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बिहार : ‘मुस्लिमों को चाहिए एक और मुल्क, यूनाइटेड पाकिस्तान-बांग्लादेश ज़िंदाबाद’: प्रोफेसर खुरशीद आलम

प्रोफेसर खुरशीद आलम (फोटो साभार : FB/Khursheed Alam)
बिहार के सिवान जिले से माँग उठी है कि अब हिंदुस्तानी मुस्लिमों के लिए पाकिस्तान-बांग्लादेश से इतर एक नया मुल्क दिया जाए, जो दोनों के बीच हो। ये बातें प्रोफेसर खुरशीद आलम लगातार सोशल मीडिया पर लिख रहा है। हैरानी की बात ये है कि नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की सरकार उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही, जबकि छात्र उसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

खुर्शीद ने कोई नयी बात नहीं है, इस प्रोफेसर ने उस नारे "हंस के लिया पाकिस्तान, लड़ के लेंगे हिन्दुस्तान" को ताजा कर दिया है, जो विभाजन के समय पाकिस्तान जाते लगे थे। और इस काम में समस्त छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेता और पार्टियां को पूरा करने में लगे थे। इन नारों के लगने पर मोहम्मद अली जिन्ना ने तत्कालीन जवाहर लाल नेहरू को मुस्लिम लीग बैन करने को कहा था, जो नहीं किया गया। 

इस मांग को पूरा करने में संविधान की कसम लेने वाले नेता और पार्टियां अवैध पाकिस्तानी, बंगलादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के पहचान पत्र, मतदाता, राशन कार्ड बनवाकर इनका समर्थन कर देश को अंदरखाने क्षति पहुंचा रहे हैं। कहने को पाकिस्तान कंगाली में है, लेकिन आतंकवादियों को पालने के लिए धन है। इस गहरे षड़यंत्र को हर देशप्रेमी को समझ सत्ता से दूर रखने में भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा।  

दूसरे, CAA का विरोध क्यों जा रहा है, उसकी सच्चाई भी सामने आ रही है। जब CAA विरोध में जगह शाहीन बाग बन रहे थे, वहां भी हिन्दुओं की गैर-मौजूदगी में कह जाता था कि 'जब तक भारत मुस्लिम राष्ट्र नहीं बन जाता, तिरंगा पकड़ो और संविधान की बात करो।'  

ये मामला सिवान के गोरियाकोठी इलाके का है। जहाँ जेपी यूनिवर्सिटी से जुड़े नारायण कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात खुरशीद आलम उर्फ लाल बाबू लगातार देश में विभाजन के पक्ष में जहर उगल रहा है। खुरशीद आलम कई माह से भारतीय मुस्लिमों के लिए अलग देश की माँग कर रहा है। वो पाकिस्तान और बांग्लादेश के राष्ट्रगीतों को शेयर करता है और दोनों ही देशों के जिंदाबाद के नारे भी सोशल मीडिया पर लिखता है।

खुर्शीद आलम के फेसबुक प्रोफाइल के कुछ स्क्रीनशॉट्स देखिए, जिसमें वो 19 दिसंबर को मुस्लिमों से अलग मुल्क की डिमांड रखने की बात कह रहा है। 29 दिसंबर को वो खुलेआम लिखता है कि भारत-पाकिस्तान का बंटवारा अभी पूरा नहीं हुआ। 02 जनवरी 2024 को वो फेसबुक पर यूनाइटेड पाकिस्तान और बांग्लादेश जिंदाबाद लिखता है, तो 3 दिन पहले वो भारतीय मुस्लिमों के लिए अलग होमलैंड की माँग करता है।

           खुरशीद आलम के फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट, ये सभी पोस्ट आज (06 जनवरी 2024) भी मौजूद हैं।

खास बात ये है कि यही खुरशीद आलम कुछ दिन पहले यहूदियों और मुस्लिमों को मिलकर रहने की सीख दे रहा था। वो इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की बात कर रहा था और ऐसी तस्वीर भी शेयर की थी, जिसमें वो इजरायल और फिलिस्तीन के बीच सहअस्तित्व को मानता है। लेकिन उसे हिंदुस्तान की बात आने पर यहाँ के मुस्लिमों के लिए अलग देश चाहिए।

                                     खुरशीद आलम का इजरायल-फिलिस्तीन पर स्टैंड भी जान लीजिए

खुरशीद आलम की अलग मुस्लिम देश की माँग को लेकर सोशल मीडिया पर हाल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जेपी विश्वविद्यालय के कुल सचिव रणजीत कुमार को पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने नारायण महाविद्यालय, गोरियाकोठी के असिस्टेंट प्रोफेसर खुरशीद आलम को तुरंत बर्खास्त करने की माँग की है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने खुरशीद आलम के खिलाफ देशद्रोह के मामले में मुकदमा दर्ज किए जाने की माँग की है और अपना शिकायत पत्र भी सौंपा है। हालाँकि इतना सबकुछ होने के बावजूद खुरशीद आलम ने न ही सोशल मीडिया से वो पोस्ट डिलीट किए हैं, और न ही माफी माँगी है।

ये पूरा मामला कई सवाल खड़े करता है। खासकर बिहार में हो रही सनातन और राष्ट्र विरोधी कामों को लेकर। सत्ताधारी आरजेडी के नेता सनातन को गालियाँ देते हैं। वो मंदिर को लेकर उल्टी सीधी बातें लिखते हैं। वो पोस्टर लगाकर राजनीति करते हैं। ऐसे में जब आरजेडी अपने विधायकों और मंत्रियों तक को नहीं रोक रही है, तो अपने खास कोर वोट बैंक से जुड़े लोगों पर क्या ही कार्रवाई करेगी? बहरहाल, ये मामला बेहद गंभीर है। ऐसे मामलों में चुप्पी साधने का परिणाम बेहद भयावह हो सकता है।