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महागठबंधन में दरार: लालू-तेजस्वी को आंखें दिखाने लगी कांग्रेस, RJD से नहीं मिले कांग्रेस नेता

जब राहुल गाँधी सिर्फ मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में तेजस्वी के साथ अपना रोड शो कर रहे थे तभी इसी ब्लॉग पर लिखा था कि तेजस्वी ने अपनी जमीन और अपने ही कार्यकर्ताओं को लेकर राहुल को खुला मैदान देने से अपने ही पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार ली है। दूसरे यह कि जब तक INDI गठबंधन राहुल को सिरमौर बनाकर रखेगा कांग्रेस के साथ-साथ अपना भी नुकसान करते रहेंगे। क्योकि जितना राहुल ही नहीं गाँधी परिवार बोलेगा बीजेपी को कोई नहीं हरा सकता।   
बिहार में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद महागठबंधन में सीट और टिकटों के लेकर घमासान मच गया है। आरजेडी चीफ लालू यादव की कार की घेराबंधी कर डाली तो राबड़ी के आवास के बाहर नाराज कार्यकर्ताओं का अखाड़ा बन गया। उधर कांग्रेस भी महागठबंधन की कमजोर कड़ी होने के बावजूद लालू-तेजस्वी पर आंखे तरेर रही है। आलाकमान की शह पर कांग्रेस के बड़े नेता अब लालू यादव को भी भाव नहीं दे रहे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, जयराम रमेश और अधीर रंजन चौधरी चुनाव प्रबंधन के लिए पटना पहुंच चुके हैं। लेकिन उन्होंने जानबूझकर लालू और तेजस्वी से मुलाकात नहीं की। इससे महागठबंधन पर महा-संकट आने के आसार नजर आने लगे हैं। यदि दो-तीन दिन में सियासी पेच ना सुलझा तो दरार और बढ़ सकती है। दूसरी ओर पहली बार चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर भी विवादों में घिर गए हैं। उनकी जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ही पीके पर पैसे लेकर सीटें बांटने के आरोप लगाए हैं। ऐन चुनाव से पहले ऐसी पोल खुलने के बीच मानहानि मामले में नोटिस ने पीके की टेंशन और बढ़ा दी है।

 राहुल के पीछे लग तेजस्वी ने अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारी

दरअसल, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने वोटर अधिकार यात्रा के दौरान अपने पैर पर ही कुल्हाड़ी मार ली थी। इस यात्रा में राहुल गांधी 17 दिनों तक बिहार में रहे। तेजस्वी ने ही राहुल को लीड करने का मौका दिया और वे पहली बार राहुल गांधी के पीछे-पीछे घूमे। तेजस्वी ने यात्रा में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इससे बिहार में मृतप्राय पड़ी कांग्रेस की कुछ सांसें चलने लगीं। राहुल गांधी को गुमान हो गया कि यह सब उनकी वजह से है। इसलिए इसके बाद से कांग्रेस अब आरजेडी को आंखे दिखाने लगी है। तेजस्वी के सीएम फेस पर भी एतराज जताने के बाद अब कांग्रेस ने सीट बंटवारा के लिए राजद को अल्टीमेट तक दे दिया है। यदि दो-तीन दिन में दोनों दलों में सहमति नहीं बनी तो कांग्रेस अपनी पहली सूची जारी कर सकती है। कांग्रेस ने पहले 15 उम्मीदवारों की सूची बना ली है। यदि कांग्रेस आम सहमति के पहले लिस्ट जारी कर देती है तो महागठबंधन पर महा-संकट के बादल छा सकते हैं।
कांग्रेस के बड़े नेता अब लालू-तेजस्वी को नहीं दे रहे भाव
कांग्रेस ने भले ही पिछले विधानसभा चुनाव में मात्र 19 सीटें जीतकर सबसे कमजोर प्रदर्शन किया हो। इसके बावजूद वह अगले माह होने वाले चुनाव के लिए राजद की आंख में आंख मिला कर बात कर रही है। यही वजह है कि कांग्रेस के बड़े नेता अब लालू यादव और तेजस्वी को भी भाव नहीं दे रहे। हाइकमान के आदेश पर अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, जयराम रमेश और अधीर रंजन चौधरी चुनाव प्रबंधन के लिए पटना आए। लेकिन उन्होंने लालू यादव और तेजस्वी से मुलाकात करने की जरूरत ही नहीं समझी। भूपेश बघेल ने तो सीधे-सीधे तेजस्वी यादव को चुनौती ही दे डाली। उन्होंने कहा, तेजस्वी खुद को अपनी ओर से सीएम फेस बता रहे हैं, लेकिन सीएम का चेहरा उनकी पार्टी का हाईकमान घटक दलों की सहमति से तय करेगा।
महागठबंधन उम्मीदवारों की घोषणा में देरी से चुनाव पर असर
चुनाव के लिए पहले चरण के नामांकन की शुरुआत 10 अक्टूबर से हो चुकी है। लेकिन 10 अक्टूबर तक महागठबंधन का सीट बंटवारा फाइनल नहीं हो सका है। संभावित प्रत्याशियों में इसको लेकर रोष है कि पिछली बार उम्मीदवारों की घोषणा में देरी से तैयारी का समय नहीं मिला था। पहले चरण के चुनाव के नामांकन की अंतिम तारीख से एक दिन पहले प्रत्याशियों के नाम घोषित किये गये। कांग्रेस ने आंतरिक गुटबाजी और संभावित असंतोष से निपटने के लिए यह देरी की थी। लेकिन इस कोशिश में उम्मीदवारों को हड़बड़ी में आधी अधूरी तैयारी के साथ चुनाव में उतरना पड़ा। टिकट को लेकर भी असंतोष था। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता केके तिवारी ने सोनिया गांधी को पत्र लिख कर टिकट वितरण में धांधली का आरोप लगाया था। उन्होंने चुनाव प्रबंधन से जुड़े नेताओं की जांच कराये जाने की मांग की थी।
तीन साल पीके के साथ घूमी, अब कर दिया विश्वासघात 
जन सुराज पार्टी की लिस्ट की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं और संभावित प्रत्याशियों की नाराजगी और रोष सामने आ गया है। जन सुराज की महिला कार्यकर्ता पुष्पा सिंह ने टिकट ना देने पर पीके पर विश्वासघात का आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया से कहा कि तीन साल मैं घर में नहीं बैठी। अपना सारा सुख त्याग दिया और जन सुराज के लिए काम किया। घर की बेटी-बहू होकर भी मैंने हिम्मत जुटाई। वे पैदल चले तो मैं भी उनके साथ चल पड़ी। आज मेरे साथ अन्याय हुआ है। टिकट के लिए उन लोगों का नाम अनाउंस हुआ जो क्षेत्र में घूमे ही नहीं, जनता उनको पसंद तक नहीं करती है। बहुत उम्मीद लेकर आई थी, सब पर पानी फिर गया है। मैंने तो उम्मीदवार बनने का प्रोसेस भी पूरा कर लिया था। पुष्पा ने कहा कि बनियापुर-मशरख की जनता जन सुराज का हिसाब कर देगी।
जन सुराज पार्टी ने 21 हजार लिए, टिकट किसी और को दिया
पाटलिपुत्र ऑफिस के बाहर पहुंचे कार्यकर्ता अमर कुमार सिन्हा ने दावा किया, ‘पार्टी ने उनको कुम्हरार विधानसभा से टिकट देने की बात कही थी। इसके लिए 21000 रुपए भी लिए काम कराया। 5 जनसभाएं करवाई और एंड मोमेंट पर ये सीट केसी सिन्हा को दे दी। सिन्हा के मुताबिक RCP सिंह ने अपनी बेटी को टिकट दिलवा दिया। पीके ने काम करवाया और RCP सिंह ने भरोसा दिया। हमने जन सुराज पार्टी छोड़ दिया। ये आदमी (प्रशांत किशोर) बिहार बदलाव की बात कर रहा है और दूसरे को चोर बोलकर खुद को ईमानदार साबित करना चाहता है।
मुजफ्फरपुर की सीट पीके ने 40 लाख में बेची- केजरीवाल
दरअसल, गुरुवार को जन सुराज ने 51 सीटों पर कैंडिडेट्स के नाम की घोषणा की। नाम की घोषणा के साथ ही हंगामा शुरू हो गया। कई कार्यकर्ता टिकट नहीं मिलने से नाराज दिखे। मुजफ्फरपुर में जन सुराज के नेता संजय केजरीवाल ने पार्टी से त्यागपत्र देने के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की है। संजय केजरीवाल ने कहा कि जन सुराज में अब सिद्धांत-विचारधारा नहीं, बल्कि पैसे का बोलबाला हो गया है। मुजफ्फरपुर नगर विधानसभा की टिकट 40 लाख रुपए में बेची गई है।
125 करोड़ के मानहानि केस में नोटिस ने पीके की बढ़ाई टेंशन
दूसरी ओर 125 करोड़ के मानहानि केस में प्रशांत किशोर को कोर्ट से नोटिस जारी हुआ है। भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल की ओर से दायर मानहानि केस की सुनवाई सब जज 1 बेतिया के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने मानहानि केस एडमिट कर लिया है। इसमें जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने प्रशांत किशोर को विशेष दूत से समन देने का आदेश दिया है। सांसद की तरफ से मैंडेटरी इंजेक्शन पिटीशन भी दाखिल किया गया था। जिस पर कोर्ट ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।