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जिस ‘जन्नत की हूरों’ के लिए मुर्तजा अब्बासी ने गोरखनाथ मंदिर पर किया हमला, वे होती कैसी हैं… मौलवी ने बताए थे बड़े-बड़े स्तन, शौच भी नहीं करती

गोरखनाथ मंदिर पर हमला (Gorakhnath Temple Attack) करने वाले अहमद मुर्तजा अब्बासी ने पूछताछ के दौरान आतंकवाद-निरोधक दस्ते (ATS) को कई सवालों के ऐसे जवाब दिए, जिससे यह साफ लग रहा है कि वह मानसिक रूप से बीमार नहीं, बल्कि शातिर और कट्टरपंथी है। ATS ने जब मुर्तजा से शादी और तलाक के बारे में सवाल किया तो उसने कहा- “अल्लाह के घर में यानी कि जन्नत में बहुत सारी हूरें मिलेंगीं। वहाँ बीवी का क्या काम? अल्लाह के घर जाना है तो सबको छोड़ना होगा।”

कहा जाता है कि जन्नत में 72 हूरें मिलती हैं। कई मौलवी भी यह दवा कर चुके हैं। जन्नत में हूरें कैसी होती हैं इसकी भी मौलवी व्याख्या करते रहते हैं। केरल में मौलाना ईपी अबूबकर कासमी ने जन्नत में मिलने वाले फायदों को बताते हुए दावा किया था कि वहाँ ‘बड़े-बड़े स्तन वाली महिलाएँ’ मिलती हैं। वह पेशाब या शौच भी नहीं करती हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया था कि जन्नत में शराब की नदियाँ बहती हैं, जिसे खुद अल्लाह ने ही बनाया है।

इसी तरह केरल के एक और मौलाना वायरल वीडियो में ‘मैली-कुचैली बीवियों’ के चक्कर में अल्लाह को भूल जाने और ‘सड़ी-गली लड़कियों’ के पीछे इश्क में पागल हो जाने की बातें कही थी। मौलाना ने हूर की खूबसूरती को बयाँ करते हुए कहा था कि उनकी आँखें खूबसूरत और गुलाबी होंगी। उसने कहा था कि मुस्लिम मर्द न सिर्फ हूर को चूम सकते हैं, बल्कि उनके साथ सो भी सकते हैं और एक-एक मर्द को 100-100 मर्दों की ताकत अल्लाह देंगे।

वहीं कुख्यात ‘ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन’ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने एक इंटरव्यू के दौरान दावा किया कि मर्दों को 72 हूरें मिलना अय्याशी करना नहीं है। वहाँ कोई नापाक नहीं होता। हालाँकि जब उनसे महिलाओं को लेकर सवाल किया गया कि महिलाएँ भी इस्लाम के सारे नियम-कानून का पालन करती हैं, तो उन्हें वहाँ पर वही शौहर मिलता है, जबकि मर्दों को 72 हूरें, ऐसा क्यों? इसका जवाब मौलाना के पास नहीं था। उसने इससे कतराते हुए जवाब दिया कि जन्नत में मुस्लिमों के लिए चीजें रखने वाले अल्लाह से ये सवाल किया जाना चाहिए।

ज्यादातर नौजवानों को आतंकी बनाने के लिए जन्नत और 72 हूरों के सपने दिखाए जाते हैं। यह इस्लामिक कट्टरपंथियों का ब्रेनवॉश करने का बहुत पुराना तरीका है। मुर्तजा अब्बासी ने 3 अप्रैल 2022 को गोरखनाथ मंदिर पर हमला किया था। वह गमछे में धारदार हथियार छिपाकर लाया था। रोके जाने पर उसने पीएसी जवानों को घायल कर दिया था। वह अल्लाहु अकबर के नारे लगा रहा था।

‘मक्का में सिनेमाघर क़यामत की निशानी, क्राउन प्रिंस यहूदी की औलाद’: राम मंदिर तोड़ सकती हैं मुस्लिमों की आने वाली नस्लें : मौलाना साजिद रशीदी, अध्यक्ष, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन

हिन्दुओं और राम मंदिर के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के लिए कुख्यात ‘ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन’ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने एक बार फिर से अजीबोगरीब बयान दिया है। उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) को यहूदी करार दिया। पत्रकार आरज़ू काज़मी ने जब 72 हूर वाले सवाल पर जब उनसे जवाब माँगा तो वो फँस गए। आरज़ू काज़मी ने पूछा कि जन्नत में औरतों के लिए क्या है? उन्होंने पूछा कि वो इस्लाम के सारे नियम-कानून का अनुसरण करती हैं, ऐसे में उन्हें जन्नत में क्या मिलेगा?

इस पर मौलाना साजिद रशीदी ने जवाब दिया कि आप जन्नत में 72 हूरों की सरदार होंगी और आपकी ज़िन्दगी में जो शौहर हैं, जन्नत में भी वही रहेंगे। उन्होंने कहा कि आपके शौहर अच्छे कार्य करते होंगे तो वो भी जन्नत में जाएँगे। उन्होंने कहा कि ये सब अय्याशी नहीं है, बल्कि वहाँ कोई नापाक नहीं होता है और आदमी का मन भी इस तरफ नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि जन्नत के लोग यही सोचते हैं कि अल्लाह उन्हें कब दीदार देगा। इस पर पत्रकार ने पूछा कि औरतों के लिए वही शौहर और पुरुषों के लिए 72 हूरें, ये तो नाइंसाफी है?

इस पर मौलाना ने कहा कि जन्नत में मुस्लिमों के लिए चीजें रखने वाले अल्लाह से ये सवाल किया जाना चाहिए। वहीं उन्होंने सऊदी अरब द्वारा हाल में लिए गई कुछ लिबरल फैसलों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि MBS ने जो कारनामे अंजाम दिए हैं, वो दीन और कुरान से हट कर है, नबी की ज़िन्दगी से हट कर है। उन्होंने कहा कि वो ये कहने से डरते नहीं हैं कि मोहम्मद बिन सलमान को अपने वालिद और पूर्व बादशाहों की ज़िंदगी पढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि सऊदी में न तो कभी बुर्के पर पाबंदी हटी और न ही शराबखाने और थिएटर खुले थे।

उन्होंने कहा कि यहूदी दीन-ए-इस्लाम को खत्म करने का ख्वाब यहूदी ही रखते हैं, इसीलिए MBS भी ‘यहूदी की औलाद’ हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि तवायफों को नाचने और मदीना में सिनेमाघर खुलवाने जैसे निर्णय क़यामत की निशानी है और बदनसीब फैसला है। उन्होंने कहा कि मोहम्मद बिन सलमान अय्याशी के लिए एक शहर खुलवा रहे हैं जहाँ इस्लामी कानून नहीं चलेगा और वहाँ कोई भी जा सकता है। उन्होंने अमेरिका के 9/11 हमलों को भी ‘यहूदियों की देन’ बताते हुए कहा कि ईसाईयों और यहूदियों ने इतिहास में काफी पहले से कुरान के नुस्खों को जलाने की कोशिश की, ताकि इस्लाम खत्म हो जाए।

उन्होंने इस दौरान माना कि भारत-पाकिस्तान में अधिकतर मुस्लिम धर्मांतरित हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो पक्के मुस्लिम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये नहीं कहा जा सकता कि माँ-बाप गैर-मुस्लिम हैं तो औलाद मुस्लिम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इस्लाम अगर तलवार के जोर से फैलता तो आज हिंदुस्तान-पाकिस्तान में 800 साल के इस्लामी शासन के दौरान एक भी हिन्दू नहीं बचता। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम बादशाहों ने मंदिर बनवाए और मंदिरों को दान दिए।

उन्होंने कहा, “हिंदुस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद को लेकर दिए गए फैसले में कहा है कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाई गई। दूसरी बात ये कही कि 1949 में गैर-कानूनी ढंग से चोरी से मस्जिद में मूर्ति रखी गई। तीसरी बात ये कही कि 1992 में बाबरी मस्जिद को ‘शहीद’ करना अवैध था। चौथी बात ये कहा कि इसके दोषियों को सज़ा मिले। सुप्रीम कोर्ट के पास शक्ति है कि सबूतों-गवाहों के खिलाफ वो फैसला दे सकते हैं। इसीलिए, उन्होंने राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया। बावजूद इसके मुस्लिम खामोश रहे, क्योंकि ये सुप्रीम कोर्ट का फैसला है और उनका संविधान में यकीन है।”

इस दौरान उन्होंने अपने एक बयान की भी याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज तो ये बात साबित हो गई कि मस्जिद तोड़ कर मंदिर नहीं बनाई गई, लेकिन अब जब मस्जिद तोड़ कर मंदिर बनाई जा रही है तो हमारी आने वाली नस्लें इसे पढ़ कर मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाए। उन्होंने अपने बयान पर कायम रहने का दावा करते हुए कहा कि आगे फिर से कोई मोहम्मद बिन कासिम पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि ये इतिहास पढ़ कर मुस्लिमों का खूब जोश में आ सकता है, ये हो सकता है।

मैली-कुचैली बीवी, सड़ी-गली लड़की… जन्नत की हूर की शान में कसीदे पढ़ते केरल के एक और मौलाना का Video वायरल

केरल के एक मौलाना का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक से बढ़ कर एक अजीबोगरीब चीजें बताता हुआ नजर आ रहा है। उक्त मौलवी ने कहा कि आपलोग ‘मैली-कुचैली बीवियों’ के चक्कर में अल्लाह को भूल जाते हो और ‘सड़ी-गली लड़कियों’ के पीछे इश्क में पागल हो जाते हो। उसने कहा कि जन्नत में अल्लाह ने उसके लिए क्या-क्या तैयार कर रखी है, मालिक ‘अल्लाह’ ने मुस्लिमों के लिए क्या-क्या रखा है, लेकिन तुम ‘तवायफों’ के चक्कर में पड़े हो।

जून 2011 के एक वीडियो में मौलाना कहता नजर आ रहा है, “तैयारी किसके लिए करो? उस जन्नत को हासिल करने के लिए लिए। कम दर्जे की जो हूर होंगी, उनकी आँखें खूबसूरत और गुलाबी होंगी। हर बीवी पर 70-70 कपड़े के जोड़े होंगे। वो पहने हुए जमाल के साथ तकिया लगा कर तुम्हारे इंतजार में बैठी होगी। अल्लाह के नबी बताते हैं कि कपड़ों में से उन हूरों का गुदा तक नजर आएगा। विज्ञान हमें यकीनी सतह पर ले आया है। एक्सरे मशीन के टेबल पर लेटने से आपके शरीर के अंदर का हिस्सा दिखता है या नहीं?”

मौलवी ने दावा किया कि जब एक मशीन ये सब कुछ बता देती है तो दुनिया बनाने वाले की शक्ति के बारे में क्या कहना। उसने दावा किया कि जन्नत में आइना तुम्हारे हूर का ‘जिगर (दिल)’ होगा, वैसे ही आपका दिल उनके लिए आइना होगा, जिसे देख कर वो सजेगी-सँवरेगी। उसने पूछा कि ये मुस्लिम कहाँ सो रहे हैं, हूर केवल चूमने के लिए नहीं मिलेगी बल्कि उनके साथ हमबिस्तरी भी करेगी। उन्होंने दावा किया कि एक-एक मर्द को 100-100 मर्दों की ताकत अल्लाह देंगे।

मौलाना इसमें कहता दिख रहा है, “सर्दी हो रही है, अजान हो रही है। ऐसे में जब तुम कंबल छोड़ कर जाते हो तो अल्लाह उस पर फख्र करता है। हूरों का दबा कर जैसे चाहो इस्तेमाल करो। एक नहीं, कई और। एक से पेट भरेगा तो दूसरी आ जाएगी और वो ज्यादा सुंदर होगी। वो बोलेगी कि आप पर जरा हक़ हमारा भी तो है। हमारे नबी ये सब देख कर आए हैं। इसकी तैयारी करो।” उक्त मौलाना ये कहता दिख रहा है कि जब भी आप हूर को देखेंगे, आप उसके भीतर 70 गुना ज्यादा हुस्न पाएँगे।