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7 अक्टूबर के हमले के मास्टरमाइंड को इजरायल ने किया ढेर, गाजा में हमास कमांडर इज-अल-दीन अल-हदाद पर बरसाए बम

                             हमास के सैन्य प्रमुख अल-हद्दाद का शव (फोटो साभार - टाइम्स नाउ)
इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच इजरायल की सेना (IDF) ने गाजा सिटी में सटीक हवाई हमले किए। इन हमलों में हमास की सैन्य शाखा का कमांडर इज-अल-दीन अल-हदाद ढेर हो गया है।

यह कार्रवाई शुक्रवार (15 मई 2026) को की गई, जबकि इसकी पुष्टि IDF ने शनिवार (16 मई 2026) को की। अल-हदाद को 7 अक्टूबर 2023 के इजरायल पर हुए बड़े हमले का मास्टरमाइंड और हमास के सबसे वरिष्ठ सैन्य नेताओं में से एक माना जाता था।

इजरायल के अनुसार, वह हाल के समय में गाजा में हमास की सैन्य क्षमता को फिर से मजबूत करने और नए हमलों की योजना बनाने में लगा हुआ था।

इजरायली सेना प्रमुख ने इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल सफलता बताया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री ने भी बयान जारी कर कहा कि यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था और इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, हमले से पहले इजरायली वायुसेना ने एक डिसेप्शन ऑपरेशन भी चलाया ताकि हमास को किसी तरह की भनक न लगे। इजरायली सेना का दावा है कि अल-हदाद लंबे समय से बंधकों के नेटवर्क और हमास की सैन्य गतिविधियों को नियंत्रित कर रहा था और खुद को बचाने के लिए बंधकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करता था।

बंधकों, युद्ध और गाजा में जारी संघर्ष की स्थिति

इजरायल का कहना है कि अल-हदाद 1980 के दशक से हमास से जुड़ा था और 7 अक्तूबर 2023 के हमलों में उसकी अहम भूमिका थी, जिसमें लगभग 1200 लोग मारे गए थे और 250 से अधिक को बंधक बनाया गया था। वह मोहम्मद सिनवार की मौत के बाद हमास की सैन्य कमान संभाल रहा था। इस हमले में उसके परिवार के कुछ सदस्य भी मारे गए होने की खबर है।

नागपुर दंगे के साजिशकर्ता फहीम खान के घर पर चला बुलडोजर : मुस्लिम भीड़ इकट्ठा कर बोला था- किसी भी हिंदू को छोड़ेंगे नहीं

नागपुर दंगों के मुख्य आरोपित फहीम शमीम खान का घर अवैध पाया गया है। उसके घर पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई चालू कर दी है। फहीम खान नागपुर में दंगे के लिए भीड़ इकट्ठा करने और भड़काऊ भाषण देकर पथराव-हिंसा करवाने का आरोपित है।

इस मामले में नागपुर नगर निगम की टीम सोमवार (24 मार्च, 2025) को उसके घर पर पहुँची है। नगर निगम के साथ पुलिस की टीम भी मौजूद है। यहाँ पुलिस ने बुलडोजर लगा कर उसके घर को गिराना चालू कर दिया है। फहीम खान वर्तमान में जेल में बंद है।

 फहीम खान के अवैध घर को इससे पहले हटाने की नोटिस दी गई थी। हालाँकि, फहीम खान के परिवार ने इसे खुद नहीं तोड़ा। 20 मार्च, 2025 को नागपुर नगर निगम की एक टीम ने उसके घर का सर्वे किया था। टीम ने बताया था कि फहीम खान का घर बनाने के लिए कोई भी नक्शा नहीं पास करवाया गया था।

यह घर फहीम खान की पत्नी ज़हरुन्निशा के नाम पर बना है और लगभग 950 स्क्वायर फीट में फैला हुआ है। इस घर में दो मंजिले हैं। यह भी सामने आया है कि उसके अवैध निर्माण के विरुद्ध पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

अब उसके घर को नगर निगम गिरा रहा है। इससे पहले नगर निगम ने नागपुर में दंगा करने वालों की दो दुकानें भी सीज कर दी थी। पुलिस को पता चला था कि यह दुकानें दंगे के दौरान इस्तेमाल की गई थीं। यह दंगा करने वाले भी फहीम के करीबी थे।

फहीम खान ने सोमवार (17 मार्च, 2025) को नागपुर में मुस्लिमों को इकट्ठा किया था। इसके बाद उसने इनको भड़काने के लिए एक बयान दिया था। उसने पुलिस पर हिन्दुओं की मदद करने के आरोप लगाए थे और कहा था किसी को छोड़ना नहीं है।

इसके बाद मुस्लिम भीड़ ने नागपुर में खूब उत्पात मचाया था। इस दंगे में 70 लोग घायल हो गए थे। इसमें 30 से अधिक पुलिसकर्मी थे। दंगाइयों ने 50 से अधिक गाड़ियों को जला दिया था। उन्होंने एक DCP को कुल्हाड़ी मार दी थी। एक महिला पुलिसकर्मी से छेड़छाड़ की थी।

दंगे का मास्टरमाइंड फहीम खान अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी’ का अध्यक्ष है। उसने 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ा था। वह नागपुर से केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव में उतरा था और बुरी तरह हार गया था। फहीम खान नागपुर के संजय नगर का रहने वाला है और CCTV मरम्मत करने का काम करता है।

अब उसके खिला राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 100 से अधिक दंगाइयों को गिरफ्तार किया है। कई विवादित पोस्ट भी हटाई जा चुकी हैं।


दिल्ली : जेलों में कैदियों से होती है वसूली, अरविन्द केजरीवाल हैं इसके मास्टरमाइंड: ठग सुकेश चंद्रशेखर ने फिर फोड़ा लेटर बम

                                                                                                                       साभार : लोकसत्ता
दिल्ली के मंडोली जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जेलों में जबरन वसूली के मास्टरमाइंड हैं। चंद्रशेखर ने यह आरोप एक वीडियो के जरिए लगाया है, जिसमें वह कह रहा है कि दिल्ली की जेलों में जबरन वसूली का खेल बहुत बड़ा है। जेल प्रशासन के लोग कैदियों से पैसे वसूलते हैं। पैसा न देने पर कैदियों को परेशान किया जाता है।

चंद्रशेखर ने कहा कि दिल्ली की जेलों में जबरन वसूली का खेल अरविंद केजरीवाल के इशारे पर होता है। मुख्यमंत्री केजरीवाल जेल प्रशासन के लोगों को पैसे बाँटते हैं और फिर वह कैदियों से पैसे वसूलते हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि केजरीवाल इस पैसे से अपने राजनीतिक काम करते हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि वह खुद भी इस जबरन वसूली का शिकार हुआ है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ठग चंद्रशेखर ने जेल से ही एक लेटर बम फोड़ा है। सुकेश ने यह पत्र केजरीवाल के उस दावे के जवाब में लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वसूली के मामले में सीबीआई जाँच की जानी चाहिए। अब सुकेश ने लिखा है, “केजरीवाल जी, कृपया सीबीआई जाँच में सहयोग करें और मेरे आरोपों पर वन-टू-वन नार्को टेस्ट करा लें।” सुकेश ने पत्र में लिखा है कि ये तो अदालत तय करेगी कि कौन सबसे बड़ा ठग है।

चंद्रशेखर ने लिखा, “आप (अरविंद केजरीवाल) पहले खुद को देखो। आपके तीन प्रमुख साथी जनता का पैसा लूटने और भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में बंद हैं। आप भी जल्द ही तिहाड़ क्लब का हिस्सा बनेंगे। आप ही तो मास्टरमाइंड हैं।” सुकेश चंद्रशेखर ने कहा है कि उसने जो आरोप लगाए हैं, उसके समर्थन में उसके पास सारे सबूत मौजूद हैं।

उसने आगे लिखा है, “चिंता मत करो, तुम्हारा नाम और तुम्हारे साथियों का सारा खेल खोलने के लिए पूरे सबूत हैं।” सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी उन्हें चुप कराने के लिए धमकियाँ और ऑफर भेज रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने चुप रहने के लिए उसे राज्यसभा की सीट भी पेशकश की थी।

सुकेश चंद्रशेखर से सत्येंद्र जैन ने की 10 करोड़ रुपए की उगाही

सुकेश 200 करोड़ रुपए की उगाही के मामले में दिल्ली की जेल में बंद है। सुकेश ने आरोप लगाया था कि उसने प्रोटेक्शन मनी के रूप में सत्येंद्र जैन को 10 करोड़ रुपए दिये और फिर आम आदमी पार्टी को 60 करोड़ दिए। इस मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति माँगी है।
आरोप है कि सत्येंद्र जैन और जेल अधिकारियों ने हाई-प्रोफाइल कैदियों से करोड़ों रुपए की उगाही की, जिसमें सुकेश भी शामिल है। सीबीआई का कहना है कि जैन ने 2018-21 के दौरान सिक्योरिटी मनी की किश्तों के तौर पर सुकेश चंद्रशेखर से 10 करोड़ रुपए की उगाही की थी। हालाँकि, अरविंद केजरीवाल ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा कि सुकेश भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।


भारत के मोस्ट वांटेड एक और दुश्मन का पाकिस्तान में सफाया, जम्मू में आर्मी कैंप पर हमले का मास्टरमाइंड था ख्वाजा शाहिद

वर्ष 2014 से पहले भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद झेलता रहा और यहां की सरकार द्वारा 'हिन्दू आतंकवाद' और 'भगवा आतंकवाद' का नाम देकर इस्लामिक आतंकवादियों को संरक्षण देने के कारण विश्व में कोई इनकी नहीं सुनता था, चूंकि भारत सरकार की तरफ से एक्शन का रिएक्शन नहीं होता था तो पाकिस्तान के हौसले बुलंद रहते थे और वह भारत में कहीं भी आतंकवादी हमले करने की हिमाकत कर बैठते था। लेकिन 2014 के बाद भारत बदल गया, लेकिन पाकिस्तान उसी ढर्रे पर चलता रहा। 2014 के बाद पाकिस्तान को जवाब मिलने लगा तो वह संभलकर आतंकवादी हमले करने लगा। लेकिन अब तस्वीर बिल्कुल उलट गई है। पहले पाकिस्तान भारत के सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर आतंकवादी हमले करता था। आज वह खुद अपने बुरे कर्मों का नतीजा झेल रहा है। उसके सैन्य अड्डों पर पिछले कुछ समय में आतंकवादी हमले बढ़ गए हैं। वहीं जिन आतंकवादियों को उसने पाला-पोसा आज वह एक-एक कर मारे जा रहे हैं। इससे पाकिस्तान के पैरों तले से जमीन खिसक गई है। अब जम्मू में आर्मी कैंप पर हमले का मास्टरमाइंड ख्वाजा शाहिद भी मारा गया है। 2023 से भारत के मोस्ट वांटेड 15 दुश्मनों का सफाया हो चुका है।

2022 से अब तक 20 आतंकवादी मारे गए, 2023 में 15 ढेर
पिछले कुछ महीनों में विदेशी धरती पर भारत विरोधी हरदीप सिंह निज्जर, अवतार सिंह खांडा, परमजीत पंजवार, रिपुदमन सिंह मलिक, हरविंदर रिंडा, सुखदूल सिंह, हैप्पी संघेड़ा के साथ ही अबू कासिम, जहूर मिस्त्री, अब्दुल सलाम भुट्टावी, सैयद नूर, एजाज अहमद, खालिद रजा, बशीर अहमद, शाहिद लतीफ, मुफ्ती कैसर फारूक, जियाउर रहमान, मलिक दाऊद, सुक्खा दुनिके, ख्वाजा शाहिद जैसे आतंकियों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। वर्ष 2023 में अब तक 15 भारत विरोधी आतंकवादी विदेशों में मारे जा चुके हैं। वहीं 2022 में पांच भारत विरोधी आतंकवादी मारे गए थे।

एक-एक कर मरते जा रहे आतंकवादी
पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह भारत का कद बढ़ता जा रहा है वह विदेशी ताकतों को पसंद नहीं आ रहा है। इसीलिए वे तरह-तरह के प्रपंच कर भारत को बदनाम करने, उसकी विकास की रफ्तार को रोकने के षडयंत्र में जुटे हैं। लेकिन यह नया भारत है, ​​भारत के दुश्मन जहां कहीं भी हो उसका खत्म होना निश्चित है, चाहे वे कहीं भी छिपे हों। 2014 से पहले की सरकारें आतंकवादी हमला होने पर संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका जैसे देशों से निहोरा करती थीं कि वे इसकी निंदा करें और भारत को इन आतंकवादी हमलों से बचाएं। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत इस कदर सशक्त, सबल और सक्षम हुआ है कि अब वह दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देता है। यही वजह है कि अब भारत नहीं, पाकिस्तान खुद को आतंकवाद से पीड़ित बता रहा है।

5 नवंबर 2023
जम्मू आर्मी कैंप पर हमले का मास्टरमाइंड आतंकी ख्वाजा शाहिद ढेर
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारत मोस्ट वांटेड लश्कर आतंकी ख्वाजा शाहिद उर्फ मिया मुजाहिद की 5 नवंबर 2023 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सिर कटी लाश बरामद की गई। ख्वाजा शाहिद साल 2018 में जम्मू के आर्मी कैंप पर हमले का मास्टरमाइंड था। एक दिन पहले ही उसको अगवा कर लिया गया था। आतंकी ख्वाजा शाहिद साल 2018 में जम्मू के सुंजुवान में भारतीय सेना के एक कैंप पर हमले की साजिश रचने का मास्टरमाइंड था। आर्मी कैंप पर हुए हमले में 6 जवान, एक सैन्य अधिकारी और एक आम नागरिक की मौत हुई थी। वहीं जवाबी ऑपरेशन में सेना ने हमले में शामिल तीन आतंकियों को ढेर किया था। एजेंसियों को काफी समय से उसकी तलाश थी।

20 अक्टूबर 2023
आतंकवादी मसूद अजहर का दाहिना हाथ दाऊद मलिक पाकिस्तान में ढेर
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने लिखा है, पुलिस के मुताबिक पाकिस्तान के कबायली जिले उत्तरी वजीरिस्तान के मिराली इलाके में 20 अक्टूबर 2023 को मास्क पहने अज्ञात लोगों ने गोली मारकर मलिक दाऊद उर्फ खान मलिक दाऊद उर्फ दाऊद मलिक की हत्या कर दी है। पुलिस ने कहा है कि मलिक दाऊद को निशाना बनाकर गोली मारी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मलिक दाऊद मुसाकी गांव का रहने वाला था और गोली लगने के बाद उसे फौरन टीएचक्यू अस्पताल मीर अली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलवामा हमले के बाद जब भारतीय सेना ने बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की थी तो उस वक्त दाऊद मलिक की वहां पर उपस्थिति बताई गई थी लेकिन वह एयरस्ट्राइक के दौरान बाल-बाल बच गया था।

11 अक्टूबर 2023
पठानकोट हमले का मास्टमाइंड शाहिद लतीफ पाकिस्तान में ढेर
पठानकोट हमले के मास्टमाइंड शाहिद लतीफ की पाकिस्तान के सियालकोट की मस्जिद में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। शाहिद लतीफ NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। लतीफ पर अज्ञात लोगों ने गोलियां बरसा दी जिससे उसकी मौत हो गई। 2 जनवरी, 2016 को जैश के आतंकियों ने पठानकोट में एयरबेस पर हमला कर दिया था। इसमें 7 जवान शहीद हो गए थे। 36 घंटे एनकाउंटर और तीन दिन तक कॉम्बिंग ऑपरेशन चला था। शाहिद लतीफ आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का एक प्रमुख सदस्य था। उसने ही चारों आतंकवादियों को पठानकोट भेजा था। लतीफ 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान को अगवा करने में भी शामिल था। लतीफ को नवंबर 1994 में भारत में गिरफ्तार किया गया था, और मुकदमा चलाया गया था। कांग्रेस सरकार ने भारत में सजा पूरी होने के बाद 2010 में उसे वाघा के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया गया था। NIA के मुताबिक लतीफ 2010 में अपनी रिहाई के बाद पाकिस्तान में जिहादी फैक्ट्री में वापस चला गया था।

10 अक्टूबर 2023
कुलभूषण जाधव को अगवा करने वाला आईएसआई एजेंट मुल्ला बाहौर ढेर
पाकिस्तानी आतंकवादी और आईएसआई एजेंट मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज उर्फ महद उर्फ अब्दुल लतीफ को कुछ अज्ञात लोगों ने बलूचिस्तान के केच इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी। मुल्ला बाहौर ने ही ईरान से कुलभूषण जाधव को अगवा किया था और फिर उसे आईएसआई के हवाले किया था। कुलभूषण जाधव बिजनेस करते थे और भारतीय नौसेना से रिटायर थे। इस वक़्त वह पाकिस्तान की जेल में हैं। कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। इसके ख़िलाफ़ भारत ने हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में दस्तक दी थी। वहां से कुलभूषण की मौत की सजा पर रोक लगाई गई है।

30 सितंबर 2023
हाफिज सईद के करीबी मुफ्ती कैसर फारूक की कराची में हत्या
26/11 मुंबई टेरर अटैक के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी हाफिज सईद के सबसे करीबी माने जाने वाले मुफ्ती कैसर फारूक को कराची में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। कैसर फारूक लश्कर के संस्थापक सदस्यों में से एक था और हाफिज सईद का बेहद करीबी सहयोगी था। 30 वर्षीय कैसर फारूक को 30 सितंबर 2023 को समानाबाद इलाके में एक धार्मिक संस्थान के पास गोली मार दी गई।

21 सितंबर 2023
कनाडा में खालिस्तानी आतंकी सुखदूल सिंह उर्फ सुक्खा दुनेके मारा गया
गैंगस्टर सुखदूल सिंह उर्फ सुक्खा दुनेके की कनाडा के विन्निपेग में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह कई अपराधों में वांटेड था और 2017 में पंजाब से कनाडा भाग गया था। सुक्खा खालिस्तान समर्थक ताकतों के साथ जुड़ गया था। सुक्खा दविंदर बंबीहा गैंग का गैंगस्टर था और पंजाब के मोगा का रहने वाला था। कनाडा के विन्निपेग में अंतर-गिरोह प्रतिद्वंद्विता में उसकी हत्या हुई है। दुनेके पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में देविंदर बंबीहा गिरोह को संचालित करता था, फाइनेंस जुटाता था और मजबूत कर रहा था। वह फर्जी पासपोर्ट पर 2017 में कनाडा भाग गया था। उसके खिलाफ पंजाब और आसपास के राज्यों में हत्या और अन्य जघन्य अपराधों के 20 से अधिक मामले दर्ज थे।

12 सितंबर 2023
लश्कर आतंकी मौलवी मौलाना जियाउर रहमान की दिनदहाड़े हत्या
कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर के एक पार्क में एक मौलवी मौलाना जियाउर रहमान की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। रहमान लश्कर का ऑपरेटिव रहा है। रहमान की मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियों से भून दिया। रहमान शाम को सैर करने निकला हुआ था। इस हत्या ने रहमान के रिश्तेदारों, उनके दोस्तों और उनकी धार्मिक भक्ति के प्रति आश्वस्त लोगों को चिंता में डाल दिया है। रहमान लश्कर से लंबे समय से जुड़ा था और मजहबी काम करता था।

8 सितंबर 2023
हाफिज सईद के करीबी आतंकवादी अबू कासिम ढेर
पाकिस्तान में भारत विरोधी कुख्यात आतंकियों की शामत आ चुकी है। पाकिस्तान वैसे तो खुद ही कभी अपने पाले आतं​कियों के हमलों का सामना कर रहा है। वहीं भारत विरोधी आतंकियों की भी जान जा रही है। इन आतंकवादियों की हत्या अज्ञात बंदूकधारी कर रहे हैं। जिनकी खोज पाकिस्तान पुलिस अब तक नहीं कर पाई है। 8 सितंबर 2023 को इन्हीं अज्ञात बंदूकधारियों ने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) सरगना हाफिज सईद के करीबी माने जाने वाले आतंकवादी अबू कासिम को मार गिराया। अबू कासिम को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के रावलकोट में एक मस्जिद के अंदर गोली मारी गई। अबू कासिम कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार था। वह जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ कई हाई प्रोफाइल हमलों में शामिल था। इतना ही नहीं, वह पीओके से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को लॉन्च पैड के जरिए जम्मू और कश्मीर में दाखिल कराता था। वह उन आतंकवादियों के रहने, खाने-पीने और पैसों का इंतजाम भी करता था। कासिम स्थानीय युवाओं को लश्कर में भर्ती करने के काम में भी शामिल था। उसे इसके लिए पाकिस्तान से पैसे मिलते थे। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से अबू कासिम की तलाश कर रही थीं।

पाकिस्तान में छिपे हैं भारत के 10 मोस्ट वांटेड आतंकी

दाऊद इब्राहिमः भारत में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाला दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है। दाऊद के भांजे अलीशाह पारकर ने ED को दिए बयान में खुलासा किया था कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान के कराची में है।

मौलाना मसूद अजहरः आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और प्रमुख नेता है।

हाफिज मुहम्मद सईदः प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और जमात-उद-दावा का मुखिया है। साल 2008 में मुंबई पर हुए हमले में मुख्य आरोपी है। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी। मुंबई हमले के बाद हाफिज सईद को घर में नज़रबंद कर दिया गया था, लेकिन 2009 में छोड़ दिया गया, क्योंकि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट को उसके ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत नहीं मिले।

जकी-उर-रहमान लखवीः जकी-उर-रहमान लखवी उर्फ अबू वहीद इरशाद अहमद अरशद का पहली बार नाम उस समय लोगों ने सुना, जब साल 1999 में मुर्दिके सम्मेलन हुआ। लखवी ने फिदायिनों को भारत पर हमले करने और यहां पर खून-खराबा करने के लिए उकसाया था। लखवी ने उस समय इस बात को जोर देकर कहा था कि अब भारत को सबक सिखाने का समय आ गया है। मुंबई की लोकल ट्रेन में वर्ष 2006 में हुए ब्लास्ट्स के पीछे लखवी ही था।

वधावा सिंह बब्बरः ख़तरनाक आतंकी संगठन बब्बर खालसा का चीफ है। पंजाब में बड़ी घटनाओं के पीछे बब्बर खालसा का हाथ रहा है। वाधवा सिंह का पाकिस्तान की सेना और वहां की खुफिया एजेंसियों के साथ काफी गहरा रिश्ता है। बब्बर खालसा को ट्रेनिंग लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात आतंकवादियों द्वारा दी गई है। वधावा सिंह के दाऊद इब्राहिम से भी संबंध हैं और कई तरह की अवैध गतिविधियों में दोनों एक-दूसरे का साथ देते रहे हैं।

लखबीर सिंहः आतंक के दौर में देश छोड़कर इंग्लैंड चला गया था। बाद में इंग्लैंड से पाकिस्तान पहुंच गया। तब से वह पाकिस्तान में रह रहा है। वहां ISI के संपर्क में आने के बाद भारत में अपने पुराने संपर्क के सहारे देश विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उस पर भारत में कई स्लीपर सेल बनाने का भी आरोप है।

रणजीत सिंह नीताः खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) का चीफ है। वह पाकिस्तान में रहकर इस प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन को चला रहा है। वह आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पंजाब से लोगों को भर्ती करता रहता है।

लखबीर सिंह रोडे उर्फ बग्गाः पाकिस्तान में रहता है, उसका काम ड्रग्स और हथियार भेजना है। पंजाब में लोकल गैंग की मदद के लिए प्रमुख आईएसआई समर्थित खालिस्तानी आतंकी है लखबीर।

परमजीत सिंह पम्माः पम्मा के अमृतपाल सिंह से अच्छे संबंध हैं। पम्मा प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनैशनल से जुड़ा हुआ है। वह खालिस्तान टाइगर फोर्स का भी सदस्य है। NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में पम्मा का नाम शुमार है। 1994 में पम्मा ने भारत छोड़ दिया था और पाकिस्तान चला गया। उसकी आईएसआई से भी करीबी है।

जावेद चिकनाः जावेद चिकना का नाम टेरर फंडिंग से जुड़ी एनआईए की एफआईआर में आया था। उसने 1993 के मुंबई बम धमाकों के लिए कई लोगों को बम बनाने और हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी थी।

पठानकोट एयरबेस मास्टरमाइंड शहीद लतीफ़ की पाकिस्तान के सियालकोट की मस्जिद में हत्या

                               शाहिद लतीफ़ पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड  (चित्र साभार: इंडिया टुडे)
जनवरी 2016 में पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ़ की पाकिस्तान के सियालकोट में ‘अज्ञात हमलावरों’ ने हत्या कर दी। वह भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों में से एक था और उसके विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका था। पठानकोट हमले में ‘डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स’ के 5 जवान, IAF के एक गार्ड और NSG के एक कमांडो बलिदान हो गए थे।

सियालकोट की एक मस्जिद के भीतर शाहिद लतीफ़ की हत्या बुधवार सुबह (11 अक्टूबर, 2023) को हो गई। शाहिद सियालकोट इलाके में आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद का बड़ा कमांडर था। उसको ‘छोटा शाहिद भाई’ और नूरु अल दीन के नाम से जाना जाता था। एक और जानने वाली बात है कि 2010 में कॉन्ग्रेस सरकार ने ‘गुडविल गेस्चर’ दिखाते हुए उसे पाकिस्तान को प्रत्यर्पित कर दिया था।

लतीफ़ को एक बार वर्ष 1994 में भारत में भी UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था और वर्ष 2010 में सज़ा पूरी होने पर पाकिस्तान प्रत्यर्पित कर दिया गया था। वह पाकिस्तान जाकर दोबारा भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में भाग लेने लगा था। वर्ष 2020 में भारतीय गृह मंत्रालय द्वारा UAPA के अंतर्गत आतंकी घोषित किए जाने वालों की लिस्ट में उसका भी नाम था। लतीफ़ वर्ष 1999 में हुई इंडियन एयरलाइन्स के विमान की हाईजैकिंग में भी आरोपित था।

वर्ष 2016 में पंजाब की सीमा से सटे पठानकोट में स्थित भारतीय वायुसेना के महत्वपूर्ण एयरबेस पर हमला हुआ था। एयरबेस के अंदर पाकिस्तानी आतंकी घुस आए थे और छुप कर हमला करने लगे थे। शाहिद लतीफ़ इस हमले का साजिशकर्ता था। उसने ही यह हमला करने वाले चारों आतंकियों को पठानकोट भेजा था।

1 जनवरी, 2016 को हुए पठानकोट एयरबेस पर हुए इस हमले में 7 सुरक्षाकर्मियों समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी। जवाबी कार्रवाई में 4 आतंकी मारे गए थे। भारतीय जाँच एजेंसियों ने इस आतंकी हमले के पीछे जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों का हाथ बताया था।

पाकिस्तान में ‘अज्ञात हमलावरों’ द्वारा मारे जाने वाले आतंकियों की सूची में शाहिद सबसे नया नाम है। इससे कुछ ही दिन पहले कराची में लश्कर के एक आतंकी मुफ़्ती कैसर फारूक की भी अज्ञात हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। पाकिस्तान में ही रहने वाले खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पंजवार की भी अप्रैल 2023 में इसी तरह हत्या हुई थी। 

मोहम्मद दाइफ : जिसके हुक्म पर इजरायल में 900+ को इस्लामी आतंकियों ने मारा, उसके एक ही आँख, हाथ और पैर

                    हमास के अल कासम ब्रिगेड का सरगना मोहम्मद दाइफ (फोटो साभार: AP/AFP)
इजरायल पर 7 अक्टूबर 2023 को इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमलों में अब तक 900 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इन हमलों के पीछे हमास के अल कासम ब्रिगेड (al Qassam Brigades) का हाथ है। इस दस्ते का सरगना मोहम्मद दाइफ (Mohammed Deif) है।

उसका पूरा नाम मोहम्मद दिआब इब्राहिम अल मसरी (Mohammed Diab Ibrahim al Masri) है। उसे मोहम्मद मसरी, मोहम्मद दाइफ जैसे नामों से भी जाना जाता है। माना जा रहा है कि इजरायल पर हमले के पीछे की पूरी प्लानिंग उसकी ही है।

लगातार 3 दशक से मोहम्मद दाइफ इजरायल में आतंक फैला रहा है। रिपोर्टों के अनुसार इजरायल के एक एयर स्ट्राइक में वह अपनी एक आँख, एक हाथ और एक पैर गँवा चुका है। अब वह व्हीलचेयर से ही हमास के आतंकी दस्ते को लीड करता है।

इजरायल पर हुए हमले को मोहम्मद दाइफ ने बदला बताया है। कहा है कि यह गाजा को 16 साल तक दुनिया से काटने, वेस्ट बैंक में इजरायली पुलिस के घुसने और अल अक्सा में हुई हिंसा का बदला है।

कौन है मोहम्मद दाइफ उर्फ मोहम्मद मसरी?

मोहम्मद दाइफ उर्फ मोहम्मद मसरी का जन्म वर्ष 1965 में गाजा के खान यूनिस इलाके में हुआ था। खान यूनिस वही इलाका है, जहाँ इस समय इजरायल आतंकी ठिकानों पर बम बरसा रहा है। मसरी 25 साल की उम्र में ही हमास से जुड़ गया था। उससे पहले वह मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़ा हुआ था।
मसरी एक स्नातक है जो कॉलेज के समय से ही फिलीस्तीनी लड़ाई में जुड़ गया था। उसको वर्ष 1989 में इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार भी किया था। लेकिन फिर 16 महीने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
मोहम्मद दाइफ को कासम ब्रिगेड से हमास का ‘इंजीनियर’ कहे जाने वाला याहया अयाश ने जोड़ा था। अयाश बम बनाने में एक्सपर्ट था। दाइफ उसका शागिर्द था। 1996 तक उसने अयाश के इशारों पर काम करते हुए इजरायल में कई घटनाओं को अंजाम दिया।
वर्ष 1996 में इजरायल के सुरक्षा बलों ने अयाश को मार गिराया था। इसके बाद बदला लेने के मोहम्मद दाइफ ने इजरायल में कई आत्मघाती हमले करवाए, जिनमें एक सप्ताह के भीतर करीब 50 लोगों की मौत हुई।
दाइफ रॉकेट बनाने, आत्मघाती हमलावरों को तैयार करने और सुरंग बनाकर हमले करने का विशेषज्ञ माना जाता है। कहा जाता है कि वह अपने आसपास बहुत सीमित लोगों को रखता है और हमेशा सामान्य नागरिक की तरह रहता है। वर्ष 2002 में उसे अल कासम दस्ते का सरगना बनाया गया था। वर्ष 2014 में उसने इजरायल पर बड़े हमलों की धमकी दी थी।

कई बार आया इजरायल के टारगेट पर, लेकिन हर बार बच निकला

रिपोर्टों के अनुसार इजरायली सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसी मोसाद के टारगेट पर मोहम्मद दाइफ कम से कम सात बार आ चुका है। लेकिन हर बार वह जिंदा बचने में सफल रहा। साल 2002 में उसकी कार को इजरायल ने मिसाइल से टारगेट किया था। इसमें उसके दो साथियों की मौत हो गई थी। पर वह खुद बच निकला था।
वर्ष 2004 में भी इजरायल ने एक हवाई हमला कर कर दाइफ को टारगेट किया। लेकिन इस हमले में वह बच गया और उसका खासमखास मोहम्मद अदनान-अल-गौल मारा गया। अदनान हमास का रॉकेट एक्सपर्ट कहा जाता था।
वर्ष 2006 में एक खुफिया जानकारी के आधार पर एक घर पर हवाई हमला किया गया था। इजरायली सुरक्षा बलों को पता चला था कि दाइफ अपने कुछ और आंतकियों के साथ एक इमारत में बैठक कर रहा था। इस हमले में उसकी रीढ़ में चोट आई थी।
2014 में मसरी के घर पर एक बार और हमला हुआ। इस हमले में मसरी का एक पैर और एक हाथ उड़ गया था। उसने एक आँख भी गँवा दी थी। कहा जाता है कि इसके बाद से वह व्हीलचेयर पर चलता है।