे थे। इसके बावजूद दिल्ली के सीएम केजरीवाल पार्षद ताहिर हुसैन को बेकसूर बता रहे थे। दरअसल केजरीवाल की मंशा हिन्दू विरोधी ताकतों के साथ मिलकर उनके इलाके से हिन्दुओं का सफाया करना और भगाना है। ताकि हिन्दुओं के घर और संपत्ति पर कब्जा किया जा सके।

किस तरह हिन्दू विरोधी और चुनावी भक्त केजरीवाल और उनके समर्थकों ने कब-कब भगवान राम और हिन्दू देवी-देवाताओं का अपमान किया

आम आदमी पार्टी हिन्दू विरोधी लोगों का जमावड़ा है और अरविंद केजरीवाल उनके संरक्षक हैं। केजरीवाल के समर्थक, विधायक और मंत्री हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ लोगों को भड़काते हैं। लोगों को देवी-देवताओं की पूजा नहीं करने की शपथ दिलाते हैं। यहां तक कि भगवान राम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं और राम कथा सुनाने पर जान से मारने की धमकी भी देते हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर से एक केजरीवाल समर्थक को गिरफ्तार किया गया, जिसने राम कथा कहने पर मशहूर कवि और आम आदमी पार्टी के नेता रहे कुमार विश्वास को जान से मारने की धमकी दी थी।

केजरीवाल और AAP की हिन्दू विरोधी विचारधार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनाव आते ही मंदिरों का दौरा शुरू कर देते हैं। हिन्दुओं को झांसा देने के लिए जनसभा में कृष्ण और अर्जुन की कहानियां सुनाते हैं। लेकिन असल में आम आदमी पार्टी की विचारधार पूरी तरह हिन्दू धर्म विरोधी है। क्योंकि इस पार्टी के जन्मदाता अरविंद केजरीवाल ईसाई संत मदर टरेसा के शिष्य है और उनके ही बताये रास्ते पर चल रहे हैं। इसलिए आम आदमी पार्टी में वही लोग शामिल है, जो हिन्दू धर्म के देवी-देवताओं को नहीं मानते और इस धर्म को खत्म करना चाहते हैं। इसके लिए वे तरह-तरह के अभियान चला रहे हैं। इसका प्रमाण दिल्ली में ‘मिशन जय भीम’ कार्यक्रम के दौरान देखने को मिला, जब केजरीवाल सरकार के मंत्री रहे राजेंद्र पाल गौतम ने लोगों को ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम और कृष्ण को ईश्वर ना मानने और इनकी कभी पूजा नहीं करने की शपथ दिलाई थी।

भगवान राम को गाली और कुमार विश्वास को धमकी

गाजियाबद पुलिस के मुताबिक भगवान राम को गाली और कुमार विश्वास को धमकी देने के आरोप में लोकेश नाम के एक केजरीवाल समर्थक को इंदौर के सुदामा नगर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह अरविंद केजरीवाल से प्रभावित है। इसलिए, कुमार विश्वास द्वारा राम कथा कहने और केजरीवाल के खिलाफ बयान देने से नाराज है। कुमार विश्वास के मैनेजर ने बताया कि आरोपी लोकेश ने विश्वास को केजरीवाल पर टिप्पणी नहीं करने की चेतावनी दी थी। उसने शहीद उधम सिंह की कसम खाते हुए विश्वास को जान से मारने की धमकी दी थी।