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राहुल गाँधी के लिए हिंदू ‘चरमपंथी’, नरेंद्र मोदी की ईमानदारी के विरोधी भी कायल, जेट विमान से आता था मायावती का सैंडल: जूलियन असांजे की विकिलीक्स ने भारतीय नेताओं पर भी किए थे खुलासे


पूरी दुनिया में खुफिया कागजों का खुलासा कर हंगामा मचा देने वाले विकिलीक्स के फाउंडर जूलियन असांजे लंदन की जेल छूटकर अपने देश ऑस्ट्रेलिया पहुँच गए हैं। उनकी अमेरिका के साथ डील हो गई है। उन्हें अमेरिका के न्याय विभाग के सामने अपने आप को एक मामले में दोषी मान लिया है, जिसकी पाँच वर्ष की सजा वह पहले ही लंदन में काट चुके हैं।

विकिलीक्स के खुलासों से भारत में भी काफी हंगामा मचा था। विकिलीक्स के खुलासों में दावा किया गया था कि राहुल गाँधी हिन्दुओं में धार्मिकता को इस्लामी जिहाद से बड़ा खतरा मानते थे। राहुल गाँधी के अलावा विकिलीक्स में तब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को लेकर भी कई खुलासे हुए थे।

राहुल गाँधी ने हिन्दुओं को बताया था खतरा

विकिलीक्स ने राहुल गाँधी और तत्कालीन अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर के बीच हुई बातचीत का खुलासा किया था। इस विकिलीक्स में दावा था कि राहुल गाँधी ने टिमोथी रोमर से एक बातचीत में हिन्दू चरमपंथियों को इस्लामी आतंक से बड़ा खतरा बताया था। अमेरिकी राजदूत के भारत में इस्लामी आतंक को लेकर बात करने पर उन्होंने उनका पूरा ध्यान हिन्दू आतंकवाद की थ्योरी पर मोड़ने का प्रयास किया था। उन्होंने अमेरिका को हिन्दुओं को लेकर चेताया भी था।
राहुल गाँधी का कहना था कि ऐसे समूह जो भारत में ही पनपे हैं और पाकिस्तान और इस्लामी समूहों की तरफ से आने वाले आतंकी हमलों का जवाब देने की सोचते हैं, उन पर अधिक ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। संभवतः उनका इशारा मालेगाँव बम धमाकों की तरफ रहा होगा, इस मामले में कई निर्दोष हिन्दू कार्यकर्ताओं को तब फंसाया गया था।
राहुल गाँधी ने टिमोथी रोमर से बातचीत में यह भी माना था कि भारत में लश्कर-ए-तैयबा को लेकर स्थानीय मुस्लिमों में समर्थन बढ़ रहा था और इसके सबूत भी थे। टिमोथी रोमर ने अपने देश अमेरिका को बताया था कि वह अमेरिकी हित साधने के लिए एक अच्छा साधन हो सकते हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा दक्षिणी एशिया में तैनात किए गए रोबर्ट ओ ब्लेक ने अमेरिका को भेजे गए नोट का खुलासा भी विकीलीक्स ने किया था। विकिलीक्स के इस खुलासे में राहुल गाँधी के बारे में अमेरिका के विचारों को लिखा गया था। यह नोट पत्रकार सईद नकवी से बातचीत पर आधारित था।
ब्लेक ने कहा था कि राहुल गाँधी की कॉन्ग्रेस पार्टी में काफी कम लोग तारीफ़ करते हैं। यह भी कहा गया था कि राहुल गाँधी लगातार दिल्ली की राजनीति से बाहर रहते हैं। ब्लेक से बातचीत में नकवी ने कहा था कि राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के लिए फायदे से ज्यादा नुकसान करते हैं।

मायावती रखती थीं 9 खाना बनाने वाले, सैंडल लेने भेजा था जेट

विकिलीक्स के एक खुलासे में उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती पर भी बात की गई थी। अमेरिकी दूतावास में तैनात पोलोफ़ ने अपनी उत्तर प्रदेश यात्रा के बाद सारा ब्यौरा अमेरिका भेजा था। इसमें कहा गया था कि मायावती ने उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार को केंद्रीकृत कर दिया था। इसमें दावा किया गया था कि मुख्यमंत्री रहते हुए मायावती काफी शानदार जीवन जीती थीं। उन्होंने अपना खाना बनाने के लिए 9 शेफ रखे हुए थे।
मायावती की विलासिता के विषय में यह भी बताया गया था कि उन्होंने एक बार अपनीं पसंदीदा सैंडल मँगाने के लिए मुंबई को एक खाली विमान भेजा था। इसी खुलासे में दावा था कि मायावती ने अपने एक मंत्री को उठक बैठक भी लगवाई थी क्योंकि वह बिना उनकी इजाजत के उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के पास चला गया था।
अमेरिका को भेजे गए ब्यौरे में दावा था कि बसपा का टिकट लेने के लिए लगभग ₹1 करोड़ की धनराशि देनी पड़ती थी। इसमें यह भी कहा गया था कि इस दौरान अधिकांश पत्रकारों और नौकरशाहों के फोन तक टैप किए जाते थे। इसीलिए यह लोग मायावती के खिलाफ लिखने से बचते थे।

नरेन्द्र मोदी के विकास के बारे में की थी बात

विकिलीक्स में अमेरिका के मुंबई में काउंसल जनरल माइकल ओवेन और मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक मुलाकात का भी जिक्र था। इस मुलाक़ात में नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के विकास के विषय में ओवेन को बताया था। ओवेन ने भी गुजरात में हो रहे विकास की बात मानी थी। ओवेन ने अन्य नेताओं से भी बात की थी। इन नेताओं ने ओवेन को बताया था कि मोदी को रिश्वत नहीं दी जा सकती। इनमें कॉन्ग्रेस के नेता भी शामिल थे, इन्होने भी माना था कि गुजरात में विकास हो रहा है।

उत्तर प्रदेश : पहली बार ‘कांग्रेस मुक्त’ हुई विधान परिषद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का नारा दिया था। हालांकि उनके नारे का मतलब राजनीतिक रूप से मुख्य विपक्षी दल को समाप्त करने का नहीं बल्कि देश को कांग्रेस संस्कृति से छुटकारा दिलाना है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का यह नारा उत्तर प्रदेश में सच साबित होता नजर आ रहा है। 6 जुलाई, 2022 को कांग्रेस के एकमात्र  विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह का कार्यकाल खत्म हो गया। इसके साथ ही पहली बार यूपी विधान परिषद कांग्रेस मुक्त हो गई। यूपी कोटे से राज्यसभा में कांग्रेस पहले ही मुक्त हो चुकी है। इस तरह उत्तर प्रदेश से न तो संसद के उच्च सदन में और न ही विधान परिषद में कांग्रेस का कोई सदस्य है।

कांग्रेस को इस बात पर जरूर मंथन करना चाहिए कि आखिर कांग्रेस की इतनी दुर्दशा क्यों हो रही है? कांग्रेस में सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि कांग्रेस में कोई परिवार के विरुद्ध बोलने का साहस नहीं कर पा रहा। और हकीकत यह है कि जिस दिन सोनिया गाँधी को अध्यक्ष बनाने के लिए तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी को पार्टी ऑफिस से बाहर किया था, उसी दिन से कांग्रेस का पतन शुरू हो गया था, और बाकि कसर राहुल और प्रियंका पूरी कर रहे हैं। 

एकलौती विधान परिषद सीट भी हाथ से निकली

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के गठन (5 जनवरी, 1887) के बाद से कभी ऐसा नहीं हुआ कि जब कांग्रेस का सूबे के उच्च सदन में प्रतिनिधित्व न रहा हो। लेकिन अब विधान परिषद में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या जीरो हो चुकी है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस महज दो सीटों पर सिमट गई। इसका नतीजा यह रहा कि कांग्रेस को सूबे में अपनी राज्यसभा सीट गवांनी पड़ी तो अब एकलौती विधान परिषद सीट भी हाथ से निकल गई। जून 2022 में हुए चुनाव में कांग्रेस को एक सीट के लिए 31 विधायकों के वोट जरूरी थी, लेकिन उसके पास मात्र दो विधायक थे।

कांग्रेस का सिलसिला उनकी पांचवीं पीढ़ी पर आकर खत्म

गौरतलब है कि विधान परिषद के 12 सदस्यों का कार्यकाल जुलाई 6 को खत्म हो गया, उनमें 6 सपा के, 3 बसपा के, एक कांग्रेस और दो बीजेपी के सदस्य है। इन 12 सीटों के लिए जून में चुनाव हो चुके हैं। बीजेपी के दोनों सदस्य दोबारा से चुन लिए गए हैं, जिनमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और भूपेंद्र सिंह चौधरी जबकि कांग्रेस सहित बाकी किसी भी सदस्य की वापसी विधान परिषद में नहीं हो पाई। इस तरह से कांग्रेस के प्रमुख नेता रहे मोतीलाल नेहरू से शुरू हुआ कांग्रेस का सिलसिला उनकी पांचवीं पीढ़ी पर आकर खत्म हो गया।

विधान परिषद में बीजेपी को पहली बार मिला बहुमत

अब यूपी विधान परिषद में कांग्रेस का इत‍िहास समाप्‍त हो चुका है। वहीं यूपी की राजनीति में बीजेपी ने पहली बार विधान परिषद में बहुमत हासिल किया है। विधान परिषद में भी बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद अब योगी सरकार को दोनों सदनों में विधेयक और प्रस्ताव दोनों पारित कराने में आसानी होगी। जून 2022 में यूपी विधान परिषद की 13 सीटों के संपन्न हुए चुनाव में 9 बीजेपी और 4 सपा उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की। इसके साथ ही पिछले पांच वर्ष में उच्च सदन में बीजेपी की सदस्य संख्या 7 से बढ़कर 81 हो गई है। इससे पहले विधान परिषद के 36 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने 33 सीटें जीती थीं। 2 सीट निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में आई थीं।  

उत्तर प्रदेश में सबसे बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस

यूपी की राजनीति में कांग्रेस पार्टी की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रियंका गांधी के नेतृत्व के बावजूद कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। प्रियंका गांधी कांग्रेस की डूबती नाव को बचाने में असफल रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय लल्लू खुद विधायकी का चुनाव हार गए। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से 15 मार्च को इस्तीफा दिया। इसके बावजूद अभी तक पार्टी एक अध्यक्ष तक नहीं तलाश पाई है। कांग्रेस को पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में करारी मात खानी पड़ी। कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी संसदीय सीट पर हार का मुंह देखना पड़ा और किसी तरह से रायबरेली सीट पर सोनिया गांधी को जीत मिली थी।

हॉलीवुड हिरोइन का पाद 74310 रूपए में, एक जोड़ी पैंटी FREE: बोतल में बंद करके होगी डिलिवरी

यूट्यूबर स्टेफनी मट्टो नाम की अमेरिका की एक महिला एक डब्बे में बंद कर के अपना ‘पाद (Fart)’ डब्बे में बंद कर 1000 डॉलर (74310.85 रुपए) में बेच रही हैं। स्टेफनी मट्टो (Stephanie Matto) ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए बताया कि वो ‘पॉपुलर डिमांड’ पर ऐसा कर रही हैं। उन्होंने ‘Unfiltrd’ नामक सोशल प्लेटफॉर्म पर अपने पेज के जरिए जार में बंद कर के अपना ‘पाद (Fart)’ बेचने की घोषणा की। साथ ही लिखा कि उनके ‘मसालेदार कंटेंट्स’ के साथ-साथ अब उनका ‘पाद’ भी खरीददारी के लिए उपलब्ध है।

‘Unfiltrd’ पर पैसे देकर पोस्ट अनलॉक होंगे

साथ ही उन्होंने इसके साथ एक जोड़ी पैंटी मुफ्त में देने की घोषणा की। उन्होंने लिखा कि एक जोड़ी पैंटी के साथ-साथ उनके द्वारा हस्तलिखित एक नोट भी ग्राहकों को दिया जाएगा।

न्यूयॉर्क में रहने वाले स्टेफनी मट्टो ने ही ‘Unfiltrd’ की स्थापना की है। उन्होंने लिखा, “मैं आप सब के साथ ये साझा करते हुए काफी रोमांचित हूँ। चूँकि काफी लोगों ने इसके लिए माँग की थी, इसीलिए मैंने लोगों को वो देने का फैसला लिया है जो वो चाहते हैं। ये सेल अभी (शनिवार – 20 नवंबर, 2021) शुरू हो रहा है और अगले 10 दिनों तक चलेगा। जो पहले 100 ऑर्डर्स आएँगे, उन्हें 50% डिस्काउंट पर, अर्थात 500 डॉलर (37155.43 रुपए) में ही ये मिलेगा।”

स्टेफनी मट्टो ने सोशल मीडिया के जरिए जारी किया अजीबोगरीब विज्ञापन

इस पोस्ट में स्टेफनी मट्टो ने एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वो हाथ में जार लिए दिख रही हैं। सोशल मीडिया में लोगों ने इस विज्ञापन का जम कर मजाक बनाया। एक ट्विटर यूजर ने पूछा कि क्या आप इस महिला का ‘पाद’ 100 डॉलर में खरीदना चाहेंगे? वहीं कुछ अन्य ने पूछा कि क्या इससे होने वाली आमदनी पर कुछ टैक्स लगता है? एक व्यक्ति ने पूछा कि ‘सही पाद’ मिल रहा है या नहीं, इसकी गारंटी क्या है? क्या पुष्टि करने के लिए किसी प्रकार का सर्टिफिकेट है?

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि जब ये सब कर के भी रुपए मिल रहे हैं तो ऐसा लग रहा है जैसे मैं कोई गलत व्यापार में हूँ। एक यूजर ने सीधे स्रोत से इसे एकत्रित करने की इच्छा जाहिर की। कुछ ने लिखा कि लगभग इसी दाम में टेस्ला का एक शेयर आ जाएगा।