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कश्मीर में कर्फ्यू पर रोने वालों ने श्रीलंका टीम को सुरक्षित निकालने के लिए कराची में कर्फ्यू क्यों लगाया?

गौतम गंभीर, पाकिस्तान, कश्मीर
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
साल 2009 में श्रीलंका की टीम पर हुए आतंकवादी हमले के 10 साल बाद अब पाकिस्तान में एक बार फिर दोबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आगाज हुआ है। हालाँकि, हमले के बाद पाक टीम का होम ग्राउंड दुबई शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच चल रही एक दिवसीय सीरीज ने पाकिस्तान में इस खेल की वापसी करवा दी हैं। बताया जा रहा है कि श्रीलंका टीम इस दौरे को लेकर काफ़ी डरी हुई थी, लेकिन पाकिस्तान ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें आला दर्जे की सुरक्षा दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार करीब 30 से ज्यादा गाड़ियों के बीच श्रीलंकाई टीम को कराची स्टेडियम पहुँचाया गया। जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर खुद पूर्व क्रिकेटर और भाजपा सांसद गौतम गंभीर द्वारा शेयर की गई। हम देख सकते हैं कि इन गाड़ियों में बख्तरबंद गाड़ियों से लेकर बुलेटप्रुफ गाड़ियाँ मौजूद हैं। गंभीर ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि इतना कश्मीर किया कि कराची भूल गए।
इसके अलावा खुद वीडियो बनाने वाले दो लोगों की बातचीत सुनकर ऐसा लग रहा है, जैसे पाकिस्तान की इन हरकतों ने उन्हें भी हँसने पर मजबूर कर दिया हो। वीडियो में ये लोग गाड़ियों की गिनती करते हुए कहते नजर आ रहे हैं, “आज हम आपको दिखाएँगे कर्फ्यू लगाकर मैच कैसे खेला जाता है।”

वीडियो की शुरुआत होते ही वीडियो बनाने वाले दोनों पाकिस्तानी सामने से आती बाइक को ‘धूम’ वाली बाइक बताते हैं, फिर गाड़ियों को गिनते हुए हैरान भी होते हैं और मजाक भी उड़ाते हैं। अंत में एंबुलेंस देखकर कहते हैं कि इतनी सुरक्षा के बाद भी अगर कोई मसला हो जाता है तो इन पर एंबुलेंस की भी व्यवस्‍था है। इसके बाद दोनों ठहाके मारकर पाकिस्तान की इस हरकत पर हँसने लगते हैं।

खैर, गंभीर के ट्वीट के बाद बाकी अन्य लोग इस वीडियो को देखकर पाकिस्तान के सुरक्षित जगह होने पर सवाल उठा रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि इतनी सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रीलंकाई टीम को स्टेडियम पहुँचाया जा रहा है या फिर जंग लड़ने के लिए।
इतनी सिक्योरिटी देखकर यूजर्स मजाक उड़ा रहे है कि लगता है जैसे इमरान खान की सारी सिक्योरिटी हटाकर बाजवा ने श्रीलंका टीम को दे दी हैं। वहीं कुछ गंभीर द्वारा शेयर इस वीडियो पर लिख रहे हैं कि कराची में कर्फ्यू लगाने वाले पूछ रहे हैं कि कश्मीर में कर्फ्यू क्यों है?
पाकिस्तान में असुरक्षा को लेकर लोगों का कहना है कि बिना हाई सिक्योरिटी के ये कोई आयोजन नहीं कर सकते हैं और दूसरे की जगह के लिए लड़ाई करने चले हैं। अगर ये आतंकवाद पर कोई कदम लेते तो आज ये दिन नहीं देखना पड़ता।
लोगों ने गौतम गंभीर को पाकिस्तान की हकीकत शेयर करने के लिए धन्यवाद भी किया है और कहा है कि हम देख सकते हैं पाकिस्तान कितना असुरक्षित देश हैं।
दस साल से ज्यादा समय के बाद श्रीलंकाई टीम ने पाकिस्तान की सरजमीं पर कोई वनडे मैच खेला था। हालांकि, इस मुकाबले में श्रीलंकाई टीम को पाकिस्तान की टीम ने बाबर आजम के शतक और उस्मान शिनवारी की घातक गेंदबाजी की बदौलत करारी शिकस्त दी।
साल 2009 में पाकिस्तान के लाहौर में श्रीलंका की टीम बस पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में श्रीलंकाई टीम के कई खिलाड़ी घायल हुए थे, जबकि कई अन्य लोगों की मौत हुई थी। इस खौफनाक मंजर से निकलने के बाद श्रीलंकाई टीम ने कभी भी पाकिस्तान दौरे पर जाने की हिम्मत नहीं दिखाई, लेकिन श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ समझौता किया अपनी युवा टीम को पाकिस्तान दौरे पर भेज दिया, जहां टीम को 3-3 मैचों की टी20 और वनडे सीरीज खेलनी है।
इन दस सालों में पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच एक टी20 मैच खेला गया है, लेकिन पहली बार सोमवार 30 सितंबर को कोई वनडे मैच खेला गया। इससे पहले जब श्रीलंका की टीम कराची स्टेडियम के लिए होटल से रवाना हुई तो पाकिस्तान ने मेहमान टीम को कड़ी सुरक्षा दी। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने श्रीलंकाई टीम को अपने यहां पूरी सुरक्षा देने का वादा किया था। इस पर खरा उतरते हुए पाकिस्तान सरकार ने बोर्ड को तीन दर्जन से ज्यादा(करीब 42) गाड़ियां प्रदान कीं, जिनमें हथियारों से लैस जवान मौजूद थे।
पाकिस्तान ने बस श्रीलंकाई की टीम सुरक्षा में टैंक ही नहीं भेजे बाकी सबकुछ भेज दिया। बहुत कम देखा जाता है कि किसी देश में खिलाड़ियों की इतनी सुरक्षा हो, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपना यहां इंटरनेशनल क्रिकेट कराने के लिए मेहमान टीमों की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली।
इससे पहले कम सुरक्षा की वजह से श्रीलंका की टीम बस पर हमला हो गया था। इसके बाद से पाकिस्तान में कोई टेस्ट मैच नहीं हो सका है। यहां तक कि कोई बड़ी टीम भी पाकिस्तान दौरे पर नहीं गई है। जिम्बाब्वे, श्रीलंका, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड जैसे टीमें ही पाकिस्तान में टी20 सीरीज खेलने गई हैं। हालांकि, ये टीम भी एक हफ्ते से कम समय में वहां से लौट आई हैं। (एजेंसीज इनपुट्स सहित)

नरेंद्र मोदी कोच्चि को बोल गए कराची

PM Modi speech in Jamnagar
आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मार्च 4 को बोलने में चूक हो गई और वह भूल से केरल के कोच्चि को पाकिस्तान का 'कराची' बोल गए लेकिन तत्काल उन्होंने यह कहते हुए अपनी गलती सुधारी कि इन दिनों उनके दिमाग में पाकिस्तान ही रहता है। ‘आयुष्मान भारत योजना’ की खूबियों की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा कि इससे जामनगर के निवासियों को देश में कहीं भी इलाज कराने की सुविधा मिली, ऐसे में वह चाहे ‘कोलकाता’ हो या ‘कराची’। लेकिन उसी वक्त उन्होंने इसमें सुधार करते हुए कहा कि उनका मतलब कोच्चि था न कि कराची।
उन्होंने तुरत बात संभाली और कहा, ‘कराची नहीं, कोच्चि। आजकल मेरे दिमाग में पड़ोसी देश का ही ख्याल रहता है।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन वह (पाकिस्तान में हवाई हमला) भी जरूरी था। क्या वह किया जाना चाहिए था या नहीं?’ इस पर भीड़ ने ‘हां’ में जवाब दिया। मोदी यहां गुरू गोविंद सिंह अस्पताल में 750 बिस्तरों वाले एनेक्सी भवन का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे।
मोदी ने सभा में कहा, ‘आयुष्मान भारत के तहत यदि जामनगर का कोई बाशिंदा भोपाल गया हो और वहां बीमार पड़ जाए तो उसे इलाज के लिए जामनगर लौटने की जरूरत नहीं है। यदि वह अपना (आयुष्मान भारत) लाभार्थी कार्ड दिखाता है तो उसे कोलकाता और यहां तक कि कराची में भी मुफ्त उपचार मिलेगा।’
पीएम मोदी ने सोमवार को उनके उस बयान पर सवाल खड़े करने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था कि राफेल लड़ाकू विमान होने से पाकिस्तान के साथ 27 फरवरी को विमानों के बीच लड़ाई के दौरान आईएएफ को अधिक मारक क्षमता मिल जाती। मोदी ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में चुप नहीं बैठेगा और आतंकवाद की जड़ पाकिस्तान में है और इसका जड़ से इलाज किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘मैंने कहा था कि अगर राफेल समय पर मिल जाता तो (27 फरवरी को डॉगफाइट (विमानों के बीच लड़ाई) के दौरान) स्थिति अलग होती, लेकिन उन्होंने (विपक्ष) कहा कि मोदी हमारी वायु सेना के हवाई हमले पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।’ प्रधानमन्त्री ने कहा, ‘कृपया समझदारी का इस्तेमाल करें, मैंने कहा था कि अगर (विमानों के बीच लड़ाई) के दौरान हमारे पास राफेल होता, तो न हमारा कोई विमान गिरता और न उनका कोई विमान बचता।’
पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी शिविर पर 26 फरवरी को किए गए हवाई हमले का सबूत मांगने वाले विपक्षी पार्टी के नेताओं के बयानों पर नाराजगी जाहिर करते हुए मोदी ने कहा कि उनका उद्देश्य आतंकवाद को खत्म करना है, जबकि विपक्ष का उद्देश्य मोदी को हटाना है।
भारत का विपक्ष पाकिस्तान के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सुर्खी बनने के लिए देश अहित की बात कर सेना का मनोबल तोड़ रहा है। विपक्ष की बातों पर पाकिस्तान हम पर हँस रहा है। उन्होंने पूछा "जब मुंबई में 26/11 और अन्य राज्यों में इतने आतंकी हमले होने पर नई दिल्ली में बैठी सरकार ने क्यों नहीं आतंकवाद का मुँह कुचला? लेकिन अपने वोट बैंक को देख, कोई कार्यवाही नहीं की।"
उन्होंने आगे कहा कि "मुझे कुर्सी नहीं देश की चिन्ता है।"  
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 3 को अमेठी के गढ़ में राहुल गांधी व कांग्रेस पर सीधा हमला किया है। उन्होंने गां.....
   
उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद की बीमारी की जड़ पड़ोसी देश में है, क्या हमें इस बीमारी का इलाज जड़ से नहीं करना चाहिए।’ मोदी ने कहा, ‘अगर भारत को तबाह करने की मंशा रखने वालों के सरगना बाहर हैं, तो यह देश शांत नहीं बैठेगा।’