Showing posts with label dy cm. Show all posts
Showing posts with label dy cm. Show all posts

उत्तर प्रदेश : मंत्री जी आपै बताव घोटाला करने वाले को क्यों दिया ठेका : महापौर बोलीं

मंत्री जी आपै बताव घोटाला करने वाली कंपनी को जल निगम ने काहे ठेका दिया। यह सवाल जिला योजना समिति की बैठक में महापौर प्रमिला पांडेय ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से किया। बोलीं जेएनएनयूआरएम योजना में घटिया पाइप डालकर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार करने वाली कंपनी रैम्की को जलनिगम ने फिर से करोड़ों का ठेका दे दिया। कंपनी कैसा काम करेगी आपै सोचौ। कंपनी और ठेका देने वाले अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर डिप्टी सीएम ने डीएम को पूर्व में हुई जांच रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है, ताकि कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
बैठक में महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि जब भ्रष्ट कंपनी काम करेगी तो शहर के लोगों को पानी कैसे मिलेगा। पाइप घटिया होने का ही परिणाम है कि लाइन टेस्टिंग में ही फट रही हैं। जगह-जगह लीकेज हो रहे हैं। जल निगम अधिकारियों से पूछा जाना चाहिए कि किस परिस्थिति में ठेका दिया गया। इस दौरान लघु उद्योग मंत्री एवं सांसद सत्यदेव पचौरी ने कहा कि पाइप लाइन डालने वाली कंपनियों ने कई जगह गैप छोड़ दिया है। हजार करोड़ रुपये खर्च हो गए, लेकिन दक्षिण क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को पानी नहीं मिला। उन्होंने जांच कराकर दोषी अभियंताओं और ठेकेदारों को दंडित किए जाने की मांग की। कई सदस्यों ने इंडिया मार्क टू हैंडपंपों के खराब होने का मुद्दा उठाया। उप मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए।
विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि तमाम मोहल्लों में 50 से 60 परिवारों तक पेयजल लाइन नहीं पहुंची है और नई जगहों पर पाइप डाली जा रही है। इस पर जल निगम के महाप्रबंधक ने कहा कि अमृत योजना में टेंडर मांगे थे, लेकिन 45 करोड़ रुपये के टेंडर लेने के लिए कोई कंपनी नहीं आई। विधायक ने सीवर लाइन का मुद्दा भी उठाया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां अधूरे कार्य हैं वहां तत्काल काम पूरा कराया जाए।
पावर फुल ठेकेदारों को मिल रहा काम
महापौर ने डिप्टी सीएम से कहा कि ‘आप बताएं जब कोई भी ठेकेदार 25 से 30 प्रतिशत कम लागत पर ठेका लेगा तो गुणवत्ता युक्त काम कैसे करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका देने में खेल हो रहा है। पावरफुल ठेकेदारों को ही काम दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर अलग से बैठक करने की बात कही।

प्रधानमंत्री आवास देने में भी धन उगाही
जिला पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर उगाही हो रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय आवंटन में भी लाभार्थियों से पैसा वसूला जा रहा है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती। उप मुख्यमंत्री ने डीएम से कहा कि हर ब्लाक के दो- दो गांवों में लाभार्थियों का सत्यापन कराएं। अगर किसी ने पैसा लिया है तो उसे जेल भेजें।

जिला पंचायत के कार्यों की जांच होगी
सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायत द्वारा बनाई गई सड़कों में अनियमितता हुई है। कुछ काम कागज पर भी हुए हैं। उप मुख्यमंत्री ने सीडीओ से कहा जांच कराकर रिपोर्ट भेजें।

ट्रांसफार्मर लगाया पर कनेक्शन नहीं दिया
विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्युत योजना के तहत कई गांवों में बिजली के तार और ट्रांसफार्मर लग गए हैं, लेकिन ग्रामीणों को कनेक्शन ही नहीं दिया गया। जहां कनेक्शन और तार हैं वहां बिजली नहीं आती। उप मुख्यमंत्री ने मुख्य अभियंता को फटकार लगाई और कहा कि फुंके ट्रांसफार्मर 48 घंटे में बदलें और कनेक्शन भी दें।

डिप्टी सीएम जी! आपका आदेश ही नहीं मानते 
जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि डिप्टी सीएम जी आपके आदेश को अफसर नहीं मानते। पिछली बैठकों में आपने जो आदेश दिया था उनका पालन ही नहीं हुआ। सदस्य ने कहा कि प्रदेश में सरकार बदल गई। लगा था विकास होगा पर नहीं हुआ। गांवों में लो वोल्टेज की समस्या है। कोई सुनता ही नहीं। सोचकर बताएं क्या आज जो आदेश आप दे रहे हैं उसका पालन नहीं होगा तो कार्रवाई करेंगे। सदस्य राजनारायण कुरील ने कहा पीडब्ल्यूडी की सड़कें बनने के बाद टूट रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने जांच का आदेश दिया।

नगर निगम के शिक्षकों को पेंशन दिलाएं
विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि नगर निगम के स्कूलों से रिटायर शिक्षकों को पेंशन देने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा विभाग की है, लेकिन 68 सेवानिवृत्त शिक्षक भटक रहे हैं। डीआइओएस शासन का आदेश भी नहीं मानते। डीआइओएस ने कहा कि अभी शासनादेश नहीं हुआ है। डिप्टी सीएम ने सभी अड़चनें दूर कर समस्या का समाधान कराने को कहा।

अंधेरे में कैसे दिखेगी भविष्य की राह

यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा का आज तीसरा दिन है। सुबह 6 बजे से ही केंद्रों के बाहर छात्रों की लंबी लाइनें नजर आने लगी। कोई अपने पैरेंट्स के साथ तो कहीं छात्र खुद साइकिल चलाकर परीक्षा देने पहुंचा। नकलविहीन परीक्षा के तहत कहीं छात्रों से जूते के साथ उनकी चप्पलें भी उतरवा ली गई। वहीं,  कहीं पर छात्र अंधेरे में पेपर देते दिखाई दिए। इसी हलचल के बीच डिप्टी सीएम ने परीक्षा केंद्रों का जायजा भी लिया।
यूं तो परीक्षाएं सात फरवरी से शुरू हैं। वहीं, प्रमुख विषयों की परीक्षा आज (फरवरी 12) से शुरू हो रही हैं। हाईस्कूल, इंटर के छात्रों का हिंदी व वाणिज्य विषयों के पेपर हैं।
नकलचियों पर सीसी कैमरे की नजर, तो कहीं जूते के साथ उतरवाई चप्पलें भी
सख्त व्यवस्था के बीच चल रही परीक्षा के तहत मोहनलालगंज के सिसेंदी में स्थित हीरालाल यादव इंटर कॉलेज में परक्षार्थियों से जूते के साथ-साथ उनकी चप्पलें भी उतरवाए ली गई l दूसरी तरफ, सीसी कैमरे के जरिए परीक्षा कक्षों की निगरानी की गई। वहीं, जनता इंटर कॉलेज में छात्र अंधेरे में परीक्षा देने पर मजबूर हैं। कक्ष में एक बल्ब की रोशिनी तक नहीं दिखाई दी।

परीक्षा का समय

  • प्रथम पाली : सुबह 8 से 11:15
  • द्वितीय पाली : दोपहर 2 से 5:15
डिप्टी सीएम ने लिया जायजा 
उधर,  परीक्षा को नकलविहीन कराने की कवायद के चलते डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने नादान महल रोड स्थित एमडी शुक्ला इंटर कॉलेज और अमीनाबाद इंटर कॉलेज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सीसी कंट्रोल रूम से लेकर कक्षों के अंदर जाकर छात्रों से बात की। बता दें, परीक्षा को नकलविहीन कराने की कवायद के चलते डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने बोर्ड परीक्षा के पहले दिन ही निगरानी की कमान अपने हाथ में ले ली थी। उन्होंने शहर के कई केंद्रों का निरीक्षण किया था।
डिप्टी सीएम ने छात्रों से की बात
  • डिप्टी सीएम ने एक छात्र से पूछा- पेपर कैसा है ? छात्र ने कहा- सर, अच्छा
  • दूसरे से पूछा- नकल करना सही है ? छात्र ने कहा- नहीं सर, गलत बात है।
बोर्ड ड्यूटी में बाधा पहुंचाने पर खत्म होगी मान्यता
उधर, वित्तविहीन कॉलेजों के कई शिक्षकों को प्रबंधन ड्यूटी से मुक्त नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वह बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक की ज्वाइनिंग के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। डीआइओएस ने ऐसे विद्यालयों की मान्यता वापस लेने का अल्टीमेटम दिया।
बोर्ड परीक्षा में 4,058 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें 525 शिक्षक राजकीय, सहायता प्राप्त कॉलेज 1957, वित्तविहीन के 1228 शिक्षक हैं। इसमें निजी विद्यालयों के प्रबंधक-प्रधानाचार्य शिक्षकों को बोर्ड ड्यूटी में भेजने से आनाकानी कर रहे हैं। वह विद्यालय में अन्य कक्षाओं के बाधित होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में डीआइओएस डॉ. मुकेश कुमार ने बोर्ड ड्यूटी में लगे शिक्षकों को जल्द कार्य मुक्त किए जाने के निर्देश दिए। वहीं लापरवाही करने पर मान्यता समाप्त करने का अल्टीमेटम दिया।
एक दिन पहले जेडी का कंट्रोल रूम रहा बंद 
बोर्ड परीक्षा को लेकर शिक्षा भवन में दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इनमें शिक्षकों की तैनाती भी की गई है। सोमवार (11 फरवरी) को डीआइओएस कार्यालय का कंट्रोल रूम खुला रहा, जबकि जेडी कार्यालय का बंद रहा।
बोर्ड ने पूछा, ब्लैक लिस्ट कैसे बना सेंटर
बता दें, राजधानी के जनता इंटर कॉलेज की करतूतों पर पर्दा डाल परीक्षा केंद्र बनाया गया। ऐसे में दैनिक जागरण द्वारा मामला उठाने पर यूपी बोर्ड सक्रिय हुआ। निदेशक ने मेल कर डीआइओएस से जवाब मांगा है। दरअसल, मलिहाबाद के जनता इंटर कॉलेज में पारदर्शी परीक्षा में लगी सेंध का दैनिक जागरण ने भंडाफोड़ किया। शनिवार के अंक में ‘पापा कक्ष निरीक्षक, बेटा परीक्षार्थी!’ खबर प्रकाशित की। इसके बाद कक्ष निरीक्षक को बोर्ड ड्यूटी से बाहर कर दिया गया। वहीं सोमवार के अंक में ‘ब्लैक लिस्ट विद्यालय को बनाया सेंटर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने डीआइओएस को मेल कर जवाब मांगा है।
पहली परीक्षा में बारिश ने किया था परेशान 
बता दें, यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन यानी सात फरवरी को विद्यार्थियों को दोहरी परीक्षा से गुजरना पड़ा। उन्हें पेपर से पहले बारिश की मार झेलनी पड़ी। विद्यार्थी भीगते हुए सेंटर पहुंचे। ऐसे में ठिठुर रहे छात्रों के लिखते वक्त हाथ भी कंपकपा गए। बेमौसम बारिश कई छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ गई।

मऊ में दो चंदौली में एक नकलची पकड़े गए, बलिया में हिंदी का पेपर आउट

बोर्ड परीक्षाओं की कड़ी में महत्‍वपूर्ण प्रश्‍नपत्रों की शुरुआत होते ही नकल की घटनाएं सामने आने लगी हैं। इसकी रोकथाम के लिए पूर्वांचल में कड़ी सुरक्षा व्‍यवस्‍था की गई हैं मगर नकल की घटनाएं सख्‍ती के बावजूद अनवरत जारी हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को मऊ में दो नक‍लचियों को पकड़कर एफआइआर दर्ज की गई।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा के दौरान सुबह की पाली में जीवनराम इंटर कॉलेज में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते दो मुन्ना भाई पकड़े गए। डीआइओएस के निर्देश पर दोनों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई। वहीं दूसरी ओर चंदौली जिले में पहली पाली में नकलची छात्र धराया तो उसे रिस्टिकेट कर दिया गया। कक्ष निरीक्षक को जहां कार्यमुक्त कर दिया गया वहीं केंद्र व्यवस्थापक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रगतिशील जूनियर हाई स्कूल आगरा में एक छात्र नकल सामग्री के साथ पकड़ा गया।
बलिया में हिंदी का पेपर आउट : यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन शिक्षा माफिया अपने मंसूबे में सफल हो गए। सुबह दस बजे के आसपास हिंदी का पेपर लीक हो गया। यह पेपर वाट्सएप ग्रुपों पर भी वायरल हो गया। इससे बेख़बर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पहले तो इसकी जानकारी होने से इंकार किया।

इसके बाद पेपर का कोड मिलान करने पर जब हक़ीक़त सामने आया तो पैरों तले जमीन खिसक गई। जिविनि भाष्कर मिश्र ने कहा कि पेपर आउट नहीं हुआ है लेकिन वाट्सएप ग्रुप पर चलने की जांच की जा रही है। वहीं दूसरी ओर बादिलपुर स्थित महावीर इंटर कालेज में क्षमता से तीन गुना अधिक छात्र परीक्षा देते मिलने पर तहसीलदार अवाक हो गए। एक ब्रेंच पर चार से पांच बच्चे बैठे मिले। इस संबंध में तहसीलदार ने कार्रवाई के लिए हल्दी थाने में तहरीर दी है।