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तेलंगाना : राजा सिंह के घर की रेकी करते पकड़े गए शेख इस्माइल और मोहम्मद खाजा, तस्वीरें/वीडियो भेज रहे थे मुंबई: इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं BJP विधायक

            गोशमहल से भाजपा विधायक के घर की रेकी के आरोप में मोहम्मद खाजा और शेख इस्माइल हिरासत में
हैदराबाद की गोशामहल विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक टी राजा सिंह के घर की रेकी किए जाने का मामला सामने आया है। रेकी 4 संदिग्धों द्वारा की जा रही थी। स्थानीय लोगों ने रेकी कर रहे 2 लोगों को पकड़ लिया जबकि बाकी संदिग्ध फरार हो गए। पकड़े गए संदिग्धों के नाम मोहम्मद खाजा और शेख इस्माइल हैं। ये संदिग्ध राजा सिंह के घर के फोटो और वीडियो बना कर मुंबई में किसी को भेज रहे थे। इनके मोबाइल से भी राजा सिंह की तस्वीरें मिली हैं। घटना 27-28 सितंबर रात की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए भाजपा MLA ने बताया कि पुलिस दोनों संदिग्धों की जाँच कर रही है।

राजा सिंह द्वारा ऑपइंडिया से साझा किए गए एक वीडियो संदेश के मुताबिक 27 सितंबर की रात लगभग डेढ़ से 2 बजे के बीच उनके घर के आसपास 4 संदिग्ध घूमते दिखे। कुछ स्थानीय युवाओं को शक हुआ तो उन्होंने इन चारों को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान 2 लोगों को दौड़ा कर पकड़ लिया गया जबकि 2 अन्य फरार होने में कामयाब रहे। पकड़े गए दोनों संदिग्धों का फ़ोन चेक किया गया तो उसमें राजा सिंह सहित उनके घर की फोटो और वीडियो मिलीं।

राजा सिंह का दावा है कि इन वीडियो और फोटो को मुंबई में किसी व्यक्ति के पास व्हाट्सएप के जरिए भेजा जा रहा था। एक तस्वीर पिस्टल और करतूत की भी है। पूछताछ के दौरान पकड़े गए पहले व्यक्ति ने अपना नाम मोहम्मद खाजा बताया। लगभग 24 वर्षीय मोहम्मद खाजा मूलतः कर्नाटक के बीदर जिले का निवासी है। वह 15 साल पहले हैदराबाद आया था। आने की वजह खाजा हैदराबाद में काम-धंधा की तलाश बताया है। हैदराबाद में वह अल्लापुर बोराबांदा में रह रहा था। खाजा के अब्बू का नाम नबी साब है।

वहीं पकड़े गए दूसरे संदिग्ध का नाम शेख इस्माइल है। वह मूलतः हैदराबाद के ही अल्लापुर बोराबांदा इलाके में रहता है। लगभग 30 वर्षीय शेख इस्माइल के अब्बा का नाम चाँद पाशा है। हैदराबाद में शेख इस्माइल ड्राइवर की नौकरी करता है। मामले की सूचना फ़ौरन ही स्थानीय मंगलहाट पुलिस स्टेशन को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँच कर दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। राजा सिंह को अपने घर के आसपास हुई इस संदिग्ध हरकत का पता अगले दिन स्थानीय मीडिया चैनलों की खबरों को देख कर चला।

राजा सिंह आगे बताते हैं कि 29 सितंबर को उन्होंने पुलिस से पकड़े गए संदिग्धों के बारे में बात की। तब इंस्पेक्टर ने उन्हें बताया कि दोनों से उच्चस्तरीय पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की भी टीमें शामिल हैं। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक पुलिस ने राजा सिंह को आरोपितों के बारे में कोई भी सूचना नहीं दी है। राजा सिंह ने आगे बताया कि साल 2010 और 2011 में भी उनके घर की रेकी ISIS से जुड़े आतंकियों द्वारा की गई थी।

तेलंगाना : ऐतिहासिक मंदिर में ‘क्रिश्चियन प्रेयर’, माँसाहारी खाना भी परोसा

पिछले दिनों तेलंगाना के वारंगल स्थित एक ऐतिहासिक हिंदू मंदिर का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें कुछ लोग मंदिर में ईसाई प्रार्थना (Christian prayer) करते दिखे थे। अब इस मामले में पादरी गंधम अरुण कुमार और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मंदिर परिसर में माँसाहारी खाना परोसने का भी आरोप है। वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने इसे देवी-देवताओं का अपमान बताते हुए सख्त कार्रवाई की माँग की थी।

एक नॉन प्रॉफिट एक्टिविस्ट ग्रुप ‘लीगल राइट्स प्रोटेक्शन फोरम’ की तरफ से ट्विटर पर इस घटना को लेकर जानकारी साझा की गई है। बताया गया है कि मंदिर में क्रिश्चियन प्रेयर का वीडियो वायरल होने के बाद सब इंस्पेक्टर डी.सांबैया की शिकायत पर पादरी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घटना में शामिल पादरी अरुण कुमार और उनके सहयोगियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 295-A, 153A, 153B, 504, 505 r/w 34 के तहत केस दर्ज हुआ है।

जिस मंदिर का वीडियो वायरल हुआ था, वह वारंगल किले में है। काकतीय राजवंश ने इसका निर्माण करवाया था। यह मंदिर पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है। तेलंगाना बंदोबस्ती विभाग (Telangana Endowments Department) इसकी देखरेख करता है। वीडियो वायरल होने के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने पादरी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग करते हुए प्रदर्शन किया था। इसे हिंदू देवी-देवताओं का अपमान बताया था।

हिंदू संगठन के लोगों ने डीसीपी श्रीकांत राव और एसीबी रामाला सुनीता से मामले की शिकायत की थी। मीडिया से बात करते हुए संगठन के लोगों ने पूछा कि आखिर दूसरे पंथ के लोगों ने ऐतिहासिक मंदिर परिसर में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन कैसे किया? संगठन के नेताओं ने जानकारी दी कि मंदिर में भगवान राम के पद चिन्ह (पाद मुद्रा) और शंकु चक्र देखे जा सकते हैं। यहाँ धूम-धाम से शिवरात्रि मनाया जाता है। ऐसे में ईसाई सभा, प्रार्थना और माँसाहारी खाना परोसा जाना धार्मिक अशांति फैलाने वाला कदम है। हिंदू संगठनों की तरफ से चेतावनी दी गई थी कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।